नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विशेष अभियान 6 में 70% प्रगति हासिल की

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विशेष अभियान 6 में 70% प्रगति हासिल की

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विशेष अभियान 6 में 70% प्रगति हासिल की

विशेष अभियान 6 प्रक्रियाअभियान अवधि2-31 अक्टूबर 2026स्वच्छता कार्यकार्यालय, गलियारे, कैंटीनअभिलेख समीक्षाभौतिक रिकॉर्ड छंटाईई-कचरा पहचानअनुपयोगी सामग्री निपटानलंबित मामले निपटाननागरिक शिकायतें
विशेष अभियान 6 प्रक्रिया

✎ विशेष अभियान 6 (2 से 31 अक्टूबर 2026) DARPG द्वारा शासित सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन, ई-कचरा निपटान और लंबित मामलों के न्यूनतमकरण का समयबद्ध कार्यक्रम है, जिसकी स्थायी सफलता जवाबदेही की संस्कृति पर निर्भर है।

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन (प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत निवारण, सरकारी कार्यतंत्र की जवाबदेही)  |  GS Paper III — पर्यावरण (ई-कचरा प्रबंधन) और ऊर्जा (नवीकरणीय ऊर्जा संस्थाएँ)
  • Prelims: विशेष अभियान 6 (Special Campaign 6) और DARPG की भूमिका, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG), CPGRAMS (केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली), ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 (E-Waste (Management) Rules, 2022), लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 (Public Records Act, 1993), IREDA (भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड) — एक मिनी-रत्न NBFC के रूप में कार्य, SECI (सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) और NIWE, चेन्नई, NISE (गुरुग्राम), NIWE (चेन्नई) और SSS-NIBE (कपूरथला) के कार्यक्षेत्र
  • Essay: सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और अभिलेख प्रबंधन: प्रशासनिक दक्षता की नींव, लोक सेवा में जवाबदेही और लंबित मामलों का निपटान: सुशासन की कसौटी

त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6 (2 से 31 अक्टूबर 2026) DARPG द्वारा शासित सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन, ई-कचरा निपटान और लंबित मामलों के न्यूनतमकरण का समयबद्ध कार्यक्रम है, जिसकी स्थायी सफलता जवाबदेही की संस्कृति पर निर्भर है।

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

यह खबर चर्चा में क्यों?

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा शुरू किए गए विशेष अभियान 6 को अपने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSU) और स्वायत्त संस्थानों के साथ मिलकर लागू किया है। यह अभियान 2 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है। इसके अंतर्गत कार्यालयों, गलियारों और कैंटीन की स्वच्छता, भौतिक अभिलेखों की समीक्षा और छंटाई, अनुपयोगी सामग्री की निकासी, ई-कचरे की पहचान तथा लंबित मामलों का निपटान शामिल है। मंत्रालय के अनुसार निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले लगभग 60-70 प्रतिशत प्रगति हासिल हुई है। समाचार में इस अभियान को केवल सफाई-कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत स्वरूप देने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

पृष्ठभूमि

  • भारत में सरकारी कार्यालयों में अभिलेखों के संग्रहण और निपटान की व्यवस्था मुख्य रूप से लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 और अभिलेखागार से संबंधित नियमों द्वारा निर्देशित होती है। केंद्र सरकार के अभिलेखों के संरक्षण में राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India) की प्रमुख भूमिका है।
  • DARPG नागरिक-केंद्रित प्रशासन, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत निवारण से संबंधित नीतियों का नोडल विभाग है। CPGRAMS उसकी प्रमुख डिजिटल प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं और उसकी प्रगति की निगरानी की जा सकती है।
  • ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) के सिद्धांत पर आधारित हैं, जिसके अंतर्गत उत्पादक, आयातक और उपभोक्ता अपने-अपने स्तर पर ई-कचरे के संग्रह और पुनर्चक्रण के लिए उत्तरदायी हैं। सरकारी कार्यालयों में पुराने उपकरणों का निपटान इन्हीं दिशा-निर्देशों के अनुसार होना अपेक्षित है।
  • भारत का नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र कई सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा संचालित होता है। IREDA वित्तपोषण का कार्य करती है, SECI सौर और पवन ऊर्जा की नीलामी और विद्युत क्रय से जुड़ा है, जबकि NISE, NIWE और SSS-NIBE अनुसंधान, परीक्षण और प्रशिक्षण में संलग्न हैं।
  • सार्वजनिक क्षेत्र में लंबित मामलों की समस्या और फाइलों के ढेर को कम करने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं। ऐसे अभियान कार्यालयीन कार्यसंस्कृति में सुधार की दिशा में एक सामयिक, किंतु सीमित उपाय माने जाते हैं, क्योंकि उनकी स्थायी सफलता निरंतरता और जवाबदेही पर निर्भर करती है।

विशेष अभियान 6 क्या है?

  • विशेष अभियान 6 DARPG द्वारा प्रारंभ की गई विशेष अभियानों की श्रृंखला का एक चरण है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटान को संस्थागत रूप देना है।
  • इस अभियान के चार प्रमुख आयाम हैं: कार्यालय परिसर की स्वच्छता, भौतिक अभिलेखों की समीक्षा और छंटाई, कार्यालयीन स्थान का इष्टतम उपयोग, तथा लंबित मामलों का न्यूनतम स्तर।
  • अनुपयोगी सामग्री की निकासी और ई-कचरे की पहचान व निपटान लागू दिशा-निर्देशों, विशेषकर ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुसार किए जाते हैं।
  • यह अभियान 2 अक्टूबर 2026 को शुरू होकर 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, अर्थात यह एक सीमित समयावधि का कार्यक्रम है।
  • MNRE इसे अपने CPSU IREDA और SECI तथा तीन स्वायत्त संस्थानों NISE (राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान), NIWE (राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान) और SSS-NIBE (सरदार स्वर्ण सिंह राष्ट्रीय जैव-ऊर्जा संस्थान) के साथ मिलकर लागू कर रहा है।
  • लोक सेवा में अभिलेख प्रबंधन का मूल उद्देश्य पारदर्शिता, त्वरित निर्णय और सूचना की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जो सुशासन के आधारभूत तत्व हैं।
  • संविधान का अनुच्छेद 51क(छ) नागरिकों से पर्यावरण की रक्षा और सुधार करने का कर्तव्य अपेक्षित करता है, जबकि अनुच्छेद 48क राज्य को पर्यावरण संरक्षण का निर्देश देता है।

मुख्य विशेषताएँ

Feature Significance
अभियान का स्वरूप प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा शुरू किया गया सरकारी कार्यालयों के लिए समयबद्ध विशेष अभियान, जो 2 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा
भागीदार संस्थाएँ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), इसके दो केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (CPSU) इरेडा (IREDA) और सेकी (SECI), तथा तीन स्वायत्त संस्थान: राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE), राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (NIWE) और सरदार स्वर्ण सिंह राष्ट्रीय जैव-ऊर्जा संस्थान (SSS-NIBE)
मुख्य गतिविधियाँ कार्यालयों, गलियारों और कैंटीन में स्वच्छता; भौतिक अभिलेखों की समीक्षा और छंटाई; अनुपयोगी सामग्री का निष्कासन; लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार ई-कचरे (E-waste) की पहचान और निपटान
प्रगति निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले लगभग 60-70 प्रतिशत (विज्ञप्ति के शीर्षक में लगभग 70 प्रतिशत उल्लिखित)
मूल उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत स्वरूप देना और लंबित मामलों को न्यूनतम करना

महत्व

प्रशासनिक सुधार (Administrative Reform)

  • कार्यालयीन स्थान और अभिलेखों के कुशल प्रबंधन से फाइलों की आवाजाही तेज होती है और निर्णय-प्रक्रिया में देरी घटती है
  • लंबित मामलों का निपटान नागरिक शिकायतों के समाधान से सीधे जुड़ा है, क्योंकि DARPG नागरिक शिकायत निवारण की नोडल एजेंसी है
  • सरकारी कार्यालयों की कार्य-संस्कृति में जवाबदेही को संस्थागत रूप देने का प्रयास किया गया है

पर्यावरणीय (Environmental)

  • ई-कचरे की पहचान और उसका निपटान ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अंतर्गत होता है, जो पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत बने हैं
  • सरकारी कार्यालय स्वयं उपभोक्ता के रूप में ई-कचरे का बड़ा स्रोत होते हैं, इसलिए उनका सुरक्षित निपटान पर्यावरणीय उत्तरदायित्व का व्यावहारिक उदाहरण है

अभिलेख प्रबंधन (Records Management)

  • भौतिक अभिलेखों की समीक्षा और छंटाई सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 के दायरे में, निर्धारित धारण-अवधि (Retention Schedule) के अनुसार की जानी चाहिए
  • केंद्रीय सरकारी अभिलेखों का संरक्षक राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India) है, इसलिए छंटाई के दौरान ऐतिहासिक महत्व के अभिलेखों की पहचान आवश्यक है

संस्थागत एवं नीतिगत (Institutional and Policy)

  • नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की नोडल एजेंसियों द्वारा अपने कार्यालय में अनुशासन लागू करने से संगठनात्मक विश्वसनीयता बढ़ती है
  • एक ही मंत्रालय और उसके संबद्ध संगठनों का साझा अभियान अंतर-संस्थागत समन्वय का उदाहरण है

चुनौतियाँ

1. अभिलेख छंटाई में विधिक और ऐतिहासिक सावधानी

  • अभिलेख नष्ट करने से पहले यह तय करना जरूरी है कि वे सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम और धारण-नियमों के अनुसार अनावश्यक हैं या नहीं
  • गलत छंटाई से साक्ष्य, नीति-इतिहास या भविष्य के मुकदमों के लिए आवश्यक दस्तावेज खो सकते हैं
  • जल्दबाजी में चलाए गए अभियान में अभिलेखों की गुणवत्ता की तुलना में मात्रा पर ध्यान अधिक जा सकता है

2. ई-कचरे का सुरक्षित और वैज्ञानिक निपटान

  • ई-कचरे में सीसा, पारा और कैडमियम जैसे घातक तत्व होते हैं, जो अनौपचारिक तरीके से निपटाए जाने पर मिट्टी और जल को दूषित करते हैं
  • केवल प्राधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं (Authorised Recyclers) के माध्यम से निपटान सुनिश्चित करना व्यावहारिक चुनौती है
  • उत्पादकों की विस्तारित उत्तरदायित्व (EPR) व्यवस्था के साथ सरकारी कार्यालयों के ई-कचरे का समन्वय आवश्यक है

3. अभियान-आधारित स्वच्छता बनाम स्थायी कार्य-संस्कृति

  • समयबद्ध अभियान समाप्त होते ही कार्यालयों में पुरानी आदतें लौट आने का जोखिम रहता है
  • स्वच्छता और कार्यस्थल-प्रबंधन को आदत बनाने के लिए निरंतर निगरानी और प्रोत्साहन-तंत्र चाहिए
  • कर्मचारियों की व्यवहारगत भागीदारी के बिना संस्थागत बदलाव सीमित रहता है

4. प्रगति मापन और मूल्यांकन की सीमाएँ

  • 60-70 प्रतिशत प्रगति का आधार संस्थानों द्वारा स्वयं दिया गया आँकड़ा प्रतीत होता है, जिसके लिए एकसमान मापदंड स्पष्ट नहीं हैं
  • लंबित मामलों की संख्या घटाने और उनके गुणात्मक निपटान में अंतर हो सकता है, क्योंकि कुछ मामले केवल वर्गीकरण बदलकर कम दिखाए जा सकते हैं
  • स्वतंत्र ऑडिट और सार्वजनिक रिपोर्टिंग के बिना प्रभाव का आकलन कठिन है

5. भौतिक और डिजिटल अभिलेखों का द्वंद्व

  • सरकारी कार्यालयों में भौतिक फाइलें अब भी प्रचलित हैं, जबकि डिजिटलीकरण की प्रक्रिया असमान है
  • बिना मानकीकृत डिजिटल अभिलेख-प्रणाली के भौतिक छंटाई से सूचना के स्थानांतरण में त्रुटि का खतरा रहता है

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

Issue Concern
अभिलेख छंटाई धारण-नियमों के उल्लंघन से साक्ष्य और ऐतिहासिक दस्तावेजों की हानि का खतरा
ई-कचरा निपटान अनौपचारिक निपटान से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर प्रभाव; प्राधिकृत पुनर्चक्रण पर निर्भरता
अभियान की निरंतरता 31 अक्टूबर 2026 के बाद स्वच्छता और कार्य-संस्कृति बनाए रखने की अनिश्चितता
प्रगति का मापन 60-70 प्रतिशत आँकड़े की स्वतंत्र पुष्टि और गुणात्मक मूल्यांकन का अभाव

आगे की राह

  • अभिलेख छंटाई से पहले धारण-अनुसूची (Retention Schedule) के आधार पर एकसमान दिशा-निर्देश और सत्यापन-प्रक्रिया लागू की जाए
  • ई-कचरे के निपटान के लिए केवल केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा मान्य प्राधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं से अनुबंध किया जाए
  • लंबित मामलों के निपटान में संख्या के साथ गुणवत्ता के संकेतक भी तय किए जाएँ, जैसे औसत निपटान अवधि और पुनरीक्षण दर
  • अभियान की समाप्ति के बाद भी त्रैमासिक स्व-मूल्यांकन और सार्वजनिक रिपोर्टिंग को नियमित किया जाए
  • भौतिक अभिलेखों की छंटाई के साथ उपयोगी दस्तावेजों का मानकीकृत डिजिटलीकरण किया जाए
  • स्वच्छता और कार्यस्थल-प्रबंधन को कर्मचारियों के कार्य-मूल्यांकन से जोड़कर स्थायी प्रोत्साहन-व्यवस्था बनाई जाए
  • CPSU और स्वायत्त संस्थानों के बीच साझा सर्वोत्तम व्यवहारों (Best Practices) का दस्तावेजीकरण और आदान-प्रदान हो

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

विशेष अभियान 6 (Special Campaign 6.0) · संस्थागत स्वच्छता · अभिलेख प्रबंधन (Records Management) · लंबित मामलों का न्यूनतमीकरण · लोक शिकायत निवारण (Public Grievance Redressal) · सीपीजीआरएएमएस (CPGRAMS) · प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) · ई-कचरा प्रबंधन (E-Waste Management) · सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (CPSU) · नौकरशाही में जवाबदेही (Bureaucratic Accountability) · कार्यालयीन दक्षता (Office Efficiency) · सुशासन (Good Governance)

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • अनुच्छेद 51A(छ) (ङ्क): पर्यावरण संरक्षण का मौलिक कर्तव्य, ई-कचरे का सुरक्षित निपटान
  • अनुच्छेद 48A: राज्य का पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का दायित्व
  • अनुच्छेद 77: केंद्र सरकार के कार्य-संचालन और कार्यालयीन नियमों का आधार

अवधारणा प्रवाह

DARPG द्वारा विशेष अभियान 6 की घोषणा और मंत्रालयों को निर्धारित लक्ष्य सौंपना  →  2 अक्टूबर 2026 से MNRE, CPSU और स्वायत्त संस्थानों द्वारा अभियान का कार्यान्वयन शुरू  →  कार्यालयों में स्वच्छता, भौतिक अभिलेखों की छंटाई और अनुपयोगी सामग्री का निष्कासन  →  ई-कचरे की पहचान और दिशा-निर्देशों के अनुसार उसका प्राधिकृत निपटान  →  लंबित मामलों में कमी और कार्यालयीन स्थान के इष्टतम उपयोग से प्रशासनिक दक्षता में सुधार  →  31 अक्टूबर 2026 के बाद स्थायी कार्य-संस्कृति और जवाबदेही को बनाए रखना

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) केंद्र सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
2. सीपीजीआरएएमएस (CPGRAMS) नागरिकों की शिकायतों के पंजीकरण, अनुवर्ती कार्रवाई और निगरानी की एक ऑनलाइन प्रणाली है।
3. ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के अंतर्गत बनाए गए हैं।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. सभी

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है: DARPG कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधीन है। कथन 2 सही है: CPGRAMS केंद्रीकृत ऑनलाइन लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली है। कथन 3 गलत है: ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत बनाए गए हैं, न कि जल अधिनियम, 1974 के अंतर्गत। अतः उत्तर ‘केवल दो’ है।

Q2. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए:
अभिकथन (A): सरकारी कार्यालयों में अनुपयोगी भौतिक सामग्री और ई-कचरे का निपटान लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
कारण (R): ई-कचरा पर्यावरण में विषैले पदार्थों के रिसाव का स्रोत बन सकता है, इसलिए इसके प्रबंधन के लिए विधिक ढांचा आवश्यक है।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:

  1. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
  2. (A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  3. (A) सही है, किंतु (R) गलत है
  4. (A) गलत है, किंतु (R) सही है

उत्तर: (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है — (A) सही है, क्योंकि ई-कचरे का निपटान ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 जैसे लागू नियमों के अनुसार करना अनिवार्य है। (R) भी सही है, क्योंकि ई-कचरे में सीसा, पारा और कैडमियम जैसे विषैले तत्व हो सकते हैं। (R) स्पष्ट रूप से (A) के लिए विधिक और पर्यावरणीय आधार प्रस्तुत करता है।

Q3. निम्नलिखित सुमेलन पर विचार कीजिए:
सूची I (संस्थान): 1. राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) 2. राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (NIWE) 3. सरदार स्वर्ण सिंह राष्ट्रीय जैव-ऊर्जा संस्थान (SSS-NIBE)
सूची II (मुख्यालय): A. कपूरथला B. गुरुग्राम C. चेन्नई
सही सुमेलन चुनिए:

  1. 1-B, 2-C, 3-A
  2. 1-A, 2-B, 3-C
  3. 1-C, 2-A, 3-B
  4. 1-B, 2-A, 3-C

उत्तर: 1-B, 2-C, 3-A — राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) का मुख्यालय गुरुग्राम (हरियाणा) में है, इसलिए 1-B। राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (NIWE) का मुख्यालय चेन्नई में है, इसलिए 2-C। सरदार स्वर्ण सिंह राष्ट्रीय जैव-ऊर्जा संस्थान (SSS-NIBE) कपूरथला (पंजाब) में स्थित है, इसलिए 3-A। ये तीनों मंत्रालय के स्वायत्त संस्थान हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटान के लिए समयबद्ध विशेष अभियान चलाने की प्रक्रिया को संस्थागत सुधार का साधन माना जाता है। ऐसे अभियानों की उपलब्धियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। क्या अभियान की समाप्ति के बाद इन उपलब्धियों को बनाए रखा जा सकता है? प्रशासनिक सुधार के दीर्घकालिक उपायों के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल उत्तर संरचना: (1) भूमिका: विशेष अभियान 6 का विवरण, जिसे प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) ने शुरू किया; 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चला; MNRE, इरेडा (IREDA), सेकी (SECI) और तीन स्वायत्त संस्थान (NISE, NIWE, SSS-NIBE) इसमें शामिल हैं। (2) अभियान की उपलब्धियाँ: मंत्रालय और संबद्ध संगठनों ने निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले लगभग 60-70 प्रतिशत प्रगति का दावा किया; कार्यालयों, गलियारों और कैंटीन की स्वच्छता; भौतिक अभिलेखों की छंटाई; ई-कचरे का निपटान। (3) समालोचनात्मक पक्ष: प्रगति के आँकड़े मात्रात्मक हैं, गुणात्मक प्रभाव का मूल्यांकन अलग है; ‘अभियान मोड’ में काम का अस्थायी उछाल और समाप्ति के बाद शिथिलता का खतरा; मैक्स वेबर की नौकरशाही संकल्पना में नियमित और लिखित अभिलेख-आधारित प्रशासन को दक्षता का आधार माना गया है, पर अभिलेख-छंटाई का सावधानीपूर्वक पालन आवश्यक है। (4) सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 (Public Records Act, 1993) के अंतर्गत केंद्रीय सरकार के अभिलेखों के रखरखाव और विनाश की प्रक्रिया का संदर्भ; ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अंतर्गत निपटान की वैधानिक बाध्यता। (5) स्थायित्व की चुनौती: अभियान समाप्ति के बाद संस्थागत प्रोत्साहन और जवाबदेही तंत्र आवश्यक; CPGRAMS जैसे निगरानी तंत्र को नियमित प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जोड़ना; दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग (Second Administrative Reforms Commission, 2005-09, अध्यक्ष: वीरप्पा मोइली) की ‘नागरिक-केंद्रित प्रशासन’ (Citizen Centric Administration) रिपोर्ट के सुझाव। (6) संतुलित दृष्टिकोण: अभियान-आधारित सुधार त्वरित परिणाम देते हैं, परंतु स्थायी परिवर्तन के लिए सेवा-मानक, प्रदर्शन-आधारित मूल्यांकन और नेतृत्व की प्रतिबद्धता चाहिए; सतत सुधार के लिए प्रक्रिया-आधारित सुधार (जैसे Sevottam मॉडल की भावना) का उल्लेख करें। (7) निष्कर्ष: अभियान सुधार का प्रारंभिक बिंदु है, स्थायी संस्कृति के लिए संस्थागत निरंतरता आवश्यक है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


Related guides on our sites

No Comments

Post A Comment