क्वांटम कंप्यूटिंग: बैंकों के लिए नया बड़ा खतरा और तैयारी की रणनीति

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क्वांटम कंप्यूटिंग: बैंकों के लिए नया बड़ा खतरा और तैयारी की रणनीति

क्लासिकल बनाम क्वांटम कंप्यूटिंगक्लासिकल कंप्यूटिंगक्वांटम कंप्यूटिंगडेटा संग्रहणबिट (0 या 1)क्यूबिट (0 और 1 का संयोजन)गुणनिश्चित स्थितिसुपरपोजिशनसंबंधस्वतंत्रएंटैंगलमेंटगणना क्षमतासीमितउच्च (कुछ समस्याओं के लिए)एन्क्रिप्शन पर प्रभावस्थिरखतरा
क्लासिकल बनाम क्वांटम कंप्यूटिंग

✎ क्वांटम कंप्यूटिंग एक उभरती हुई तकनीक है जो क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों का उपयोग करके पारंपरिक कंप्यूटरों की तुलना में कुछ जटिल समस्याओं को अधिक तेज़ी से हल कर सकती है, लेकिन यह वर्तमान में उपयोग की जाने वाली कई एन्क्रिप्शन…

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आंतरिक सुरक्षा  |  GS Paper III — अर्थव्यवस्था
  • Prelims: क्वांटम कंप्यूटिंग, क्यूबिट, सुपरपोजिशन, एंटैंगलमेंट, क्रिप्टोग्राफी, पब्लिक-की क्रिप्टोग्राफी, RSA, एलिप्टिक-कर्व क्रिप्टोग्राफी, RBI साइबर सुरक्षा ढाँचा, SEBI IT रेजिलिएंस इंडेक्स
  • Essay: डिजिटल युग में सुरक्षा चुनौतियाँ और तकनीकी समाधान, उभरती प्रौद्योगिकियाँ और उनका सामाजिक-आर्थिक प्रभाव

त्वरित पुनरावृत्ति: क्वांटम कंप्यूटिंग एक उभरती हुई तकनीक है जो क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों का उपयोग करके पारंपरिक कंप्यूटरों की तुलना में कुछ जटिल समस्याओं को अधिक तेज़ी से हल कर सकती है, लेकिन यह वर्तमान में उपयोग की जाने वाली कई एन्क्रिप्शन प्रणालियों के लिए एक संभावित खतरा भी है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से उत्पन्न साइबर सुरक्षा चिंताओं के बीच, बैंकिंग क्षेत्र एक बड़े खतरे, क्वांटम कंप्यूटिंग, के लिए तैयारी कर रहा है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वाणिज्यिक बैंकों के लिए एक नया साइबर सुरक्षा और प्रौद्योगिकी-लचीलापन ढाँचा जारी किया है, जबकि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बाजार अवसंरचना संस्थानों के लिए एक IT रेजिलिएंस इंडेक्स पेश किया है। ये कदम वर्तमान खतरों से निपटने में मदद कर सकते हैं, लेकिन क्वांटम कंप्यूटिंग एक ऐसी चुनौती पेश कर रही है जो डिजिटल प्रणालियों को सुरक्षित रखने के लिए उपयोग की जाने वाली एन्क्रिप्शन के गणितीय आधार को चुनौती दे सकती है।

पृष्ठभूमि

  • पारंपरिक कंप्यूटिंग में डेटा को बिट (0 या 1) के रूप में संग्रहीत और संसाधित किया जाता है।
  • क्वांटम कंप्यूटिंग में, डेटा को क्वांटम बिट या क्यूबिट (Qubit) के रूप में संसाधित किया जाता है।
  • क्यूबिट 0 और 1 के संयोजन में मौजूद हो सकता है, जिसे सुपरपोजिशन (Superposition) कहा जाता है।
  • क्वांटम सिस्टम एंटैंगलमेंट (Entanglement) नामक एक अन्य गुण का भी उपयोग कर सकते हैं, जिसमें विभिन्न क्यूबिट्स की स्थितियाँ निकटता से संबंधित हो जाती हैं।
  • क्वांटम एल्गोरिदम को इन क्वांटम अवस्थाओं में हेरफेर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि उपयोगी उत्तरों की संभावना बढ़ाई जा सके।
  • यह क्वांटम कंप्यूटरों को कुछ प्रकार की समस्याओं के लिए पारंपरिक कंप्यूटरों पर महत्वपूर्ण बढ़त दे सकता है, जिन्हें हल करने में पारंपरिक मशीनों को हजारों साल लग सकते हैं।

क्वांटम कंप्यूटिंग क्या है?

  • क्वांटम कंप्यूटिंग एक नई प्रकार की कंप्यूटिंग है जो क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों का उपयोग करती है।
  • यह पारंपरिक कंप्यूटरों की तुलना में कुछ प्रकार की समस्याओं को अधिक कुशलता से हल करने की क्षमता रखती है।
  • पारंपरिक कंप्यूटर डेटा को बिट्स (0 या 1) के रूप में संसाधित करते हैं, जबकि क्वांटम कंप्यूटर क्यूबिट्स का उपयोग करते हैं।
  • क्यूबिट्स सुपरपोजिशन और एंटैंगलमेंट जैसी क्वांटम घटनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
  • सुपरपोजिशन का अर्थ है कि एक क्यूबिट एक ही समय में कई अवस्थाओं में मौजूद हो सकता है।
  • एंटैंगलमेंट वह घटना है जहाँ दो या दो से अधिक क्यूबिट्स की अवस्थाएँ एक-दूसरे से इतनी गहराई से जुड़ी होती हैं कि एक की अवस्था को मापने से दूसरे की अवस्था तुरंत प्रभावित होती है, भले ही वे कितनी भी दूर क्यों न हों।
  • क्वांटम कंप्यूटरों में दवा खोज, सामग्री विज्ञान, वित्तीय मॉडलिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में क्रांति लाने की क्षमता है।
  • हालांकि, क्वांटम कंप्यूटिंग की क्षमताएं वर्तमान में सीमित हैं और यह अभी भी विकास के प्रारंभिक चरण में है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
क्लासिकल बिट यह 0 या 1 में से कोई एक मान रखता है।
क्यूबिट (क्वांटम बिट) यह एक साथ 0 और 1 दोनों का संयोजन हो सकता है (सुपरपोजिशन)।
सुपरपोजिशन क्यूबिट की एक साथ कई अवस्थाओं में रहने की क्षमता, जो क्वांटम कंप्यूटरों को समानांतर गणना करने में सक्षम बनाती है।
एंटैंगलमेंट (उलझाव) दो या दो से अधिक क्यूबिट्स की अवस्थाओं का आपस में सहसंबद्ध होना, जिससे जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता बढ़ती है।
क्वांटम एल्गोरिदम क्वांटम कंप्यूटरों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए एल्गोरिदम जो कुछ समस्याओं को क्लासिकल कंप्यूटरों की तुलना में बहुत तेजी से हल कर सकते हैं।
क्रिप्टोग्राफी पर प्रभाव क्वांटम कंप्यूटर वर्तमान में उपयोग की जाने वाली कई एन्क्रिप्शन प्रणालियों को तोड़ने में सक्षम हो सकते हैं।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के लिए गंभीर खतरा।
  • वित्तीय लेनदेन, व्यक्तिगत डेटा और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा पर सीधा प्रभाव।
  • साइबर सुरक्षा में निवेश और क्वांटम-सुरक्षित समाधानों के विकास की आवश्यकता।

रणनीतिक महत्व

  • राष्ट्रीय सुरक्षा और महत्वपूर्ण अवसंरचना (Critical Infrastructure) की सुरक्षा के लिए क्वांटम कंप्यूटिंग का रणनीतिक महत्व।
  • साइबर युद्ध और जासूसी में क्वांटम क्षमताओं का संभावित उपयोग।
  • भारत के लिए क्वांटम प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता और अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता।

सामाजिक महत्व

  • व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और निजता (Privacy) का उल्लंघन होने का जोखिम।
  • डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन सेवाओं पर जनता के विश्वास में कमी आने की संभावना।
  • नागरिकों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करने की चुनौती।

तकनीकी महत्व

  • क्वांटम कंप्यूटिंग एक उभरती हुई प्रौद्योगिकी है जिसमें अभूतपूर्व गणना क्षमता है।
  • यह दवा खोज, सामग्री विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला सकती है।
  • क्वांटम-सुरक्षित क्रिप्टोग्राफी (Quantum-Safe Cryptography) का विकास भविष्य की साइबर सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

चुनौतियाँ

1. वर्तमान एन्क्रिप्शन प्रणालियों के लिए खतरा

  • क्वांटम कंप्यूटर सार्वजनिक-कुंजी क्रिप्टोग्राफिक प्रणालियों (जैसे RSA और एलिप्टिक-कर्व क्रिप्टोग्राफी) को तोड़ने में सक्षम हो सकते हैं।
  • ये प्रणालियाँ वर्तमान में डिजिटल संचार और वित्तीय लेनदेन को सुरक्षित रखने के लिए व्यापक रूप से उपयोग की जाती हैं।

2. वित्तीय स्थिरता पर प्रभाव

  • बैंकों और वित्तीय संस्थानों के संवेदनशील डेटा, ग्राहक जानकारी और लेनदेन को खतरे में डाल सकता है।
  • यह वित्तीय प्रणाली में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और अस्थिरता का कारण बन सकता है।

3. उच्च लागत और जटिलता

  • क्वांटम-सुरक्षित समाधानों को विकसित करने और लागू करने में महत्वपूर्ण वित्तीय और तकनीकी निवेश की आवश्यकता होगी।
  • मौजूदा आईटी प्रणालियों को अपग्रेड करना और नई तकनीकों को एकीकृत करना जटिल हो सकता है।

4. मानव संसाधन और विशेषज्ञता की कमी

  • क्वांटम कंप्यूटिंग और क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्र में विशेषज्ञता वाले पेशेवरों की कमी है।
  • इस चुनौती का सामना करने के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता है।

5. नियामक और नीतिगत चुनौतियाँ

  • क्वांटम खतरों से निपटने के लिए नियामक ढाँचे और नीतियों को अद्यतन करने की आवश्यकता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और मानकों का विकास भी महत्वपूर्ण होगा।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
क्वांटम कंप्यूटरों की क्षमता वर्तमान एन्क्रिप्शन को तोड़ने में सक्षम।
डेटा सुरक्षा संवेदनशील वित्तीय और व्यक्तिगत डेटा का उल्लंघन।
वित्तीय धोखाधड़ी बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी का जोखिम।
नियामक प्रतिक्रिया क्वांटम खतरों के लिए पर्याप्त नियामक ढाँचे की कमी।
तकनीकी संक्रमण मौजूदा प्रणालियों को क्वांटम-सुरक्षित बनाने की जटिलता।
लागत क्वांटम-सुरक्षित समाधानों को लागू करने की उच्च लागत।

आगे की राह

  • क्वांटम-सुरक्षित क्रिप्टोग्राफी (Post-Quantum Cryptography – PQC) मानकों का विकास और अपनाना।
  • वित्तीय संस्थानों में साइबर सुरक्षा और प्रौद्योगिकी लचीलापन (Technology Resilience) ढाँचे को मजबूत करना।
  • क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा में अनुसंधान एवं विकास (R&D) को बढ़ावा देना।
  • क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मानव संसाधन और विशेषज्ञता विकसित करना।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सूचना साझाकरण को बढ़ावा देना।
  • नियामक निकायों द्वारा क्वांटम खतरों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश और नीतियाँ बनाना।
  • जनता और व्यवसायों में क्वांटम खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

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अवधारणा प्रवाह

क्लासिकल बिट (0 या 1)  →  क्यूबिट (0 और 1 का संयोजन)  →  क्वांटम सुपरपोजिशन और एंटैंगलमेंट  →  क्वांटम एल्गोरिदम की उच्च गणना क्षमता  →  वर्तमान एन्क्रिप्शन प्रणालियों के लिए खतरा  →  वित्तीय क्षेत्र में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के लिए चुनौती  →  क्वांटम-सुरक्षित समाधानों की आवश्यकता

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारंपरिक कंप्यूटिंग में डेटा को ‘बिट’ नामक इकाई में संग्रहीत और संसाधित किया जाता है, जिसका मान 0 या 1 हो सकता है।
2. क्वांटम कंप्यूटिंग में डेटा को ‘क्विबिट’ नामक इकाई में संग्रहीत और संसाधित किया जाता है, जो केवल 0 या 1 की स्थिति में मौजूद हो सकता है।
3. क्वांटम कंप्यूटर पारंपरिक कंप्यूटरों की तुलना में कुछ प्रकार की समस्याओं को हल करने में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान कर सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि यह पारंपरिक कंप्यूटिंग में बिट की परिभाषा को सटीक रूप से बताता है। कथन 2 गलत है क्योंकि क्विबिट 0 और 1 के संयोजन में मौजूद हो सकता है, जिसे अतिस्थापन (superposition) कहा जाता है, न कि केवल 0 या 1 की स्थिति में। कथन 3 सही है क्योंकि क्वांटम एल्गोरिदम कुछ विशिष्ट समस्याओं के लिए पारंपरिक कंप्यूटरों पर एक बड़ा कम्प्यूटेशनल लाभ प्रदान कर सकते हैं। अतः, केवल दो कथन सही हैं।

Q2. क्वांटम कंप्यूटिंग के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. अतिस्थापन (Superposition) वह गुण है जहाँ एक क्विबिट एक साथ 0 और 1 दोनों स्थितियों में मौजूद हो सकता है।
2. उलझाव (Entanglement) वह गुण है जहाँ विभिन्न क्विबिट्स की स्थितियाँ एक-दूसरे से निकटता से संबंधित हो जाती हैं।
3. क्वांटम कंप्यूटर RSA और एलिप्टिक-कर्व क्रिप्टोग्राफी जैसी सार्वजनिक-कुंजी प्रणालियों को तोड़ने में सक्षम नहीं होंगे।

  1. केवल 1
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 2
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं क्योंकि वे अतिस्थापन और उलझाव के गुणों को सही ढंग से परिभाषित करते हैं, जो क्वांटम कंप्यूटिंग के मूलभूत सिद्धांत हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटरों में RSA और एलिप्टिक-कर्व क्रिप्टोग्राफी जैसी वर्तमान सार्वजनिक-कुंजी प्रणालियों को तोड़ने की क्षमता है, जिससे साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ क्वांटम कंप्यूटिंग क्या है और यह पारंपरिक कंप्यूटिंग से किस प्रकार भिन्न है? भारत के वित्तीय क्षेत्र के लिए क्वांटम कंप्यूटिंग से उत्पन्न होने वाले साइबर सुरक्षा खतरों का विश्लेषण कीजिए तथा इन खतरों से निपटने के लिए नियामक संस्थाओं द्वारा उठाए गए कदमों पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: परिचय में क्वांटम कंप्यूटिंग को परिभाषित करें और पारंपरिक कंप्यूटिंग से इसकी मूलभूत भिन्नता (बिट बनाम क्विबिट, अतिस्थापन, उलझाव) को स्पष्ट करें। मुख्य भाग में, भारत के वित्तीय क्षेत्र के लिए क्वांटम कंप्यूटिंग से उत्पन्न होने वाले साइबर सुरक्षा खतरों का विस्तार से विश्लेषण करें, विशेष रूप से वर्तमान एन्क्रिप्शन प्रणालियों (जैसे RSA, एलिप्टिक-कर्व क्रिप्टोग्राफी) पर इसके संभावित प्रभाव पर जोर दें। इसके बाद, भारतीय नियामक संस्थाओं जैसे RBI (साइबर सुरक्षा और प्रौद्योगिकी-लचीलापन ढाँचा) और SEBI (IT रेजिलिएंस इंडेक्स) द्वारा इन उभरते खतरों से निपटने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा करें। निष्कर्ष में, क्वांटम-सुरक्षित क्रिप्टोग्राफी की आवश्यकता और भविष्य की तैयारियों के महत्व पर प्रकाश डालें।

स्रोत: The Indian Express


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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