04 Nov घटिया दवा निर्माताओं के लाइसेंस तत्काल निलंबित करने का प्रस्ताव
✎ औषधि नियम, 1945 में प्रस्तावित संशोधन के अनुसार परख, घुलनशीलता, संबंधित पदार्थ, अशुद्धियाँ या जीवाणुरहितता पर NSQ घोषित औषधि के विनिर्माता की अनुज्ञप्ति सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट मिलते ही तत्काल निलंबित होगी, और वापसी केवल मूल…
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — Governance (सरकारी नीतियाँ, नियामक संस्थाएँ और उनका कार्य-तंत्र) | GS Paper II — Health (जन-स्वास्थ्य, औषधि गुणवत्ता और रोगी सुरक्षा) | GS Paper II — Polity (केंद्र-राज्य सहयोग; समवर्ती सूची में औषधियों का विषय)
- Prelims: मानक-गुणवत्ता से कमतर (Not of Standard Quality – NSQ), औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 (Drugs and Cosmetics Act, 1940), औषधि नियम, 1945 (Drugs Rules, 1945), केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organisation – CDSCO) और औषधि महानियंत्रक (DCGI), सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट (Government Analyst’s Report) और अधिनियम की धारा 22, परख, घुलनशीलता, संबंधित पदार्थ, अशुद्धियाँ और जीवाणुरहितता (Assay, Dissolution, Related Substances, Impurities, Sterility), मूल कारण विश्लेषण (Root Cause Analysis) और सुधारात्मक एवं निवारक कार्रवाई (CAPA), समवर्ती सूची, सातवीं अनुसूची की प्रविष्टि 19 (औषधियाँ और विष), अनुच्छेद 47 (पोषण-स्तर, जीवन-स्तर और जन-स्वास्थ्य सुधार का राज्य का कर्तव्य)
- Essay: जन-स्वास्थ्य की रक्षा के लिए नियामक तंत्र में गति और निष्पक्षता का संतुलन, औषधि गुणवत्ता नियमन में केंद्र और राज्यों की साझा भूमिका: सहकारी संघवाद की चुनौतियाँ
त्वरित पुनरावृत्ति: औषधि नियम, 1945 में प्रस्तावित संशोधन के अनुसार परख, घुलनशीलता, संबंधित पदार्थ, अशुद्धियाँ या जीवाणुरहितता पर NSQ घोषित औषधि के विनिर्माता की अनुज्ञप्ति सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट मिलते ही तत्काल निलंबित होगी, और वापसी केवल मूल कारण विश्लेषण व CAPA के बाद संभव होगी।
यह खबर चर्चा में क्यों?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 में प्रस्तावित संशोधनों का प्रारूप जारी किया है, जिसके अंतर्गत परख, घुलनशीलता, संबंधित पदार्थ, अशुद्धियों या जीवाणुरहितता के किसी भी महत्वपूर्ण मापदंड पर मानक-गुणवत्ता से कमतर पाई गई औषधि के विनिर्माता की अनुज्ञप्ति को सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट मिलते ही तत्काल निलंबित करने का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्रालय के अनुसार वर्तमान व्यवस्था में निलंबन या रद्दीकरण से पहले कारण बताओ नोटिस सहित निर्धारित प्रक्रिया अपनानी होती है, जिससे दोषपूर्ण औषधि के बाज़ार में बने रहने का समय-अंतराल रहता है। प्रारूप को सार्वजनिक परामर्श के लिए अधिसूचित किया गया है, जिस पर भारत का राजपत्र (Gazette of India) की प्रतियाँ जनता को उपलब्ध होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर आपत्तियाँ और सुझाव मांगे गए हैं। प्रस्ताव में यह भी है कि निलंबन तभी हटेगा जब विनिर्माता मूल कारण विश्लेषण कर सुधारात्मक एवं निवारक कार्रवाई को संबंधित अनुज्ञप्ति प्राधिकारी की संतुष्टि के अनुसार लागू कर दे।
पृष्ठभूमि
- भारत में औषधियों के आयात, निर्माण, बिक्री और वितरण का मूल विधिक ढांचा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 है, तथा उसके अंतर्गत बने औषधि नियम, 1945 अनुज्ञप्ति, निरीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण की विस्तृत प्रक्रियाएँ निर्धारित करते हैं।
- औषधि की गुणवत्ता की जाँच नमूना-संग्रह के बाद सरकारी विश्लेषकों द्वारा की जाती है; नमूना मानक-गुणवत्ता से कमतर पाए जाने पर उसे NSQ घोषित किया जाता है और केंद्रीय तथा राज्य स्तर पर नियामक कार्रवाई होती है।
- औषधि नियामन में केंद्र और राज्यों की भूमिका बंटी हुई है: केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) का नेतृत्व औषधि महानियंत्रक (DCGI) करते हैं, जबकि अधिकांश विनिर्माण अनुज्ञप्तियाँ राज्य औषधि नियंत्रण प्राधिकरणों द्वारा जारी और नियंत्रित होती हैं।
- विषाक्त कफ सिरप जैसी घटनाओं के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत में निर्मित कुछ सिरपों से जुड़े गुणवत्ता-दोषों पर चेतावनियाँ जारी की थीं, जिसके बाद विनिर्माण-गुणवत्ता और निरीक्षण व्यवस्था पर नीतिगत ध्यान बढ़ा।
- विनिर्माण-गुणवत्ता के मानकों को विश्व स्तर के अनुरूप बनाने के लिए संशोधित गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) की शर्तें लागू की गईं, जिनमें जोखिम-आधारित निरीक्षण और गुणवत्ता प्रणाली पर बल है।
मानक-गुणवत्ता से कमतर (NSQ) औषधि और तत्काल निलंबन का प्रस्ताव क्या है?
- NSQ से तात्पर्य ऐसी औषधि से है जो सरकारी विश्लेषक की जाँच में निर्धारित गुणवत्ता-मानकों पर खरी न उतरे; यह घोषणा औषधि की सुरक्षा और प्रभावशीलता पर सीधा प्रभाव डालती है।
- परख (Assay) से सक्रिय घटक की मात्रा, घुलनशीलता (Dissolution) से गोली या कैप्सूल से शरीर में घुलने की दर, संबंधित पदार्थ और अशुद्धियाँ (Related Substances, Impurities) से हानिकारक उप-उत्पादों की उपस्थिति, तथा जीवाणुरहितता (Sterility) से इंजेक्शन या आँख की दवाओं जैसे उत्पादों में सूक्ष्मजीवों की अनुपस्थिति जाँची जाती है।
- वर्तमान व्यवस्था में निलंबन से पहले कारण बताओ नोटिस और उचित सुनवाई आवश्यक है; प्रस्तावित संशोधन में सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट मिलते ही केंद्रीय या राज्य अनुज्ञप्ति प्राधिकारी को तत्काल निलंबन का अधिकार देने की बात है।
- प्रस्ताव का उद्देश्य दोषपूर्ण औषधि के विनिर्माण और वितरण को रोकना, बाज़ार से प्रत्याहरण (Recall) को प्रभावी बनाना और नियामक हस्तक्षेप में होने वाले समय-अंतराल को कम करना है।
- निलंबन की वापसी के लिए मूल कारण विश्लेषण (Root Cause Analysis) और सुधारात्मक एवं निवारक कार्रवाई (CAPA) अनिवार्य होगी, अर्थात् केवल दंडात्मक नहीं बल्कि सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाया गया है।
- प्रारूप नियम होने के कारण यह अभी अंतिम नहीं है; सार्वजनिक परामर्श के बाद आपत्तियों पर विचार कर ही इसे अंतिम रूप से अधिसूचित किया जा सकेगा।
- संवैधानिक दृष्टि से औषधियाँ और विष सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची (प्रविष्टि 19) में आते हैं, इसलिए केंद्र और राज्य दोनों विधि बना सकते हैं, और अनुच्छेद 47 के अंतर्गत जन-स्वास्थ्य सुधार राज्य का कर्तव्य है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| प्रस्तावित संशोधन का स्वरूप | औषधि नियम, 1945 में संशोधन का प्रारूप, जिस पर लोक परामर्श (public consultation) के लिए 30 दिन की आपत्ति-सुझाव अवधि रखी गई है |
| तत्काल निलंबन की शक्ति | केंद्रीय अनुज्ञप्ति प्राधिकरण (Central Licensing Approving Authority) या राज्य अनुज्ञप्ति प्राधिकरण (State Licensing Authority) को सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट मिलते ही विनिर्माण अनुज्ञप्ति निलंबित करने का अधिकार |
| ट्रिगर पैरामीटर | असे (Assay), घुलनशीलता (Dissolution), संबंधित पदार्थ (Related Substances), अशुद्धियाँ (Impurities) और जीवाणुरहितता (Sterility) पर NSQ घोषित दवा |
| कारण बताओ नोटिस से पूर्व कार्रवाई | पहले की व्यवस्था में निलंबन या रद्दीकरण से पहले कारण बताओ नोटिस अनिवार्य था; प्रस्ताव में इस समय-अंतराल को घटाने का लक्ष्य है |
| सुधारात्मक शर्तें | निलंबन तभी हटेगा जब निर्माता मूल कारण विश्लेषण (Root Cause Analysis) करे और सुधारात्मक एवं निवारक कार्रवाई (CAPA) लागू करे, जिसे संबंधित प्राधिकरण संतोषजनक माने |
| उद्देश्य | दोषपूर्ण दवाओं के निर्माण और वितरण को रोकना, बाज़ार से वापसी (recall) को प्रभावी बनाना और रोगी सुरक्षा सुनिश्चित करना |
महत्व
स्वास्थ्य एवं रोगी सुरक्षा
- घटिया दवाएँ रोगियों के उपचार को विफल कर सकती हैं या प्रतिकूल प्रभाव उत्पन्न कर सकती हैं; निलंबन से ऐसी दवाओं का उत्पादन तुरंत रुकेगा।
- NSQ घोषित होने और कार्रवाई के बीच का अंतराल कम होने से दोषपूर्ण दवाएँ बाज़ार में कम समय तक रहेंगी।
प्रशासनिक एवं नियामकीय
- औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के अंतर्गत बने नियमों में संशोधन से यह दिखता है कि नियामक ढाँचा सक्रिय (proactive) प्रवर्तन की ओर बढ़ रहा है।
- केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों के अनुज्ञप्ति प्राधिकरणों को अधिकार देने से प्रवर्तन में समन्वय की आवश्यकता बढ़ती है।
गुणवत्ता नियंत्रण और उत्तरदायित्व
- मूल कारण विश्लेषण और CAPA की अनिवार्यता से निर्माता पर केवल दंड नहीं, बल्कि प्रक्रियात्मक सुधार का दायित्व भी आता है।
- सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट को निर्णायक आधार बनाने से प्रयोगशाला परीक्षण की भूमिका और बढ़ जाती है।
लोक परामर्श और विधि-निर्माण प्रक्रिया
- मसौदा नियम गजट में प्रकाशित कर आपत्तियाँ आमंत्रित करना प्रशासनिक विधि-निर्माण में पारदर्शिता का उदाहरण है।
- हितधारकों, विशेषकर छोटे निर्माताओं, की आपत्तियाँ अंतिम नियमों के स्वरूप को प्रभावित कर सकती हैं।
चुनौतियाँ
1. प्रक्रियात्मक न्याय और निर्माता के अधिकार
- बिना पूर्व सुनवाई के तत्काल निलंबन से निर्माता के वैध व्यापारिक हित प्रभावित हो सकते हैं।
- यह सुनिश्चित करना होगा कि निलंबन के विरुद्ध अपील या समीक्षा का प्रभावी मार्ग उपलब्ध रहे, ताकि मनमानी की आशंका न रहे।
- प्राकृतिक न्याय (natural justice) के सिद्धांत और निलंबन की तात्कालिकता के बीच संतुलन आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: GS-2: शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक विधि; न्यायिक समीक्षा की भूमिका
2. प्रयोगशाला क्षमता और रिपोर्ट की विश्वसनीयता
- निलंबन का आधार सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट है, इसलिए नमूना संग्रह, परीक्षण और रिपोर्ट की गुणवत्ता निर्णायक हो जाती है।
- राज्यों में प्रयोगशालाओं की संख्या, तकनीकी दक्षता और मानव संसाधन में अंतर से प्रवर्तन की एकरूपता प्रभावित हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: GS-2: स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य-केंद्र समन्वय; सार्वजनिक स्वास्थ्य ढाँचा
3. केंद्र-राज्य प्रवर्तन में समन्वय
- दवा निर्माण के लाइसेंस विभिन्न प्राधिकरणों द्वारा जारी होते हैं, इसलिए निलंबन के निर्णय में समन्वय की चुनौती होती है।
- एक ही निर्माता की इकाइयाँ अलग-अलग राज्यों में हो सकती हैं, जिससे निर्णय की समय पर सूचना और अनुपालन सुनिश्चित करना कठिन होता है।
यूपीएससी लिंक: GS-2: संघवाद; केंद्र और राज्यों के बीच प्रशासनिक समन्वय
4. बाज़ार से वापसी (Recall) की व्यावहारिक कठिनाई
- दवा के वितरण श्रृंखला (distribution chain) में फैल चुके बैच का पता लगाना और उसे वापस लेना जटिल होता है।
- निलंबन उत्पादन रोकता है, पर पहले से बाज़ार में पहुँची दवाओं की वापसी के लिए अलग तंत्र आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: GS-2: उपभोक्ता संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशासन; GS-3: स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियाँ
5. छोटे और मध्यम निर्माताओं पर अनुपालन भार
- छोटे निर्माताओं के पास मूल कारण विश्लेषण और CAPA लागू करने के लिए तकनीकी और वित्तीय संसाधन सीमित हो सकते हैं।
- अनुपालन-भार बढ़ने से वैध निर्माता बाज़ार से बाहर हो सकते हैं, जिससे आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
यूपीएससी लिंक: GS-3: MSME क्षेत्र की समस्याएँ; औद्योगिक विकास और रोज़गार
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| समस्या | चिंता |
|---|---|
| प्राकृतिक न्याय | पूर्व सुनवाई के बिना निलंबन से निर्माता के अधिकारों पर असर; अपील तंत्र की स्पष्टता आवश्यक |
| प्रयोगशाला क्षमता | सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट पर निर्भरता; राज्यों में परीक्षण सुविधाओं में असमानता |
| अधिकार-क्षेत्र का बँटवारा | केंद्रीय और राज्य अनुज्ञप्ति प्राधिकरणों के बीच समन्वय और सूचना-आदान-प्रदान की कठिनाई |
| वापसी (Recall) की जटिलता | बाज़ार में पहुँच चुकी दवाओं को वितरण श्रृंखला से वापस लेने में व्यावहारिक समस्याएँ |
| MSME पर अनुपालन भार | CAPA और मूल कारण विश्लेषण के लिए छोटे निर्माताओं के पास सीमित संसाधन |
| प्रतिबंध का दुरुपयोग | निलंबन की शक्ति के मनमाने उपयोग की आशंका; स्पष्ट मानदंड और समीक्षा-व्यवस्था आवश्यक |
आगे की राह
- लोक परामर्श के दौरान प्राप्त आपत्तियों और सुझावों का विश्लेषण कर अंतिम नियमों में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का समावेश किया जाए।
- निलंबन आदेश के विरुद्ध अपील और समय-सीमा युक्त समीक्षा-तंत्र स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाए।
- राज्य स्तरीय सरकारी विश्लेषक प्रयोगशालाओं की संख्या, उपकरण और मानव संसाधन बढ़ाए जाएँ, ताकि रिपोर्ट समय पर और विश्वसनीय हो।
- केंद्रीय और राज्य अनुज्ञप्ति प्राधिकरणों के बीच एकीकृत डिजिटल सूचना-प्रणाली विकसित की जाए, जिससे निलंबन का आदेश तत्काल साझा हो सके।
- बाज़ार से वापसी (recall) के लिए वितरकों और खुदरा विक्रेताओं की भूमिका तथा समय-सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए।
- छोटे और मध्यम निर्माताओं के लिए CAPA और मूल कारण विश्लेषण पर तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।
- दवा निर्माण में गुणवत्ता-प्रबंधन (quality management) की संस्कृति को प्रोत्साहित करने हेतु निर्माण-स्थल पर नियमित निरीक्षण और जोखिम-आधारित निरीक्षण अपनाया जाए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
मानक-स्तर से निम्न दवाएँ (Not of Standard Quality – NSQ) · अनुज्ञप्ति निलंबन (Licence Suspension) · औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 (Drugs and Cosmetics Act, 1940) · औषधि नियम, 1945 (Drugs Rules, 1945) · समवर्ती सूची, प्रविष्टि 19 (Concurrent List, Entry 19) · जीवन का अधिकार और स्वास्थ्य का अधिकार (Article 21) · नैसर्गिक न्याय (Natural Justice) · मूल कारण विश्लेषण और सुधारात्मक-निवारक कार्रवाई (Root Cause Analysis and CAPA) · केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organisation – CDSCO) · सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) · औषधि सतर्कता (Pharmacovigilance) · उत्पाद दायित्व (Product Liability)
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- अनुच्छेद 47: पोषण स्तर, जीवन-स्तर और लोक स्वास्थ्य सुधार का राज्य का कर्तव्य
- अनुच्छेद 21: जीवन का अधिकार; स्वास्थ्य को उसका अभिन्न अंग माना गया है
- सातवीं अनुसूची, समवर्ती सूची: औषधियों और विषों (प्रविष्टि 19) पर केंद्र और राज्य दोनों की विधायी शक्ति
अवधारणा प्रवाह
दवा का नमूना लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण (असे, घुलनशीलता, जीवाणुरहितता आदि) → परीक्षण में NSQ पाए जाने पर सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट जारी होती है → रिपोर्ट मिलते ही अनुज्ञप्ति प्राधिकरण विनिर्माण अनुज्ञप्ति को तत्काल निलंबित करता है → निर्माता मूल कारण विश्लेषण करता है और CAPA लागू करता है → संबंधित प्राधिकरण संतुष्ट होने पर निलंबन हटाता है और उत्पादन पुनः आरंभ होता है
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. औषधि (Drugs) विषय संविधान की समवर्ती सूची में आता है।
2. भारतीय फार्माकोपिया आयोग (Indian Pharmacopoeia Commission) भारत की औषधि-सतर्कता कार्यक्रम (Pharmacovigilance Programme of India) के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
3. संविधान के अनुच्छेद 47 के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य सुधारने का राज्य का कर्तव्य एक मौलिक अधिकार है और न्यायालय में सीधे प्रवर्तनीय है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- सभी
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है: औषधि संविधान की समवर्ती सूची की प्रविष्टि 19 में आती है, इसलिए केंद्र और राज्य दोनों विधि बना सकते हैं। कथन 2 सही है: भारतीय फार्माकोपिया आयोग PvPI का राष्ट्रीय समन्वय केंद्र है। कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 47 एक राज्य नीति का निदेशक तत्व है, मौलिक अधिकार नहीं, और यह न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं है; स्वास्थ्य का अधिकार अनुच्छेद 21 की व्याख्या से मान्य हुआ है।
Q2. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए:
अभिकथन (A): प्रस्तावित संशोधन के अंतर्गत सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट मिलते ही, किसी दवा को मानक-स्तर से निम्न (NSQ) घोषित होने पर, उसकी विनिर्माण अनुज्ञप्ति तत्काल निलंबित की जा सकेगी।
कारण (R): वर्तमान औषधि नियम, 1945 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति निलंबन या रद्दीकरण से पहले कारण बताओ नोटिस (Show-cause Notice) जारी करने की प्रक्रिया अपनानी होती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है, किंतु (R) गलत है।
- (A) गलत है, किंतु (R) सही है।
उत्तर: (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है। — प्रस्ताव का उद्देश्य ही यह है कि कारण बताओ नोटिस जैसी प्रक्रियागत देरी से बचा जा सके, इसलिए विद्यमान प्रावधान में मौजूद समय-अंतराल ही तत्काल निलंबन की आवश्यकता का कारण है। अतः (R), (A) की सही व्याख्या है।
Q3. निम्नलिखित सुमेलन (Match) कीजिए:
सूची I (औषधि-गुणवत्ता पद): 1. परख (Assay) 2. घुलन (Dissolution) 3. बंध्यता (Sterility) 4. सुधारात्मक-निवारक कार्रवाई (CAPA)
सूची II (अर्थ): a. सूक्ष्मजीवों की अनुपस्थिति b. दवा में सक्रिय घटक की मात्रात्मक मात्रा c. गोली द्वारा औषधि मुक्त होने की दर d. विफलता के बाद सुधार और उसकी पुनरावृत्ति रोकने के उपाय
सही सुमेलन चुनिए:
- 1-b, 2-c, 3-a, 4-d
- 1-c, 2-b, 3-a, 4-d
- 1-b, 2-a, 3-c, 4-d
- 1-b, 2-c, 3-d, 4-a
उत्तर: 1-b, 2-c, 3-a, 4-d — परख दवा में सक्रिय घटक की मात्रा मापती है (b)। घुलन यह दर्शाता है कि दवा शरीर में कितनी दर से मुक्त होती है (c)। बंध्यता में सूक्ष्मजीवों का अभाव देखा जाता है (a)। CAPA विफलता के मूल कारण को दूर करने और दोहराव रोकने की प्रक्रिया है (d)।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत में मानक-स्तर से निम्न दवाओं के विरुद्ध कार्रवाई में विलंब जन-स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है। केंद्र द्वारा औषधि नियम, 1945 में संशोधन कर विनिर्माण अनुज्ञप्ति के तत्काल निलंबन का प्रस्ताव इस समस्या का समाधान कैसे करता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। साथ ही उत्तर दीजिए कि प्रशासनिक कार्रवाई में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों की रक्षा किस प्रकार की जा सकती है और इसमें संघीय ढाँचे की भूमिका क्या है। (15 Marks)
रूपरेखा: MODEL-ANSWER SKELETON:
(1) प्रस्ताव का परिचय: ‘मानक-स्तर से निम्न (NSQ)’ घोषित होने पर विद्यमान प्रक्रिया में कारण बताओ नोटिस के कारण समय-अंतराल; इस दौरान दवा का प्रचलन में बने रहना; प्रस्तावित संशोधन में सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट के आधार पर तत्काल निलंबन; परख, घुलन, संबंधित पदार्थ, अशुद्धि और बंध्यता जैसे मापदंड; 30 दिनों की सार्वजनिक परामर्श अवधि।
(2) संवैधानिक और विधिक ढाँचा: स्वास्थ्य राज्य सूची में नहीं, बल्कि समवर्ती सूची की प्रविष्टि 19 (औषधि और विष) में आता है; औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के अंतर्गत औषधि नियम, 1945; केंद्रीय अनुज्ञप्ति प्राधिकारी (CLAA) और राज्य अनुज्ञप्ति प्राधिकारी की भूमिका; केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) का समन्वय।
(3) पक्ष में तर्क: अनुच्छेद 21 के अंतर्गत स्वास्थ्य का अधिकार (विन्सेंट पनिकुरलंगरा मामला, 1987; परमानंद कटारा मामला, 1989); अनुच्छेद 47 का जन-स्वास्थ्य दायित्व; 2022-23 में कुछ कफ सिरप से जुड़ी मौतों जैसी घटनाओं से सीख, जहाँ तेज़ कार्रवाई और प्रभावी recall की आवश्यकता रेखांकित हुई; उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के उत्पाद दायित्व (Product Liability) प्रावधानों के साथ सामंजस्य।
(4) विपक्ष/सावधानी: प्रशासनिक निर्णय में लैब रिपोर्ट की त्रुटि या नमूना-प्रक्रिया पर विवाद की संभावना; ‘सुनवाई का अवसर’ (audi alteram partem) और मनमानी से बचाव के लिए मेनका गांधी मामला (1978) में प्रतिपादित ‘उचित, न्यायसंगत और निष्पक्ष प्रक्रिया’ का सिद्धांत; निलंबन के बाद अपील का प्रावधान; निर्माता पर आर्थिक प्रभाव, विशेषकर MSME इकाइयों पर; निलंबन बनाम रद्दीकरण का अंतर।
(5) सुधारात्मक शर्तें: मूल कारण विश्लेषण (Root Cause Analysis) और CAPA के संतोषजनक कार्यान्वयन के बिना निलंबन वापस न होना; WHO-GMP के अनुरूप संशोधित अनुसूची M (Schedule M) का अनुपालन; राज्यों में औषधि निरीक्षकों की कमी और प्रयोगशालाओं की क्षमता।
(6) संघवाद: अनुज्ञप्ति का कार्यान्वयन अधिकांशतः राज्य प्राधिकारियों द्वारा होता है, इसलिए सहकारी संघवाद के अंतर्गत समन्वय, एकसमान व्याख्या और क्षमता-निर्माण आवश्यक है।
(7) निष्कर्ष: जन-सुरक्षा और प्रक्रियागत न्याय के बीच संतुलन; सुझाव: समयबद्ध सुनवाई, स्वतंत्र पुनर्परीक्षण (re-test) का अधिकार और प्रभावी अपील तंत्र।
स्रोत: orissapost.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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