02 Nov पुणे में एआई शिखर सम्मेलन: उभरती प्रौद्योगिकियों पर छात्र परियोजनाएँ
✎ कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायी विकास के लिए नवाचार, उद्योग-शिक्षा सहयोग, डेटा संरक्षण (DPDP अधिनियम, 2023) और साइबर सुरक्षा को एक साथ सुदृढ़ करना आवश्यक है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper III — Science and Technology (कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विज्ञान और उभरती प्रौद्योगिकियों का विकास, अनुप्रयोग और नैतिक पक्ष) | GS Paper III — Economy (कौशल विकास, नवाचार और उद्योग-शिक्षा सहयोग से रोज़गार-योग्यता)
- Prelims: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence, AI) और इसके उप-क्षेत्र, बड़े भाषा मॉडल (Large Language Models, LLM), एजेंटिक AI (Agentic AI) और जनरेटिव AI (Generative AI), व्याख्यात्मक AI (Explainable AI) और किनारा AI (Edge AI), IndiaAI मिशन (IndiaAI Mission), MeitY द्वारा अनुमोदित वर्ष 2024, राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति (National Strategy for Artificial Intelligence), NITI Aayog, वर्ष 2018, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (Digital Personal Data Protection Act, 2023), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000)
- Essay: प्रौद्योगिकीय नवाचार में युवा छात्रों की भूमिका: अवसर और चुनौतियाँ, उभरती प्रौद्योगिकी का उत्तरदायी उपयोग: नैतिकता, सुरक्षा और विनियमन का संतुलन
त्वरित पुनरावृत्ति: कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायी विकास के लिए नवाचार, उद्योग-शिक्षा सहयोग, डेटा संरक्षण (DPDP अधिनियम, 2023) और साइबर सुरक्षा को एक साथ सुदृढ़ करना आवश्यक है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
अक्टूबर 2026 के 27 और 28 तारीख़ को पुणे स्थित AISSMS सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (AISSMS IOIT) के कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डेटा विज्ञान (AI&DS) विभाग ने दो दिवसीय AI शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन किया। सम्मेलन का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता में उभरती प्रौद्योगिकियों और शोध को बढ़ावा देना तथा उद्योग-शिक्षा सहयोग को सुदृढ़ करना था। इसमें एजेंटिक AI पर मुख्य व्याख्यान और ‘AI में साइबर सुरक्षा’ पर ऑनलाइन परिचर्चा हुई। 28 अक्टूबर को आयोजित AI नवाचार चुनौती 2026 में विभिन्न महाविद्यालयों के छात्रों ने एजेंटिक AI, जनरेटिव AI, बड़े भाषा मॉडल, कंप्यूटर विज़न, व्याख्यात्मक AI, किनारा AI और स्मार्ट सिटी व सतत विकास के लिए AI जैसे क्षेत्रों में 54 परियोजनाएँ प्रस्तुत कीं। विजेता टीमों को नकद पुरस्कार दिए गए।
पृष्ठभूमि
- भारत में AI नीति का प्रमुख आधार राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति है, जिसे वर्ष 2018 में NITI Aayog ने ‘AI फॉर ऑल’ (AI for All) के दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया था। इसमें स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, स्मार्ट सिटी एवं अवसंरचना तथा स्मार्ट गतिशीलता जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्र चिह्नित किए गए थे।
- वर्ष 2024 में मंत्रिमंडल ने IndiaAI मिशन को मंज़ूरी दी, जिसका कार्यान्वयन इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा किया जा रहा है। इसमें कंप्यूटिंग अवसंरचना, स्वदेशी मॉडल विकास, डेटा गुणवत्ता और कौशल विकास पर बल दिया गया है।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास में डेटा की भूमिका केंद्रीय है। इसलिए व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 लागू है, जो AI प्रणालियों में डेटा के प्रसंस्करण पर भी प्रभाव डालता है।
- उच्च शिक्षा में उद्योग-शिक्षा सहयोग को बढ़ावा देना नीतिगत प्राथमिकता रही है, ताकि पाठ्यक्रम बाज़ार की आवश्यकताओं से जुड़े और स्नातक छात्रों की रोज़गार-योग्यता बढ़े।
- सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 साइबर अपराधों और इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों से संबंधित कानूनी ढाँचा प्रदान करता है। AI से जुड़े साइबर जोखिमों, जैसे डीपफेक और दुर्भावनापूर्ण स्वचालन, के संदर्भ में यह प्रासंगिक है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्या है?
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता वह क्षेत्र है जिसमें मशीनें डेटा से सीखकर पैटर्न पहचानती हैं, निर्णय लेती हैं और भाषा या दृश्य जानकारी का विश्लेषण करती हैं।
- बड़े भाषा मॉडल (LLM) विशाल पाठ-डेटा पर प्रशिक्षित होते हैं और प्राकृतिक भाषा में उत्तर व सारांश तैयार करते हैं।
- जनरेटिव AI नए पाठ, चित्र, ध्वनि या कोड उत्पन्न करता है, जबकि एजेंटिक AI ऐसी प्रणाली है जो लक्ष्य के अनुसार कई चरणों में स्वायत्त रूप से कार्य पूरा करती है।
- कंप्यूटर विज़न में मशीनें छवियों और वीडियो से वस्तुओं की पहचान करती हैं। इसका उपयोग यातायात प्रबंधन, चिकित्सीय निदान और कृषि निगरानी में होता है।
- व्याख्यात्मक AI (Explainable AI) का लक्ष्य AI के निर्णयों को मानव के लिए समझने योग्य बनाना है, ताकि जवाबदेही और विश्वास बढ़े।
- किनारा AI (Edge AI) में प्रसंस्करण क्लाउड सर्वर के बजाय उपकरण के निकट होता है, जिससे विलंब कम होता है और डेटा गोपनीयता बेहतर रहती है।
- AI में साइबर सुरक्षा का अर्थ है डेटा-विषाक्तता, मॉडल पर हमले और डीपफेक जैसे खतरों से प्रणालियों की सुरक्षा करना।
- उद्योग-शिक्षा सहयोग से छात्रों को वास्तविक समस्याओं पर काम करने का अवसर मिलता है और शिक्षण-संस्थानों का पाठ्यक्रम बाज़ार की माँग के अनुरूप बनता है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| आयोजन का स्वरूप | AISSMS IOIT, पुणे के कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डेटा विज्ञान विभाग (AI&DS) द्वारा 27-28 अक्टूबर को दो-दिवसीय AI Summit 2026 का आयोजन, जिसका उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों, शोध और नवाचार को बढ़ावा देना था। |
| उद्योग-शिक्षा सहयोग | आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य उद्योग-शिक्षा सहयोग को सुदृढ़ करना था, जिसमें BMC Helix और VOIS जैसे उद्योग-प्रतिनिधियों की मुख्य अतिथि के रूप में भागीदारी रही। |
| AI Innovation Challenge 2026 | 28 अक्टूबर को आयोजित इस प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के छात्रों ने 54 परियोजनाएँ प्रस्तुत कीं, जो एजेंटिक AI, सृजनात्मक AI, बृहत भाषा मॉडल (LLMs), कंप्यूटर विज़न, व्याख्या योग्य AI (Explainable AI), Edge AI और स्मार्ट सिटी व सतत विकास जैसे क्षेत्रों से जुड़ी थीं। |
| विषयगत सत्र | ‘एजेंटिक AI: बुद्धिमान प्रणालियों का अगला चरण’ विषय पर मुख्य सत्र तथा ‘AI में साइबर सुरक्षा’ पर ऑनलाइन पैनल चर्चा ने उभरते खतरों और उत्तरदायी AI अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। |
| पुरस्कार संरचना | विजेता टीमों को क्रमशः ₹10,000, ₹5,000 और ₹3,000 के नकद पुरस्कार दिए गए, जो छात्र-स्तरीय नवाचार को प्रोत्साहन देने का एक व्यावहारिक तरीका है। |
महत्व
शैक्षणिक महत्व
- छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक परियोजनाएँ तैयार करने का अवसर मिलता है, जो अनुसंधान-आधारित शिक्षण की दिशा में एक कदम है।
- एक ही मंच पर कई महाविद्यालयों के छात्रों की प्रस्तुतियाँ अंतर-संस्थागत ज्ञान-आदान-प्रदान को बढ़ावा देती हैं।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 में अनुभवात्मक अधिगम और उद्योग के साथ जुड़ाव पर जो बल दिया गया है, उसके व्यावहारिक क्रियान्वयन का यह एक उदाहरण है।
आर्थिक महत्व
- उद्योग-शिक्षा सहयोग से कौशल-अंतराल को कम करने में मदद मिलती है और स्नातकों की रोज़गार-योग्यता बढ़ती है।
- एजेंटिक AI, Edge AI और सृजनात्मक AI जैसी तकनीकें उत्पादकता और नवाचार-आधारित उद्यमिता के नए अवसर खोलती हैं, जो आर्थिक संवृद्धि में योगदान कर सकती हैं।
सामाजिक और शासन-संबंधी महत्व
- स्मार्ट सिटी और सतत विकास से जुड़ी परियोजनाएँ यह दर्शाती हैं कि AI का उपयोग शहरी प्रशासन और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में किया जा सकता है।
- उत्तरदायी AI (Responsible AI) पर चर्चा से एल्गोरिदमिक पारदर्शिता और नैतिक उपयोग के मुद्दे शैक्षणिक विमर्श में आते हैं, जो नीति-निर्माण के लिए भी प्रासंगिक है।
चुनौतियाँ
1. साइबर सुरक्षा और AI-जनित खतरे
- AI प्रणालियों के बढ़ते उपयोग के साथ डेटा चोरी, डीपफेक और स्वचालित साइबर हमलों जैसे खतरे भी बढ़ते हैं।
- AI मॉडल स्वयं भी प्रतिकूल हमलों (adversarial attacks) और डेटा-विषाक्तता (data poisoning) के प्रति संवेदनशील होते हैं।
यूपीएससी लिंक: आंतरिक सुरक्षा; साइबर सुरक्षा ढाँचा (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000; CERT-In)
2. डेटा संरक्षण और गोपनीयता
- AI प्रशिक्षण के लिए बड़े डेटा-समूहों की आवश्यकता होती है, जिससे व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा का प्रश्न उठता है।
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के अंतर्गत डेटा न्यासी (Data Fiduciary) की जवाबदेही और सहमति-आधारित प्रसंस्करण का पालन छात्र-परियोजनाओं में भी आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: शासन और प्रशासन; डिजिटल अधिकार और गोपनीयता (निजता का अधिकार)
3. एल्गोरिदमिक पूर्वाग्रह और पारदर्शिता
- प्रशिक्षण-डेटा में निहित पूर्वाग्रह AI निर्णयों में भेदभाव को जन्म दे सकते हैं।
- बड़े भाषा मॉडल और जटिल तंत्रों की निर्णय-प्रक्रिया अक्सर अपारदर्शी होती है, इसलिए व्याख्या योग्य AI की माँग बढ़ी है।
यूपीएससी लिंक: नैतिकता, सत्यनिष्ठा और अभिवृत्ति; प्रौद्योगिकी और समाज पर प्रभाव
4. उद्योग-शिक्षा अंतराल का बने रहना
- शैक्षणिक परियोजनाएँ अक्सर प्रयोगशाला-स्तर तक सीमित रहती हैं और वास्तविक उत्पादन-परिवेश में उनके विस्तार की चुनौती बनी रहती है।
- पाठ्यक्रम का तकनीकी विकास की गति से तालमेल न बैठ पाना, कौशल-विकास के प्रयासों की प्रभावशीलता को सीमित कर सकता है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास; कौशल विकास और रोज़गार
5. सतत और समावेशी पहुँच
- AI संसाधन-गहन होने के कारण छोटे संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों तक इसकी पहुँच असमान हो सकती है।
- ऊर्जा-खपत और कंप्यूटिंग अवसंरचना की लागत सतत विकास के लक्ष्यों के साथ संतुलन की माँग करती है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय; डिजिटल विभाजन और समावेशी विकास
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| साइबर सुरक्षा | AI-आधारित हमलों और डीपफेक से डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा पर दबाव। |
| डेटा गोपनीयता | प्रशिक्षण-डेटा के उपयोग में सहमति और व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा। |
| एल्गोरिदमिक पूर्वाग्रह | असंतुलित डेटा से निर्णयों में भेदभाव और अपारदर्शिता। |
| उद्योग-शिक्षा अंतराल | शैक्षणिक परियोजनाओं का व्यावसायिक उत्पादन में रूपांतरण सीमित। |
| डिजिटल विभाजन | संसाधनों की असमान उपलब्धता से ग्रामीण और छोटे संस्थानों के पिछड़ने का जोखिम। |
आगे की राह
- AI शिक्षा में नैतिकता, डेटा संरक्षण और साइबर सुरक्षा को अनिवार्य पाठ्यक्रम-घटक के रूप में शामिल किया जाए।
- उत्तरदायी AI के लिए नीति-दस्तावेज़ों, जैसे NITI Aayog के Responsible AI सिद्धांतों, को शैक्षणिक परियोजनाओं के मूल्यांकन-ढाँचे में लागू किया जाए।
- छात्र-परियोजनाओं के लिए मेंटरशिप और उद्योग-आधारित मूल्यांकन को संस्थागत रूप दिया जाए, ताकि प्रयोगशाला-विचार उत्पादन-स्तर तक पहुँच सकें।
- इंक्यूबेशन केंद्रों और स्टार्टअप-समर्थन तंत्र के साथ विजेता परियोजनाओं को जोड़ा जाए।
- छोटे और ग्रामीण संस्थानों के छात्रों के लिए साझा कंप्यूटिंग संसाधनों और ऑनलाइन प्रशिक्षण तक पहुँच सुनिश्चित की जाए।
- डेटा-उपयोग से जुड़े प्रावधानों पर छात्रों और शिक्षकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के सिद्धांत प्रयोग में आएँ।
- उद्योग-शिक्षा सहयोग के परिणामों का नियमित मूल्यांकन हो, ताकि कौशल-अंतराल में वास्तविक कमी को मापा जा सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) · उद्योग-शिक्षा सहयोग (Industry-Academia Collaboration) · राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति (National Strategy for Artificial Intelligence) · इंडियाAI मिशन (IndiaAI Mission) · उत्तरदायी AI (Responsible AI) · व्याख्यायोग्य AI (Explainable AI) · किनारा AI (Edge AI) · डेटा संरक्षण (Data Protection) · साइबर सुरक्षा (Cybersecurity) · नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (Innovation Ecosystem) · स्मार्ट सिटी (Smart Cities) · बृहत भाषा मॉडल (Large Language Models, LLM)
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- अनुच्छेद 51क(ज) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान की भावना का विकास
अवधारणा प्रवाह
AISSMS IOIT के AI&DS विभाग द्वारा दो-दिवसीय AI Summit का आयोजन (27-28 अक्टूबर 2026)। → उद्योग-प्रतिनिधियों की भागीदारी और विषयगत सत्रों से उद्योग-शिक्षा सहयोग और उत्तरदायी AI पर विमर्श। → AI Innovation Challenge 2026 में विभिन्न महाविद्यालयों के छात्रों द्वारा 54 परियोजनाओं की प्रस्तुति। → विजेता टीमों को नकद पुरस्कार, जिससे नवाचार को प्रोत्साहन मिलता है। → परियोजनाओं का संभावित उद्योग-उपयोग और उद्यमिता में रूपांतरण, जिसके लिए डेटा संरक्षण और साइबर सुरक्षा की व्यवस्था आवश्यक है।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति को NITI Aayog ने तैयार किया था और इसका केंद्रीय विषय “सबके लिए AI” (AI for All) रखा गया था।
2. व्याख्यायोग्य AI (Explainable AI) का उद्देश्य यह है कि AI मॉडल द्वारा लिए गए निर्णयों को मनुष्य समझ और परख सके।
3. भारत में वैयक्तिक डेटा संरक्षण से जुड़े सभी प्रावधान केवल सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 में ही समाहित हैं और इसके लिए कोई अलग विधि नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- सभी
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है: राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति (2018) को NITI Aayog ने तैयार किया और इसका विषय “सबके लिए AI” था। कथन 2 सही है: व्याख्यायोग्य AI का लक्ष्य मॉडल के निर्णयों की पारदर्शिता और समझ बढ़ाना है। कथन 3 गलत है, क्योंकि डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 एक अलग विधि है, जो वैयक्तिक डेटा संरक्षण के लिए विशेष प्रावधान करता है।
Q2. निम्नलिखित दो कथनों (A और R) पर विचार कीजिए:
कथन (A): किनारा AI (Edge AI) में डेटा का प्रसंस्करण दूरस्थ क्लाउड सर्वर के बजाय उसी उपकरण पर किया जाता है, जहाँ डेटा उत्पन्न होता है।
कारण (R): ऐसी व्यवस्था में डेटा को नेटवर्क पर भेजने की आवश्यकता कम होती है, जिससे विलंबता (latency) घटती है और गोपनीयता अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती है।
उपर्युक्त के संदर्भ में सही उत्तर चुनिए:
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- (A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
- (A) सही है, किंतु (R) गलत है
- (A) गलत है, किंतु (R) सही है
उत्तर: (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है — किनारा AI में प्रसंस्करण स्रोत के निकट होता है, इसलिए डेटा को क्लाउड तक भेजना नहीं पड़ता। इससे विलंबता घटती है और डेटा के बाहर जाने का जोखिम कम होता है। अतः (R) सीधे (A) की व्याख्या करता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नवाचार में उद्योग-शिक्षा सहयोग की भूमिका की समीक्षा कीजिए। छात्र-स्तरीय परियोजनाएँ किस सीमा तक शोध से उद्योग तक के प्रवाह को संभव बनाती हैं? साथ ही यह भी स्पष्ट कीजिए कि भारत में उत्तरदायी AI के लिए विधिक और नीतिगत ढाँचा कितना पर्याप्त है। (15 Marks)
रूपरेखा: उत्तर संरचना:
1. भूमिका: हाल के एक शैक्षणिक सम्मेलन में 54 छात्र-परियोजनाओं का प्रदर्शन (जेनरेटिव AI, बृहत भाषा मॉडल, कंप्यूटर विज़न, व्याख्यायोग्य AI, किनारा AI, स्मार्ट सिटी और सततता) इस बात का उदाहरण है कि नवाचार की नींव शिक्षा-स्तर पर पड़ती है। भारत में AI में उत्कृष्टता के लिए इंडियाAI मिशन (IndiaAI Mission) और राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति (2018, NITI Aayog) प्रमुख नीतिगत आधार हैं।
2. उद्योग-शिक्षा सहयोग के पक्ष: प्रयोगशाला से बाज़ार तक की दूरी घटाना; उद्योग की वास्तविक समस्याओं का शिक्षण में समावेश; कौशल-अंतर (skill gap) को कम करना; इंडियाAI मिशन के कौशल और कंप्यूट संसाधनों की उपलब्धता।
3. सीमाएँ: परियोजनाओं का प्रोटोटाइप स्तर पर रह जाना; वित्तपोषण, डेटासेट की उपलब्धता और मेंटरशिप की कमी; वाणिज्यिक हितों से शोध की स्वतंत्रता पर प्रभाव; छात्र-शोध की गुणवत्ता का मूल्यांकन-तंत्र।
4. उत्तरदायी AI का ढाँचा: NITI Aayog का ‘Responsible AI’ दस्तावेज़ (2021) और इंडियाAI मिशन का ‘सुरक्षित और विश्वसनीय AI’ स्तंभ; सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 43A और 72A; डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023; के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) में अनुच्छेद 21 के अंतर्गत गोपनीयता का मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता।
5. तुलनात्मक दृष्टि: यूरोपीय संघ का AI अधिनियम (EU AI Act, 2024) जोखिम-आधारित वर्गीकरण अपनाता है; भारत का दृष्टिकोण अभी अधिक सिद्धांत-आधारित और नवाचार-अनुकूल है। बहस यह है कि नियमन कठोर हो या लचीला।
6. संतुलित निष्कर्ष: नवाचार को प्रोत्साहन और जवाबदेही के बीच संतुलन आवश्यक है। विधिक स्पष्टता (विशेषकर डेटा और दायित्व पर), मानक-निर्धारण, स्वतंत्र मूल्यांकन और शिक्षा-उद्योग के बीच संस्थागत समझौते इस संतुलन के प्रमुख उपाय हैं।
स्रोत: Times of India
Maharashtra PCS (MPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: अखिल भारतीय श्री शिवाजी स्मारक मंडल का इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान (AISSMS IOIT) द्वारा पुणे में आयोजित AI शिखर सम्मेलन 2026 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह शिखर सम्मेलन विशेष रूप से महाराष्ट्र के छात्रों के लिए आयोजित किया गया था।
2. इसमें उभरते प्रौद्योगिकी डोमेन में 54 छात्र परियोजनाओं का प्रदर्शन किया गया।
उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 2
- 1 और 2 दोनों
- न तो 1 और न ही 2
उत्तर: केवल 2 — AI शिखर सम्मेलन 2026 पुणे में आयोजित किया गया था और इसमें 54 छात्र परियोजनाओं का प्रदर्शन किया गया था, लेकिन यह विशेष रूप से महाराष्ट्र के छात्रों के लिए आयोजित किया गया था, ऐसा उल्लेख नहीं है।
Mains: पुणे में AISSMS IOIT द्वारा आयोजित AI शिखर सम्मेलन 2026 जैसे आयोजनों का महाराष्ट्र में तकनीकी शिक्षा और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? विश्लेषण करें।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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