17 Sep डीआईपीएएम ने विशेष अभियान 5.0 में शून्य लंबित मामले किए हासिल, जानिए कैसे?
✎ विशेष अभियान 5.0 के तहत DIPAM ने जन शिकायतों और PMO संदर्भों में शून्य लंबित मामले हासिल कर प्रशासनिक दक्षता और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू, नागरिक चार्टर | GS Paper IV — लोक प्रशासन में नैतिकता, जवाबदेही
- Prelims: विशेष अभियान, निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM), जन शिकायत निवारण, स्वच्छता पखवाड़ा, प्रशासनिक सुधार, ई-गवर्नेंस
- Essay: सुशासन: चुनौतियाँ और समाधान, प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से नागरिक केंद्रित शासन
त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 5.0 के तहत DIPAM ने जन शिकायतों और PMO संदर्भों में शून्य लंबित मामले हासिल कर प्रशासनिक दक्षता और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
वित्त मंत्रालय के निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने विशेष अभियान 5.0 के तहत जन शिकायतों और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) संदर्भों सहित प्रमुख लंबित मामलों में शून्य लंबितता हासिल की है। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना और लंबित मामलों को न्यूनतम करना था। विभाग अब विशेष अभियान 6.0 के लिए तैयारी कर रहा है, जो प्रशासनिक दक्षता और स्वच्छता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने पर केंद्रित होगा।
पृष्ठभूमि
- भारत सरकार विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में प्रशासनिक दक्षता, स्वच्छता और लंबित मामलों के समयबद्ध निपटान को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से ‘विशेष अभियान’ चलाती है।
- ये अभियान सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण को मजबूत करने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा हैं।
- जन शिकायत निवारण (Public Grievance Redressal) सुशासन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो नागरिकों को अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने और उनका समाधान प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है।
- प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) संदर्भों का समय पर निपटान सरकारी कामकाज की गति और दक्षता को दर्शाता है, क्योंकि ये अक्सर नीतिगत या महत्वपूर्ण प्रशासनिक मामलों से संबंधित होते हैं।
- स्वच्छता पहलें, जैसे ‘स्वच्छता पखवाड़ा’, केवल भौतिक साफ-सफाई तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि कार्यालय के वातावरण को बेहतर बनाने और कर्मचारियों के बीच नागरिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने पर भी केंद्रित हैं।
- प्रक्रियाओं का सरलीकरण और प्रभावी रिकॉर्ड प्रबंधन प्रशासनिक दक्षता के लिए आवश्यक हैं, जो अनावश्यक देरी को कम करते हैं और निर्णय लेने की प्रक्रिया को सुगम बनाते हैं।
निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) और विशेष अभियान
- निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) वित्त मंत्रालय के अधीन एक विभाग है, जो विनिवेश (Disinvestment) और सरकारी संपत्तियों के प्रबंधन से संबंधित मामलों को देखता है।
- DIPAM का मुख्य कार्य केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में सरकारी इक्विटी के प्रबंधन और विनिवेश के माध्यम से संसाधनों को जुटाना है।
- विशेष अभियान सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने, स्वच्छता बनाए रखने और रिकॉर्ड प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी पहल है।
- इन अभियानों में जन शिकायतें, अंतर-मंत्रालयी संदर्भ, संसदीय आश्वासन और अन्य प्रशासनिक मामले शामिल होते हैं, जिनका समयबद्ध निपटान सुनिश्चित किया जाता है।
- विशेष अभियान 5.0 (नवंबर 2025 से अगस्त 2026 तक) के दौरान, DIPAM ने प्रक्रियाओं के सरलीकरण, प्रभावी रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालय रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया।
- इस अभियान के तहत, DIPAM ने लंबित लोक शिकायतों, अपीलों, अंतर-मंत्रालयी और PMO संदर्भों तथा संसदीय आश्वासनों का सफलतापूर्वक समाधान किया।
- DIPAM ने कार्यालय परिसर में स्वच्छता मानकों को बेहतर बनाने के लिए यूरिनल सेंसर लगाए और ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ जैसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
- विशेष अभियान 6.0 (2 से 31 अक्टूबर 2026 तक) का लक्ष्य स्वच्छता और प्रशासनिक दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना है, जो सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| लंबित मामलों का निपटान | लोक शिकायतों, अपीलों, अंतर-मंत्रालयी और PMO संदर्भों तथा संसदीय आश्वासनों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान, जिससे प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होती है। |
| स्वच्छता पहल | कार्यालय परिसर में स्वच्छता मानकों में सुधार, जैसे यूरिनल सेंसर लगाना और ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ का आयोजन, जो कार्यस्थल के वातावरण को बेहतर बनाता है। |
| परिसंपत्ति प्रबंधन और स्थान का बेहतर उपयोग | बेकार हो चुके वाहनों को स्क्रैप करके पार्किंग स्थान खाली करना, जिससे कार्यालय परिसर में जगह का कुशल उपयोग सुनिश्चित होता है। |
| जागरूकता और भागीदारी | अधिकारियों के बीच स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए गतिविधियों का आयोजन, जो एक सकारात्मक संगठनात्मक संस्कृति को बढ़ावा देता है। |
| विशेष अभियान 5.0 का ढाँचा | सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को न्यूनतम करने के लिए एक संरचित दृष्टिकोण प्रदान करना। |
महत्व
प्रशासनिक दक्षता
- लंबित मामलों, विशेषकर जन शिकायतों और PMO संदर्भों को शून्य करना, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार का संकेत है।
- प्रक्रियाओं का सरलीकरण और प्रभावी रिकॉर्ड प्रबंधन प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करता है, जिससे निर्णय लेने में तेजी आती है।
सुशासन
- जन शिकायतों का त्वरित निपटान नागरिकों के प्रति सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता को दर्शाता है, जिससे सुशासन (Good Governance) को बढ़ावा मिलता है।
- स्वच्छता और स्थान प्रबंधन में सुधार एक सकारात्मक कार्य संस्कृति का निर्माण करता है, जो अंततः सार्वजनिक सेवा वितरण को प्रभावित करता है।
संसाधन प्रबंधन
- बेकार परिसंपत्तियों को स्क्रैप करके स्थान का बेहतर उपयोग करना संसाधनों के कुशल प्रबंधन का एक उदाहरण है।
- यह सरकारी कार्यालयों में संसाधनों के इष्टतम उपयोग के महत्व पर प्रकाश डालता है।
चुनौतियाँ
1. लंबित मामलों का स्थायी समाधान
- शून्य लंबित मामलों को बनाए रखना एक सतत चुनौती है, जिसके लिए निरंतर निगरानी और प्रक्रियागत सुधारों की आवश्यकता होती है।
- नए मामलों के प्रवाह को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना और उन्हें लंबित होने से रोकना महत्वपूर्ण है।
यूपीएससी लिंक: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही
2. स्वच्छता मानकों का संस्थागतकरण
- स्वच्छता पहलों को केवल अभियान तक सीमित न रखकर, उन्हें विभाग की दैनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न अंग बनाना।
- कर्मचारियों के बीच स्वच्छता के प्रति स्थायी जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन सुनिश्चित करना।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप
3. प्रौद्योगिकी का एकीकरण
- लंबित मामलों के प्रबंधन और स्वच्छता निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकों (जैसे AI/ML) का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करना।
- डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणालियों को और मजबूत करना।
यूपीएससी लिंक: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ई-गवर्नेंस
4. मानव संसाधन प्रशिक्षण
- कर्मचारियों को नई प्रक्रियाओं, रिकॉर्ड प्रबंधन तकनीकों और स्वच्छता प्रोटोकॉल में नियमित रूप से प्रशिक्षित करना।
- प्रशासनिक दक्षता के लिए आवश्यक कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करना।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास, शासन व्यवस्था
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| लंबित मामलों का निरंतर प्रवाह | नए मामलों के कारण शून्य लंबित स्थिति को बनाए रखने में चुनौती। |
| कर्मचारी प्रेरणा और भागीदारी | अभियानों के बाद भी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह को बनाए रखना। |
| बुनियादी ढाँचा और रखरखाव | स्वच्छता और स्थान प्रबंधन के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे के निरंतर रखरखाव और उन्नयन की आवश्यकता। |
| अंतर-विभागीय समन्वय | अन्य मंत्रालयों/विभागों से संबंधित लंबित मामलों के निपटान में समन्वय की चुनौतियाँ। |
आगे की राह
- लंबित मामलों के निपटान के लिए एक स्थायी तंत्र स्थापित करना, जिसमें नियमित निगरानी और जवाबदेही शामिल हो।
- प्रक्रियाओं के सरलीकरण और डिजिटलीकरण को और बढ़ावा देना ताकि भविष्य में लंबित मामलों को कम किया जा सके।
- स्वच्छता पहलों को केवल अभियानों तक सीमित न रखकर, उन्हें विभाग की दैनिक कार्यप्रणाली का एक अभिन्न अंग बनाना।
- कर्मचारियों के बीच स्वच्छता और कुशल कार्यप्रणाली के प्रति जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करना।
- परिसंपत्ति प्रबंधन और स्थान के उपयोग के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति विकसित करना, जिसमें नियमित ऑडिट और उन्नयन शामिल हो।
- जन शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए एक मजबूत शिकायत निवारण तंत्र को बनाए रखना और उसमें सुधार करना।
- प्रशासनिक दक्षता और सुशासन के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ाना, जैसे AI-आधारित समाधानों का अन्वेषण करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
विशेष अभियान · डीआईपीएएम · जन शिकायतें · प्रशासनिक दक्षता · स्वच्छता पहल · लंबित मामले · ई-गवर्नेंस · सार्वजनिक सेवा वितरण · जवाबदेही · सुशासन
अवधारणा प्रवाह
विशेष अभियान 5.0 का क्रियान्वयन → लंबित मामलों (जन शिकायतें, PMO संदर्भ) पर ध्यान केंद्रित → प्रक्रियाओं का सरलीकरण और स्वच्छता पहल → शून्य लंबित मामले और बेहतर कार्यालय प्रबंधन → प्रशासनिक दक्षता और सुशासन में वृद्धि → विशेष अभियान 6.0 की तैयारी
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) वित्त मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
2. विशेष अभियान 5.0 का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देना और लंबित मामलों को कम करना था।
3. DIPAM के पास कई संबद्ध या अधीनस्थ कार्यालय और स्वायत्त निकाय हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 और 2 सही हैं। DIPAM वित्त मंत्रालय के अधीन है और विशेष अभियान 5.0 का लक्ष्य स्वच्छता व लंबित मामलों को कम करना था। कथन 3 गलत है क्योंकि DIPAM के अधीन कोई संबद्ध या अधीनस्थ कार्यालय अथवा स्वायत्त निकाय नहीं है।
Q2. विशेष अभियान 5.0 के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कार्य DIPAM द्वारा किया गया/किए गए?
1. लंबित लोक शिकायतों का निपटान।
2. कार्यालय परिसर में यूरिनल सेंसर लगाना।
3. बेकार हो चुके वाहन को स्क्रैप करना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — DIPAM ने लंबित लोक शिकायतों का निपटान किया, कार्यालय परिसर में यूरिनल सेंसर लगाए और बेकार हो चुके वाहन को स्क्रैप किया, जिससे पार्किंग स्थान खाली हुआ। ये सभी कार्य विशेष अभियान 5.0 के तहत किए गए।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ सरकारी कार्यालयों में प्रशासनिक दक्षता और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार के लिए ‘विशेष अभियान’ जैसे पहल के महत्व का परीक्षण कीजिए। सुशासन प्राप्त करने में ऐसे अभियानों की भूमिका पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** ‘विशेष अभियान’ की अवधारणा और इसके उद्देश्यों का संक्षिप्त परिचय दें (जैसे स्वच्छता, लंबित मामलों का निपटान, रिकॉर्ड प्रबंधन)।
2. **प्रशासनिक दक्षता में सुधार:**
* लंबित मामलों में कमी (जन शिकायतें, अंतर-मंत्रालयी संदर्भ, संसदीय आश्वासन)।
* प्रक्रियाओं का सरलीकरण और प्रभावी रिकॉर्ड प्रबंधन।
* कार्यस्थल की स्वच्छता और बेहतर स्थान उपयोग।
* कर्मचारियों की जवाबदेही और कार्य संस्कृति में सुधार।
3. **सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार:**
* शिकायतों के त्वरित निपटान से नागरिकों का विश्वास बढ़ना।
* पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि।
* सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार।
4. **सुशासन प्राप्त करने में भूमिका:**
* ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के सिद्धांत को बढ़ावा देना।
* नागरिक-केंद्रित प्रशासन की स्थापना।
* भ्रष्टाचार में कमी और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता।
* संसाधनों का इष्टतम उपयोग।
* नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता और प्रतिक्रियाशीलता।
5. **चुनौतियाँ और आगे की राह:** ऐसे अभियानों की निरंतरता, संस्थागतकरण और व्यापकता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर संक्षिप्त टिप्पणी।
6. **निष्कर्ष:** प्रशासनिक सुधारों और सुशासन के लिए ऐसे अभियानों के महत्व को दोहराते हुए एक संतुलित निष्कर्ष।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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