23 Oct भारत को AI में ‘मालिक’ बनना है तो किराया वसूलना होगा
✎ डेटा केंद्र की मेज़बानी से अवसंरचना और डेटा संप्रभुता मिलती है, परंतु वास्तविक आर्थिक लाभ और रणनीतिक स्वायत्तता के लिए भारत को फ्रंटियर मॉडल, हार्डवेयर और अनुसंधान एवं विकास जैसे उच्च मूल्य-संवर्धन चरणों में भी उपस्थिति बढ़ानी…
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — अंतरराष्ट्रीय संबंध (निर्यात नियंत्रण, रणनीतिक स्वायत्तता, तकनीकी प्रभुत्व) | GS Paper III — अर्थव्यवस्था (सेवा निर्यात, रोजगार, अनुसंधान एवं विकास (R&D) निवेश, विदेशी निवेश का स्वरूप) | GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (AI, कंप्यूटिंग अवसंरचना, डेटा संप्रभुता)
- Prelims: फ्रंटियर AI मॉडल और उनकी निर्माण-क्षमता, निर्यात नियंत्रण (Export Controls) और उनका प्रभाव, IndiaAI Mission: शासी मंत्रालय MeitY, साझा कंप्यूट अवसंरचना (GPU), डेटा केंद्र (Data Centre) और डेटा संप्रभुता, वैश्विक क्षमता केंद्र (Global Capability Centre), ICRIER सर्वेक्षण: प्रवेश-स्तर रोजगार में गिरावट का निष्कर्ष, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023, भारत के GDP के प्रतिशत के रूप में अनुसंधान एवं विकास व्यय
- Essay: तकनीकी संप्रभुता: विदेशी निर्भरता के बीच भारत की रणनीति, स्वचालन के युग में सेवा-निर्यात मॉडल और रोजगार का भविष्य
त्वरित पुनरावृत्ति: डेटा केंद्र की मेज़बानी से अवसंरचना और डेटा संप्रभुता मिलती है, परंतु वास्तविक आर्थिक लाभ और रणनीतिक स्वायत्तता के लिए भारत को फ्रंटियर मॉडल, हार्डवेयर और अनुसंधान एवं विकास जैसे उच्च मूल्य-संवर्धन चरणों में भी उपस्थिति बढ़ानी होगी।
यह खबर चर्चा में क्यों?
Anthropic द्वारा अमेरिकी वाणिज्य विभाग (US Department of Commerce) के निर्यात नियंत्रणों के अनुपालन में अपने फ्रंटियर मॉडलों तक पहुँच अस्थायी रूप से निलंबित करने की घटना ने यह स्पष्ट किया कि उन्नत AI मॉडलों की पहुँच पर नियंत्रण उन्हीं देशों के पास है जहाँ ये मॉडल बनते हैं। इसी संदर्भ में यह तर्क सामने आया है कि भारत में डेटा केंद्र स्थापित करना आवश्यक तो है, परंतु यदि उन पर चलने वाले मॉडल विदेशी स्वामित्व में हों, तो आर्थिक लाभ सीमित रह सकते हैं, क्योंकि हार्डवेयर आयातित होता है और अधिकांश रोजगार निर्माण-चरण में ही सृजित होते हैं। साथ ही, ICRIER के सर्वेक्षण में प्रवेश-स्तर रोजगार में कमी की प्रवृत्ति दिखी है, जो भारत के सेवा-निर्यात मॉडल के लिए चिंता का विषय है।
पृष्ठभूमि
- भारत का IT सेवा-निर्यात मॉडल मुख्यतः विकसित देशों में बने सॉफ़्टवेयर को अनुकूलित करने और उसके रखरखाव पर आधारित रहा है। AI द्वारा कोड लिखने, परीक्षण करने और रखरखाव करने की क्षमता विकसित होने से यह श्रम-आधारित लाभ प्रभावित हो सकता है।
- भारत का अनुसंधान एवं विकास व्यय FY24 में GDP का लगभग 0.84 प्रतिशत रहा, जबकि चीन में यह लगभग 2.6 प्रतिशत और अमेरिका में लगभग 3.4 प्रतिशत था। यह अंतर घरेलू फ्रंटियर मॉडल विकसित करने की नींव की कमी को दर्शाता है।
- IndiaAI Mission 2024 में आरंभ हुई, जिसका पाँच वर्ष का बजट लगभग 1.2 अरब डॉलर बताया गया है। इसके अंतर्गत साझा कंप्यूट अवसंरचना में 45,000 से अधिक GPU स्टार्ट-अप और शोधकर्ताओं के लिए रियायती दरों पर उपलब्ध कराए गए हैं।
- वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCC) के विस्तार के बावजूद ICRIER सर्वेक्षण (नवंबर 2025 से जनवरी 2026) में 651 IT फर्मों में से 55 प्रतिशत ने प्रवेश-स्तर रोजगार में गिरावट बताई, जबकि वरिष्ठ-स्तर का रोजगार अपेक्षाकृत स्थिर रहा।
- नीति-विमर्श में अब ध्यान घरेलू मॉडल निर्माण से हटकर डेटा केंद्रों को आकर्षित करने की ओर जाता दिख रहा है। भारत में स्थित डेटा केंद्रों के उपयोग हेतु पात्र विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को सुविधाएँ देने की पहल का भी उल्लेख इसी संदर्भ में होता है।
फ्रंटियर AI, डेटा केंद्र और AI मूल्य-श्रृंखला क्या है?
- AI मूल्य-श्रृंखला (AI Value Chain) में कई चरण होते हैं: हार्डवेयर (GPU और चिप), डेटा और कंप्यूट अवसंरचना (डेटा केंद्र), फ्रंटियर मॉडल का निर्माण, मॉडल पर आधारित अनुप्रयोग तथा सेवाएँ। इनमें से मॉडल निर्माण और हार्डवेयर डिज़ाइन सर्वाधिक मूल्य-संवर्धन वाले चरण माने जाते हैं।
- फ्रंटियर मॉडल वे अत्यंत उन्नत AI प्रणालियाँ हैं जिन्हें बड़े पैमाने पर कंप्यूट, डेटा और विशेषज्ञ शोध की आवश्यकता होती है। इनके प्रशिक्षण और अनुमान (inference) की लागत अत्यधिक होती है।
- डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) का अर्थ है कि नागरिकों और संस्थाओं का डेटा उस देश के विधिक ढाँचे के अधीन रहे। इसके लिए डेटा का स्थानीय संग्रह और प्रसंस्करण महत्त्वपूर्ण माना जाता है।
- डेटा केंद्र भौतिक अवसंरचना हैं, जहाँ सर्वर, भंडारण और नेटवर्क उपकरण रखे जाते हैं। इनकी स्थापना से निर्माण-चरण में रोजगार और निवेश आता है, परंतु संचालन-चरण में स्थायी रोजगार अपेक्षाकृत सीमित होता है।
- निर्यात नियंत्रण वे विधिक उपाय हैं जिनके द्वारा कोई देश उन्नत प्रौद्योगिकी, हार्डवेयर या सॉफ़्टवेयर के हस्तांतरण और पहुँच को सीमित करता है। इससे विदेशों में स्थित उपयोगकर्ताओं की सेवाएँ अचानक प्रभावित हो सकती हैं।
- IndiaAI Mission का नोडल मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) है। इसका उद्देश्य स्वदेशी AI क्षमता, साझा कंप्यूट और डेटा संसाधनों तक सस्ती पहुँच तथा AI प्रतिभा का विकास करना है।
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 व्यक्तिगत डेटा के संग्रह और प्रसंस्करण से जुड़े दायित्व निर्धारित करता है, जो डेटा प्रशासन के विधिक ढाँचे का एक भाग है।
मुख्य विशेषताएँ
| Feature | Significance |
|---|---|
| अग्रणी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) मॉडल पर नियंत्रण | अमेरिका और चीन के अपने अग्रणी मॉडल हैं, जबकि भारत के पास नहीं हैं। इसलिए इन मॉडलों तक पहुँच किस देश के हाथ में है, यह रणनीतिक प्रश्न बन गया है। |
| निर्यात नियंत्रण का प्रभाव | अमेरिकी वाणिज्य विभाग के निर्यात नियंत्रणों के कारण जून में एक अमेरिकी AI कंपनी ने अपने अग्रणी मॉडलों तक पहुँच निलंबित की। लगभग तीन सप्ताह में नियंत्रण हटे, पर इससे यह स्पष्ट हुआ कि ऐसी तकनीक की पहुँच पर बाहरी नियंत्रण संभव है। |
| अनुसंधान एवं विकास (Research and Development / R&D) व्यय | FY24 में भारत का अनुसंधान एवं विकास व्यय GDP का लगभग 0.84 प्रतिशत रहा, जबकि चीन में 2.6 प्रतिशत और अमेरिका में 3.4 प्रतिशत। यह अंतर घरेलू अग्रणी मॉडल के आधार की कमज़ोरी को दर्शाता है। |
| IndiaAI मिशन | वर्ष 2024 में शुरू हुए इस मिशन का पाँच वर्षीय बजट लगभग 1.2 बिलियन डॉलर है। इसके साझा कंप्यूट ढाँचे में 45,000 से अधिक GPU रियायती दरों पर भारतीय स्टार्टअप और शोधकर्ताओं को उपलब्ध हैं। |
| डेटा केंद्र (Data Centres) की भूमिका | डेटा केंद्र घरेलू AI मॉडलों के प्रशिक्षण और डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) दोनों के लिए आवश्यक हैं। परंतु इनका शुद्ध आर्थिक लाभ तभी बढ़ता है जब इन पर चलने वाले मॉडल भी भारतीय स्वामित्व में हों। |
महत्व
रणनीतिक (Strategic)
- डेटा और कंप्यूट पर भारतीय नियंत्रण से बाहरी दबाव के समय सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित होती है।
- डेटा संप्रभुता से संवेदनशील नागरिक और शासन-संबंधी डेटा देश की विधिक सीमा के भीतर रहता है।
आर्थिक (Economic)
- डेटा केंद्रों से पूँजी निवेश आता है, पर अधिकांश हार्डवेयर आयातित होने से घरेलू मूल्य वर्धन सीमित रहता है।
- मॉडल और सॉफ़्टवेयर के स्वामित्व से रॉयल्टी और उच्च-मूल्य सेवाओं का लाभ देश में रह सकता है, जिसे लेख में ‘किराया’ के रूपक से समझाया गया है।
तकनीकी (Technological)
- अग्रणी मॉडल के विकास के लिए आधारभूत अनुसंधान, प्रतिभा और निरंतर निवेश की आवश्यकता है, केवल व्यय बढ़ाना पर्याप्त नहीं।
- सार्वजनिक साझा कंप्यूट से स्टार्टअप और शोधकर्ताओं को प्रवेश-बाधा कम होती है।
रोज़गार (Employment)
- AI से सॉफ़्टवेयर-कोडिंग और परीक्षण जैसे कार्य स्वचालित हो रहे हैं, जिससे IT सेवा निर्यात का श्रम-लाभ प्रभावित हो सकता है।
- वैश्विक क्षमता केंद्र (Global Capability Centres) का विस्तार जारी है, पर उच्च-कौशल और वरिष्ठ पदों की स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर है।
चुनौतियाँ
1. निम्न अनुसंधान एवं विकास आधार
- GDP के अनुपात में अनुसंधान एवं विकास व्यय चीन और अमेरिका की तुलना में काफ़ी कम है।
- विश्वविद्यालय-उद्योग सहयोग और मौलिक शोध की संस्कृति अभी विकसित होने की प्रक्रिया में है, जिससे अग्रणी मॉडल का आधार नहीं बन पाता।
यूपीएससी लिंक: GS-3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का विकास; नवाचार और अनुसंधान
2. IT सेवा मॉडल पर दबाव
- भारतीय IT फर्में अब तक विकसित देशों के सॉफ़्टवेयर को अनुकूलित और अनुरक्षित करके लाभ कमाती रहीं।
- AI द्वारा कोड लिखने, परीक्षण और रखरखाव के स्वचालन से यह श्रम-आधारित लाभ घट सकता है।
यूपीएससी लिंक: GS-3: भारतीय अर्थव्यवस्था; सेवा क्षेत्र और सेवा निर्यात
3. प्रवेश-स्तर रोज़गार में गिरावट
- ICRIER के सर्वेक्षण (651 IT फर्में, 10 शहर, नवंबर 2025 से जनवरी 2026) में 55 प्रतिशत फर्मों ने प्रवेश-स्तर रोज़गार में कमी बताई।
- नौकरी-हानि मुख्यतः सहायता और प्रवेश-स्तर भूमिकाओं में केंद्रित है, जबकि वरिष्ठ स्तर लगभग स्थिर है।
यूपीएससी लिंक: GS-3: रोज़गार; तकनीकी बेरोज़गारी; GS-2: श्रम संबंधी नीतियाँ
4. कम मूल्य श्रृंखला में फँसने का जोखिम
- केवल डेटा केंद्रों की मेज़बानी करने से भारत मूल्य श्रृंखला की सबसे कम मूल्य-वर्धन वाली कड़ी तक सीमित रह सकता है।
- मॉडल, सॉफ़्टवेयर और प्लेटफ़ॉर्म पर विदेशी स्वामित्व से लाभ का बड़ा हिस्सा बाहर चला जाता है।
यूपीएससी लिंक: GS-3: विदेशी निवेश की भूमिका; औद्योगिक नीति
5. आयातित हार्डवेयर और सीमित स्थानीय रोज़गार
- डेटा केंद्रों का अधिकांश उपकरण आयातित होता है, जिससे घरेलू मूल्य वर्धन और विनिर्माण लाभ सीमित रहते हैं।
- परिचालन-काल में स्थायी रोज़गार कम होता है, और अधिकांश रोज़गार निर्माण-काल तक ही रहता है।
यूपीएससी लिंक: GS-3: विनिर्माण क्षेत्र; आयात निर्भरता और आत्मनिर्भरता
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| Issue | Concern |
|---|---|
| तकनीकी संप्रभुता | निर्यात नियंत्रणों के कारण अग्रणी मॉडलों की पहुँच बाहरी निर्णयों पर निर्भर हो सकती है। |
| अनुसंधान एवं विकास निवेश | GDP के 0.84 प्रतिशत के स्तर पर घरेलू अग्रणी मॉडल के लिए आवश्यक पूँजी और प्रतिभा जुटाना कठिन है। |
| प्रवेश-स्तर रोज़गार | 55 प्रतिशत फर्मों द्वारा कमी की सूचना से युवा कर्मियों के लिए अवसर घटने का खतरा है। |
| मूल्य श्रृंखला की स्थिति | डेटा केंद्र की मेज़बानी तक सीमित रहने से उच्च-मूल्य सेवाओं और बौद्धिक संपदा का लाभ बाहर जा सकता है। |
| डेटा केंद्र से स्थानीय लाभ | आयातित हार्डवेयर और निर्माण-केंद्रित रोज़गार के कारण स्थायी आर्थिक लाभ सीमित रहता है। |
| IndiaAI मिशन का पैमाना | मिशन का बजट और कंप्यूट वैश्विक अग्रणी कंपनियों के संसाधनों की तुलना में सीमित है। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- IndiaAI मिशन (IndiaAI Mission)
आगे की राह
- अनुसंधान एवं विकास व्यय को चरणबद्ध ढंग से बढ़ाकर निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करना, ताकि GDP के अनुपात में अंतर घटे।
- डेटा केंद्र संबंधी प्रोत्साहनों के साथ घरेलू मॉडल विकास और स्थानीय स्वामित्व की शर्तों को जोड़ना।
- IndiaAI मिशन के साझा कंप्यूट का उपयोग विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप और शोध संस्थानों तक व्यापक रूप से पहुँचाना।
- मॉडल, डेटासेट और अनुप्रयोग स्तर पर भारतीय भाषाओं और क्षेत्रीय आवश्यकताओं पर केंद्रित घरेलू नवाचार को बढ़ावा देना।
- IT कंपनियों को पुनर्कौशल (Reskilling) और उन्नयन कार्यक्रमों के माध्यम से AI-आधारित भूमिकाओं के लिए तैयार करना।
- प्रवेश-स्तर रोज़गार पर प्रभाव का नियमित आँकड़ा संग्रह करके श्रम नीति को साक्ष्य के आधार पर समायोजित करना।
- महत्वपूर्ण हार्डवेयर और घटकों के स्थानीय विनिर्माण व आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण पर ध्यान देना।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बहुपक्षीय मंचों पर निर्यात नियंत्रण से उत्पन्न जोखिमों के समाधान की दिशा में भागीदारी बढ़ाना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) · आंकड़ा संप्रभुता (Data Sovereignty) · आंकड़ा केंद्र (Data Centre) · मूल्य श्रृंखला (Value Chain) · इंडियाएआई मिशन (IndiaAI Mission) · अग्रणी मॉडल (Frontier Models) · निर्यात नियंत्रण (Export Controls) · अनुसंधान एवं विकास (R&D) · डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (Digital Personal Data Protection Act, 2023) · सेवा निर्यात मॉडल (Services Export Model) · आंकड़ा स्थानीयकरण (Data Localisation) · रोजगार की संरचना (Employment Structure)
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- अनुच्छेद 21 — निजता और डेटा संरक्षण से संबंध
- अनुच्छेद 51क(ज) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सुधार की भावना
- सातवीं अनुसूची, संघ सूची (प्रविष्टि 41) — विदेशी व्यापार और निर्यात नियंत्रण
अवधारणा प्रवाह
अग्रणी AI मॉडल मुख्यतः अमेरिका और चीन में विकसित होते हैं। → निर्यात नियंत्रण से विदेशी मॉडलों तक पहुँच अस्थायी रूप से बाधित हो सकती है। → भारत में अनुसंधान एवं विकास व्यय कम होने से घरेलू अग्रणी मॉडल का आधार कमज़ोर रहता है। → डेटा केंद्र आकर्षित होते हैं, पर मॉडल और उनका स्वामित्व प्रायः विदेशी रहते हैं। → आयातित हार्डवेयर और निर्माण-काल तक सीमित रोज़गार से स्थानीय मूल्य वर्धन घटता है। → AI से IT सेवा निर्यात और प्रवेश-स्तर रोज़गार पर दबाव बढ़ता है। → नीति का लक्ष्य अनुसंधान, स्वामित्व और कौशल के माध्यम से मूल्य श्रृंखला में ऊपर जाना है।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 केंद्रीय सरकार को यह शक्ति देता है कि वह अधिसूचित देशों या क्षेत्रों में व्यक्तिगत डेटा के हस्तांतरण पर प्रतिबंध लगा सके।
2. इस अधिनियम के अंतर्गत भारतीय नागरिकों का सभी व्यक्तिगत डेटा अनिवार्य रूप से केवल भारत के भीतर संग्रहित करना होगा।
3. इस अधिनियम के अंतर्गत भारत में डेटा संरक्षण बोर्ड (Data Protection Board of India) के गठन का प्रावधान है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- सभी
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है: धारा 16 के अंतर्गत केंद्र सरकार प्रतिबंधित देशों की सूची (negative list) अधिसूचित कर सकती है। कथन 2 गलत है, क्योंकि इस अधिनियम में सभी व्यक्तिगत डेटा के लिए अनिवार्य स्थानीयकरण का प्रावधान नहीं है। कथन 3 सही है: अधिनियम डेटा संरक्षण बोर्ड के गठन का प्रावधान करता है, जो उल्लंघनों पर निर्णय देता है। अतः उत्तर ‘केवल दो’ है।
Q2. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (A): आंकड़ा केंद्रों में भारी निवेश होने के बावजूद उनसे दीर्घकालिक रोजगार सीमित सृजित होता है।
कारण (R): आंकड़ा केंद्र परियोजनाओं में अधिकांश रोजगार निर्माण चरण में उत्पन्न होता है, जबकि संचालन के लिए अपेक्षाकृत कम स्थायी कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है, किंतु (R) गलत है।
- (A) गलत है, किंतु (R) सही है।
उत्तर: (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है। — आंकड़ा केंद्रों का निर्माण श्रम-प्रधान होता है, जबकि उनका संचालन पूंजी-प्रधान और स्वचालित होता है। इसलिए निर्माण चरण का रोजगार अस्थायी होता है और दीर्घकालिक रोजगार सीमित रहता है। कारण (R) इसी तथ्य की व्याख्या करता है, अतः विकल्प (a) सही है।
Q3. निम्नलिखित सूचियों का सुमेलन कीजिए:
सूची-I (संस्था)
1. भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (CERT-In)
2. भारत का डेटा संरक्षण बोर्ड (Data Protection Board of India)
3. दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI)
4. राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (NCIIPC)
सूची-II (कार्य/प्रावधान)
A. डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के अंतर्गत उल्लंघनों पर निर्णय देना
B. दूरसंचार अधिनियम, 1997 के अंतर्गत टैरिफ और अंतर्संबंधन (interconnection) का विनियमन
C. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70A के अंतर्गत महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना का संरक्षण
D. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70B के अंतर्गत राष्ट्रीय साइबर घटना प्रतिक्रिया
सही सुमेलन चुनिए:
- 1-D, 2-A, 3-B, 4-C
- 1-A, 2-D, 3-C, 4-B
- 1-D, 2-C, 3-A, 4-B
- 1-B, 2-A, 3-D, 4-C
उत्तर: 1-D, 2-A, 3-B, 4-C — CERT-In सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 70B के अंतर्गत राष्ट्रीय एजेंसी है (D)। डेटा संरक्षण बोर्ड DPDP अधिनियम के उल्लंघनों पर निर्णय देता है (A)। TRAI दूरसंचार क्षेत्र का विनियमन करता है (B)। NCIIPC धारा 70A के अंतर्गत महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा करता है (C)।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ अभिकथन है कि आंकड़ा केंद्रों की मेज़बानी से भारत आंकड़ा संप्रभुता तो प्राप्त कर सकता है, किंतु जब उन पर चलने वाले कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल विदेशी स्वामित्व के हों, तो देश को शुद्ध आर्थिक लाभ सीमित मिलता है। इस दृष्टिकोण का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। साथ ही बताइए कि भारत मूल्य श्रृंखला में ऊपर बढ़ने के लिए कौन-से नीतिगत उपकरण अपना सकता है। (15 Marks)
रूपरेखा: उत्तर की संरचना निम्नलिखित बिंदुओं पर होनी चाहिए:
1. भूमिका: मूल्य श्रृंखला (Value Chain) की अवधारणा, जिसे माइकल पोर्टर ने लोकप्रिय बनाया। आंकड़ा केंद्र को निम्नतम मूल्य-वर्धन वाली कड़ी माना जा सकता है, जबकि मॉडल विकास और नवाचार उच्चतम मूल्य वाली कड़ियाँ हैं। समाचार में उल्लिखित तथ्य: जून में एक अमेरिकी एआई कंपनी द्वारा निर्यात नियंत्रण के कारण सेवा निलंबन की घटना, जो दर्शाती है कि अग्रणी मॉडलों पर नियंत्रण किनके पास है।
2. आंकड़ा संप्रभुता के पक्ष: डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 की धारा 16 (हस्तांतरण पर प्रतिबंध वाली सूची), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 43A और 72A; भुगतान डेटा स्थानीयकरण पर भारतीय रिज़र्व बैंक के 2018 के निर्देश; संवेदनशील डेटा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के तर्क।
3. आर्थिक लाभ की सीमाएँ: आंकड़ा केंद्र का अधिकांश रोजगार निर्माण चरण में होता है और संचालन में स्थायी कर्मचारी कम लगते हैं। हार्डवेयर (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट, GPU) का आयात होता है, जिससे घरेलू मूल्य-वर्धन घटता है। मॉडल का स्वामित्व और लाभ विदेशी कंपनी के पास रहता है। अतः भूमि, बिजली और कर-रियायतों के बदले सीमित प्रतिफल मिलता है।
4. समर्थन में तर्क और प्रतिपक्ष: आंकड़ा केंद्र निवेश आकर्षित करते हैं, डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करते हैं और घरेलू स्टार्टअप को कंप्यूट सुविधा देते हैं। इस दृष्टि से ‘किराया’ (rent) का तर्क उचित है, अर्थात् रियायतों को शर्तों से जोड़ा जाए।
5. भारत की तुलनात्मक स्थिति: GERD लगभग 0.84 प्रतिशत GDP (FY24), जबकि चीन में 2.6 प्रतिशत और अमेरिका में 3.4 प्रतिशत। चीन का अनुभव बताता है कि केवल व्यय बढ़ाना पर्याप्त नहीं, बल्कि अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना आवश्यक है।
6. इंडियाएआई मिशन: वर्ष 2024 में आरंभ, लगभग 1.2 अरब डॉलर का पांच-वर्षीय बजट, और 45,000 से अधिक GPU सुविधा, जिसे अभिकथन के संदर्भ में ‘आरंभिक किंतु सीमित’ माना गया है। इसकी तुलना OpenAI और Anthropic के अनुमानित वार्षिक व्यय से की जा सकती है, परंतु सीधी तुलना सावधानी से करनी चाहिए।
7. नीतिगत उपाय: घरेलू मॉडल विकास के लिए सार्वजनिक-निजी अनुसंधान साझेदारी, कंप्यूट संसाधनों की साझा उपलब्धता, प्रतिभा विकास, डेटा-आधारित सार्वजनिक मॉडल, प्रोत्साहन को स्थानीय मूल्य-वर्धन, स्थानीय स्वामित्व और तकनीक-हस्तांतरण की शर्तों से जोड़ना, तथा IT सेवा क्षेत्र को एआई-आधारित सेवाओं में उन्नत करना।
8. संतुलित निष्कर्ष: आंकड़ा केंद्र आवश्यक अवसंरचना हैं, पर उन्हें स्वयं लक्ष्य न मानकर मूल्य-श्रृंखला के उच्च स्तरों पर क्षमता निर्माण के साधन के रूप में देखना चाहिए। शर्तहीन मेज़बानी और पूर्ण आत्मनिर्भरता दोनों के बीच संतुलन आवश्यक है।
स्रोत: The Indian Express
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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