02 Aug AI सक्षम ‘सरथी’ से भारतीय मिशनों का प्रवासी सेवा में बड़ा बदलाव: UPSC दृष्टिकोण
✎ भारतीय मिशनों द्वारा AI-सक्षम वीडियो और अवतार 'सारथी' का उपयोग प्रवासी भारतीयों को पासपोर्ट, वीज़ा और अन्य कांसुलर सेवाओं से संबंधित जानकारी प्रदान करने तथा नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations) | GS Paper II — शासन (Governance) | GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science and Technology)
- Prelims: सारथी AI अवतार, प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र (PBSK), भाषिनी AI प्लेटफॉर्म, हेड्स ऑफ मिशन सम्मेलन, नागरिक-केंद्रित शासन
- Essay: प्रौद्योगिकी और शासन: भारत के विकास पथ को आकार देना, डिजिटल युग में भारतीय कूटनीति की भूमिका
त्वरित पुनरावृत्ति: भारतीय मिशनों द्वारा AI-सक्षम वीडियो और अवतार ‘सारथी’ का उपयोग प्रवासी भारतीयों को पासपोर्ट, वीज़ा और अन्य कांसुलर सेवाओं से संबंधित जानकारी प्रदान करने तथा नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
हाल ही में, भारतीय मिशनों ने प्रवासी भारतीयों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सक्षम वीडियो का उपयोग करना शुरू किया है। म्यूनिख स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा ‘सारथी’ नामक एक AI अवतार की शुरुआत की गई है, जो पासपोर्ट, वीज़ा, OCI सेवाओं और अन्य कांसुलर मामलों से संबंधित जानकारी प्रदान करता है। यह पहल प्रवासी भारतीयों तक पहुँच बनाने और उन्हें डिजिटल संचार उपकरणों के माध्यम से शिक्षित करने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है।
पृष्ठभूमि
- 11वें हेड्स ऑफ मिशन सम्मेलन (Heads of Mission Conference) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘2047 के लिए भारतीय कूटनीति में सुधार’ विषय पर जोर दिया था, जिसमें ‘पर्यटन, प्रौद्योगिकी और व्यापार’ (3Ts) पर विशेष ध्यान दिया गया।
- इस सम्मेलन में यह महसूस किया गया कि भारतीय मिशन प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने में पीछे हैं, खासकर प्रवासी भारतीयों तक अपनी पहुँच बढ़ाने के संबंध में।
- नागरिक-केंद्रित शासन (Citizen-centric governance) के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए, भारतीय मिशनों को अपनी सेवाओं को अधिक आकर्षक, इंटरैक्टिव और समकालीन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
- सरकार के भाषिनी AI प्लेटफॉर्म (Bhashini AI platform) जैसे इकोसिस्टम टूल्स को भी बहुभाषी संचार अंतर को पाटने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है।
- यह पहल पारंपरिक पाठ-आधारित सलाहों के बजाय संक्षिप्त ऑडियो-विजुअल सामग्री का उपयोग करके जानकारी को अधिक सुलभ और समझने में आसान बनाती है।
AI-सक्षम वीडियो और भारतीय कूटनीति
- AI-सक्षम वीडियो पहल का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक डिजिटल संचार उपकरणों का लाभ उठाकर प्रवासी भारतीयों को शिक्षित और सहायता प्रदान करना है।
- ‘सारथी’ एक AI अवतार है जिसे म्यूनिख में भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा लॉन्च किया गया है, जो पासपोर्ट, वीज़ा, OCI सेवाएँ, पुलिस क्लीयरेंस और जन्म पंजीकरण जैसे मामलों पर जानकारी प्रदान करता है।
- यह पहल जानकारी को अधिक सुलभ और समझने में आसान बनाने के लिए पारंपरिक पाठ-आधारित सलाहों के बजाय संक्षिप्त ऑडियो-विजुअल सामग्री का उपयोग करती है।
- भारतीय मिशन भाषिनी AI प्लेटफॉर्म जैसे सरकारी उपकरणों को भी एकीकृत कर रहे हैं, जो उपयोगकर्ताओं को दर्जनों भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में पाठ, दस्तावेज़ और आवाज़ का निर्बाध रूप से अनुवाद करने की सुविधा देता है।
- यह कदम प्रधानमंत्री द्वारा लगातार बल दिए जा रहे नागरिक-केंद्रित शासन दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य प्रामाणिक कांसुलर जानकारी का व्यापक प्रसार करना है।
- यह पहल भारतीय कूटनीति को 2047 के लक्ष्यों के अनुरूप आधुनिक बनाने और प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| AI-सक्षम वीडियो (Sarathi) | प्रवासी भारतीयों को पासपोर्ट, वीज़ा, OCI सेवाओं आदि पर जानकारी प्रदान करना। |
| संक्षिप्त ऑडियो-विजुअल सामग्री | पारंपरिक टेक्स्ट-आधारित सलाह की तुलना में जानकारी को अधिक सुलभ और समझने योग्य बनाना। |
| बहुभाषी संचार | Bhashini AI प्लेटफॉर्म जैसे उपकरणों का उपयोग करके विभिन्न भाषाओं में संचार अंतराल को पाटना। |
| चैटबॉट और डिजिटल सहायक (Bharati, Pramit) | प्रवासी भारतीयों की विशिष्ट प्रश्नों का त्वरित और कुशल समाधान प्रदान करना। |
| नागरिक-केंद्रित शासन | प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। |
महत्व
प्रशासनिक दक्षता एवं सेवा वितरण
- यह पहल भारतीय मिशनों द्वारा प्रदान की जाने वाली कांसुलर सेवाओं की दक्षता और पहुंच में सुधार करती है, जिससे प्रवासी भारतीयों के लिए प्रक्रियाएं सरल होती हैं।
- AI-सक्षम उपकरण जानकारी के प्रसार को स्वचालित करते हैं, जिससे मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता कम होती है और सेवा वितरण में तेजी आती है।
- यह नागरिक-केंद्रित शासन (Citizen-centric governance) के दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है, जैसा कि प्रधानमंत्री द्वारा लगातार जोर दिया गया है।
प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना
- यह भारतीय कूटनीति में प्रौद्योगिकी (Technology) के बढ़ते महत्व को दर्शाता है, विशेष रूप से ‘2047 के लिए भारतीय कूटनीति में सुधार’ विषय पर 11वें हेड्स ऑफ मिशन सम्मेलन के संदर्भ में।
- Bhashini AI प्लेटफॉर्म जैसे उपकरणों का एकीकरण बहुभाषी संचार अंतराल को पाटने में मदद करता है, जिससे विविध भाषाई पृष्ठभूमि वाले प्रवासी भारतीयों तक पहुंच आसान होती है।
- यह डिजिटल संचार उपकरणों के उपयोग के माध्यम से सूचना को अधिक आकर्षक, इंटरैक्टिव और समकालीन बनाता है।
प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़ाव
- यह पहल प्रवासी भारतीयों के साथ बेहतर जुड़ाव सुनिश्चित करती है, उन्हें आवश्यक जानकारी और सहायता प्रदान करके उनकी चिंताओं को दूर करती है।
- सरल और सुलभ प्रारूप में जानकारी प्रदान करके, यह प्रवासी भारतीयों को भारत से जुड़े रहने और विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाने में मदद करता है।
- यह विदेशों में भारतीय मिशनों की पहुंच और प्रभावशीलता को बढ़ाता है, जिससे प्रवासी भारतीयों के बीच विश्वास और संतुष्टि बढ़ती है।
चुनौतियाँ
1. डिजिटल साक्षरता और पहुंच
- कुछ प्रवासी भारतीयों, विशेषकर बुजुर्गों या दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए डिजिटल उपकरणों और AI-सक्षम सेवाओं तक पहुंच या उनका उपयोग करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- डिजिटल डिवाइड (Digital Divide) अभी भी एक वास्तविकता है, और यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान सभी के लिए समावेशी हों।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय: विकास प्रक्रियाएँ और विकास उद्योग
2. डेटा गोपनीयता और सुरक्षा
- AI-सक्षम प्लेटफार्मों के माध्यम से व्यक्तिगत डेटा एकत्र करते समय, डेटा गोपनीयता (Data privacy) और सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
- संवेदनशील कांसुलर जानकारी को सुरक्षित रखने और साइबर हमलों से बचाने के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।
यूपीएससी लिंक: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: सूचना प्रौद्योगिकी
3. तकनीकी बुनियादी ढाँचा और रखरखाव
- AI-आधारित प्रणालियों को बनाए रखने और अद्यतन करने के लिए पर्याप्त तकनीकी बुनियादी ढाँचे और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
- सभी मिशनों में इन प्रणालियों को लागू करने और बनाए रखने के लिए निरंतर निवेश और प्रशिक्षित कर्मियों की आवश्यकता होगी।
यूपीएससी लिंक: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: सूचना प्रौद्योगिकी
4. मानवीय स्पर्श का अभाव
- पूरी तरह से AI-आधारित सेवाओं पर निर्भरता से मानवीय स्पर्श और व्यक्तिगत सहायता की कमी हो सकती है, जो कुछ जटिल मामलों में आवश्यक हो सकती है।
- प्रौद्योगिकी और मानवीय बातचीत के बीच संतुलन बनाना महत्वपूर्ण है।
यूपीएससी लिंक: शासन: पारदर्शिता एवं जवाबदेही
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| तकनीकी एकीकरण | सभी भारतीय मिशनों में AI-सक्षम उपकरणों और प्लेटफार्मों का सुचारू और समान एकीकरण सुनिश्चित करना। |
| सामग्री का अद्यतन | प्रदान की गई जानकारी की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने के लिए AI-जनित सामग्री को नियमित रूप से अद्यतन करना। |
| बहुभाषी सटीकता | Bhashini जैसे प्लेटफार्मों द्वारा प्रदान किए गए अनुवादों की सटीकता और सांस्कृतिक प्रासंगिकता बनाए रखना। |
| प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण | मिशन कर्मियों को नई AI-सक्षम प्रणालियों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित करना। |
| प्रतिक्रिया तंत्र | प्रवासी भारतीयों से प्रतिक्रिया एकत्र करने और सेवाओं में सुधार के लिए एक प्रभावी तंत्र स्थापित करना। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- Bhashini AI प्लेटफॉर्म
आगे की राह
- प्रवासी भारतीयों के बीच डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करना।
- डेटा गोपनीयता और सुरक्षा के लिए मजबूत प्रोटोकॉल और कानूनी ढाँचे विकसित करना, विशेष रूप से AI-सक्षम प्लेटफार्मों के लिए।
- AI-आधारित सेवाओं के साथ-साथ मानवीय सहायता के लिए एक हाइब्रिड मॉडल (Hybrid model) विकसित करना, ताकि जटिल मामलों में व्यक्तिगत सहायता सुनिश्चित की जा सके।
- सभी मिशनों में तकनीकी बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना और AI-आधारित प्रणालियों के रखरखाव और अद्यतन के लिए पर्याप्त संसाधन आवंटित करना।
- प्रवासी भारतीयों से नियमित प्रतिक्रिया एकत्र करने और सेवाओं में सुधार के लिए एक प्रभावी प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करना।
- AI-जनित सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने के लिए सामग्री अद्यतन प्रक्रियाओं को स्वचालित और मानकीकृत करना।
- Bhashini जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रदान किए गए बहुभाषी अनुवादों की गुणवत्ता और सटीकता में निरंतर सुधार करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
कृत्रिम बुद्धिमत्ता · प्रवासी भारतीय · डिजिटल कूटनीति · नागरिक-केंद्रित शासन · ई-शासन · सार्वजनिक सेवा वितरण · डिजिटल संचार · भारतीय मिशन · प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना · बहुभाषी संचार
अवधारणा प्रवाह
भारतीय मिशनों में प्रौद्योगिकी का कम उपयोग → 11वें हेड्स ऑफ मिशन सम्मेलन में 3T (पर्यटन, प्रौद्योगिकी, व्यापार) पर जोर → AI-सक्षम वीडियो (Sarathi) और चैटबॉट का विकास → प्रवासी भारतीयों को कांसुलर सेवाओं और जानकारी की बेहतर डिलीवरी → नागरिक-केंद्रित शासन और कूटनीति में प्रौद्योगिकी का एकीकरण
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ‘सारथी’ भारतीय मिशनों द्वारा विदेशों में भारतीय प्रवासियों को कांसुलर सेवाओं के लिए AI-सक्षम वीडियो जागरूकता श्रृंखला में उपयोग किया जाने वाला एक आभासी अवतार है।
2. ‘भाषाणी’ AI प्लेटफॉर्म का उद्देश्य बहुभाषी संचार अंतराल को पाटना है, जिससे भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में पाठ, दस्तावेज़ और आवाज का अनुवाद किया जा सके।
3. 11वें हेड्स ऑफ मिशन सम्मेलन का विषय ‘2047 के लिए भारतीय कूटनीति में सुधार’ था।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है। ‘सारथी’ म्यूनिख में भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा शुरू की गई AI-सक्षम वीडियो जागरूकता श्रृंखला में उपयोग किया जाने वाला एक आभासी अवतार है, जो पासपोर्ट, वीजा, OCI सेवाओं आदि से संबंधित मुद्दों को संबोधित करता है।
कथन 2 सही है। ‘भाषाणी’ सरकार का एक AI प्लेटफॉर्म है जो बहुभाषी संचार अंतराल को पाटने में मदद करता है।
कथन 3 सही है। 11वें हेड्स ऑफ मिशन सम्मेलन का विषय ‘2047 के लिए भारतीय कूटनीति में सुधार’ था, जहाँ प्रधानमंत्री ने 3T (पर्यटन, प्रौद्योगिकी और व्यापार) पर जोर दिया था।
Q2. कथन (A): भारतीय मिशन विदेशों में भारतीय प्रवासियों को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए AI-सक्षम वीडियो का उपयोग कर रहे हैं।
कारण (R): यह पहल पारंपरिक पाठ-आधारित सलाह के बजाय संक्षिप्त दृश्य-श्रव्य सामग्री का उपयोग करके जानकारी को अधिक सुलभ और समझने में आसान बनाती है।
- A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सही है, लेकिन R गलत है।
- A गलत है, लेकिन R सही है।
उत्तर: A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — कथन (A) सही है क्योंकि भारतीय मिशन AI-सक्षम वीडियो का उपयोग कर रहे हैं। कारण (R) भी सही है और यह कथन (A) की सही व्याख्या करता है, क्योंकि AI-सक्षम वीडियो का उपयोग जानकारी को अधिक सुलभ और समझने में आसान बनाने के लिए किया जाता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ प्रवासी भारतीयों को कांसुलर सेवाएँ प्रदान करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल संचार उपकरणों के उपयोग की क्षमता का परीक्षण कीजिए। क्या यह दृष्टिकोण भारतीय कूटनीति को 2047 के लिए ‘नागरिक-केंद्रित’ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है? (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: प्रवासी भारतीयों के लिए कांसुलर सेवाओं के महत्व और वर्तमान संदर्भ में AI तथा डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग का संक्षिप्त परिचय।
2. AI और डिजिटल संचार उपकरणों की क्षमता का परीक्षण:
क. सूचना की सुगमता और पहुंच: ‘सारथी’ जैसे AI अवतारों के माध्यम से पासपोर्ट, वीजा, OCI सेवाओं, जन्म पंजीकरण, पुलिस क्लीयरेंस और कांसुलर मामलों पर जानकारी को सरल और दृश्य-श्रव्य प्रारूप में प्रस्तुत करना।
ख. बहुभाषी सहायता: ‘भाषाणी’ जैसे AI प्लेटफॉर्म का उपयोग करके विभिन्न भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में संचार अंतराल को पाटना।
ग. दक्षता और त्वरित प्रतिक्रिया: ‘भारती’ और ‘प्रमित’ जैसे चैटबॉट का उपयोग करके उपयोगकर्ताओं के प्रश्नों का त्वरित समाधान।
घ. व्यापक प्रसार: डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रामाणिक कांसुलर जानकारी का व्यापक और त्वरित प्रसार।
ङ. लागत-प्रभावशीलता और मानव संसाधन का अनुकूलन।
3. ‘नागरिक-केंद्रित’ कूटनीति में भूमिका:
क. प्रधानमंत्री के ‘नागरिक-केंद्रित शासन’ दृष्टिकोण के अनुरूप।
ख. ‘2047 के लिए भारतीय कूटनीति में सुधार’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक, विशेषकर ‘प्रौद्योगिकी’ के उपयोग पर जोर।
ग. प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़ाव को मजबूत करना और उनकी चिंताओं को प्रभावी ढंग से संबोधित करना।
घ. भारतीय मिशनों की पहुंच और प्रभावशीलता में वृद्धि।
ङ. पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार।
4. चुनौतियाँ और आगे की राह: डिजिटल विभाजन, डेटा गोपनीयता, तकनीकी अवसंरचना की आवश्यकता, AI के नैतिक उपयोग और मानव संपर्क के महत्व को बनाए रखने जैसी चुनौतियों का उल्लेख। इन चुनौतियों का समाधान करके इस दृष्टिकोण को और मजबूत करने के सुझाव।
5. निष्कर्ष: प्रवासी भारतीयों के लिए सेवाओं को बेहतर बनाने और भारतीय कूटनीति को अधिक आधुनिक, कुशल और नागरिक-केंद्रित बनाने में AI और डिजिटल उपकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका को दोहराना।
स्रोत: The Indian Express
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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