08 Sep स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026: शीर्ष शहरों को पुरस्कृत, एनसीएपी के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन पद्धतियां हुईं सार्वजनिक
✎ स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत वायु गुणवत्ता प्रबंधन में शहरों के उत्कृष्ट प्रयासों को मान्यता देते हैं, जो स्वच्छ वायु को एक मौलिक आवश्यकता और प्राप्त करने योग्य लक्ष्य मानते हैं।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper III — पर्यावरण, प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन | GS Paper II — सरकार की नीतियां और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप तथा उनके डिजाइन और कार्यान्वयन से उत्पन्न होने वाले मुद्दे
- Prelims: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP), प्राण पोर्टल, अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)
- Essay: स्वच्छ वायु: एक मौलिक आवश्यकता और सतत विकास का आधार, पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी की भूमिका
त्वरित पुनरावृत्ति: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत वायु गुणवत्ता प्रबंधन में शहरों के उत्कृष्ट प्रयासों को मान्यता देते हैं, जो स्वच्छ वायु को एक मौलिक आवश्यकता और प्राप्त करने योग्य लक्ष्य मानते हैं।
यह खबर चर्चा में क्यों?
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने स्वच्छ वायु दिवस 2026 के अवसर पर 5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान किए। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन पद्धतियों का संकलन भी जारी किया गया। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के अध्यक्ष ने वायु प्रदूषण से निपटने में स्थानीय निकायों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, जबकि MoEFCC सचिव ने कहा कि ‘वायु प्रदूषण से लड़ना एक सतत कार्यक्रम है, जिसके लिए मिशन मोड में नागरिक आंदोलन की आवश्यकता है’।
पृष्ठभूमि
- वायु प्रदूषण भारत में एक गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य चुनौती है, जिससे निपटने के लिए सरकार विभिन्न पहलें कर रही है।
- राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) को 2019 में देश भर में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए एक दीर्घकालिक, समयबद्ध, राष्ट्रीय ढांचा प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था।
- NCAP का लक्ष्य 2024 तक पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10) सांद्रता को 20-30% तक कम करना था, जिसे बाद में 2026 तक 40% तक संशोधित किया गया।
- स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार उन शहरों और वार्डों के प्रयासों को मान्यता देते हैं जो निर्धारित मानकों के भीतर वायु गुणवत्ता बनाए रखने में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।
- प्राण पोर्टल (Portal for Regulation of Air-pollution in Non-attainment cities) NCAP के तहत आने वाले 130 शहरों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन के विभिन्न मापदंडों की निगरानी करता है।
- अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस प्रतिवर्ष 7 सितंबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ हवा के महत्व और वायु प्रदूषण से निपटने के तरीकों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) क्या है?
- राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है।
- इसका प्राथमिक उद्देश्य देश भर में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करना है, जिसमें पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10) पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- यह कार्यक्रम ‘गैर-प्राप्ति शहरों’ (Non-attainment cities) पर केंद्रित है, जो राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (National Ambient Air Quality Standards – NAAQS) को लगातार पूरा नहीं कर पाए हैं।
- NCAP के तहत, शहरों को अपनी वायु गुणवत्ता प्रबंधन रणनीतियाँ विकसित करनी होती हैं, जिनमें विभिन्न स्रोतों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपाय शामिल होते हैं।
- कार्यक्रम में निगरानी नेटवर्क को मजबूत करना, क्षमता निर्माण, सार्वजनिक जागरूकता और प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर दिया गया है।
- प्राण पोर्टल NCAP के तहत शहरों द्वारा की गई प्रगति और वायु गुणवत्ता डेटा की निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
- यह कार्यक्रम केंद्र और राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और नागरिकों सहित सभी हितधारकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।
- NCAP का दृष्टिकोण वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक बहुआयामी, समन्वित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना है, जिसमें जनभागीदारी को बढ़ावा देना भी शामिल है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार | यह शहरों/वार्डों द्वारा वायु गुणवत्ता प्रबंधन में किए गए प्रयासों को मान्यता देता है और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करता है। |
| राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) | यह देश भर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक व्यापक ढाँचा प्रदान करता है, जिसमें शहरों को अपनी रणनीतियाँ बनानी होती हैं। |
| प्राण पोर्टल | यह NCAP के तहत आने वाले 130 शहरों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन के विभिन्न मापदंडों की निगरानी करता है, जिससे डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद मिलती है। |
| सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन पद्धतियों का संकलन | यह सफल रणनीतियों और तकनीकों को साझा करता है, जिससे अन्य शहर भी उनसे सीखकर वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित कर सकें। |
| स्थानीय निकायों की भूमिका | शहरी/ग्रामीण स्थानीय निकाय वायु प्रदूषण से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर नीतियों और कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अग्रणी संस्थाएँ हैं। |
महत्व
पर्यावरणीय महत्व
- यह वायु प्रदूषण को कम करने और नागरिकों के लिए स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के प्रयासों को बढ़ावा देता है, जो एक मौलिक आवश्यकता है।
- यह सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) को प्राप्त करने में योगदान देता है, विशेष रूप से अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण (SDG 3) तथा सतत शहरों और समुदायों (SDG 11) से संबंधित।
सामाजिक महत्व
- स्वच्छ वायु नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करती है, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कम करती है और उत्पादकता बढ़ाती है।
- यह वायु गुणवत्ता प्रबंधन में जन-भागीदारी आंदोलन को प्रोत्साहित करता है, जिससे नागरिक अपनी भूमिका के प्रति जागरूक होते हैं और समाधान का हिस्सा बनते हैं।
शासनिक महत्व
- यह केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत करता है और स्थानीय निकायों को वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सशक्त बनाता है।
- यह डेटा-आधारित निगरानी और मूल्यांकन के माध्यम से जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ावा देता है, जिससे नीतियों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित होता है।
चुनौतियाँ
1. वायु प्रदूषण की जटिल प्रकृति
- वायु प्रदूषण के कई स्रोत होते हैं, जैसे औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों का धुआँ, निर्माण गतिविधियाँ, कृषि अपशिष्ट जलाना और घरेलू दहन, जिससे इसका प्रबंधन जटिल हो जाता है।
- प्रदूषण राजनीतिक सीमाओं को नहीं देखता, जिससे अंतर-राज्यीय और अंतर-क्षेत्रीय समन्वय की आवश्यकता होती है।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण
2. तकनीकी और वित्तीय बाधाएँ
- वायु प्रदूषण की निगरानी और नियंत्रण के लिए उन्नत तकनीकों और उपकरणों की आवश्यकता होती है, जिसके लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की कमी एक चुनौती हो सकती है।
- प्रदूषणकारी उद्योगों और पुराने वाहनों को आधुनिक, स्वच्छ तकनीकों में बदलने के लिए बड़े निवेश की आवश्यकता होती है।
यूपीएससी लिंक: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण
3. नागरिक भागीदारी और जागरूकता की कमी
- वायु प्रदूषण के स्रोतों और उसके प्रभावों के बारे में आम जनता में जागरूकता की कमी अक्सर प्रभावी समाधानों को लागू करने में बाधा डालती है।
- नागरिकों को मिशन मोड में इस आंदोलन का हिस्सा बनाने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है।
यूपीएससी लिंक: मानव विकास, स्वास्थ्य
4. नीति कार्यान्वयन में चुनौतियाँ
- स्थानीय निकायों के स्तर पर नीतियों और विनियमों का प्रभावी ढंग से कार्यान्वयन सुनिश्चित करना एक चुनौती है, जिसके लिए मजबूत क्षमता निर्माण और प्रवर्तन तंत्र की आवश्यकता है।
- विभिन्न हितधारकों, जैसे उद्योगों, किसानों और शहरी निवासियों के बीच सहयोग सुनिश्चित करना कठिन हो सकता है।
यूपीएससी लिंक: शासन, नीतियाँ और हस्तक्षेप
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| बहु-स्रोत प्रदूषण | औद्योगिक उत्सर्जन, वाहन, निर्माण, कृषि और घरेलू स्रोतों से उत्पन्न प्रदूषण का व्यापक और समन्वित प्रबंधन कठिन। |
| सीमा-पार प्रदूषण | वायु प्रदूषण राजनीतिक सीमाओं का सम्मान नहीं करता, जिससे विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के बीच सहयोग की आवश्यकता। |
| तकनीकी और वित्तीय संसाधन | वायु गुणवत्ता निगरानी और नियंत्रण के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों और पर्याप्त धन की उपलब्धता में कमी। |
| क्षमता निर्माण | स्थानीय निकायों और प्रवर्तन एजेंसियों के पास प्रभावी ढंग से नीतियों को लागू करने के लिए आवश्यक विशेषज्ञता और संसाधनों की कमी। |
| जन जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन | नागरिकों को प्रदूषण के स्रोतों और प्रभावों के बारे में शिक्षित करना तथा उन्हें स्थायी व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (National Clean Air Programme – NCAP)
आगे की राह
- स्थानीय निकायों की क्षमता का निर्माण करना और उन्हें वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आवश्यक तकनीकी तथा वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना।
- वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों की पहचान करने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए नवीनतम तकनीकों को अपनाना तथा अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना।
- जन जागरूकता अभियानों को तेज करना और नागरिकों को वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक ‘जन-भागीदारी आंदोलन’ का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करना।
- अंतर-मंत्रालयी और अंतर-राज्यीय समन्वय को मजबूत करना ताकि वायु प्रदूषण के सीमा-पार प्रभावों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
- वायु गुणवत्ता डेटा की निगरानी और विश्लेषण के लिए प्राण पोर्टल जैसे प्लेटफार्मों का अधिकतम उपयोग करना और डेटा-आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा देना।
- पुरस्कारों और प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से शहरों और वार्डों को वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर प्रयास करने हेतु प्रेरित करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) · स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार · वायु गुणवत्ता प्रबंधन · स्थानीय निकाय · जनभागीदारी आंदोलन · पर्यावरण संरक्षण · सतत विकास · राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) · प्राण पोर्टल · बहुआयामी दृष्टिकोण
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 21’, ‘note’: ‘स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 48A’, ‘note’: ‘पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 51A (g)’, ‘note’: ‘पर्यावरण की रक्षा का कर्तव्य’}
अवधारणा प्रवाह
वायु प्रदूषण की समस्या → राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) का कार्यान्वयन → शहरों/वार्डों द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार के प्रयास → स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कारों द्वारा मान्यता → सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन पद्धतियों का संकलन और साझाकरण → नागरिक भागीदारी और जन आंदोलन का प्रोत्साहन → देश भर में वायु गुणवत्ता में समग्र सुधार
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका उद्देश्य देश भर के 130 शहरों में वायु गुणवत्ता में सुधार करना है।
2. यह एक समयबद्ध कार्यक्रम है जिसका लक्ष्य 2024 तक PM2.5 और PM10 सांद्रता को 20-30% तक कम करना है।
3. प्राण पोर्टल NCAP के अंतर्गत आने वाले शहरों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन के विभिन्न मापदंडों पर नज़र रखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि NCAP का लक्ष्य देश भर के 130 गैर-प्राप्ति शहरों में वायु गुणवत्ता में सुधार करना है। कथन 2 सही नहीं है क्योंकि NCAP का लक्ष्य 2017 के स्तर की तुलना में 2024 तक PM2.5 और PM10 सांद्रता को 20-30% तक कम करना था, जिसे बाद में संशोधित कर 2026 तक 40% की कमी का लक्ष्य रखा गया। कथन 3 सही है क्योंकि प्राण पोर्टल NCAP के तहत शहरों के वायु गुणवत्ता प्रबंधन की निगरानी करता है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) का/के मुख्य कार्य है/हैं?
1. पर्यावरण संरक्षण और वनों तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों का प्रभावी और त्वरित निपटान।
2. पर्यावरण से संबंधित किसी भी कानूनी अधिकार के प्रवर्तन के लिए आवेदन स्वीकार करना।
3. पर्यावरण को हुए नुकसान के लिए पीड़ितों को राहत और मुआवजा प्रदान करना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- केवल 1
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) अधिनियम, 2010 के तहत स्थापित किया गया था। इसके मुख्य कार्यों में पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों का प्रभावी और त्वरित निपटान करना, साथ ही पर्यावरण को हुए नुकसान के लिए पीड़ितों को राहत और मुआवजा प्रदान करना शामिल है। यह पर्यावरण से संबंधित कानूनी अधिकारों के प्रवर्तन के लिए आवेदन भी स्वीकार करता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के उद्देश्यों और कार्यान्वयन रणनीतियों पर चर्चा कीजिए। वायु प्रदूषण से निपटने में स्थानीय निकायों की भूमिका का भी विश्लेषण कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) का संक्षिप्त परिचय, इसके लॉन्च का वर्ष और मुख्य उद्देश्य।
2. NCAP के उद्देश्य: PM2.5 और PM10 सांद्रता को कम करने के लक्ष्य, वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क का विस्तार, क्षमता निर्माण और जन जागरूकता जैसे प्रमुख उद्देश्यों का उल्लेख।
3. NCAP की कार्यान्वयन रणनीतियाँ: शहर-विशिष्ट कार्य योजनाओं, प्राण पोर्टल की भूमिका, प्रौद्योगिकी के उपयोग, अंतर-मंत्रालयी समन्वय और विभिन्न हितधारकों की भागीदारी पर प्रकाश डालना।
4. स्थानीय निकायों की भूमिका का विश्लेषण: वायु प्रदूषण से निपटने में शहरी/ग्रामीण स्थानीय निकायों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर, जिसमें स्रोत नियंत्रण, नागरिकों को जागरूक करना, नवीनतम तकनीकों को अपनाना, समावेशी और समग्र सामाजिक दृष्टिकोण अपनाना, तथा स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कारों के माध्यम से उनके प्रयासों को मान्यता देना शामिल है।
5. चुनौतियाँ और आगे की राह: कार्यान्वयन में आने वाली संभावित चुनौतियों (जैसे धन, समन्वय, तकनीकी क्षमता) और उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदमों (जैसे जनभागीदारी, सतत प्रयास, नीतिगत समर्थन) पर संक्षिप्त चर्चा।
6. निष्कर्ष: स्वच्छ वायु को एक मौलिक आवश्यकता के रूप में स्थापित करते हुए, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के महत्व को दोहराना।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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