ओडिशा में रामेश्वर-पारादीप तटीय कॉरिडोर: बोलीदाताओं की जबरदस्त रुचि, जानिए पूरी डीटेल्स

ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक तटवर्ती गलियारे के निर्माण के लिए एनएचएआई को बोलीदाताओं से जबरदस्त रूचि मिली — diagram

ओडिशा में रामेश्वर-पारादीप तटीय कॉरिडोर: बोलीदाताओं की जबरदस्त रुचि, जानिए पूरी डीटेल्स

Map of Odisha highlighted on the map of India — ओडिशा तटीय कॉरिडोर निर्माण बोली एनएचएआई
मानचित्र व माइंड-मैप: ओडिशा में रामेश्वर-पारादीप तटवर्ती गलियारे की बोलीदाता रुचि

✎ ओडिशा में रामेश्वर-पारादीप तटवर्ती गलियारा परियोजना, जो हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत निर्मित की जा रही है, राज्य के आर्थिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी में सुधार करेगी।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — अवसंरचना (सड़कें, बंदरगाह, आदि)  |  GS Paper III — आर्थिक विकास और रोजगार सृजन  |  GS Paper I — भूगोल (तटीय क्षेत्र, पर्यटन)
  • Prelims: तटवर्ती गलियारा, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM), ग्रीनफील्ड परियोजना, पारादीप बंदरगाह, कोणार्क सूर्य मंदिर, आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति
  • Essay: अवसंरचना विकास भारत के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन का प्रवेश द्वार है।, तटीय क्षेत्रों का सतत विकास: चुनौतियाँ और अवसर।

त्वरित पुनरावृत्ति: ओडिशा में रामेश्वर-पारादीप तटवर्ती गलियारा परियोजना, जो हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत निर्मित की जा रही है, राज्य के आर्थिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी में सुधार करेगी।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक 160 किलोमीटर लंबे एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड तटवर्ती राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए बोलीदाताओं से जबरदस्त रुचि मिली है। इस परियोजना के लिए दो पैकेजों में बोलियां आमंत्रित की गई थीं और दोनों में बोलीदाताओं की उत्साहजनक भागीदारी देखी गई, जो इस महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना में गहरी प्रतिस्पर्धा और रुचि को दर्शाती है।

पृष्ठभूमि

  • यह परियोजना रामेश्वर से पारादीप तक एक नए तटवर्ती राजमार्ग के निर्माण से संबंधित है, जिसे जून 2026 में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा 8,300.79 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत के साथ मंजूरी दी गई थी।
  • परियोजना का उद्देश्य ओडिशा के खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
  • यह गलियारा NH-16 और NH-316 के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा, जो वर्तमान में भीड़भाड़ वाले हैं और स्थानीय यातायात के कारण लंबी दूरी के वाहनों के लिए अनुपयुक्त हैं।
  • परियोजना का आवंटन हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत किया जाएगा, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का एक मॉडल है।
  • इस परियोजना से निर्माण के दौरान 53.6 लाख प्रत्यक्ष मानव-दिवस और 67 लाख अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार सृजित होने की संभावना है।
  • यह गलियारा श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी बीच और कोणार्क सूर्य मंदिर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए सीधी और तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
  • यह पारादीप बंदरगाह, आगामी पुरी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अस्तरंग व सुवर्णरेखा जैसे विकासशील बंदरगाहों तक सुगम परिवहन की सुविधा भी प्रदान करेगा।
  • परियोजना से ईंधन की खपत, कार्बन उत्सर्जन और वाहन परिचालन लागत में कमी आने के साथ-साथ रसद की लागत भी कम होगी, जिससे पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

तटवर्ती गलियारा परियोजनाएँ और हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM)

  • तटवर्ती गलियारा परियोजनाएँ (Coastal Corridor Projects) भारत के तटीय क्षेत्रों में सड़क अवसंरचना के विकास पर केंद्रित होती हैं, जिनका उद्देश्य बंदरगाहों, पर्यटन स्थलों और तटीय समुदायों को जोड़ना होता है।
  • ये परियोजनाएँ अक्सर ग्रीनफील्ड (Greenfield) होती हैं, जिसका अर्थ है कि वे पूरी तरह से नए मार्गों पर निर्मित की जाती हैं, न कि मौजूदा सड़कों के उन्नयन के रूप में।
  • एक्सेस कंट्रोल्ड (Access Controlled) राजमार्ग वे होते हैं जहाँ प्रवेश और निकास केवल निर्दिष्ट स्थानों पर ही संभव होता है, जिससे यातायात का प्रवाह सुचारु और तेज होता है।
  • हाइब्रिड एन्युटी मोड (Hybrid Annuity Mode – HAM) भारत में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership – PPP) का एक मॉडल है, जिसे सड़क परियोजनाओं के वित्तपोषण और निष्पादन के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • HAM मॉडल में, सरकार परियोजना लागत का एक निश्चित प्रतिशत (आमतौर पर 40%) निर्माण के दौरान भुगतान करती है, और शेष राशि रियायतग्राही (Concessionaire) द्वारा निवेश की जाती है।
  • निर्माण पूरा होने के बाद, सरकार रियायतग्राही को एक निश्चित अवधि (जैसे 15-20 वर्ष) के लिए अर्ध-वार्षिक या वार्षिक वार्षिकी (Annuity) भुगतान करती है, जिसमें निवेश की गई पूंजी और ब्याज शामिल होता है।
  • इस मॉडल में, टोल संग्रह का जोखिम सरकार द्वारा वहन किया जाता है, जिससे निजी निवेशकों के लिए परियोजनाएँ अधिक आकर्षक बनती हैं।
  • HAM मॉडल का उद्देश्य निजी क्षेत्र की दक्षता और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय समर्थन को मिलाकर अवसंरचना परियोजनाओं को गति देना है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
160 किलोमीटर लंबा तटवर्ती गलियारा रामेश्वर से पारादीप तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग निर्बाध यातायात प्रवाह सुनिश्चित करेगा और यात्रा समय को कम करेगा।
हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत आवंटन सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देगा और जोखिमों को साझा करेगा।
8,300.79 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत परियोजना के बड़े पैमाने और सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
100 किमी/घंटे की डिज़ाइन गति तेज और कुशल परिवहन सुनिश्चित करेगा, जिससे समय की बचत होगी।
दो पैकेज में बोलियां बोलीदाताओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • परियोजना से 53.6 लाख प्रत्यक्ष मानव-दिवस और 67 लाख अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार सृजित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
  • बेहतर कनेक्टिविटी से रसद की लागत (Logistics Cost) कम होगी, जिससे व्यापार और वाणिज्य को प्रोत्साहन मिलेगा।
  • ईंधन की खपत और वाहन परिचालन लागत में कमी आएगी, जिससे उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों को लाभ होगा।
  • पारादीप बंदरगाह और आगामी पुरी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।

पर्यटन महत्व

  • श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी बीच और कोणार्क सूर्य मंदिर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए सीधी और तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
  • यात्रा समय में कमी से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी, जिससे पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
  • अस्तरंग और सुवर्णरेखा जैसे विकासशील बंदरगाहों तक सुगम परिवहन की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे तटीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

सामरिक महत्व

  • मौजूदा NH-16 और NH-316 के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा, जिससे यातायात का दबाव कम होगा और परिवहन दक्षता बढ़ेगी।
  • ओडिशा के खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों से कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
  • नियंत्रित पहुंच के साथ तेज कनेक्टिविटी से आपातकालीन सेवाओं और आपदा राहत कार्यों में भी मदद मिलेगी।

पर्यावरणीय महत्व

  • कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी क्योंकि बेहतर सड़कें वाहनों को अधिक कुशलता से चलने में मदद करेंगी।
  • ग्रीनफील्ड राजमार्ग होने के कारण, इसे पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा, जिससे पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

चुनौतियाँ

1. भूमि अधिग्रहण

  • परियोजना के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण एक जटिल प्रक्रिया हो सकती है, जिसमें किसानों और स्थानीय समुदायों के साथ उचित मुआवजे और पुनर्वास की आवश्यकता होती है।
  • भूमि अधिग्रहण में देरी से परियोजना की लागत और समय-सीमा प्रभावित हो सकती है।

2. पर्यावरणीय प्रभाव आकलन

  • तटीय क्षेत्रों में निर्माण से संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्रों, जैसे मैंग्रोव और तटीय आर्द्रभूमि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का गहन मूल्यांकन और शमन उपायों को लागू करना महत्वपूर्ण है।

3. वित्तीय प्रबंधन

  • 8,300.79 करोड़ रुपये की बड़ी पूंजी लागत के प्रभावी वित्तीय प्रबंधन और समय पर धन की उपलब्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
  • हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच जोखिमों का उचित आवंटन सुनिश्चित करना आवश्यक है।

4. स्थानीय समुदायों का विस्थापन

  • परियोजना से प्रभावित होने वाले स्थानीय समुदायों के लिए उचित पुनर्वास और आजीविका के अवसर प्रदान करना एक चुनौती हो सकती है।
  • समुदायों की भागीदारी और उनकी चिंताओं का समाधान करना परियोजना की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
भूमि अधिग्रहण देरी और लागत में वृद्धि का जोखिम।
पर्यावरणीय संवेदनशीलता तटीय पारिस्थितिकी तंत्र पर संभावित नकारात्मक प्रभाव।
वित्तीय व्यवहार्यता बड़ी पूंजी लागत और जोखिम आवंटन का प्रबंधन।
स्थानीय समुदाय विस्थापन और आजीविका के मुद्दों का समाधान।
परियोजना का कार्यान्वयन समय पर और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करना।

आगे की राह

  • भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और त्वरित किया जाए, जिसमें उचित मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।
  • परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का गहन मूल्यांकन किया जाए और प्रभावी शमन उपायों को लागू किया जाए, विशेषकर तटीय पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण के लिए।
  • स्थानीय समुदायों के साथ निरंतर संवाद स्थापित किया जाए और उनकी चिंताओं को दूर किया जाए, जिससे परियोजना के प्रति उनकी स्वीकार्यता बढ़े।
  • हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच जोखिमों का उचित और पारदर्शी आवंटन सुनिश्चित किया जाए।
  • परियोजना के निर्माण में नवीनतम तकनीकों और टिकाऊ निर्माण प्रथाओं का उपयोग किया जाए, जिससे गुणवत्ता और दक्षता सुनिश्चित हो।
  • परियोजना के कार्यान्वयन की नियमित निगरानी और मूल्यांकन किया जाए, ताकि किसी भी बाधा को समय पर दूर किया जा सके।
  • तटीय गलियारे के साथ-साथ पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिए एक एकीकृत योजना विकसित की जाए, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास हो सके।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

तटवर्ती गलियारा · राष्ट्रीय राजमार्ग · बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ · हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) · आर्थिक विकास · पर्यटन संवर्धन · रोजगार सृजन · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · पर्यावरणीय प्रभाव आकलन · सार्वजनिक-निजी भागीदारी

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 246’, ‘note’: ‘संघ सूची में राष्ट्रीय राजमार्ग’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 282’, ‘note’: ‘संघ द्वारा अनुदान और व्यय’}

अवधारणा प्रवाह

तटवर्ती गलियारे की आवश्यकता (NH-16, NH-316 पर भीड़)  →  आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा परियोजना को मंजूरी  →  NHAI द्वारा हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) में बोलियां आमंत्रित  →  बोलीदाताओं से जबरदस्त रुचि और प्रतिस्पर्धा  →  परियोजना का आवंटन और निर्माण  →  बेहतर कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रामेश्वर-पारादीप तटवर्ती गलियारा परियोजना का उद्देश्य ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे श्री जगन्नाथ मंदिर और कोणार्क सूर्य मंदिर को जोड़ना है।
2. यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत आवंटित की जाएगी।
3. यह गलियारा NH-16 और NH-316 के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि परियोजना का उद्देश्य पुरी, कोणार्क जैसे पर्यटन स्थलों को सीधी और तेज कनेक्टिविटी प्रदान करना है। कथन 2 सही है क्योंकि परियोजना का आवंटन हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत किया जाएगा। कथन 3 सही है क्योंकि यह गलियारा मौजूदा NH-16 और NH-316 के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा, जिससे भीड़ कम होगी और यात्रा समय में कमी आएगी।

Q2. हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. HAM मॉडल में, सरकार परियोजना लागत का एक निश्चित प्रतिशत (आमतौर पर 40%) निर्माण के दौरान भुगतान करती है और शेष राशि वार्षिक किस्तों में देती है।
2. इस मॉडल में, निर्माण और रखरखाव का जोखिम पूरी तरह से निजी डेवलपर द्वारा वहन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1 और न ही 2

उत्तर: केवल 1 — कथन 1 सही है। HAM मॉडल में, सरकार आमतौर पर परियोजना लागत का 40% निर्माण के दौरान भुगतान करती है और शेष 60% का भुगतान वार्षिक किस्तों में करती है। कथन 2 गलत है। HAM मॉडल में, निर्माण और रखरखाव का जोखिम सरकार और निजी डेवलपर के बीच साझा किया जाता है, जिससे यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) का एक संतुलित रूप बन जाता है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण में हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के महत्व का विश्लेषण कीजिए। रामेश्वर-पारादीप तटवर्ती गलियारे जैसी परियोजनाओं के संदर्भ में इसके लाभों और चुनौतियों पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) की संक्षिप्त परिभाषा और भारत में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में इसकी बढ़ती प्रासंगिकता।
2. **HAM का महत्व:**
* **जोखिम साझाकरण:** सरकार और निजी डेवलपर के बीच जोखिम का संतुलित वितरण (निर्माण, संचालन, राजस्व)।
* **पूंजी की उपलब्धता:** निजी क्षेत्र के लिए पूंजी जुटाने में आसानी, क्योंकि सरकार द्वारा निश्चित भुगतान की गारंटी होती है।
* **गुणवत्ता और समय पर निष्पादन:** प्रदर्शन-आधारित भुगतान संरचना के कारण गुणवत्तापूर्ण निर्माण और समय पर परियोजना पूर्णता को प्रोत्साहन।
* **सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को बढ़ावा:** PPP मॉडल को पुनर्जीवित करने में भूमिका।
3. **रामेश्वर-पारादीप तटवर्ती गलियारे के संदर्भ में लाभ:**
* **तेज कार्यान्वयन:** बोलीदाताओं की जबरदस्त रुचि और HAM के तहत आवंटन से परियोजना का त्वरित निष्पादन।
* **आर्थिक संवृद्धि:** बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा।
* **रोजगार सृजन:** प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार का सृजन (53.6 लाख प्रत्यक्ष, 67 लाख अप्रत्यक्ष)।
* **पर्यटन को बढ़ावा:** पुरी, कोणार्क जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सुगम पहुंच।
* **वैकल्पिक मार्ग:** NH-16 और NH-316 पर भीड़ कम करना।
4. **चुनौतियाँ:**
* **भूमि अधिग्रहण:** बड़ी परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण की जटिलताएँ और देरी।
* **पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव:** तटीय क्षेत्रों में निर्माण के पर्यावरणीय प्रभाव और विस्थापन संबंधी मुद्दे।
* **वित्तीय व्यवहार्यता:** लंबी अवधि के भुगतान और ब्याज दरों का प्रभाव।
* **नियामक बाधाएँ:** विभिन्न अनुमतियों और स्वीकृतियों में लगने वाला समय।
5. **निष्कर्ष:** HAM मॉडल की क्षमता को पहचानते हुए, चुनौतियों का समाधान करने के लिए नीतिगत सुधारों और प्रभावी कार्यान्वयन रणनीतियों की आवश्यकता पर बल।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

Odisha PCS (OPSC (OAS)) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक तटवर्ती गलियारे के निर्माण के लिए एनएचएआई द्वारा आयोजित बोली प्रक्रिया में निम्नलिखित में से कौन सा प्रमुख कारण है जिसके कारण बोलीदाताओं की जबरदस्त रुचि दिखाई दी?

  1. A. गलियारे के निर्माण से पर्यटन और व्यापार में वृद्धि की संभावना
  2. B. राज्य सरकार द्वारा बोलीदाताओं को दी जाने वाली उच्च सब्सिडी
  3. C. गलियारे के निर्माण में उपयोग होने वाली अत्याधुनिक तकनीक
  4. D. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बोली प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव

उत्तर: A. गलियारे के निर्माण से पर्यटन और व्यापार में वृद्धि की संभावना — ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक तटवर्ती गलियारे के निर्माण से राज्य के पर्यटन और व्यापार क्षेत्रों में महत्वपूर्ण वृद्धि की संभावना है, जिससे बोलीदाताओं की रुचि बढ़ी है।

Mains: ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक तटवर्ती गलियारे के निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा आयोजित बोली प्रक्रिया में दिखाई गई जबरदस्त रुचि के प्रमुख कारणों का विश्लेषण कीजिए। साथ ही, इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन से ओडिशा के आर्थिक विकास पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की चर्चा कीजिए।


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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