31 Aug सीपीग्राम्स रिपोर्ट: जुलाई 2026 में 2.16 लाख शिकायतों का निपटान, जानिए प्रमुख विभागों की स्थिति
✎ CPGRAMS भारत सरकार का एक ऑनलाइन मंच है जो नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज करने, ट्रैक करने और उनके समयबद्ध निवारण को सुनिश्चित करने में मदद करता है, जिससे सुशासन और जवाबदेही को बढ़ावा मिलता है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू, ई-गवर्नेंस-अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा संस्थागत एवं अन्य उपाय। | GS Paper IV — लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्र: स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; जवाबदेही तथा नैतिक शासन; शासन में ईमानदारी: लोक सेवा की अवधारणा; शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार। सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीति संहिता, आचार संहिता, नागरिक चार्टर, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।
- Prelims: CPGRAMS, प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG), शिकायत निवारण मूल्यांकन और सूचकांक (GRAI), सामान्य सेवा केंद्र (CSC), ई-गवर्नेंस पहल, नागरिक-केंद्रित शासन
- Essay: सुशासन और नागरिक संतुष्टि में ई-गवर्नेंस की भूमिका, जवाबदेही और पारदर्शिता: आधुनिक प्रशासन के स्तंभ
त्वरित पुनरावृत्ति: CPGRAMS भारत सरकार का एक ऑनलाइन मंच है जो नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज करने, ट्रैक करने और उनके समयबद्ध निवारण को सुनिश्चित करने में मदद करता है, जिससे सुशासन और जवाबदेही को बढ़ावा मिलता है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) ने जुलाई 2026 माह के लिए केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के प्रदर्शन संबंधी केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) पर अपनी 51वीं मासिक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में लोक शिकायतों के प्रकार, श्रेणियों और उनके निपटान की प्रकृति का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है, जिसमें जुलाई 2026 में 2,16,827 शिकायतों का निवारण और शिकायत निवारण का औसत समय 12 दिन बताया गया है।
पृष्ठभूमि
- CPGRAMS भारत सरकार की एक ऑनलाइन प्रणाली है जिसका उद्देश्य नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज करने और उनकी स्थिति को ट्रैक करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।
- यह प्रणाली प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा संचालित की जाती है, जो कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन आता है।
- CPGRAMS रिपोर्टें DARPG द्वारा अपनाई गई 10-चरणीय CPGRAMS सुधार प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिसका लक्ष्य निपटान की गुणवत्ता में सुधार करना और समय-सीमा को कम करना है।
- जुलाई 2026 में, लगातार 49वें महीने, केंद्रीय सचिवालय में मासिक निपटान के मामलों की संख्या 1 लाख से अधिक रही, जो प्रणाली की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
- CPGRAMS पोर्टल को सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज करना सुलभ हो गया है।
- 14 जुलाई, 2025 से सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में एक समीक्षा बैठक मॉड्यूल लागू किया गया है, जो सचिव स्तर पर शिकायतों की समीक्षा को सुगम बनाता है।
केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) क्या है?
- CPGRAMS भारत सरकार द्वारा विकसित एक वेब-आधारित मंच है जो नागरिकों को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों के खिलाफ अपनी शिकायतें दर्ज करने में सक्षम बनाता है।
- इसका प्राथमिक उद्देश्य लोक शिकायतों का प्रभावी और समयबद्ध निवारण सुनिश्चित करना है, जिससे शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिले।
- यह प्रणाली शिकायतों के पंजीकरण से लेकर उनके अंतिम निपटान तक की पूरी प्रक्रिया को ट्रैक करती है, जिससे नागरिकों को अपनी शिकायत की स्थिति की जानकारी मिलती रहती है।
- CPGRAMS में शिकायत निवारण मूल्यांकन और सूचकांक (GRAI) नामक एक रैंकिंग प्रणाली भी शामिल है, जो विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के शिकायत निवारण प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है।
- यह प्रणाली विभिन्न चैनलों जैसे ऑनलाइन पोर्टल, ईमेल, डाक और सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के माध्यम से शिकायतें स्वीकार करती है, जिससे पहुंच व्यापक होती है।
- CPGRAMS रिपोर्टें नियमित रूप से प्रकाशित की जाती हैं, जो शिकायत निवारण के रुझानों, औसत निपटान समय और विभिन्न संस्थाओं के प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करती हैं।
- समीक्षा बैठक मॉड्यूल जैसी पहलें सचिव स्तर पर शिकायतों की समीक्षा को अनिवार्य बनाती हैं, जिससे निवारण तंत्र की दक्षता और नागरिक संतुष्टि में सुधार होता है।
- यह ई-गवर्नेंस (e-Governance) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य नागरिक-केंद्रित शासन (Citizen-Centric Governance) को बढ़ावा देना है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| लगातार 49वें महीने 1 लाख से अधिक शिकायतों का निपटान | यह दर्शाता है कि केंद्रीय सचिवालय में शिकायत निवारण तंत्र प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है और नागरिकों की समस्याओं को लगातार संबोधित कर रहा है। |
| जुलाई 2026 में 2,16,827 शिकायतों का निवारण | यह नागरिकों की बड़ी संख्या में शिकायतों के समाधान को इंगित करता है, जिससे शासन में विश्वास बढ़ता है। |
| शिकायत निवारण का औसत समय 12 दिन | यह शिकायतों के त्वरित समाधान को दर्शाता है, जो नागरिकों के लिए दक्षता और समयबद्ध सेवा वितरण को प्राथमिकता देता है। |
| जुलाई 2026 में 1,07,186 नए उपयोगकर्ता पंजीकरण | यह सीपीग्राम्स (CPGRAMS) पोर्टल की बढ़ती पहुंच और स्वीकार्यता को दर्शाता है, जिससे अधिक नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं। |
| सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के माध्यम से 9,475 शिकायतें दर्ज | यह ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच और शिकायत निवारण तंत्र के विस्तार को दर्शाता है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों के नागरिकों को भी लाभ मिलता है। |
| समीक्षा बैठक मॉड्यूल का कार्यान्वयन | यह सचिव स्तर पर शिकायतों की समीक्षा सुनिश्चित करता है, जिससे निवारण तंत्र की दक्षता और नागरिक संतुष्टि में सुधार होता है। |
महत्व
शासन और प्रशासन
- यह रिपोर्ट केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों द्वारा लोक शिकायतों के निवारण में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देती है।
- यह नागरिकों को अपनी समस्याओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और उनके समाधान प्राप्त करने के लिए एक मंच प्रदान करके सुशासन को मजबूत करती है।
- शिकायत निवारण में औसत समय में कमी से प्रशासनिक दक्षता में सुधार होता है और नागरिकों का सरकार पर विश्वास बढ़ता है।
सामाजिक प्रभाव
- सीपीग्राम्स (CPGRAMS) के माध्यम से शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निपटान नागरिकों की संतुष्टि को बढ़ाता है।
- सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के साथ एकीकरण से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए शिकायत निवारण तक पहुंच आसान हो जाती है, जिससे समावेशिता बढ़ती है।
- यह प्रणाली नागरिकों को अपनी आवाज उठाने और शासन प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार देती है।
तकनीकी और डिजिटल शासन
- सीपीग्राम्स (CPGRAMS) पोर्टल डिजिटल इंडिया पहल का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो प्रौद्योगिकी का उपयोग करके नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देता है।
- नए उपयोगकर्ता पंजीकरणों की बढ़ती संख्या डिजिटल साक्षरता और ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणालियों की स्वीकार्यता को दर्शाती है।
- समीक्षा बैठक मॉड्यूल जैसे तकनीकी सुधार निवारण प्रक्रिया की गुणवत्ता और निगरानी को बढ़ाते हैं।
चुनौतियाँ
1. शिकायतों की गुणवत्ता और जटिलता
- कुछ शिकायतें जटिल प्रकृति की हो सकती हैं जिनके समाधान के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता होती है।
- शिकायतों की अस्पष्टता या अपर्याप्त जानकारी के कारण उनके समाधान में देरी हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
2. मानव संसाधन और क्षमता
- शिकायत निवारण अधिकारियों पर काम का बोझ बढ़ सकता है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
- प्रभावी शिकायत निवारण के लिए अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की निरंतर आवश्यकता है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास
3. डिजिटल डिवाइड और पहुंच
- हालांकि सीएससी (CSC) पहुंच बढ़ा रहे हैं, फिर भी कुछ क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी एक चुनौती बनी हुई है।
- वृद्ध और कम पढ़े-लिखे नागरिकों के लिए ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करना अभी भी मुश्किल हो सकता है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, ई-शासन
4. निपटान की गुणवत्ता और संतुष्टि
- केवल शिकायतों का निपटान करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है कि नागरिक समाधान से संतुष्ट हों।
- निपटान की गुणवत्ता का आकलन करने और उसमें सुधार करने के लिए एक मजबूत प्रतिक्रिया तंत्र की आवश्यकता है।
यूपीएससी लिंक: शासन में नैतिकता
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| शिकायतों की बढ़ती संख्या | बढ़ती शिकायतों को संभालने के लिए पर्याप्त संसाधनों और कुशल कर्मियों की आवश्यकता। |
| जटिल और बहु-विभागीय शिकायतें | विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के बीच समन्वय की कमी से समाधान में देरी। |
| डिजिटल पहुंच में असमानता | ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट पहुंच में अंतर। |
| निपटान की गुणवत्ता पर ध्यान | केवल संख्यात्मक निपटान के बजाय वास्तविक नागरिक संतुष्टि सुनिश्चित करना। |
| प्रतिक्रिया तंत्र की प्रभावशीलता | नागरिकों से प्राप्त प्रतिक्रिया का उपयोग करके प्रणाली में सुधार करना। |
| डेटा सुरक्षा और गोपनीयता | नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करना। |
आगे की राह
- शिकायत निवारण अधिकारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि वे जटिल शिकायतों को प्रभावी ढंग से संभाल सकें।
- सीपीग्राम्स (CPGRAMS) पोर्टल को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया जाए, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जिनकी डिजिटल साक्षरता कम है।
- शिकायत निवारण की गुणवत्ता का आकलन करने और नागरिक संतुष्टि को मापने के लिए एक मजबूत प्रतिक्रिया और मूल्यांकन तंत्र विकसित किया जाए।
- विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि बहु-विभागीय शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके।
- सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) की पहुंच और प्रभावशीलता को और बढ़ाया जाए, विशेष रूप से दूरदराज के और आदिवासी क्षेत्रों में।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग शिकायतों के वर्गीकरण, विश्लेषण और समाधान प्रक्रिया को स्वचालित करने के लिए किया जाए।
- शिकायत निवारण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नागरिकों को उनकी शिकायत की स्थिति के बारे में नियमित अपडेट प्रदान किए जाएं।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) · प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) · लोक शिकायत निवारण · सुशासन · नागरिक-केंद्रित प्रशासन · पारदर्शिता और जवाबदेही · डिजिटल शासन · सेवा वितरण · नागरिक संतुष्टि · शिकायत निवारण मूल्यांकन और सूचकांक (GRAI) · ई-गवर्नेंस पहल · प्रशासनिक सुधार
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 14’, ‘note’: ‘कानून के समक्ष समानता’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 21’, ‘note’: ‘गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 32’, ‘note’: ‘संवैधानिक उपचारों का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 39A’, ‘note’: ‘समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता’}
अवधारणा प्रवाह
नागरिकों द्वारा शिकायत दर्ज करना (सीपीग्राम्स) → केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों को शिकायत का आवंटन → संबंधित विभाग द्वारा शिकायत की समीक्षा → शिकायत का निवारण और समाधान → नागरिक को समाधान की सूचना → डीएआरपीजी द्वारा प्रदर्शन की निगरानी और रिपोर्टिंग → प्रणाली में सुधार और नागरिक संतुष्टि में वृद्धि
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा जारी CPGRAMS रिपोर्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. CPGRAMS पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का औसत निपटान समय 12 दिन रहा है।
2. CPGRAMS को सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के साथ एकीकृत किया गया है।
3. समीक्षा बैठक मॉड्यूल केवल केंद्रीय मंत्रालयों में लागू किया गया है, विभागों में नहीं।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि रिपोर्ट में केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों में शिकायत निवारण का औसत समय 12 दिन बताया गया है। कथन 2 सही है क्योंकि CPGRAMS को सामान्य सेवा केंद्रों के साथ एकीकृत किया गया है। कथन 3 गलत है क्योंकि समीक्षा बैठक मॉड्यूल सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में लागू किया गया है।
Q2. अभिकथन (A): केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) भारत में सुशासन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कारण (R): CPGRAMS नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज करने और उनकी स्थिति को ट्रैक करने के लिए एक पारदर्शी और सुलभ मंच प्रदान करती है, जिससे सरकारी विभागों की जवाबदेही बढ़ती है।
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि CPGRAMS सुशासन के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है। कारण (R) भी सही है और A की सही व्याख्या करता है, क्योंकि यह प्रणाली नागरिकों को शिकायत निवारण का एक प्रभावी माध्यम प्रदान करके सरकारी जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ाती है, जो सुशासन का एक प्रमुख पहलू है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) सुशासन और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को बढ़ावा देने में कैसे सहायक है? हालिया रिपोर्ट के आलोक में इसकी सफलताओं और चुनौतियों का विश्लेषण करें। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: CPGRAMS की संक्षिप्त परिभाषा और इसका उद्देश्य (लोक शिकायत निवारण)।
2. सुशासन और नागरिक-केंद्रित प्रशासन में भूमिका:
क. पारदर्शिता और जवाबदेही: शिकायत दर्ज करने और ट्रैक करने की सुविधा।
ख. दक्षता और समयबद्धता: औसत निपटान समय में कमी (12 दिन)।
ग. पहुंच: CSC एकीकरण, नए उपयोगकर्ता पंजीकरण।
घ. नीतिगत प्रतिक्रिया: शिकायतों के विश्लेषण से नीति निर्माण में सुधार।
ङ. नागरिक संतुष्टि: प्रभावी निवारण से विश्वास में वृद्धि।
3. हालिया रिपोर्ट के आलोक में सफलताएँ:
क. मासिक निपटान का आंकड़ा: लगातार 49वें महीने 1 लाख से अधिक मामलों का निपटान।
ख. GRAI रैंकिंग: विभिन्न विभागों का प्रदर्शन मूल्यांकन।
ग. समीक्षा बैठक मॉड्यूल: सचिव स्तर पर शिकायतों की समीक्षा।
घ. नए उपयोगकर्ता पंजीकरण: पोर्टल की बढ़ती लोकप्रियता।
4. चुनौतियाँ (संभावित, रिपोर्ट में प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं):
क. गुणवत्ता बनाम मात्रा: निपटान की गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
ख. जागरूकता: ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में CPGRAMS की पहुंच बढ़ाना।
ग. तकनीकी बाधाएँ: डिजिटल डिवाइड और तकनीकी साक्षरता की कमी।
घ. लंबित मामले: बड़ी संख्या में लंबित अपीलों और शिकायतों का समाधान।
5. निष्कर्ष: CPGRAMS की क्षमता और आगे के सुधारों की आवश्यकता पर बल देते हुए एक संतुलित दृष्टिकोण।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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