10 Sep UPSC Civil Services (Main) Examination 2026 — Maithili Literature Paper II: Question Paper | Plutus IAS
The questions below are from Maithili Literature Paper II of UPSC Civil Services (Main) Examination 2026 (held 2026-08-30) — the actual paper, which is public government content. This page carries the questions for reference and revision; model answers for this paper are not published here.
Official paper (PDF): upsc.gov.in.
- प्रत्येक प्रश्न अनिवार्य अछि। काव्य-वैशिष्ट्यकेँ निर्दिष्ट करैत निम्नलिखित अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू, जाहिमे भाव स्पष्ट रहए (उत्तर अधिकतम 150 शब्दमे दातव्य) : 10×5=50 – (a) मानिनी, तुअ असह्य होइछ व्यापार, उचित न आहत विजितहिं करब प्रहार। तुअ अघातहिं मूर्च्छित अछि मम प्राण अधर-अमिअ-रस-दानहिं राखिअ एहि। – (b) आनन चुम्बि पयोधर धएल। सबहुँ सखि मिलि मजल कएल॥ भन मनबोध हम अपन गेआन। कहलन्हि बाल गोपालक धेआन॥ – (c) हमर वीणाध्वनि कने पहुँचैत जँ सटल-पाँजर बोनिहारक कानमे। सफल होइत तखन ई स्वर-साधना, चिर-उपेक्षित जनक गौरव-गानमे। – (d) कांचन-कमल पवन उलटाओल ऐसन वदन संचारि। सरबस लय पलटलि पुन बीन्धल रंगिनि बंक निहारि॥ हरि-हरि! के देअ दारुन बाधा। नयनक साध आध नहि पूरल, पलटि न हेरल राधा॥ – (e) हा रघुनाथ अनाथ जकाँ, दशकण्ठ-पुरी हम आइलि छी। सिंहक त्रास महावनमे हरिणीक समान डराइलि छी॥ चन्द्र-चकोरि अहैक सदा, हम शोक-समुद्र समाइलि छी। देवर-दोष कहू हम की, अपना अपराध सँ काइलि छी॥
- निम्नलिखित सभ प्रश्नक उत्तर लिखू : – (a) “कृष्णजन्म” एहन कृति सिद्ध भेल जे तत्कालीन साहित्य-जगतमे प्रचलित शृंगार-प्रधान संस्कृतनिष्ठ गीतधाराक विपरीत ठेठ भाषा-शैलीक आश्रय ग्रहण कएल” —सयुक्ति विश्लेषण करू। 20 – (b) “मिथिला भाषा रामायण” महाकाव्य-जगतमे ज्ञान, कर्म ओ भक्तिक त्रिवेणीक संगम थिक।” सुन्दरकाण्डक आधार पर पढ़वित करू। 15 – (c) “आधुनिक कविता नव-नव भाव-बोधसँ सम्पृक्त एवं नव अभिव्यक्तिक सामर्थ्यसँ परिप्लावित परिलक्षित होइत अछि।” ‘समकालीन मैथिली कविता’क आधार पर सयुक्ति विवेचन करू। 15
- निम्नलिखित सभ प्रश्नक उत्तर लिखू : – (a) “महाकवि गोविन्द दास अपन कवितामे राधा-कृष्णक प्रेमलीला आ विरह-वर्णनक अद्भुत छटा छिटकौने छथि” —सयुक्ति विश्लेषण करू। 20 – (b) “‘दत्त-वती’ महाकाव्यमे देश-प्रेम आ राष्ट्रीय अखंडता तथा मानवीय संवेदनाक व्यापक दिग्दर्शन भेल अछि।” पाठ्यांशक आधार पर सयुक्ति प्रमाणित करू। 15 – (c) “वैद्यनाथ मिश्र ‘यात्री’ मानव जीवन, जगत ओ देशक महाकवि छथि” —विस्तृत विश्लेषण करू। 15
- निम्नलिखित सभ प्रश्नक उत्तर लिखू : – (a) “‘विद्यापति गीतशती’ मे भावक कोमलता, पद-लालित्य, तुक-कौशल, स्वर-माधुर्य एवं बिम्बक चमत्कार उत्पन्न भेल अछि।” पाठ्यांशक आधार पर प्रमाणित करू। 20 – (b) “संस्कृत साहित्यशास्त्रक अनुसार महाकाव्यक अधिकांश लक्षण ‘कीचक-वध’ मे भेटि जाइत अछि।” प्रमाणित करू। 15 – (c) “लालदासक ‘रमेश्वरचरित मिथिला रामायण’ मे रागरागिणी, लोकोक्ति, छन्दक विविधताक विन्यासक संग वर्णन सरलता अछि।” पठित अंशक आधार पर विवेचन करू। 15
- निम्नलिखित अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू, जाहिमे भाव स्पष्ट रहए (उत्तर अधिकतम 150 शब्दमे दातव्य) : 10×5=50 – (a) एकै अपूर्व विश्वकर्मात्रै निर्मलियाक मुखक शोभा देषि पदै जलप्रवेश कएल। आँखिक शोभा देषि हरिण वण गेल। केशक शोभा देषि चमरी पलायन कएल। दाँतक शोभा देषि तालिवै हृदय वीदीर्ण कएल। अधरक शोभा देषि प्रवाल द्विपान्तर गेल। काँनक शोभा देषि बौद्ध ध्यान स्थित भेल। कण्ठक शोभा देषि कम्बु समद्रप्रवेश कएल। – (b) जखन हम भारी-भारी धोधिबला यजमानकै प्रसादक पातिल दूनू हाथै उठा कऽ अधपीआ शालग्राम पर चढ़बैत देखैत छिऐन्ह वा गुलाबजामुन सन नर्मदेशर कै पहिराबक हेतु पुरोहित कै अपना बाँहिसँ नापि कय जनउ गेटियबैत देखइ छिऐन्ह, तँ हुनका सभक बुद्धि पर दया आबि जाइत अछि। – (c) जेठ छोटक बात अखनी जाय दे। पिरित जइसन परीकै भौजी नहि बनायब त’ की अप्पन माय बनायब? सुन चनरा जखनि हमहूँ कोनो छीड़ीसँ सगाइ करब त’ तहूँ ओकरा भौजी बना लिहै। – (d) लोक जे किछु सोचैए से जँ होब’ लगै तँ ककरो मोनमे असन्तोष रहबै ने करैत, मुदा जे करबाक ओकरामे क्षमता रहै छै तकर तँ अवसर नै देल जाइ तँ ओ आगि जकाँ धधकि उठैए-धधकैत रहैए! – (e) दुख कि दुःख सन भेल? अहाँकै सप्पत खाक कहै छी जे हम स्टेशन पर पड़ल की सभ सोचै छलहूँ। होइ छल जे एही तौनीकै फाड़िक दूटा कौपीन बना ली, आ चल जाइ… कतहूँ जाक बाबाजी भ जाइ। …एहन खीसँ कोन माया-ममता?
- निम्नलिखित **सभ** प्रश्नक उत्तर लिखू : – (a) “वर्णरत्नाकर” मैथिलीक आदि गद्य-ग्रन्थ थिक जाहिमे मध्यकालीन मिथिलाक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक उत्कर्ष व्युतिमान भेल अछि।” पठित अंशक आधार पर प्रमाणित करू। 20 – (b) “मणिपद्म गाथा-रत्नकेँ औपन्यासिक स्वरूप प्रदान करबामे अपूर्व कला-कौशल एवं साहित्य-साधनाक परिचय देने छथि” — ‘लोरिक विजय’क आधार पर पद्ववित करू। 15 – (c) “खट्टर ककाक तरंग’क मुख्य पात्र खट्टर कका मनुष्य एवं पदार्थक विलक्षण व्याख्या प्रस्तुत करैत अछि।” वर्णन करू। 15
- निम्नलिखित **सभ** प्रश्नक उत्तर लिखू : – (a) ‘कृति राजकमल’क तात्त्विक विवेचनक संग-संग भाषा-शिल्पक महत्त्व पर प्रकाश दिअ। 20 – (b) “कथा-संग्रह” आधुनिक समाज ओ संस्कृतिक सफल प्रतिनिधित्व करैत अछि।” सयुक्ति प्रतिपादन करू। 15 – (c) ‘भफाइत चाहक जिनगी’ मे नाटककार मानव-जीवनक समस्या, संघर्ष ओ परिस्थिति-परिवेशक यथार्थ चित्रण कएलनि अछि। समीक्षा करू। 15
- निम्नलिखित **सभ** प्रश्नक उत्तर लिखू : – (a) “पृथ्वीपुत्र” मैथिलीमे एक उत्कृष्ट आँचलिक उपन्यास थिक” — सयुक्ति विवेचन करू। 20 – (b) “राजकमलक कथामे मिथिलाक आदर्श नारीक चरित्र एवं सांस्कृतिक वैभव उद्घाटित भेल अछि।” ‘कृति राजकमल’क आधार पर पद्ववित करू। 15 – (c) “मणिपद्म विरचित ‘लोरिक विजय’ लोकगाथाधृत ऐतिहासिक उपन्यास थिक।” प्रमाणित करू। 15 SB27—42
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