यूपीएससी तैयारी: भूपेंद्र यादव ने बच्चों संग मनाया सेवा दिवस, ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया

केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने स्कूली बच्चों के साथ सेवा दिवस मनाया; ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीय — diagram

यूपीएससी तैयारी: भूपेंद्र यादव ने बच्चों संग मनाया सेवा दिवस, ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया

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सेवा संकल्प अभियान

✎ 'सेवा संकल्प अभियान' का उद्देश्य युवा पीढ़ी में सेवा भाव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है, जो संविधान के मौलिक कर्तव्यों के अनुरूप है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव-विविधता  |  GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
  • Prelims: सेवा संकल्प अभियान, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), इको-क्लब, पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण, सेवा भाव
  • Essay: पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी की भूमिका, युवा पीढ़ी और सामाजिक उत्तरदायित्व

त्वरित पुनरावृत्ति: ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य युवा पीढ़ी में सेवा भाव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है, जो संविधान के मौलिक कर्तव्यों के अनुरूप है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने हाल ही में नई दिल्ली में ‘सेवा संकल्प अभियान – आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों के साथ ‘सेवा दिवस’ मनाया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निःस्वार्थ सेवा-कार्य को स्मरण करने और समुदायों, विशेषकर युवा पीढ़ी, में सेवा भाव तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

पृष्ठभूमि

  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया गया था।
  • इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समुदायों, विशेषकर युवा पीढ़ी में निःस्वार्थ सेवा (सेवा भाव) की भावना को जागृत करना है।
  • अभियान का लक्ष्य वनों, वन्यजीवों, प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना भी है।
  • कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राएं, शिक्षक, इको-क्लब के सदस्य, सरकारी अधिकारी और स्थानीय समुदाय के लोग शामिल हुए।
  • स्कूली बच्चों ने पर्यावरण-विषयक गीत प्रस्तुत किए और पर्यावरण से संबंधित पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
  • इस कार्यक्रम में ज्ञान, आशा, सेवा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को युवा पीढ़ी द्वारा आगे बढ़ाए जाने के प्रतीक के रूप में दीयों को समाहित करते हुए एक विशाल रंगोली भी बनाई गई।

पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी का महत्व

  • पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection) केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, इसमें जनभागीदारी (Public Participation) अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • समुदायों, विशेषकर युवा पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना भविष्य के लिए आवश्यक है।
  • इको-क्लब (Eco-Club) जैसे मंच स्कूली बच्चों को पर्यावरण संबंधी गतिविधियों में शामिल होने और जागरूकता फैलाने का अवसर प्रदान करते हैं।
  • सेवा भाव (Spirit of Service) की भावना व्यक्तियों को समाज और पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने में मदद करती है।
  • वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Protection) और वन संरक्षण (Forest Conservation) पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं।
  • जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोग पर्यावरण के समक्ष चुनौतियों और उनके समाधान में अपनी भूमिका को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
  • भारत का संविधान भी अनुच्छेद 51A (g) के तहत प्रत्येक नागरिक को वनों, झीलों, नदियों और वन्यजीवों सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और उसमें सुधार करने तथा सभी जीवित प्राणियों के प्रति दया भाव रखने का मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duty) प्रदान करता है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
सेवा संकल्प अभियान – आशीर्वाद का दीया युवा पीढ़ी में निःस्वार्थ सेवा भाव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना।
सेवा दिवस का आयोजन प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निःस्वार्थ सेवा-कार्य को स्मरण करना और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
स्कूली बच्चों के साथ संवाद बच्चों को पर्यावरण, वन और वन्यजीव संरक्षण के महत्व से अवगत कराना तथा उनमें जिम्मेदारी की भावना विकसित करना।
रंगोली और पेंटिंग प्रदर्शनी ज्ञान, आशा, सेवा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रतीकों के माध्यम से युवा पीढ़ी को प्रेरित करना।
इको-क्लब के सदस्यों की भागीदारी पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और उन्हें नेतृत्व के अवसर प्रदान करना।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • यह अभियान युवा पीढ़ी में सेवा भाव (निःस्वार्थ सेवा) और सामुदायिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देता है, जो एक सुदृढ़ समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।
  • स्कूली बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर उनमें प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता उत्पन्न की जाती है, जिससे भविष्य में वे अधिक जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

पर्यावरणीय महत्व

  • यह कार्यक्रम वनों, वन्यजीवों और प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जो जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता हानि जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक है।
  • बच्चों को पर्यावरण-विषयक गतिविधियों में शामिल करके, जैसे कि पर्यावरण-गीत और पेंटिंग, उनमें पर्यावरणीय मुद्दों को समझने और उनके समाधान में योगदान करने की क्षमता विकसित होती है।

शासनिक महत्व

  • यह कार्यक्रम सरकार के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करता है, विशेषकर युवा वर्ग को इसमें शामिल करके।
  • यह मंत्रालय के अधिकारियों और स्थानीय समुदायों के बीच संवाद स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है, जिससे नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलती है।

चुनौतियाँ

1. जागरूकता का अभाव

  • देश के दूरदराज के क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और सेवा भाव के प्रति अभी भी व्यापक जागरूकता का अभाव है।
  • शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच पर्यावरणीय शिक्षा और जागरूकता के स्तर में अंतर मौजूद है।

2. सतत भागीदारी सुनिश्चित करना

  • केवल एक दिवसीय कार्यक्रम के बजाय, बच्चों और समुदायों की पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में दीर्घकालिक और सतत भागीदारी सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
  • स्कूलों में इको-क्लब जैसी पहल को पूरे वर्ष सक्रिय और प्रभावी बनाए रखना आवश्यक है।

3. संसाधनों की कमी

  • पर्यावरण शिक्षा और संरक्षण कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानवीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक चुनौती हो सकती है।
  • विशेषज्ञ शिक्षकों और सामग्री की कमी भी प्रभावी पर्यावरणीय शिक्षा में बाधा डाल सकती है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
पर्यावरणीय शिक्षा की पहुँच देश के सभी स्कूलों और क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण पर्यावरणीय शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों की पहुँच सुनिश्चित करना।
व्यवहार परिवर्तन केवल जागरूकता पैदा करने के बजाय, लोगों के दैनिक व्यवहार में पर्यावरण-अनुकूल परिवर्तन लाना एक बड़ी चुनौती है।
नीति और क्रियान्वयन का अंतर पर्यावरण संरक्षण से संबंधित नीतियों और उनके जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के बीच के अंतर को पाटना।
युवाओं का सक्रिय जुड़ाव युवा पीढ़ी को केवल कार्यक्रमों में शामिल करने के बजाय, उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से प्रेरित और सशक्त करना।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • राष्ट्रीय हरित कोर (इको-क्लब) योजना

आगे की राह

  • पर्यावरणीय शिक्षा को स्कूली पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनाना और इसे अनुभवात्मक सीखने (experiential learning) से जोड़ना।
  • इको-क्लबों को अधिक संसाधन और स्वायत्तता प्रदान कर उन्हें पूरे वर्ष सक्रिय रखना, ताकि वे स्थानीय पर्यावरणीय मुद्दों पर काम कर सकें।
  • स्थानीय समुदायों, गैर-सरकारी संगठनों और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी को मजबूत करना ताकि पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों की पहुँच और प्रभावशीलता बढ़ाई जा सके।
  • युवाओं के लिए पर्यावरण संरक्षण से संबंधित नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना, जिससे वे हरित अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकें।
  • पर्यावरण संरक्षण के महत्व को उजागर करने वाले नियमित जागरूकता अभियान चलाना, जिसमें डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग किया जाए।
  • वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के महत्व पर विशेष ध्यान देते हुए बच्चों के लिए क्षेत्रीय भ्रमण और प्रकृति शिविरों का आयोजन करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

पर्यावरण संरक्षण · वन्यजीव संरक्षण · सेवा भाव · युवा पीढ़ी · जागरूकता अभियान · सतत विकास · इको-क्लब · जलवायु परिवर्तन मंत्रालय

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 48क’, ‘note’: ‘पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 51क (छ)’, ‘note’: ‘पर्यावरण की रक्षा का मौलिक कर्तव्य’}

अवधारणा प्रवाह

पर्यावरण मंत्रालय द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन  →  स्कूली बच्चों और समुदायों की भागीदारी  →  पर्यावरण संरक्षण और निःस्वार्थ सेवा के प्रति जागरूकता  →  युवा पीढ़ी में पर्यावरणीय जिम्मेदारी का विकास  →  सतत विकास और हरित भविष्य की दिशा में योगदान

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन के लिए एक नोडल एजेंसी है।
2. ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य समुदायों, विशेषकर युवा पीढ़ी में निःस्वार्थ सेवा की भावना को बढ़ावा देना है।
3. इको-क्लब स्कूली बच्चों को पर्यावरण संबंधी गतिविधियों में शामिल करने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीनों
  4. कोई भी नहीं

उत्तर: सभी तीनों — कथन 1 सही है क्योंकि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) भारत सरकार की प्रमुख एजेंसी है जो देश में पर्यावरण और वन नीतियों के निर्माण और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है। कथन 2 सही है क्योंकि ‘सेवा संकल्प अभियान’ का मुख्य उद्देश्य निःस्वार्थ सेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कथन 3 सही है क्योंकि इको-क्लब स्कूलों में पर्यावरण जागरूकता और गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किए जाते हैं।

Q2. पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम किस वर्ष अधिनियमित किया गया था?

  1. 1972
  2. 1986
  3. 1992
  4. 2002

उत्तर: 1986 — पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 में अधिनियमित किया गया था। यह अधिनियम केंद्र सरकार को पर्यावरण की गुणवत्ता की सुरक्षा और सुधार के लिए व्यापक शक्तियां प्रदान करता है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ पर्यावरण संरक्षण में युवा पीढ़ी की भूमिका को बढ़ावा देने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ जैसे कार्यक्रमों का महत्व स्पष्ट कीजिए। भारत में सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) की प्राप्ति में ऐसे अभियान किस प्रकार सहायक हो सकते हैं? (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. ‘सेवा संकल्प अभियान’ का संक्षिप्त परिचय और उसके उद्देश्यों का उल्लेख।
2. पर्यावरण संरक्षण में युवा पीढ़ी की भूमिका का महत्व: जागरूकता निर्माण, व्यवहार परिवर्तन, भविष्य के नेतृत्व का विकास, नवीन विचारों का समावेश।
3. ऐसे अभियानों के माध्यम से युवा पीढ़ी को कैसे सशक्त किया जा सकता है: शिक्षा, सहभागिता, इको-क्लब, सामुदायिक जुड़ाव।
4. सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से संबंध: विशेष रूप से SDG 4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा), SDG 13 (जलवायु कार्रवाई), SDG 14 (जल के नीचे जीवन) और SDG 15 (भूमि पर जीवन) के संदर्भ में ऐसे अभियानों की प्रासंगिकता।
5. भारत में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में इन अभियानों की सहायता: जनभागीदारी, जमीनी स्तर पर परिवर्तन, दीर्घकालिक प्रभाव।
6. निष्कर्ष: भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्थायी वातावरण सुनिश्चित करने में ऐसे अभियानों की महत्वपूर्ण भूमिका।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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