02 Aug पीएम मोदी ने लॉन्च किया ‘नशा मुक्त युवा अभियान’, जानें पूरा विवरण
✎ नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान एक राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी पहल है जिसका उद्देश्य युवाओं को मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से दूर रखकर एक स्वस्थ और विकसित भारत का निर्माण करना है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper I — भारतीय समाज, सामाजिक सशक्तिकरण | GS Paper II — शासन, कल्याणकारी योजनाएँ, सामाजिक न्याय | GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा, स्वास्थ्य
- Prelims: नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान, मादक द्रव्यों का दुरुपयोग, युवा सशक्तिकरण, जनभागीदारी अभियान, MY भारत पोर्टल, सामाजिक परिवर्तन
- Essay: विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका, नशा मुक्त समाज: चुनौतियाँ और समाधान
त्वरित पुनरावृत्ति: नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान एक राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी पहल है जिसका उद्देश्य युवाओं को मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से दूर रखकर एक स्वस्थ और विकसित भारत का निर्माण करना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त, 2026 को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। यह अभियान मादक द्रव्यों के दुरुपयोग के खिलाफ 100 सप्ताह के राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी अभियान की शुरुआत का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के राजदूत बनने के लिए प्रेरित करना है। इस पहल का लक्ष्य एक नशा मुक्त भारत का निर्माण करना है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।
पृष्ठभूमि
- भारत में मादक द्रव्यों का दुरुपयोग एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो विशेष रूप से युवा आबादी को प्रभावित करती है।
- यह न केवल व्यक्तियों के स्वास्थ्य और कल्याण को प्रभावित करता है, बल्कि परिवारों और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
- सरकार ने पहले भी मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से निपटने के लिए विभिन्न पहलें की हैं, जिनमें ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (Nasha Mukt Bharat Abhiyan) शामिल है, जिसे 2020 में शुरू किया गया था।
- विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ युवा शक्ति का होना अनिवार्य माना गया है।
- यह अभियान ‘जनभागीदारी’ (Public Participation) के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया है।
- MY भारत पोर्टल (MY Bharat Portal) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग युवाओं को इस आंदोलन से जोड़ने और प्रतिज्ञा लेने के लिए किया जा रहा है।
- यह अभियान युवाओं को सामाजिक परिवर्तन के अग्रदूत के रूप में सशक्त बनाने पर केंद्रित है।
- यह अभियान शिक्षा संस्थानों, युवा संगठनों, नागरिक समाज समूहों, उद्योग निकायों और आध्यात्मिक संगठनों को एक साझा मंच पर लाएगा।
- इसका समापन 14 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली में प्रस्तावित राष्ट्रीय नशा मुक्ति युवा कॉन्क्लेव (National Nasha Mukti Youth Conclave) में होगा।
- विभिन्न स्तरों पर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लोक गीत, माइम एक्ट, लघु फिल्में/रील्स, पेंटिंग, वाद-विवाद और नारा लेखन जैसी श्रेणियां शामिल होंगी।
- यह अभियान ‘GenZ अगेंस्ट एडिक्शन, नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत- संकल्प अभियान’ की थीम पर आधारित है।
- अभियान के तहत देश भर में हर रविवार को साप्ताहिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें खेल आयोजन, वॉकथॉन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम शामिल होंगे।
नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान क्या है?
- यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अगस्त, 2026 को शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जिसका उद्देश्य युवाओं को मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से दूर रखना है।
- यह 100 सप्ताह का जनभागीदारी अभियान है, जिसमें देश भर में साप्ताहिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी ताकि जागरूकता बढ़ाई जा सके और नशा मुक्त समाज के निर्माण में सार्वजनिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके।
- अभियान का मुख्य विषय ‘GenZ अगेंस्ट एडिक्शन, नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत- संकल्प अभियान’ है।
- इसका लक्ष्य युवाओं को मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने समुदायों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के राजदूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।
- गतिविधियों में खेल आयोजन, वॉकथॉन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक, चर्चा मंच, कला प्रतियोगिताएं और सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम शामिल होंगे।
- युवाओं को MY भारत पोर्टल पर ‘नशा मुक्ति प्रतिज्ञा’ लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें वे मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से मुक्त रहने और दूसरों को इस आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित करने की प्रतिबद्धता जताएंगे।
- यह अभियान शिक्षा संस्थानों, युवा संगठनों, नागरिक समाज समूहों, उद्योग निकायों और आध्यात्मिक संगठनों को एक साथ लाकर सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करेगा।
- अभियान का समापन 14 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय नशा मुक्ति युवा कॉन्क्लेव में होगा, जहाँ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| 100-सप्ताह का राष्ट्रव्यापी अभियान | मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ जनभागीदारी को बढ़ावा देना और जागरूकता फैलाना। |
| थीम: ‘GenZ अगेंस्ट एडिक्शन, नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत- संकल्प अभियान’ | युवाओं को मादक द्रव्यों के सेवन से दूर रहने और सामाजिक परिवर्तन के राजदूत बनने के लिए प्रेरित करना। |
| साप्ताहिक गतिविधियाँ | खेल आयोजन, वॉकथॉन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, चर्चा मंच और सामुदायिक जुड़ाव के माध्यम से जागरूकता बढ़ाना। |
| जिला-स्तरीय और राज्य-स्तरीय प्रतियोगिताएँ | लोकगीत, माइम एक्ट, लघु फिल्में/रील, पेंटिंग, वाद-विवाद और नारा लेखन जैसी श्रेणियों में युवाओं की रचनात्मकता और भागीदारी को प्रोत्साहित करना। |
| राष्ट्रीय नशा मुक्ति युवा कॉन्क्लेव | उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित करना और अभियान की परिणति को चिह्नित करना। |
| MY भारत पोर्टल पर ई-शपथ अभियान | नागरिकों, विशेषकर युवाओं को नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराने में सक्षम बनाना। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- यह अभियान युवाओं को मादक द्रव्यों के सेवन से दूर रहने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे एक स्वस्थ समाज का निर्माण होगा।
- जनभागीदारी और सामुदायिक जुड़ाव के माध्यम से, यह अभियान मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ एक सामूहिक आंदोलन को बढ़ावा देगा, जिससे सामाजिक ताने-बाने को मजबूती मिलेगी।
- युवाओं को सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के राजदूत के रूप में सशक्त बनाना, जिससे वे अपने समुदायों में प्रेरणा और नेतृत्व का स्रोत बन सकें।
मानव संसाधन विकास
- मादक द्रव्यों के सेवन से मुक्ति युवाओं की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करेगी, जिससे उनकी उत्पादकता और क्षमता में वृद्धि होगी।
- एक स्वस्थ युवा आबादी ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह देश की कार्यबल और नवाचार क्षमता को बढ़ाएगी।
शासन और नीति
- यह अभियान सरकार की मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण नीतिगत हस्तक्षेप है, जो जमीनी स्तर पर जागरूकता और कार्रवाई को बढ़ावा देता है।
- विभिन्न हितधारकों जैसे शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, नागरिक समाज समूहों और आध्यात्मिक संगठनों को एक साथ लाकर, यह अभियान एक एकीकृत दृष्टिकोण प्रदान करता है।
चुनौतियाँ
1. मादक द्रव्यों की उपलब्धता और पहुंच
- देश भर में मादक द्रव्यों की आसान उपलब्धता और उनकी तस्करी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डार्क वेब के माध्यम से मादक द्रव्यों तक पहुंच को नियंत्रित करना मुश्किल है।
यूपीएससी लिंक: आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक मुद्दे
2. सामाजिक कलंक और जागरूकता की कमी
- मादक द्रव्यों के सेवन से जुड़े सामाजिक कलंक के कारण पीड़ित अक्सर मदद मांगने से कतराते हैं।
- विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में मादक द्रव्यों के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता की कमी है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक मुद्दे, स्वास्थ्य
3. पुनर्वास और उपचार सुविधाओं की कमी
- देश में पर्याप्त और सुलभ पुनर्वास (Rehabilitation) और उपचार (Treatment) सुविधाओं का अभाव है, खासकर सार्वजनिक क्षेत्र में।
- उपचार के बाद भी, मादक द्रव्यों के सेवन की पुनरावृत्ति (Relapse) को रोकने के लिए प्रभावी सहायता प्रणालियों की कमी है।
यूपीएससी लिंक: स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय
4. युवाओं पर साथियों का दबाव
- युवाओं में साथियों का दबाव (Peer Pressure) मादक द्रव्यों के सेवन की शुरुआत का एक प्रमुख कारण है।
- सोशल मीडिया और मनोरंजन उद्योग का प्रभाव भी युवाओं को मादक द्रव्यों के प्रति आकर्षित कर सकता है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक मनोविज्ञान, युवा मुद्दे
5. कानून प्रवर्तन में चुनौतियाँ
- मादक द्रव्यों के व्यापार और वितरण को रोकने के लिए कानून प्रवर्तन (Law Enforcement) एजेंसियों के सामने कई चुनौतियाँ हैं, जिनमें सीमा पार तस्करी भी शामिल है।
- अपराधियों द्वारा अपनाई जाने वाली नई-नई रणनीतियाँ कानून प्रवर्तन के लिए एक सतत चुनौती पेश करती हैं।
यूपीएससी लिंक: आंतरिक सुरक्षा, अपराध
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| मादक द्रव्यों की आसान उपलब्धता | युवाओं के लिए मादक द्रव्यों तक पहुंच आसान होना, जिससे सेवन की संभावना बढ़ती है। |
| सामाजिक कलंक | पीड़ितों द्वारा मदद मांगने में झिझक, जिससे समस्या का समाधान कठिन हो जाता है। |
| पुनर्वास सुविधाओं की कमी | उपचार और पुनर्वास के लिए पर्याप्त संसाधनों और बुनियादी ढांचे का अभाव। |
| साथियों का दबाव | युवाओं पर मादक द्रव्यों के सेवन के लिए साथियों का नकारात्मक प्रभाव। |
| कानून प्रवर्तन की सीमाएँ | मादक द्रव्यों की तस्करी और वितरण को पूरी तरह से नियंत्रित करने में चुनौतियाँ। |
| जागरूकता कार्यक्रमों की निरंतरता | अभियान के बाद जागरूकता और भागीदारी के स्तर को बनाए रखना। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- नशा मुक्त भारत अभियान
आगे की राह
- मादक द्रव्यों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए सीमा पार सहयोग और कानून प्रवर्तन को मजबूत करना।
- स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक नशा-विरोधी शिक्षा और परामर्श कार्यक्रमों को अनिवार्य करना।
- पुनर्वास और उपचार केंद्रों की संख्या और गुणवत्ता में सुधार करना, विशेषकर सार्वजनिक क्षेत्र में।
- मादक द्रव्यों के सेवन से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाना।
- युवाओं के लिए स्वस्थ विकल्प और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना, जैसे खेल, कला और स्वयंसेवा।
- मादक द्रव्यों के सेवन के पैटर्न और कारणों पर नियमित शोध और डेटा संग्रह करना ताकि प्रभावी नीतियां बनाई जा सकें।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का उपयोग कर युवाओं को नशा मुक्ति के संदेशों से जोड़ना और उन्हें सकारात्मक भूमिका मॉडल प्रदान करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
नशा मुक्त भारत अभियान · विकसित भारत संकल्प अभियान · युवा सशक्तिकरण · मादक द्रव्यों का दुरुपयोग · जनभागीदारी · सामाजिक परिवर्तन · सार्वजनिक स्वास्थ्य · नैतिक शिक्षा · राष्ट्रीय युवा नीति · सामाजिक न्याय
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 47’, ‘note’: ‘राज्य का कर्तव्य, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार’}
अवधारणा प्रवाह
युवाओं में मादक द्रव्यों का बढ़ता सेवन → शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव → ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में बाधा → ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ → जनभागीदारी और जागरूकता के माध्यम से नशा मुक्त समाज का निर्माण
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का उद्देश्य युवाओं को मादक द्रव्यों के सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।
2. यह अभियान केवल शहरी क्षेत्रों में केंद्रित है और ग्रामीण युवाओं को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
3. अभियान के तहत 100 सप्ताह तक राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को मादक द्रव्यों के सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि यह एक राष्ट्रव्यापी अभियान है जिसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवा शामिल होंगे। कथन 3 सही है क्योंकि यह अभियान 100 सप्ताह तक चलेगा जिसमें जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
Q2. अभिकथन (A): ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का लक्ष्य युवाओं को सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के राजदूत के रूप में स्थापित करना है।
कारण (R): यह अभियान युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखकर विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सही है, लेकिन R गलत है।
- A गलत है, लेकिन R सही है।
उत्तर: A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है। युवाओं को मादक द्रव्यों से दूर रखकर और उन्हें स्वस्थ बनाकर ही वे सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के वाहक बन सकते हैं, जो विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ जैसे सरकारी कार्यक्रम भारत में मादक द्रव्यों के दुरुपयोग की समस्या से निपटने में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं? चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का संक्षिप्त परिचय और इसके उद्देश्यों का उल्लेख। मादक द्रव्यों के दुरुपयोग की समस्या की गंभीरता पर प्रकाश।
2. **अभियान की प्रासंगिकता और सहायता:**
* **जनभागीदारी:** अभियान की जनभागीदारी प्रकृति (100 सप्ताह के कार्यक्रम, MY भारत पोर्टल) और इसका सामुदायिक स्तर पर प्रभाव।
* **युवा सशक्तिकरण:** युवाओं को सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के राजदूत के रूप में तैयार करना।
* **जागरूकता और शिक्षा:** खेल आयोजनों, वॉकथॉन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नुक्कड़ नाटकों आदि के माध्यम से जागरूकता फैलाना।
* **मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य:** युवाओं को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना।
* **बहु-हितधारक दृष्टिकोण:** शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, नागरिक समाज समूहों, उद्योग निकायों और आध्यात्मिक संगठनों को एक मंच पर लाना।
* **राष्ट्रीय संकल्प:** ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करना।
3. **चुनौतियाँ और सुझाव:** ऐसे अभियानों के सामने आने वाली संभावित चुनौतियाँ (जैसे प्रभावी कार्यान्वयन, निरंतरता, लक्षित समूहों तक पहुँच) और उन्हें दूर करने के लिए सुझाव।
4. **निष्कर्ष:** मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से मुक्त समाज के निर्माण में ऐसे अभियानों की दीर्घकालिक महत्ता और ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में इनकी भूमिका का सारांश।
स्रोत: Mint
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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