AI कोष विश्वविद्यालय कार्यक्रम: एनआईटी आंध्र प्रदेश में AI प्रतिभा विकास

AI कोष विश्वविद्यालय कार्यक्रम: एनआईटी आंध्र प्रदेश में AI प्रतिभा विकास

AI कोष विश्वविद्यालय कार्यक्रम: एनआईटी आंध्र प्रदेश में AI प्रतिभा विकास

✎ इंडियाएआई मिशन भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में एक वैश्विक नेता बनाने और AI प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एक व्यापक सरकारी पहल है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन, नीतियां एवं हस्तक्षेप  |  GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भारतीय अर्थव्यवस्था
  • Prelims: इंडियाएआई मिशन, AIKosh विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल इंडिया कार्यक्रम, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
  • Essay: भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का भविष्य और समावेशी विकास, तकनीकी प्रगति और मानव संसाधन विकास: संतुलन की चुनौती

त्वरित पुनरावृत्ति: इंडियाएआई मिशन भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में एक वैश्विक नेता बनाने और AI प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एक व्यापक सरकारी पहल है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

इंडियाएआई मिशन (IndiaAI Mission) ने हाल ही में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), आंध्र प्रदेश में AIKosh विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य भारत के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और छात्रों तथा शोधकर्ताओं को AI के क्षेत्र में नवीनतम विकास से जोड़ना है। यह कार्यक्रम भारत को AI के क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पृष्ठभूमि

  • भारत सरकार ने देश में AI नवाचार और विकास को बढ़ावा देने के लिए इंडियाएआई मिशन की शुरुआत की है।
  • AIKosh कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य शैक्षणिक संस्थानों में AI से संबंधित अनुसंधान, विकास और कौशल निर्माण को प्रोत्साहित करना है।
  • भारत में AI क्षेत्र में एक मजबूत प्रतिभा पूल बनाने की आवश्यकता है ताकि देश तकनीकी आत्मनिर्भरता प्राप्त कर सके और वैश्विक AI परिदृश्य में प्रतिस्पर्धा कर सके।
  • यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) 2020 के अनुरूप है, जो उच्च शिक्षा में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर देती है।
  • डिजिटल इंडिया कार्यक्रम (Digital India Programme) के तहत AI को एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में देखा जा रहा है, जो विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल परिवर्तन को गति देगा।

इंडियाएआई मिशन क्या है?

  • इंडियाएआई मिशन भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसका उद्देश्य देश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र बनाना है।
  • इसका मुख्य फोकस AI अनुसंधान, विकास और अनुप्रयोगों को बढ़ावा देना है, ताकि आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण को गति मिल सके।
  • यह मिशन AI कंप्यूटिंग अवसंरचना, डेटासेट, AI अनुप्रयोगों और कौशल विकास पर केंद्रित है।
  • मिशन के तहत, भारत में AI प्रतिभा पूल को मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम और पहल शुरू की गई हैं, जिनमें शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग भी शामिल है।
  • इसका लक्ष्य सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में AI के उपयोग को बढ़ावा देना है, जिससे शासन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सुधार हो सके।
  • यह मिशन भारत को AI के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाने के लिए एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
AIKosh विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम भारत के AI प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र (Talent Ecosystem) को मजबूत करना
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), आंध्र प्रदेश में आयोजन क्षेत्रीय स्तर पर AI शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देना
इंडियाAI मिशन की पहल राष्ट्रीय स्तर पर AI विकास और नवाचार को गति देना
शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी छात्रों और संकाय सदस्यों को अत्याधुनिक AI तकनीकों से जोड़ना
AIKosh प्लेटफॉर्म का उपयोग AI डेटासेट और संसाधनों तक पहुँच प्रदान करना

महत्व

आर्थिक महत्व

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) उद्योग में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना।
  • AI-आधारित स्टार्टअप्स और नवाचार को बढ़ावा देकर आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को गति देना।
  • उच्च-कुशल AI पेशेवरों का निर्माण कर रोजगार के नए अवसर सृजित करना।

सामरिक महत्व

  • AI में आत्मनिर्भरता (Self-reliance) प्राप्त करना, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता के लिए महत्वपूर्ण है।
  • वैश्विक AI नवाचार में भारत की स्थिति को मजबूत करना और तकनीकी नेतृत्व स्थापित करना।
  • रक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में AI के अनुप्रयोगों को बढ़ावा देना।

सामाजिक महत्व

  • AI शिक्षा को सुलभ बनाकर डिजिटल विभाजन (Digital Divide) को कम करना।
  • AIKosh जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना, जिससे सामाजिक समस्याओं का समाधान हो सके।
  • युवाओं को भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए तैयार करना और कौशल विकास (Skill Development) को बढ़ावा देना।

शैक्षणिक महत्व

  • विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में AI के क्षेत्र में अत्याधुनिक पाठ्यक्रम और अनुसंधान को बढ़ावा देना।
  • छात्रों और संकाय सदस्यों को व्यावहारिक AI परियोजनाओं और डेटासेट तक पहुँच प्रदान करना।
  • उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को मजबूत करना, जिससे AI अनुसंधान को वास्तविक दुनिया की समस्याओं से जोड़ा जा सके।

चुनौतियाँ

1. कुशल कार्यबल की कमी

  • भारत में AI विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं की मांग आपूर्ति से अधिक है।
  • उच्च गुणवत्ता वाले AI शिक्षा कार्यक्रमों और प्रशिक्षण सुविधाओं की कमी।

2. डेटा उपलब्धता और गुणवत्ता

  • AI मॉडल के प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त और विविध डेटासेट की कमी।
  • उपलब्ध डेटा की गुणवत्ता और प्रासंगिकता एक चुनौती बनी हुई है।

3. बुनियादी ढाँचा और कंप्यूटिंग शक्ति

  • AI अनुसंधान और विकास के लिए आवश्यक उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (High-Performance Computing) बुनियादी ढांचे की कमी।
  • छोटे संस्थानों और स्टार्टअप्स के लिए महंगे कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुँच एक बाधा है।

4. नैतिक और नियामक चिंताएँ

  • AI के उपयोग से जुड़े नैतिक मुद्दे, जैसे गोपनीयता (Privacy), पूर्वाग्रह (Bias) और जवाबदेही (Accountability)।
  • AI के लिए एक व्यापक नियामक ढाँचे की कमी।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
AI प्रतिभा का पलायन भारत से कुशल AI पेशेवरों का विदेशों में पलायन।
अनुसंधान और विकास में निवेश सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों से AI अनुसंधान में अपर्याप्त निवेश।
उद्योग-अकादमिक अंतराल उद्योग की जरूरतों और शैक्षणिक पाठ्यक्रम के बीच बेमेल।
डेटा गोपनीयता और सुरक्षा AI सिस्टम में उपयोग किए जाने वाले व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करना।
AI का दुरुपयोग AI प्रौद्योगिकियों के संभावित दुर्भावनापूर्ण उपयोग को रोकना।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • इंडियाAI मिशन (IndiaAI Mission)

आगे की राह

  • AI शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में निवेश बढ़ाना, विशेषकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में।
  • AIKosh जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले, विविध और सुलभ डेटासेट की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • AI अनुसंधान और विकास के लिए आवश्यक कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और इसे सभी संस्थानों के लिए सुलभ बनाना।
  • AI के नैतिक उपयोग और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत नियामक ढाँचा विकसित करना।
  • उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के बीच सहयोग को बढ़ावा देना ताकि AI नवाचार को गति मिल सके।
  • AI में महिला भागीदारी को प्रोत्साहित करना और समावेशी AI पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से वैश्विक AI सर्वोत्तम प्रथाओं और मानकों को अपनाना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

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अवधारणा प्रवाह

इंडियाAI मिशन की पहल  →  AIKosh विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन  →  शैक्षणिक संस्थानों में AI शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा  →  भारत के AI प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र का सुदृढ़ीकरण  →  राष्ट्रीय AI क्षमता और नवाचार में वृद्धि

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इंडियाएआई मिशन (IndiaAI Mission) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) के तहत एक पहल है।
2. AIKosh विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।
3. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) का संबंध कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास से है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। इंडियाएआई मिशन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लक्ष्य भारत को वैश्विक एआई केंद्र बनाना है। कथन 2 भी सही है। AIKosh विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में एआई कौशल और अनुसंधान को बढ़ावा देना है। कथन 3 गलत है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का संबंध हरित हाइड्रोजन उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने से है, न कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से।

Q2. भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विकास और उपयोग से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

  1. भारत का लक्ष्य केवल रक्षा क्षेत्र में एआई का उपयोग करना है।
  2. एआई के विकास में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) की कोई भूमिका नहीं है।
  3. एआई का उपयोग स्वास्थ्य सेवा, कृषि और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) और सामाजिक विकास को बढ़ावा दे सकता है।
  4. भारत में एआई के लिए कोई राष्ट्रीय नीति या मिशन नहीं है।

उत्तर: एआई का उपयोग स्वास्थ्य सेवा, कृषि और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) और सामाजिक विकास को बढ़ावा दे सकता है। — विकल्प C सबसे उपयुक्त है। एआई में स्वास्थ्य सेवा, कृषि, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में नवाचार और दक्षता लाकर आर्थिक संवृद्धि और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने की अपार क्षमता है। विकल्प A गलत है क्योंकि भारत विभिन्न क्षेत्रों में एआई का उपयोग कर रहा है। विकल्प B गलत है क्योंकि एआई के विकास में सार्वजनिक-निजी भागीदारी महत्वपूर्ण है। विकल्प D गलत है क्योंकि भारत में इंडियाएआई मिशन जैसी पहलें हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ इंडियाएआई मिशन के प्रमुख उद्देश्यों पर चर्चा कीजिए और भारत के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में AIKosh विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: उत्तर की शुरुआत इंडियाएआई मिशन के संक्षिप्त परिचय से करें। इसके बाद मिशन के प्रमुख उद्देश्यों को विस्तार से बताएं, जैसे कि एआई नवाचार, कौशल विकास, डेटासेट निर्माण और अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना। दूसरे भाग में, AIKosh विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम की भूमिका का मूल्यांकन करें, जिसमें विश्वविद्यालयों के साथ जुड़ाव, छात्रों और संकाय सदस्यों को प्रशिक्षित करना, एआई कौशल अंतर को कम करना और भारत को वैश्विक एआई केंद्र बनाने में इसका योगदान शामिल हो। उत्तर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy 2020) और डिजिटल इंडिया (Digital India) जैसी संबंधित सरकारी पहलों का भी उल्लेख किया जा सकता है। निष्कर्ष में, भारत के एआई भविष्य के लिए इन पहलों के महत्व पर प्रकाश डालें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

Andhra Pradesh PCS (APPSC) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: भारतएआई मिशन के अंतर्गत ‘AIKosh विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम’ का आयोजन किस संस्थान में किया गया था, जिसका उद्देश्य आंध्र प्रदेश में एआई प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है?

  1. A. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास
  2. B. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आंध्र प्रदेश
  3. C. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, काकीनाडा
  4. D. आंध्र विश्वविद्यालय, विशाखापत्तनम

उत्तर: B. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आंध्र प्रदेश — AIKosh विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आंध्र प्रदेश में किया गया था, जिसका उद्देश्य राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना है।

Mains: भारतएआई मिशन के अंतर्गत ‘AIKosh विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम’ आंध्र प्रदेश में एआई प्रतिभा विकास को किस प्रकार प्रभावित करेगा? राज्य में एआई पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक उपायों पर चर्चा कीजिए।


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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