यूएई ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होरमुज में जहाज पर मिसाइल हमला किया, कोई हताहत नहीं

UAE accuses Iran of missile attack on its vessel in Strait of Hormuz; no casualties reported — concept mind map

यूएई ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होरमुज में जहाज पर मिसाइल हमला किया, कोई हताहत नहीं

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Strait of Hormuz choke point

✎ होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा व्यापार का एक महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है, और इसमें कोई भी अस्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध  |  GS Paper III — अर्थव्यवस्था  |  GS Paper I — भूगोल
  • Prelims: होर्मुज जलडमरूमध्य, फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी, वैश्विक ऊर्जा व्यापार, ईरान-UAE संबंध, सामरिक चोकपॉइंट, संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS)
  • Essay: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीतिक अस्थिरता: होर्मुज जलडमरूमध्य का एक केस स्टडी, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों का महत्व और क्षेत्रीय संघर्षों का उन पर प्रभाव

त्वरित पुनरावृत्ति: होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा व्यापार का एक महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है, और इसमें कोई भी अस्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में उसके एक पोत पर मिसाइल हमले का आरोप लगाया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान और ओमान के बीच जलडमरूमध्य में शिपिंग प्रबंधन को लेकर एक समझौते पर बातचीत चल रही है, लेकिन ईरान ने इसे फिर से खोलने के लिए अमेरिका से मुआवजे सहित अतिरिक्त शर्तें रखी हैं। इस घटना ने इस महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा मार्ग पर तनाव को और बढ़ा दिया है।

पृष्ठभूमि

  • होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) और अरब सागर से जोड़ता है। यह विश्व के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक चोकपॉइंट (Chokepoint) में से एक है।
  • यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस शिपमेंट का लगभग पाँचवाँ हिस्सा वहन करता है, जिससे यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद से इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, और ADNOC (अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी) के अनुसार, उसके एक दर्जन से अधिक पोतों पर हमले हुए हैं।
  • ईरान ने जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अमेरिका से अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, प्रतिबंध हटाने, ईरानी संपत्ति को मुक्त करने और युद्ध क्षति के लिए मुआवजे का भुगतान करने की मांग की है।
  • ओमान इस क्षेत्र में ईरान और अन्य पक्षों के बीच मध्यस्थता कर रहा है, और बातचीत को ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ बताया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्या है?

  • होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकीर्ण समुद्री मार्ग है।
  • यह दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग लेन में से एक है, विशेष रूप से कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के परिवहन के लिए।
  • इसकी चौड़ाई सबसे संकरे बिंदु पर लगभग 39 किलोमीटर (21 समुद्री मील) है, जिसमें शिपिंग चैनल दोनों दिशाओं में केवल 3.2 किलोमीटर (2 मील) चौड़ा है।
  • यह जलडमरूमध्य ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों को वैश्विक बाजारों से जोड़ता है।
  • इसकी सामरिक स्थिति इसे भू-राजनीतिक तनावों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बनाती है, क्योंकि यहां किसी भी व्यवधान का वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत, यह जलडमरूमध्य ‘अंतर्राष्ट्रीय जलडमरूमध्य’ के रूप में मान्यता प्राप्त है, जिसका अर्थ है कि सभी जहाजों को ‘पारगमन मार्ग’ (transit passage) का अधिकार है, हालांकि ईरान ने समय-समय पर इस पर अपनी संप्रभुता का दावा किया है।
  • यह क्षेत्र अक्सर ईरान और पश्चिमी देशों, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव का केंद्र रहा है, विशेष रूप से ईरानी परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों के संबंध में।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) वैश्विक ऊर्जा व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग; विश्व के तेल और गैस शिपमेंट का लगभग पाँचवाँ हिस्सा यहीं से गुजरता है।
ईरान का मिसाइल हमला क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि, अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग सुरक्षा पर चिंताएँ।
UAE का पोत अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी ADNOC से संबद्ध, जो इस क्षेत्र में ऊर्जा व्यापार की भेद्यता को दर्शाता है।
ओमान की मध्यस्थता ईरान और अन्य पक्षों के बीच तनाव कम करने और शिपिंग मार्गों को फिर से खोलने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका।
ईरान की शर्तें अमेरिका द्वारा प्रतिबंध हटाना, ईरानी संपत्ति को अनफ्रीज करना, युद्ध क्षतिपूर्ति और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का अंत।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है। इस मार्ग में किसी भी व्यवधान से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
  • ईरान और UAE के बीच तनाव से तेल व्यापार में अनिश्चितता बढ़ती है, जिससे बीमा लागत में वृद्धि हो सकती है और शिपिंग कंपनियों के लिए परिचालन जोखिम बढ़ सकता है।
  • इस क्षेत्र में अस्थिरता भारत जैसे प्रमुख तेल आयातक देशों की ऊर्जा सुरक्षा को सीधे प्रभावित करती है, क्योंकि भारत अपनी तेल आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है।

सामरिक महत्व

  • होर्मुज जलडमरूमध्य मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक शक्ति संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है। इस पर नियंत्रण या प्रभाव क्षेत्रीय प्रभुत्व के लिए महत्वपूर्ण है।
  • यह घटना अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे व्यापक संघर्ष का हिस्सा है, जो क्षेत्र में सैन्य टकराव की संभावना को बढ़ाती है।
  • ओमान की मध्यस्थता क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए राजनयिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित करती है, लेकिन ईरान की कड़ी शर्तें समाधान को जटिल बनाती हैं।

अंतर्राष्ट्रीय संबंध

  • यह घटना संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और खराब करती है, जिससे खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के भीतर तनाव बढ़ सकता है।
  • अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करना एक बड़ी चुनौती है।
  • संयुक्त राष्ट्र (United Nations) और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और राजनयिक समाधान खोजने के लिए दबाव का सामना करना पड़ सकता है।

चुनौतियाँ

1. क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता

  • होर्मुज जलडमरूमध्य में बार-बार होने वाले हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं, जिससे सैन्य टकराव की संभावना बढ़ जाती है।
  • समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान स्थिति इसे चुनौतीपूर्ण बनाती है।

2. वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा

  • दुनिया के एक बड़े हिस्से के तेल और गैस शिपमेंट के लिए महत्वपूर्ण मार्ग पर व्यवधान वैश्विक ऊर्जा बाजारों को अस्थिर कर सकता है।
  • तेल की कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति में कमी से विकासशील देशों पर विशेष रूप से नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

3. कूटनीतिक गतिरोध

  • ईरान की कड़ी शर्तें, जिसमें अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना और युद्ध क्षतिपूर्ति शामिल है, राजनयिक समाधान तक पहुंचने में बाधा डालती हैं।
  • ओमान की मध्यस्थता के बावजूद, ईरान और अमेरिका के बीच विश्वास की कमी समझौते तक पहुंचने को मुश्किल बनाती है।

4. अंतर्राष्ट्रीय कानून और समुद्री अधिकार

  • अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों पर हमले अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन करते हैं और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय हैं।
  • शिपिंग के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और नियमों का पालन आवश्यक है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य में हमले वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और क्षेत्रीय सैन्य टकराव का जोखिम।
ईरान की कड़ी शर्तें राजनयिक समाधान तक पहुंचने में बाधा और तनाव में वृद्धि।
अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी ईरान के साथ तनाव को बढ़ाना और व्यापार मार्गों को बाधित करना।
क्षेत्रीय शक्तियों के बीच अविश्वास स्थायी शांति और सहयोग के प्रयासों को कमजोर करना।
अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन समुद्री सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए खतरा।

आगे की राह

  • सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए और एकतरफा कार्रवाई से बचना चाहिए जो स्थिति को और खराब कर सकती है।
  • ओमान जैसे तटस्थ मध्यस्थों के माध्यम से ईरान और अन्य संबंधित पक्षों के बीच बातचीत को तेज किया जाना चाहिए।
  • अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को ईरान और अमेरिका के बीच विश्वास बहाली के उपायों को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम करना चाहिए।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बहुपक्षीय तंत्र स्थापित करने पर विचार किया जा सकता है।
  • संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को इस मुद्दे पर राजनयिक समाधान खोजने के लिए अपनी भूमिका बढ़ानी चाहिए।
  • ईरान की वैध सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए एक व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद शुरू किया जाना चाहिए।
  • क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने से तनाव कम करने और साझा हितों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

होर्मुज जलडमरूमध्य · भू-रणनीतिक महत्व · ईरान-UAE संबंध · अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून · ऊर्जा सुरक्षा · क्षेत्रीय स्थिरता · अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्ग · संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) · ईरान की मांगें · मध्यस्थता

अवधारणा प्रवाह

होर्मुज जलडमरूमध्य में UAE के पोत पर मिसाइल हमला  →  क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि और समुद्री सुरक्षा पर चिंताएँ  →  वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में संभावित व्यवधान  →  तेल की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव  →  राजनयिक समाधान खोजने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रयास  →  ईरान की शर्तें और कूटनीतिक गतिरोध

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है।
2. यह विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन बिंदुओं में से एक है।
3. ईरान और ओमान इस जलडमरूमध्य के सबसे संकरे बिंदु पर स्थित हैं।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है, जो आगे अरब सागर से जुड़ती है। कथन 2 भी सही है क्योंकि यह विश्व के लगभग पाँचवें हिस्से के तेल और गैस शिपमेंट का मार्ग है, जिससे इसका भू-रणनीतिक महत्व बढ़ जाता है। कथन 3 भी सही है क्योंकि ईरान उत्तरी तट पर और ओमान का मुसंडम प्रायद्वीप दक्षिणी तट पर स्थित है, जो इस जलडमरूमध्य के सबसे संकरे बिंदु को नियंत्रित करते हैं।

Q2. अभिकथन (A): होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को गंभीर रूप से बाधित कर सकता है।
कारण (R): यह जलडमरूमध्य विश्व के एक बड़े हिस्से के तेल और गैस शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

  1. A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
  2. A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  3. A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
  4. A असत्य है, लेकिन R सत्य है।

उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है। यदि यह बंद हो जाता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में भारी व्यवधान आएगा, जिससे कीमतें बढ़ेंगी और अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित होंगी। कारण (R) इस व्यवधान के पीछे के मुख्य कारण को बताता है, इसलिए यह अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ होर्मुज जलडमरूमध्य के भू-रणनीतिक महत्व का परीक्षण कीजिए और हाल की घटनाओं के आलोक में इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर कंकाल:
1. **परिचय:** होर्मुज जलडमरूमध्य का संक्षिप्त परिचय, इसकी भौगोलिक स्थिति और फारस की खाड़ी एवं ओमान की खाड़ी को जोड़ने का उल्लेख। (20-30 शब्द)
2. **भू-रणनीतिक महत्व:**
* **वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा:** विश्व के एक बड़े हिस्से के तेल और गैस शिपमेंट का मार्ग (लगभग 20% वैश्विक तेल)।
* **अंतर्राष्ट्रीय व्यापार:** एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच एक महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग।
* **क्षेत्रीय शक्ति संतुलन:** ईरान, UAE, सऊदी अरब जैसे देशों के लिए रणनीतिक महत्व।
* **सैन्य महत्व:** नौसेना संचालन और क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण।
* **चोकपॉइंट:** किसी भी व्यवधान का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव। (80-100 शब्द)
3. **हाल की घटनाएँ और स्थिरता की आवश्यकता:**
* **UAE के पोत पर हमला:** ईरान पर आरोप और तनाव में वृद्धि।
* **ईरान की मांगें:** अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना, ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी समाप्त करना, युद्ध क्षतिपूर्ति आदि।
* **ओमान की मध्यस्थता:** तनाव कम करने और शिपिंग मार्गों पर समझौते के प्रयास।
* **अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता:**
* **समुद्री सुरक्षा:** निर्बाध व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना।
* **तनाव कम करना:** सैन्य टकराव से बचना।
* **कूटनीतिक समाधान:** ईरान की वैध चिंताओं को दूर करना और क्षेत्रीय संवाद को बढ़ावा देना।
* **अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन:** UNCLOS जैसे समझौतों का सम्मान। (100-120 शब्द)
4. **निष्कर्ष:** होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिरता वैश्विक शांति और आर्थिक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है, जिसके लिए सभी हितधारकों के बीच सतत संवाद और सहयोग आवश्यक है। (20-30 शब्द)

स्रोत: Mint


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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