विशेष अभियान 6: कपड़ा आयुक्त कार्यालय ने सफाई और दक्षता में बढ़ाया योगदान

विशेष अभियान 6: कपड़ा आयुक्त कार्यालय ने सफाई और दक्षता में बढ़ाया योगदान

विशेष अभियान 6: कपड़ा आयुक्त कार्यालय ने सफाई और दक्षता में बढ़ाया योगदान

विशेष अभियान 6 प्रक्रियाअभियान अवधि2-31 अक्टूबर 2026स्वच्छता शपथअधिकारियों को शपथकचरा पृथक्करणअलग-अलग बिन रखेई-कचरा पहचान100+ वस्तुओं की पहचाननिपटानपुरानी वस्तुओं का निपटान
विशेष अभियान 6 प्रक्रिया

✎ ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) पर आधारित हैं, और स्रोत पर कचरा पृथक्करण इनका मूल आधार है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — पर्यावरण (ई-कचरा प्रबंधन, विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व, चक्रीय अर्थव्यवस्था)  |  GS Paper III — अर्थव्यवस्था (वस्त्र उद्योग, संसाधन दक्षता और पुनर्चक्रण)  |  GS Paper II — शासन (प्रशासनिक सुधार, सरकारी कार्यालयों की दक्षता, लंबित मामलों में कमी)
  • Prelims: विशेष अभियान 6 (Special Campaign 6) और इसकी अवधि (2 से 31 अक्टूबर 2026), ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 — पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत, विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (Extended Producer Responsibility – EPR), चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) की अवधारणा, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board – CPCB) की भूमिका, वस्त्र आयुक्त कार्यालय की भूमिका और वस्त्र मंत्रालय के अधीनस्थ संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (Public Sector Undertakings – PSUs) और सरकारी कार्यालयों में ग्रीन ऑफिस की अवधारणा
  • Essay: सरकारी कार्यालय से समाज तक: शासन में स्वच्छता और व्यवहार-परिवर्तन की भूमिका, कचरे से संसाधन की ओर: चक्रीय अर्थव्यवस्था और इलेक्ट्रॉनिक तथा वस्त्र अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियाँ

त्वरित पुनरावृत्ति: ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) पर आधारित हैं, और स्रोत पर कचरा पृथक्करण इनका मूल आधार है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

वस्त्र मंत्रालय 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6 चला रहा है। इसका उद्देश्य मंत्रालय के संगठनों और अधीनस्थ कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देना, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, लंबित कार्यों को कम करना और फालतू सामान तथा ई-कचरे का प्रभावी निपटान करना है। 23 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि वस्त्र आयुक्त कार्यालय ने इस अभियान को लागू करने में अपना योगदान दिया है। अभियान के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई, कार्यालयों में वस्त्र अपशिष्ट और ई-कचरे के लिए अलग-अलग संग्रह बिन रखे गए, इनडोर पौधों की देखभाल की गई तथा ई-कचरा प्रबंधन नियमों के तहत 100 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं (पुराने कंप्यूटर, प्रिंटर, लैपटॉप आदि) की पहचान निपटान के लिए की गई। यह खबर सरकारी कार्यालयों में हरित कार्यप्रणाली और कचरा पृथक्करण के व्यावहारिक स्वरूप को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

पृष्ठभूमि

  • भारत में सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं। इनका उद्देश्य लंबित फाइलों और पुराने सामान का निपटान करने के साथ कार्यस्थल पर व्यवहार में बदलाव लाना होता है। विशेष अभियान 6 इसी श्रृंखला का एक चरण है।
  • ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 के अंतर्गत विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) का सिद्धांत लागू होता है, जिसमें उत्पादक अपने उत्पादों के जीवन-चक्र के अंत तक उनके निपटान की जिम्मेदारी लेते हैं। ये नियम पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत बने हैं। इन्हें अधिनियम नहीं, बल्कि नियम कहा जाता है।
  • ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 में स्रोत पर कचरे के पृथक्करण (Segregation at Source) को आधार माना गया है। कार्यालयों में अलग-अलग बिन रखना इसी सिद्धांत का व्यावहारिक रूप है।
  • चक्रीय अर्थव्यवस्था में उत्पादन, पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण और रिकवरी पर बल दिया जाता है, ताकि संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो और अपशिष्ट कम से कम उत्पन्न हो। वस्त्र उद्योग में भी यह अवधारणा प्रासंगिक हो रही है, क्योंकि पुराने कपड़ों का पुनर्चक्रण संसाधन-दक्षता से जुड़ा है।
  • भारत में मिशन लाइफ (Mission LiFE — Lifestyle for Environment) जैसी पहलें सतत उपभोग और पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार को बढ़ावा देती हैं। सरकारी कार्यालयों का हरित व्यवहार इसी व्यापक नीतिगत दृष्टि का हिस्सा माना जा सकता है।

विशेष अभियान 6 और कार्यालयी हरित पहल क्या है?

  • विशेष अभियान 6 वस्त्र मंत्रालय और उसके अधीनस्थ कार्यालयों, संगठनों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में चलाया जा रहा एक समयबद्ध देशव्यापी अभियान है, जिसकी अवधि 2 से 31 अक्टूबर 2026 है।
  • इसके प्रमुख लक्ष्य हैं: स्वच्छता को बढ़ावा देना, प्रशासनिक दक्षता में सुधार, लंबित कार्यों में कमी और फालतू सामान तथा ई-कचरे का सुरक्षित निपटान।
  • वस्त्र अपशिष्ट के लिए अलग संग्रह केंद्र बनाए गए हैं, ताकि पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण योग्य कपड़े अलग किए जा सकें। यह चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांत के अनुरूप है।
  • ई-कचरे का संग्रहण ऐसे तरीकों से किया जाता है जो ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुसार अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं तक सुरक्षित पहुँच सुनिश्चित करें। कार्यालय स्वयं ई-कचरे का निपटान नहीं करते, बल्कि अधिकृत माध्यमों से करवाते हैं।
  • सरकारी कार्यालय ई-कचरा नियमों के अंतर्गत बल्क उपभोक्ता (Bulk Consumer) की श्रेणी में आ सकते हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
  • इनडोर पौधों की देखभाल और जल-व्यवस्था जैसी छोटी गतिविधियाँ हरित कार्यालय (Green Office) की अवधारणा का हिस्सा हैं, जो कर्मचारियों में पर्यावरण-चेतना विकसित करती हैं।
  • स्वच्छता की शपथ और “स्वच्छता में सहयोग” जैसी भावना यह दर्शाती है कि सफाई केवल सफाई कर्मचारियों की नहीं, बल्कि सामूहिक नागरिक-दायित्व है।
  • ई-कचरे और कपड़ा अपशिष्ट के संदर्भ में यह अभियान स्रोत पर पृथक्करण, पुनर्चक्रण और उत्तरदायी निपटान की नीतिगत दिशा को व्यावहारिक स्तर पर लागू करने का उदाहरण है।

मुख्य विशेषताएँ

Feature Significance
विशेष अभियान 6 (Special Campaign 6): 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला देशव्यापी अभियान, जिसे कपड़ा मंत्रालय अपने संगठनों और अधीनस्थ कार्यालयों में लागू कर रहा है सफाई, प्रशासनिक दक्षता, लंबित कार्यों में कमी और फालतू सामान के निपटान को एक साथ लक्ष्य बनाने वाली समन्वित सरकारी पहल
कपड़ा आयुक्त कार्यालय की भागीदारी: कार्यालय ने अभियान को सफलतापूर्वक लागू करने में अपना योगदान दिया और स्वच्छता, सुशासन तथा सतत कार्यालय प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई अधीनस्थ कार्यालय स्तर पर लक्ष्यों का स्थानीय क्रियान्वयन, जिससे मंत्रालय की नीति और कार्यालयी व्यवहार के बीच संबंध दिखता है
कपड़े के कचरे के लिए “बेकार कपड़ों का पुनर्चक्रण” लिखा हरित संग्रह बिन पुराने और अनुपयोगी कपड़ों को पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण की ओर मोड़ना, जो चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) की अवधारणा से जुड़ा है
ई-कचरे के लिए अलग लाल संग्रह बिन और 100 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं (पुराने कंप्यूटर, प्रिंटर, लैपटॉप) की पहचान ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुरूप सुरक्षित संग्रह, अधिकृत हैंडलिंग और वैज्ञानिक निपटान की दिशा में पहला व्यावहारिक कदम
इनडोर पौधों की देखभाल और पानी देने की गतिविधि (01.10.2026) कार्यस्थल पर पर्यावरण-जागरूकता और छोटी, दैनिक हरित आदतों को बढ़ावा देना
अधिकारियों और कर्मचारियों की स्वच्छता शपथ और “स्वच्छता में सहयोग” की भावना सफाई को केवल सफाई कर्मचारियों की नहीं, बल्कि सामूहिक कार्यालयी जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना

महत्व

पर्यावरणीय (Environmental)

  • ई-कचरे का अलग संग्रह और अधिकृत निपटान भूमि, जल और वायु प्रदूषण को कम करता है, क्योंकि ई-कचरे में सीसा, पारा और कैडमियम जैसे घातक तत्व हो सकते हैं।
  • कपड़ा क्षेत्र विश्व में जल और रसायन का अधिक उपयोग करने वाले उद्योगों में गिना जाता है; कपड़ों का पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग इस दबाव को कुछ हद तक घटाता है।
  • कार्यालय परिसर में पौधों की देखभाल से स्थानीय हरित आवरण और पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार को बढ़ावा मिलता है।

प्रशासनिक (Administrative)

  • लंबित कार्यों में कमी और फालतू अभिलेखों का व्यवस्थित निपटान फाइल प्रबंधन और सेवा-वितरण की गति को सुधारता है।
  • पुराने सामान को सूची बनाकर हटाने से कार्यालय की परिसंपत्तियों (Assets) का सही लेखा-जोखा बनता है।
  • सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग से सुशासन के सिद्धांत मजबूत होते हैं।

आर्थिक एवं चक्रीय अर्थव्यवस्था (Economic and Circular Economy)

  • चक्रीय अर्थव्यवस्था में उत्पाद के जीवन-चक्र के अंत में भी मूल्य निकालने पर बल दिया जाता है; कपड़ा और ई-कचरे की रिकवरी इसी का उदाहरण है।
  • ई-कचरे से धातुओं (जैसे तांबा, सोना, चांदी) की पुनर्प्राप्ति से कच्चे माल पर निर्भरता घटती है और आयात का दबाव कम हो सकता है।
  • असंगठित क्षेत्र में ई-कचरे के अनौपचारिक प्रसंस्करण के बजाय औपचारिक, अधिकृत चैनल में कचरा जाने से रोजगार की गुणवत्ता और कानूनी अनुपालन दोनों सुधरते हैं।

चुनौतियाँ

1. ई-कचरे का अनौपचारिक प्रसंस्करण

  • ई-कचरे का बड़ा हिस्सा अब भी असंगठित क्षेत्र में, बिना सुरक्षा उपायों के, खुले में जलाकर या तोड़कर निपटाया जाता है।
  • सरकारी कार्यालयों से निकला ई-कचरा अधिकृत संग्रहकर्ताओं और पुनर्चक्रकों तक सही तरह पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए ट्रेसेबिलिटी (Traceability) की व्यवस्था आवश्यक है।

2. कपड़ा कचरे के पुनर्चक्रण की तकनीकी सीमाएं

  • मिश्रित रेशों (जैसे पॉलिएस्टर और कॉटन का मिश्रण) को अलग करना तकनीकी और आर्थिक रूप से कठिन है, इसलिए बहुत-सा कपड़ा अब भी पुनर्चक्रित नहीं हो पाता।
  • पुराने कपड़ों का पुन: उपयोग (जैसे चिथड़े, गैर-बुने उत्पाद) तभी व्यावहारिक होता है जब उसकी संगठित बाजार-व्यवस्था हो।

3. अभियान-आधारित बनाम निरंतर व्यवहार परिवर्तन

  • समय-सीमित अभियान (जैसे 2 से 31 अक्टूबर) से तात्कालिक सफाई होती है, पर स्थायी कार्य-संस्कृति के लिए निरंतर निगरानी और प्रोत्साहन आवश्यक है।
  • कर्मचारियों की भागीदारी प्रतीकात्मक शपथ और गतिविधियों से आगे बढ़कर नियमित प्रक्रियाओं में बदलनी चाहिए।

4. अभिलेख प्रबंधन और निपटान के बीच संतुलन

  • लंबित काम कम करने के लिए फाइलें हटाते समय यह ध्यान रखना होता है कि ऐतिहासिक या कानूनी महत्व वाले अभिलेख नष्ट न हों।
  • निपटान की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि जवाबदेही बनी रहे।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

Issue Concern
ई-कचरे का असंगठित निपटान स्वास्थ्य और पर्यावरण जोखिम; अधिकृत पुनर्चक्रकों तक पहुंच की कमी
मिश्रित कपड़ा सामग्री पुनर्चक्रण की तकनीकी कठिनाई; बड़ी मात्रा का अनुपयोगी रह जाना
अभियान की निरंतरता अक्टूबर के बाद व्यवहार में गिरावट का खतरा
पुनर्चक्रण की औपचारिक बाजार-व्यवस्था पुराने कपड़ों और ई-कचरे के लिए स्थिर और पारदर्शी खरीदार-नेटवर्क का अभाव
अभिलेखों का अनुचित निपटान महत्वपूर्ण रिकॉर्ड के नष्ट होने और जवाबदेही में कमी का जोखिम
मापन और प्रभाव-मूल्यांकन लंबित कार्यों में कमी और संग्रहित कचरे की मात्रा का व्यवस्थित आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं

आगे की राह

  • ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अंतर्गत उत्पादकों की विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (Extended Producer Responsibility) की जिम्मेदारी को सरकारी कार्यालयों की खरीद और निपटान प्रक्रिया से जोड़ा जाए।
  • कार्यालयों से निकले ई-कचरे और पुराने कपड़ों के लिए केवल अधिकृत संग्रहकर्ताओं और पुनर्चक्रकों को सौंपने की अनिवार्य प्रक्रिया और रिकॉर्ड-रखरखाव तय किया जाए।
  • अभियान के आंकड़े (संग्रहित मात्रा, निपटाए गए लंबित मामले, पहचानी गई वस्तुएं) नियमित रूप से दर्ज और सार्वजनिक किए जाएं, ताकि प्रभाव का मूल्यांकन हो सके।
  • स्वच्छता और हरित कार्यालय व्यवहार को वार्षिक कार्य-मूल्यांकन और प्रशासनिक प्रोत्साहन से जोड़कर स्थायी बनाया जाए।
  • अभिलेख निपटान से पहले सूची, समीक्षा और अनुमोदन की स्पष्ट प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि महत्वपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित रहें।
  • कपड़ा पुनर्चक्रण के लिए मिश्रित रेशों को अलग करने की तकनीक और छोटे उद्यमों के लिए संग्रह-नेटवर्क के विकास को प्रोत्साहित किया जाए।
  • आम नागरिकों और उपभोक्ताओं के बीच भी कपड़ा दान, मरम्मत और पुन: उपयोग की संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कचरा उत्पादन स्रोत पर ही घटे।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

विशेष अभियान 6 (Special Campaign 6) · सतत कार्यालय प्रबंधन · ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 (E-Waste (Management) Rules, 2022) · विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (Extended Producer Responsibility – EPR) · चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) · 3R सिद्धांत (Reduce, Reuse, Recycle) · अनुच्छेद 48A और अनुच्छेद 51A(छ) · पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 · केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) · स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) · प्रशासनिक दक्षता और शासन में सुधार · सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • अनुच्छेद 48A (Article 48A): राज्य पर्यावरण की रक्षा और सुधार का प्रयास करेगा
  • अनुच्छेद 51A(g) (Article 51A(g)): प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार का मौलिक कर्तव्य

अवधारणा प्रवाह

विशेष अभियान 6 (2 से 31 अक्टूबर 2026) की घोषणा: स्वच्छता, दक्षता, लंबित कार्य-निपटान और फालतू सामान के निपटान के लक्ष्य तय  →  मंत्रालय और अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा शपथ, जागरूकता और दैनिक गतिविधियों (पौधों की देखभाल) का आयोजन  →  कपड़े और ई-कचरे के लिए अलग संग्रह बिन लगाकर स्रोत पर ही कचरे का वर्गीकरण  →  वर्गीकृत कचरे को ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 और चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों के अनुसार अधिकृत पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग की ओर भेजना  →  कार्यालयी दक्षता, पर्यावरण-संरक्षण और सतत कार्यालय प्रबंधन के परिणाम; आंकड़ों के आधार पर भविष्य की नीति का मूल्यांकन

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत बनाए गए हैं।
2. ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 में विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) की व्यवस्था है।
3. ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 का प्रशासनिक नियंत्रण वस्त्र मंत्रालय के पास है।

उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. सभी

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है: ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 की शक्तियों के अंतर्गत बने हैं। कथन 2 सही है: इन नियमों में उत्पादकों, विघटकों और पुनर्चक्रणकर्ताओं के लिए EPR का प्रावधान है। कथन 3 गलत है: इनका प्रशासनिक नियंत्रण पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के पास है, वस्त्र मंत्रालय के पास नहीं।

Q2. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (A): चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांत कपड़ा सामग्री के पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग को प्रोत्साहित करते हैं।
कारण (R): चक्रीय अर्थव्यवस्था का उद्देश्य उत्पादों और सामग्रियों को यथासंभव लंबे समय तक उपयोग में बनाए रखकर अपशिष्ट को कम करना है।

उपर्युक्त के संदर्भ में सही उत्तर चुनिए:

  1. (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
  2. (b) (A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  3. (c) (A) सही है, परंतु (R) गलत है।
  4. (d) (A) गलत है, परंतु (R) सही है।

उत्तर: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है। — चक्रीय अर्थव्यवस्था में उत्पाद-जीवन को बढ़ाना, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण पर बल दिया जाता है, इसलिए (A) सही है। यही सिद्धांत (R) में बताया गया है, जो (A) की सीधी व्याख्या करता है। कपड़ा क्षेत्र में 3R सिद्धांत इसी तर्क से जुड़ा है।

Q3. निम्नलिखित सुमेलन पर विचार कीजिए:

सूची I (संवैधानिक/विधिक प्रावधान)
A. अनुच्छेद 48A
B. अनुच्छेद 51A(छ)
C. पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986

सूची II (विषय-वस्तु)
1. राज्य द्वारा पर्यावरण के संरक्षण और सुधार का नीति-निर्देश
2. प्रत्येक नागरिक का मूल कर्तव्य: प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और उसका संवर्धन
3. पर्यावरण संरक्षण से संबंधित व्यापक केंद्रीय विधि

सही सुमेलन चुनिए:

  1. A-2, B-1, C-3
  2. A-1, B-2, C-3
  3. A-1, B-3, C-2
  4. A-3, B-2, C-1

उत्तर: A-1, B-2, C-3 — अनुच्छेद 48A राज्य के लिए राज्य नीति का निदेशक तत्व है, जो पर्यावरण संरक्षण और सुधार की बात करता है (सूची II: 1)। अनुच्छेद 51A(छ) मूल कर्तव्य है, जो प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और संवर्धन से जुड़ा है (सूची II: 2)। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 पर्यावरण से जुड़ी व्यापक केंद्रीय विधि है (सूची II: 3)।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता अभियान और ई-कचरा का व्यवस्थित निपटान शासन में सतत विकास के व्यावहारिक रूप माने जाते हैं। चक्रीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में इस दृष्टिकोण का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। साथ ही यह भी बताइए कि विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) के अभाव में केवल कार्यालय-स्तरीय संग्रहण से ई-कचरा समस्या का समाधान क्यों सीमित रहेगा। (15 Marks)

रूपरेखा: उत्तर की संरचना इस प्रकार होनी चाहिए:

1. भूमिका: वस्त्र मंत्रालय का विशेष अभियान 6 (2–31 अक्टूबर 2026) का उद्देश्य, जिसमें स्वच्छता, प्रशासनिक दक्षता, लंबित कार्य में कमी और ई-कचरा व पुराने कपड़ों का निपटान शामिल है। इसे स्वच्छ भारत मिशन की भावना से जोड़ें।

2. संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 48A (राज्य का पर्यावरण संरक्षण का नीति-निर्देश) और अनुच्छेद 51A(छ) (नागरिकों का मूल कर्तव्य)। सरकारी कर्मचारी भी नागरिक होने के नाते इस कर्तव्य से बंधे हैं, इस तर्क को स्पष्ट करें।

3. विधिक ढाँचा: पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की शक्तियों के अंतर्गत ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 में उत्पादक, विघटक और पुनर्चक्रणकर्ता की भूमिका; केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी; सुरक्षित संग्रहण और अधिकृत निपटान की अनिवार्यता।

4. समालोचनात्मक परीक्षण:
– पक्ष: कार्यालय स्तर पर पृथक् संग्रहण (हरे, लाल बिन) से नागरिक व्यवहार बदलता है और सरकार ‘उदाहरण प्रस्तुत करने वाला उपभोक्ता’ बनती है।
– सीमाएँ: यह अभियान सीमित अवधि का है; इसका प्रभाव प्रायः प्रतीकात्मक और परिणाम-आधारित मापन के अभाव से ग्रस्त रहता है।

5. चक्रीय अर्थव्यवस्था की दृष्टि: 3R सिद्धांत (Reduce, Reuse, Recycle) के अनुसार पहला चरण ‘कम उत्पादन और अपव्यय में कमी’ है, जबकि कार्यालय-स्तरीय पुनर्चक्रण केवल अंतिम चरण को संबोधित करता है।

6. EPR का प्रश्न: ई-कचरा नियमों में EPR उत्पादक पर उत्तरदायित्व डालता है, इसलिए उपभोक्ता/कार्यालय द्वारा संग्रहण को पूरे चक्र का समाधान नहीं माना जा सकता। कपड़ा अपशिष्ट के लिए ऐसा व्यापक EPR ढाँचा अभी सीमित है, इस पर सावधानी से टिप्पणी करें।

7. न्यायिक दृष्टिकोण: Almitra H. Patel बनाम भारत संघ (2000) में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नगरपालिका ठोस अपशिष्ट के प्रबंधन पर दिए गए निर्देशों का उल्लेख, जो सार्वजनिक निकायों की जवाबदेही को रेखांकित करते हैं।

8. संतुलित निष्कर्ष: कार्यालय-स्तरीय अभियान आदत-निर्माण और जवाबदेही का आरंभिक औज़ार हैं; स्थायी समाधान के लिए EPR, संग्रहण-पुनर्चक्रण की अधिकृत श्रृंखला, नियमित निगरानी और डेटा-आधारित मूल्यांकन आवश्यक हैं। अंत में ‘कार्यालय में सफाई’ और ‘आपूर्ति-श्रृंखला में ज़िम्मेदारी’ के अंतर को स्पष्ट करके सीमित लेकिन सार्थक योगदान का आकलन करें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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