05 Aug अफ्रीका में जैव विविधता हानि: UPSC एवं राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
✎ जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन की विविधता है जो मानव अस्तित्व और पारिस्थितिक तंत्रों के लिए अनिवार्य है, लेकिन जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों के कारण इसकी हानि एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन गई है, जिससे विशेष रूप से अफ्रीका जैसे…
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper III — पर्यावरण और पारिस्थितिकी | GS Paper I — भूगोल (मानव भूगोल)
- Prelims: जैव विविधता (Biodiversity), जैव विविधता अभिसमय (Convention on Biological Diversity – CBD), कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क (Kunming-Montreal Global Biodiversity Framework), COP17, जलवायु परिवर्तन (Climate Change), सतत विकास (Sustainable Development)
- Essay: जैव विविधता का संरक्षण: मानव अस्तित्व और सतत विकास की कुंजी, जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता हानि: अंतर्संबंधित चुनौतियाँ और समाधान
त्वरित पुनरावृत्ति: जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन की विविधता है जो मानव अस्तित्व और पारिस्थितिक तंत्रों के लिए अनिवार्य है, लेकिन जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों के कारण इसकी हानि एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन गई है, जिससे विशेष रूप से अफ्रीका जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
यह खबर चर्चा में क्यों?
संयुक्त राष्ट्र के जैव विविधता अभिसमय (Convention on Biological Diversity – CBD) की कार्यकारी सचिव ने हाल ही में नैरोबी में एक प्रमुख वैज्ञानिक मंच पर चेतावनी दी कि अफ्रीका और विकासशील देशों में लाखों लोगों के लिए जैव विविधता संकट एक अमूर्त समस्या नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर उनकी आजीविका और जीवन को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने बताया कि विश्व प्रकृति को नष्ट करने में उसके संरक्षण की तुलना में 30 गुना अधिक धन खर्च करता है, और अफ्रीका के पास इस संकट से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी है। यह समाचार जैव विविधता हानि के वैश्विक प्रभावों और विशेष रूप से अफ्रीकी महाद्वीप पर इसके गंभीर परिणामों को उजागर करता है।
पृष्ठभूमि
- अफ्रीका विश्व की 25 प्रतिशत जैव विविधता का घर है, लेकिन एक हालिया अध्ययन के अनुसार, औद्योगिक-पूर्व काल से इसने अपनी लगभग 24 प्रतिशत प्रजातियों को खो दिया है।
- अफ्रीका जैव विविधता हानि से विशिष्ट रूप से प्रभावित है क्योंकि इसकी अधिकांश आबादी अपनी आजीविका के लिए प्राकृतिक संसाधनों पर अत्यधिक निर्भर करती है।
- जलवायु परिवर्तन जैव विविधता हानि का सबसे बड़ा चालक है, और अफ्रीका जलवायु झटकों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है।
- जीवाश्म ईंधन के लिए भारी सरकारी सब्सिडी और दुनिया भर में निजी औद्योगिक खर्च के कारण जैव विविधता के संरक्षण के प्रयासों की तुलना में इसकी हानि की गति अधिक है।
- बढ़ता तापमान, आक्रामक प्रजातियाँ, प्रदूषण और भूमि तथा जल का अत्यधिक दोहन ग्रामीण और तटीय समुदायों के लिए भोजन, आय और स्वच्छ जल के संसाधनों को कम कर रहे हैं।
- संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) को 125 देशों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टें जैव विविधता हानि के संकट को हल करने के लिए मजबूत वैश्विक जुड़ाव दर्शाती हैं, जो COP17 से पहले सावधानीपूर्वक आशावाद जगाती हैं।
जैव विविधता (Biodiversity) क्या है?
- जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन की विविधता को संदर्भित करती है, जिसमें विभिन्न प्रजातियों (वनस्पति और जीव), उनके आनुवंशिक अंतर और वे पारिस्थितिकी तंत्र शामिल हैं जहां वे रहते हैं।
- यह प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जैसे कि परागण, जल शुद्धिकरण, मिट्टी का निर्माण और पोषक तत्वों का चक्रण।
- जैव विविधता मानव अस्तित्व के लिए भोजन, दवा, स्वच्छ जल और अन्य आवश्यक संसाधनों के माध्यम से भी महत्वपूर्ण है।
- यह जलवायु परिवर्तन से लड़ने और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति लचीलापन बढ़ाने में मदद करती है।
- जैव विविधता हानि का अर्थ है प्रजातियों का विलुप्त होना, पारिस्थितिकी तंत्रों का क्षरण और आनुवंशिक विविधता में कमी, जिसके गंभीर पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक परिणाम होते हैं।
- जैव विविधता अभिसमय (Convention on Biological Diversity – CBD) एक बहुपक्षीय संधि है जिसका उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण, इसके घटकों का सतत उपयोग और आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से होने वाले लाभों का उचित और न्यायसंगत बंटवारा करना है।
- कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क (Kunming-Montreal Global Biodiversity Framework) COP15 में अपनाया गया एक महत्वाकांक्षी रोडमैप है जिसका लक्ष्य जैव विविधता हानि को पलटना और लोगों को प्रकृति के साथ बेहतर सामंजस्य में रहने में मदद करना है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| अफ्रीका में जैव विविधता का उच्च स्तर | विश्व की 25% जैव विविधता अफ्रीका में है, जो इसे वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण बनाती है। |
| जैव विविधता हानि का प्रभाव | अफ्रीका ने पूर्व-औद्योगिक काल से अपनी 24% प्रजातियाँ खो दी हैं, जिससे लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। |
| आजीविका पर निर्भरता | अफ्रीका में बड़ी आबादी भोजन, आय और स्वच्छ जल के लिए प्राकृतिक संसाधनों पर अत्यधिक निर्भर है, जिससे जैव विविधता हानि का प्रभाव और गहरा होता है। |
| जलवायु परिवर्तन का प्रभाव | जलवायु परिवर्तन जैव विविधता हानि का सबसे बड़ा चालक है, और अफ्रीका जलवायु झटकों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है। |
| वित्तीय संसाधनों की कमी | जैव विविधता के संरक्षण की तुलना में उसे नष्ट करने पर 30 गुना अधिक खर्च किया जाता है, और अफ्रीका के पास इस संकट से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी है। |
महत्व
पर्यावरणीय महत्व
- जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन की विविधता को संदर्भित करती है, जिसमें वनस्पतियों और जीवों की प्रजातियों की विविधता शामिल है। यह प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों को बनाए रखने और मानव अस्तित्व के लिए भोजन व दवाएँ प्रदान करने में सहायक है।
- जैव विविधता स्वच्छ जल प्रदान करती है, जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद करती है, और समुदायों को अधिक लचीला बनाती है।
सामाजिक-आर्थिक महत्व
- अफ्रीका और विकासशील देशों में लाखों लोगों के लिए जैव विविधता संकट एक अमूर्त समस्या नहीं है, बल्कि यह सीधे उनकी आजीविका को प्रभावित करता है।
- ग्रामीण और तटीय समुदाय भोजन, आय और स्वच्छ जल के लिए प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करते हैं, और जैव विविधता की हानि इन संसाधनों को कम करती है।
शासन और नीतिगत महत्व
- जैव विविधता को राष्ट्रीय निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में शामिल करना और वित्तीय संस्थानों को इस बातचीत में लाना महत्वपूर्ण है।
- कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क (Kunming-Montreal Global Biodiversity Framework) जैव विविधता हानि को उलटने और प्रकृति के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित करने के लिए एक रोडमैप प्रदान करता है।
चुनौतियाँ
1. जैव विविधता हानि की दर
- विश्व भर में जीवाश्म ईंधन के लिए भारी सरकारी सब्सिडी और निजी औद्योगिक खर्च के कारण जैव विविधता हानि संरक्षण प्रयासों से कहीं अधिक तेजी से हो रही है।
- बढ़ता तापमान, आक्रामक प्रजातियाँ, प्रदूषण और भूमि व जल का अत्यधिक दोहन ग्रामीण व तटीय समुदायों के संसाधनों को कम कर रहा है।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण और पारिस्थितिकी: जैव विविधता और उसका संरक्षण
2. वित्तीय संसाधनों की कमी
- जैव विविधता को नष्ट करने पर उसकी रक्षा करने की तुलना में 30 गुना अधिक पैसा खर्च किया जाता है।
- अफ्रीका जैसे विकासशील क्षेत्रों में इस संकट से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों और वित्तपोषण की कमी है।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था: विकास और पर्यावरण
3. जलवायु परिवर्तन से संवेदनशीलता
- जलवायु परिवर्तन जैव विविधता हानि का सबसे बड़ा चालक है, और अफ्रीका जलवायु झटकों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है।
- जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले प्राकृतिक आपदाएँ और पर्यावरणीय बदलाव जैव विविधता को और अधिक नुकसान पहुँचाते हैं।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण और पारिस्थितिकी: जलवायु परिवर्तन
4. नीति कार्यान्वयन और समन्वय
- जैव विविधता को राष्ट्रीय निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में प्रभावी ढंग से एकीकृत करना एक चुनौती है।
- वैज्ञानिक समझ को ठोस नीतिगत सिफारिशों में बदलना और उन्हें तेजी से आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण है।
यूपीएससी लिंक: शासन: पर्यावरण नीति और कानून
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| जैव विविधता का नुकसान | अफ्रीका ने अपनी 24% प्रजातियाँ खो दी हैं, जिससे पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है। |
| आजीविका पर प्रभाव | लाखों लोग प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर हैं, और जैव विविधता हानि से उनकी खाद्य सुरक्षा और आय प्रभावित होती है। |
| जलवायु परिवर्तन का दबाव | अफ्रीका जलवायु परिवर्तन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है, जिससे जैव विविधता हानि की दर बढ़ रही है। |
| संरक्षण के लिए अपर्याप्त वित्तपोषण | जैव विविधता के संरक्षण के लिए वैश्विक स्तर पर अपर्याप्त निवेश है, खासकर विकासशील देशों में। |
| नीतिगत एकीकरण की कमी | जैव विविधता के मुद्दों को राष्ट्रीय विकास नीतियों और वित्तीय निर्णयों में पूरी तरह से एकीकृत नहीं किया गया है। |
आगे की राह
- जैव विविधता संरक्षण के लिए वैश्विक वित्तपोषण में वृद्धि करना और विकासशील देशों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना।
- जीवाश्म ईंधन और अन्य हानिकारक औद्योगिक गतिविधियों के लिए दी जाने वाली सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना।
- जैव विविधता को राष्ट्रीय विकास योजनाओं, आर्थिक नीतियों और वित्तीय निर्णयों में मुख्यधारा में लाना।
- जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और अफ्रीका जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जलवायु लचीलापन बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाना।
- आक्रामक प्रजातियों के प्रसार को नियंत्रित करना, प्रदूषण को कम करना और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन को रोकना।
- कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क के लक्ष्यों और उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू करना।
- जैव विविधता के महत्व के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना और व्यक्तिगत स्तर पर संरक्षण प्रयासों को प्रोत्साहित करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
जैव विविधता हानि · अफ्रीकी महाद्वीप · सतत विकास · जलवायु परिवर्तन · कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क · जैव विविधता अभिसमय (CBD) · प्राकृतिक संसाधन · पर्यावरण संरक्षण · वित्तीय संसाधन · पारिस्थितिकी तंत्र
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 48क’, ‘note’: ‘पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 51क (छ)’, ‘note’: ‘प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार’}
अवधारणा प्रवाह
जलवायु परिवर्तन और मानव गतिविधियाँ → जैव विविधता पर दबाव में वृद्धि → प्रजातियों और पारिस्थितिक तंत्रों का नुकसान → प्राकृतिक संसाधनों की कमी और पारिस्थितिक असंतुलन → मानव आजीविका और खाद्य सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन की विविधता को संदर्भित करती है और इसमें केवल वनस्पति प्रजातियाँ शामिल हैं।
2. जलवायु परिवर्तन जैव विविधता हानि का सबसे बड़ा कारक है।
3. कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क का उद्देश्य जैव विविधता हानि को पलटना है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि जैव विविधता में वनस्पति और जीव दोनों प्रजातियाँ शामिल हैं। कथन 2 सही है क्योंकि जलवायु परिवर्तन को जैव विविधता हानि का सबसे बड़ा कारक माना जाता है। कथन 3 सही है क्योंकि कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क (Kunming-Montreal Global Biodiversity Framework) का उद्देश्य जैव विविधता हानि को पलटना और प्रकृति के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित करना है।
Q2. अभिकथन (A): अफ्रीका जैव विविधता हानि से विशिष्ट रूप से प्रभावित है।
कारण (R): अफ्रीका के कई लोग अपनी आजीविका के लिए प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करते हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सही है, लेकिन R गलत है।
- A गलत है, लेकिन R सही है।
उत्तर: A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि अफ्रीकी महाद्वीप जैव विविधता हानि से गंभीर रूप से प्रभावित है। कारण (R) भी सही है क्योंकि अफ्रीका में बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए सीधे प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करती है, जिससे जैव विविधता हानि का उन पर सीधा और गहरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए, R, A की सही व्याख्या है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ जैव विविधता हानि से अफ्रीकी महाद्वीप पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए। इस संकट से निपटने के लिए वैश्विक प्रयासों, विशेषकर कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क की प्रासंगिकता पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: उत्तर की संरचना में निम्नलिखित बिंदु शामिल होने चाहिए:
1. **परिचय:** जैव विविधता (Biodiversity) की संक्षिप्त परिभाषा और इसके महत्व का उल्लेख।
2. **अफ्रीका पर प्रभाव:**
* आजीविका पर निर्भरता: अफ्रीका की बड़ी आबादी का भोजन, आय और स्वच्छ जल के लिए प्राकृतिक संसाधनों पर सीधा निर्भर होना।
* कृषि और मत्स्य पालन पर प्रभाव: मिट्टी की उर्वरता में कमी, मछली पकड़ने के क्षेत्रों में गिरावट।
* जलवायु परिवर्तन की संवेदनशीलता: अफ्रीका का जलवायु झटकों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होना और इसका जैव विविधता पर प्रभाव।
* प्रजातियों का नुकसान: औद्योगिक पूर्व काल से 24% प्रजातियों का नुकसान।
* गरीबी और खाद्य असुरक्षा में वृद्धि।
3. **जैव विविधता हानि के प्रमुख चालक:** जलवायु परिवर्तन, आक्रामक प्रजातियाँ, प्रदूषण, भूमि और जल का अत्यधिक दोहन।
4. **वैश्विक प्रयास और कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क (Kunming-Montreal Global Biodiversity Framework):**
* जैव विविधता अभिसमय (Convention on Biological Diversity – CBD) और इसके COP सम्मेलन।
* कुनमिंग-मॉन्ट्रियल फ्रेमवर्क का उद्देश्य: जैव विविधता हानि को पलटना, प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करना।
* फ्रेमवर्क के लक्ष्य: राष्ट्रीय निर्णय-निर्माण में जैव विविधता को शामिल करना, वित्तीय संस्थानों को जोड़ना, आवश्यक धन जुटाना।
* COP17 की भूमिका: फ्रेमवर्क की प्रगति की समीक्षा।
5. **चुनौतियाँ और आगे की राह:** प्रकृति के विनाश पर खर्च किए जा रहे धन और संरक्षण के लिए उपलब्ध संसाधनों के बीच का अंतर, जीवाश्म ईंधन सब्सिडी, औद्योगिक खर्च।
6. **निष्कर्ष:** अफ्रीका के संदर्भ में जैव विविधता संरक्षण के महत्व और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर बल।
स्रोत: news.un.org
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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