कैबिनेट ने रबी फसलों के लिए एमएसपी 2027-28 को दी मंजूरी

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कैबिनेट ने रबी फसलों के लिए एमएसपी 2027-28 को दी मंजूरी

✎ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) वह गारंटीकृत न्यूनतम मूल्य है जिस पर सरकार किसानों से उनकी फसल खरीदती है, जिसका उद्देश्य किसानों को बाज़ार की अस्थिरता से बचाना और कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधन जुटाना, वृद्धि, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय  |  GS Paper III — कृषि: मुख्य फसलें, विभिन्न प्रकार की सिंचाई प्रणालियाँ, कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन तथा संबंधित विषय एवं बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी
  • Prelims: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), रबी फसलें, खरीफ फसलें, कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP), कृषि मूल्य नीति, खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय, मूल्य स्थिरीकरण
  • Essay: भारत में कृषि सुधारों की आवश्यकता और किसानों की आय दोगुनी करने की चुनौती, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में कृषि नीतियों की भूमिका

त्वरित पुनरावृत्ति: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) वह गारंटीकृत न्यूनतम मूल्य है जिस पर सरकार किसानों से उनकी फसल खरीदती है, जिसका उद्देश्य किसानों को बाज़ार की अस्थिरता से बचाना और कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (Battery Energy Storage Systems – BESS) को मंज़ूरी दे दी है। सरकार का यह निर्णय किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह वृद्धि कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाने और किसानों की आय बढ़ाने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है।

पृष्ठभूमि

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) वह न्यूनतम मूल्य है जिस पर सरकार किसानों से फसल खरीदती है, भले ही बाज़ार मूल्य इससे कम हो। इसका उद्देश्य किसानों को बाज़ार में कीमतों में भारी गिरावट से बचाना है।
  • MSP की सिफारिश कृषि लागत और मूल्य आयोग (Commission for Agricultural Costs and Prices – CACP) द्वारा की जाती है और इसे आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) द्वारा अनुमोदित किया जाता है।
  • CACP अपनी सिफारिशें करते समय उत्पादन लागत, घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में मूल्य रुझान, मांग और आपूर्ति की स्थिति, अंतर-फसल मूल्य समानता और कृषि तथा गैर-कृषि क्षेत्रों के बीच व्यापार की शर्तों जैसे कारकों पर विचार करता है।
  • MSP नीति भारत में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसानों को एक निश्चित आय प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • सरकार 22 अनिवार्य फसलों के लिए MSP की घोषणा करती है, जिसमें 14 खरीफ फसलें, 6 रबी फसलें और 2 वाणिज्यिक फसलें शामिल हैं। गन्ने के लिए उचित और लाभकारी मूल्य (Fair and Remunerative Price – FRP) की घोषणा की जाती है।
  • यह नीति किसानों को फसल बुवाई से पहले ही मूल्य आश्वासन प्रदान करती है, जिससे उन्हें अपनी फसल के बारे में निर्णय लेने में मदद मिलती है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) क्या है?

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) भारत सरकार द्वारा किसानों को उनकी फसलों के लिए दी जाने वाली एक गारंटीकृत न्यूनतम कीमत है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को बाज़ार में कीमतों में अत्यधिक गिरावट से बचाना और उन्हें कृषि निवेश के लिए प्रोत्साहन प्रदान करना है।
  • MSP की घोषणा बुवाई के मौसम से पहले की जाती है ताकि किसानों को यह पता चल सके कि उन्हें अपनी उपज के लिए कम से कम कितना मूल्य मिलेगा।
  • यह कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों पर आधारित होता है, जो विभिन्न कारकों जैसे उत्पादन लागत, मांग-आपूर्ति की स्थिति और बाज़ार मूल्य रुझानों का विश्लेषण करता है।
  • सरकार 22 अनिवार्य फसलों के लिए MSP की घोषणा करती है, जिसमें अनाज, दालें, तिलहन और कुछ वाणिज्यिक फसलें शामिल हैं।
  • MSP किसानों की आय को स्थिर करने, कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • यह किसानों को फसल विविधीकरण के लिए भी प्रोत्साहित करता है, जिससे कृषि क्षेत्र में संतुलन बना रहता है।
  • MSP प्रणाली के माध्यम से, सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System – PDS) के लिए आवश्यक खाद्यान्न की खरीद भी करती है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना और कृषि आय में स्थिरता लाना।
रबी फसलों पर ध्यान गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड और सरसों जैसी प्रमुख रबी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहन देना।
विपणन सीजन 2027-28 के लिए अनुमोदन किसानों को आगामी बुवाई के लिए पहले से ही मूल्य संकेत प्रदान करना, जिससे वे बेहतर योजना बना सकें।
लागत के कम से कम 1.5 गुना MSP का सिद्धांत स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप, किसानों को उत्पादन लागत पर उचित लाभ सुनिश्चित करना।
खाद्य सुरक्षा में योगदान प्रमुख खाद्यान्नों और तिलहनों के उत्पादन को बढ़ावा देकर देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना, जिससे समग्र आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को बढ़ावा मिलेगा।
  • कृषि क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन देना, क्योंकि लाभकारी मूल्य किसानों को बेहतर कृषि पद्धतियों और प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
  • खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) को नियंत्रित करने में सहायता, क्योंकि स्थिर उत्पादन और आपूर्ति से कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोका जा सकता है।

सामाजिक महत्व

  • किसानों के जीवन स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी कम करने में योगदान।
  • किसानों के बीच असमानता को कम करना, विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करना।
  • कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाकर ग्रामीण-शहरी प्रवासन (Rural-Urban Migration) को कम करने में सहायक।

कृषि नीति और शासन

  • सरकार की कृषि नीतियों के प्रति किसानों का विश्वास बढ़ाना और उन्हें कृषि उत्पादन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को बढ़ावा देने के लिए MSP का उपयोग एक नीतिगत उपकरण के रूप में किया जा सकता है, जिससे मिट्टी के स्वास्थ्य और जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सके।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System – PDS) के लिए आवश्यक खाद्यान्नों की खरीद सुनिश्चित करना, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा बनी रहे।

चुनौतियाँ

1. राजकोषीय बोझ

  • MSP में वृद्धि से सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढ़ सकता है, जिससे राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) प्रभावित हो सकता है।
  • MSP पर खरीद के लिए आवश्यक भंडारण और परिवहन लागत भी सरकारी खजाने पर अतिरिक्त दबाव डालती है।

2. बाजार विकृति

  • MSP के कारण बाजार में कीमतों का निर्धारण कृत्रिम रूप से हो सकता है, जिससे मांग और आपूर्ति के प्राकृतिक संतुलन में बाधा आ सकती है।
  • कुछ फसलों के अत्यधिक उत्पादन को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे अन्य फसलों की खेती प्रभावित हो सकती है।

3. पर्यावरणीय चिंताएँ

  • MSP के कारण कुछ फसलों (जैसे धान और गेहूं) की लगातार खेती जल-गहन क्षेत्रों में जल स्तर को कम कर सकती है और मिट्टी के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।
  • फसल विविधीकरण को हतोत्साहित कर सकता है, जिससे कृषि-पारिस्थितिकी तंत्र (Agro-Ecosystem) पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

4. सभी किसानों तक पहुँच का अभाव

  • छोटे और सीमांत किसान अक्सर MSP का पूरा लाभ नहीं उठा पाते हैं, क्योंकि उनके पास सीधे सरकारी खरीद केंद्रों तक पहुँचने के लिए आवश्यक संसाधन और जानकारी का अभाव होता है।
  • बिचौलियों की भूमिका बनी रहती है, जिससे किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य नहीं मिल पाता।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
राजकोषीय स्थिरता बढ़ती MSP और खरीद लागत से सरकारी बजट पर दबाव।
बाजार दक्षता MSP के कारण बाजार मूल्य में विकृति और मांग-आपूर्ति असंतुलन।
पर्यावरणीय प्रभाव कुछ फसलों के अत्यधिक उत्पादन से जल संसाधनों पर दबाव और मिट्टी का क्षरण।
छोटे किसानों तक पहुँच छोटे और सीमांत किसानों का MSP प्रणाली से बाहर रहना।
भंडारण और अपव्यय अतिरिक्त खरीद के कारण भंडारण की समस्या और अनाज का अपव्यय।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA)

आगे की राह

  • MSP प्रणाली को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने के लिए खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना।
  • फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए MSP के दायरे में अधिक फसलों को शामिल करना और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना।
  • किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने के लिए ई-नाम (e-NAM) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार और सुदृढीकरण करना।
  • कृषि अवसंरचना (Agricultural Infrastructure) जैसे भंडारण, कोल्ड स्टोरेज और परिवहन सुविधाओं में निवेश बढ़ाना।
  • किसानों को फसल बीमा और ऋण सुविधाओं तक आसान पहुँच प्रदान करना ताकि वे बाजार के झटकों से सुरक्षित रह सकें।
  • MSP के विकल्प के रूप में मूल्य अंतर भुगतान योजना (Price Deficiency Payment Scheme) जैसे मॉडलों का मूल्यांकन करना, जिससे बाजार विकृति कम हो।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) · रबी फसलें · कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) · कृषि नीति · किसानों की आय · खाद्य सुरक्षा · कृषि विपणन · मूल्य स्थिरीकरण · राजकोषीय निहितार्थ · कृषि सब्सिडी

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 38’, ‘note’: ‘राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 39’, ‘note’: ‘आजीविका के पर्याप्त साधन’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 43’, ‘note’: ‘कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी’}

अवधारणा प्रवाह

सरकार द्वारा रबी फसलों के लिए MSP की घोषणा  →  किसानों को लाभकारी मूल्य का आश्वासन  →  रबी फसलों की बुवाई और उत्पादन में वृद्धि  →  किसानों की आय में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा  →  खाद्य सुरक्षा और मूल्य स्थिरता में योगदान

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की घोषणा कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों पर आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) द्वारा की जाती है।
2. CACP कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत एक सांविधिक निकाय (Statutory body) है।
3. MSP की गणना ‘A2+FL’ लागत सूत्र के आधार पर की जाती है, जिसमें नकद लागत और पारिवारिक श्रम का आरोपित मूल्य शामिल होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल एक — कथन 1 सही है। MSP की घोषणा CACP की सिफारिशों पर CCEA द्वारा की जाती है। कथन 2 गलत है। CACP एक संलग्न कार्यालय (Attached office) है, सांविधिक निकाय नहीं। कथन 3 गलत है। MSP की गणना ‘A2+FL’ के साथ-साथ ‘C2’ लागत सूत्र पर भी विचार करके की जाती है, जिसमें व्यापक लागतें शामिल होती हैं।

Q2. अभिकथन (A): भारत सरकार विपणन सीजन 2027-28 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी देती है।
कारण (R): MSP का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना और कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।
उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा सही है?

  1. A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
  2. A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  3. A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
  4. A असत्य है, लेकिन R सत्य है।

उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सत्य है क्योंकि यह खबर का मुख्य बिंदु है। कारण (R) भी सत्य है क्योंकि MSP का प्राथमिक उद्देश्य किसानों को लाभकारी मूल्य प्रदान करना और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना है। कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या भी करता है, क्योंकि सरकार MSP को इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए मंजूरी देती है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) कृषि उत्पादकों को बाजार की अस्थिरता से बचाने में एक महत्वपूर्ण नीतिगत उपकरण है। भारत में MSP व्यवस्था के उद्देश्यों और चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: परिचय: MSP की संक्षिप्त परिभाषा और इसके महत्व का उल्लेख।
उद्देश्य: किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना, उत्पादन को प्रोत्साहन, खाद्य सुरक्षा, कृषि विविधीकरण, ग्रामीण आय में वृद्धि।
चुनौतियाँ: राजकोषीय बोझ, मुद्रास्फीति पर प्रभाव, बाजार विकृति, सीमित कवरेज (कुछ फसलों और क्षेत्रों तक), खरीद प्रणाली में अक्षमताएँ, पर्यावरण पर प्रभाव (जल-गहन फसलों की ओर झुकाव), WTO के नियम।
समालोचनात्मक विश्लेषण: MSP की सफलता और सीमाओं का मूल्यांकन। यह कैसे किसानों को सुरक्षा प्रदान करता है और साथ ही अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव डालता है।
सुझाव/आगे का रास्ता: स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें (C2+50%), मूल्य कमी भुगतान योजना (PDPS) जैसे वैकल्पिक तंत्र, बाजार आधारित समाधान, खरीद प्रणाली में सुधार, कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहन।
निष्कर्ष: MSP के महत्व को स्वीकार करते हुए, इसे अधिक प्रभावी और सतत बनाने के लिए सुधारों की आवश्यकता पर बल।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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