23 Oct तेलंगाना पेंशनरों के PAN और आधार विवरण होंगे सत्यापित, जानिए पूरा मामला
✎ पेंशन सत्यापन का उद्देश्य सेवा-पेंशनभोगी और परिवार पेंशनभोगी की सही पहचान सुनिश्चित कर लाभ-रिसाव रोकना और राज्य की संचित निधि की सुरक्षा करना है, जबकि सेवानिवृत्ति लाभों में समयबद्ध भुगतान सुशासन की समान कसौटी बना रहता है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन (Governance): सार्वजनिक सेवा वितरण, पारदर्शिता और प्रौद्योगिकी आधारित प्रशासन | GS Paper III — अर्थव्यवस्था: सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, राजकोषीय अनुशासन और लाभ-रिसाव नियंत्रण
- Prelims: आधार अधिनियम, 2016 (Aadhaar Act, 2016) और धारा 7, स्थायी खाता संख्या (PAN) और आयकर अधिनियम, 1961, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI), प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), राज्य की संचित निधि (Consolidated Fund of State) और अनुच्छेद 266, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और एकीकृत पेंशन योजना (UPS), जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र
- Essay: प्रौद्योगिकी आधारित शासन: पारदर्शिता, लाभ-रिसाव नियंत्रण और नागरिक की गरिमा के बीच संतुलन, सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सम्मानजनक जीवन: समय पर पेंशन भुगतान और राज्य वित्त की चुनौतियाँ
त्वरित पुनरावृत्ति: पेंशन सत्यापन का उद्देश्य सेवा-पेंशनभोगी और परिवार पेंशनभोगी की सही पहचान सुनिश्चित कर लाभ-रिसाव रोकना और राज्य की संचित निधि की सुरक्षा करना है, जबकि सेवानिवृत्ति लाभों में समयबद्ध भुगतान सुशासन की समान कसौटी बना रहता है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
तेलंगाना सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी सेवा-पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के स्थायी खाता संख्या (PAN) और आधार विवरणों का सत्यापन किया जाएगा और उन्हें एकीकृत वित्तीय प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली (IFMIS) के पेंशन मॉड्यूल में अद्यतन किया जाएगा। कोषागार एवं लेखा विभाग द्वारा जारी ज्ञापन के अनुसार इसका उद्देश्य पेंशनभोगियों की सही पहचान सुनिश्चित करना, मृत पेंशनभोगियों के अभिलेखों से मिलान करना और अनियमित आहरण रोककर सरकारी कोष को संभावित वित्तीय हानि से बचाना है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब सेवानिवृत्त कर्मचारी आयु-सीमा की परवाह किए बिना सचिवालय के समक्ष प्रदर्शन कर समय पर सेवानिवृत्ति लाभ जारी करने की माँग कर रहे हैं। विभागों को 31 दिसंबर तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य दिया गया है, और यह भी स्पष्ट किया गया है कि 2026 के अंत तक 9,719 तथा अगले वर्ष 9,443 कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
पृष्ठभूमि
- पेंशन राज्य सरकारों के राजस्व व्यय का एक महत्वपूर्ण घटक है, इसलिए अभिलेखों की शुद्धता सीधे सार्वजनिक वित्त के अनुशासन से जुड़ी है। मृत पेंशनभोगियों के नाम पर भुगतान जारी रहना लाभ-रिसाव का एक प्रमुख रूप माना जाता है।
- आधार अधिनियम, 2016 की धारा 7 के अंतर्गत भारत की संचित निधि से वित्तपोषित लाभों के लिए आधार को पात्रता के प्रमाण के रूप में माँगा जा सकता है। राज्य सरकारें भी इसी आधार पर लाभ-वितरण प्रणालियों में आधार-सत्यापन अपनाती रही हैं।
- सुप्रीम कोर्ट ने 2018 के निर्णय में आधार की संवैधानिक वैधता को बनाए रखा, किंतु निजी संस्थाओं के लिए अनिवार्य आधार-सत्यापन को अमान्य ठहराया। इसलिए सरकारी योजनाओं में आधार उपयोग की सीमाओं और गोपनीयता के प्रश्न पर सदैव ध्यान रखना आवश्यक है।
- सेवानिवृत्ति लाभों में विलंब के कारण कर्मचारियों का असंतोष बढ़ता है, जबकि पेंशन समय पर न मिलने से वृद्ध नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा प्रभावित होती है। इस कारण पेंशन प्रशासन को दक्ष और समयबद्ध बनाना नीति-निर्माण की प्राथमिकता रहती है।
- जीवन प्रमाण जैसी डिजिटल पहलें पेंशनभोगियों के वार्षिक सत्यापन को सरल बनाती हैं, जिससे मृत्यु या अपात्रता की स्थिति का समय पर पता चल सके और भुगतान रोका जा सके।
पेंशन अभिलेख सत्यापन और आधार-पैन सीडिंग क्या है?
- यह ऐसी प्रशासनिक प्रक्रिया है जिसमें पेंशनभोगी के व्यक्तिगत विवरण को उसके आधार और स्थायी खाता संख्या (PAN) से मिलाकर पहचान की पुष्टि की जाती है।
- स्थायी खाता संख्या आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत जारी होती है, जबकि आधार भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा आधार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत जारी किया जाता है।
- एकीकृत वित्तीय प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली (IFMIS) राज्य के व्यय, लेखांकन और कोषागार कार्यों का डिजिटल तंत्र है, जिसमें पेंशन मॉड्यूल सेवानिवृत्त कर्मचारियों और परिवार पेंशनभोगियों के भुगतान का प्रबंधन करता है।
- सत्यापन का मुख्य लाभ यह है कि पहचान की दोहरी जाँच से फर्जी, दोहरे या मृत व्यक्तियों के नाम पर भुगतान रोके जा सकते हैं और राज्य की संचित निधि की सुरक्षा होती है।
- मृत पेंशनभोगियों के अभिलेखों का मिलान सूचना-आदान-प्रदान और मृत्यु पंजीकरण के आँकड़ों से किया जाता है, जिससे लाभ-वितरण में जवाबदेही बढ़ती है।
- आधार या पैन विवरण उपलब्ध न होने पर उसे पेंशनभोगी या परिवार पेंशनभोगी से प्राप्त करना होता है, इसलिए प्रक्रिया में सूचना की गोपनीयता और सहमति का ध्यान रखना आवश्यक है।
- यह प्रक्रिया जनहित और व्यक्तिगत गरिमा के संतुलन का उदाहरण है: प्रशासनिक दक्षता बढ़े, पर पेंशनभोगी को अनावश्यक कठिनाई न हो, यह नीति का मूल प्रश्न है।
मुख्य विशेषताएँ
| Feature | Significance |
|---|---|
| आधार और पैन (Aadhaar and PAN) का सत्यापन | पेंशनभोगियों की पहचान की पुष्टि करके अभिलेखों की सटीकता सुनिश्चित करता है |
| IFMIS पेंशन मॉड्यूल में अद्यतन | पेंशन प्रशासन को एकीकृत वित्तीय प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली के भीतर लाता है |
| मृत पेंशनभोगियों के अभिलेखों से मिलान | अनियमित आहरण की संभावना को कम करता है |
| विभागों के लिए 31 दिसंबर की समय-सीमा | कार्य को प्राथमिकता और अधिकारियों की जवाबदेही तय करती है |
| राजकोष की सुरक्षा का उद्देश्य | संभावित वित्तीय हानि से बचाव करके सार्वजनिक धन के सही उपयोग को सुनिश्चित करता है |
महत्व
प्रशासनिक
- सेवा और पारिवारिक पेंशनभोगियों के अभिलेख एक ही डिजिटल ढांचे में आने से रिकॉर्ड की विश्वसनीयता बढ़ती है।
- आगामी दो वर्षों में लगभग 19,000 कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति को देखते हुए पहले से सत्यापन करने से भविष्य में पेंशन प्रकरणों का बोझ कम होता है।
- विभागों को अभिलेखों में त्रुटि सुधारने का निर्देश देना सार्वजनिक प्रशासन में जवाबदेही के सिद्धांत को लागू करता है।
वित्तीय
- संचित निधि से होने वाले पेंशन व्यय पर नियंत्रण से राजकोष की सुरक्षा होती है।
- मृत व्यक्तियों के नाम पर भुगतान रुकने से सार्वजनिक धन का दुरुपयोग घटता है।
सामाजिक-कल्याणकारी
- समय पर पेंशन भुगतान सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा का आधार है।
- पेंशनभोगियों की सही पहचान होने से वास्तविक लाभार्थियों तक भुगतान पहुंचना सुनिश्चित होता है, जो सामाजिक सुरक्षा का मूल उद्देश्य है।
डिजिटल शासन एवं विधिक
- आधार का उपयोग आधार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अधीन रहना चाहिए, जिससे सत्यापन का दायरा विधिक सीमा में रहे।
- पैन (PAN) आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत जारी होता है, इसलिए इसका उपयोग रिकॉर्ड मिलान के लिए वैध वित्तीय पहचान के रूप में होता है।
चुनौतियाँ
1. गोपनीयता और डेटा संरक्षण
- पेंशनभोगियों के आधार और पैन विवरण संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा हैं, जिनकी सुरक्षा आवश्यक है।
- सर्वोच्च न्यायालय ने के.एस. पुट्टस्वामी मामले (2017) में गोपनीयता को अनुच्छेद 21 के अंतर्गत मौलिक अधिकार माना, इसलिए डेटा के संग्रह और उपयोग में सीमित और उद्देश्य-आधारित दृष्टिकोण आवश्यक है।
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के सिद्धांत, जैसे उद्देश्य सीमा और डेटा न्यूनीकरण, इस प्रक्रिया पर लागू होने चाहिए।
यूपीएससी लिंक: मौलिक अधिकार, गोपनीयता का अधिकार, डेटा संरक्षण, ई-गवर्नेंस
2. सेवानिवृत्ति लाभों में विलंब
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन इस बात को दर्शाते हैं कि लाभों के भुगतान में देरी सीधे असंतोष का कारण बनती है।
- सत्यापन की प्रक्रिया से पहले से लंबित प्रकरणों पर दबाव और बढ़ सकता है, यदि अभिलेख अधूरे पाए जाएं।
- पेंशन को सर्वोच्च न्यायालय की व्याख्या में संपत्ति के अधिकार के रूप में माना गया है, जिससे समय पर भुगतान विधिक दायित्व का विषय बनता है।
यूपीएससी लिंक: लोक प्रशासन, सामाजिक सुरक्षा, राज्य प्रशासन की जवाबदेही
3. बहिष्करण का जोखिम
- वृद्ध पेंशनभोगियों के पास आधार या पैन कार्ड की प्रति उपलब्ध न होने पर उनका भुगतान अस्थायी रूप से रुक सकता है।
- बायोमेट्रिक सत्यापन में विफलता, नेटवर्क की कमी और डिजिटल साक्षरता के अभाव से ग्रामीण और वृद्ध लाभार्थी सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
- पारिवारिक पेंशनभोगियों, विशेषकर विधवाओं, के लिए दस्तावेज़ जुटाने की प्रक्रिया जटिल हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: समावेशी विकास, डिजिटल विभाजन, कमजोर वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा
4. अभिलेखों की गुणवत्ता और मानव संसाधन
- कर्मचारियों के विवरण में त्रुटियां लंबे समय से चली आ रही हो सकती हैं, जिन्हें सुधारने में समय और श्रम लगता है।
- सत्यापन का कार्य उन्हीं विभागों पर है जिन पर सेवानिवृत्ति प्रकरणों का नियमित भार पहले से है, जिससे क्षमता पर दबाव बढ़ता है।
- दो वर्षों में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्ति होने से सत्यापन और भुगतान दोनों कार्य समानांतर चलाने पड़ते हैं।
यूपीएससी लिंक: लोक सेवा, मानव संसाधन प्रबंधन, ई-गवर्नेंस की चुनौतियां
5. राज्य वित्त और पेंशन दायित्व
- पेंशन व्यय राज्य के राजकोषीय दायित्वों का महत्वपूर्ण भाग है, और इसकी सटीक गणना आवश्यक है।
- अनियमित आहरण रोकने का उद्देश्य राजकोषीय अनुशासन से जुड़ा है, किंतु कठोर सत्यापन से वैध लाभार्थी प्रभावित न हों, यह संतुलन आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: राज्य वित्त, राजकोषीय घाटा और राजकोषीय प्रबंधन, केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| Issue | Concern |
|---|---|
| गोपनीयता | आधार और पैन डेटा के दुरुपयोग या अनधिकृत उपयोग का जोखिम |
| भुगतान में विलंब | सत्यापन के दौरान पेंशन रुकने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक कठिनाई |
| बहिष्करण | वृद्ध, ग्रामीण और डिजिटल रूप से वंचित पेंशनभोगियों का लाभ से वंचित होना |
| अभिलेख त्रुटियां | पुराने और अधूरे रिकॉर्ड के कारण सत्यापन में देरी और विवाद |
| प्रशासनिक क्षमता | बड़ी संख्या में सेवानिवृत्ति के बीच सत्यापन और भुगतान का एक साथ संचालन |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- एकीकृत वित्तीय प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली (Integrated Financial Management and Information System – IFMIS)
- जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan)
आगे की राह
- सत्यापन के लिए आधार और पैन की प्रति केवल आवश्यक मामलों में ली जाए, ताकि डेटा संग्रह उद्देश्य तक सीमित रहे।
- आधार और पैन डेटा की सुरक्षा के लिए पहुंच नियंत्रण, एन्क्रिप्शन और ऑडिट ट्रेल जैसे उपाय लागू हों।
- वृद्ध और दूरदराज़ के पेंशनभोगियों के लिए शिविर और सहायता केंद्र लगाए जाएं, ताकि दस्तावेज़ों के अभाव में भुगतान न रुके।
- सेवानिवृत्ति से पहले ही सेवा अभिलेखों का सत्यापन आरंभ हो, जिससे आने वाली सेवानिवृत्तियों का भार पहले से संभाला जा सके।
- सत्यापन की प्रगति की नियमित समीक्षा और सार्वजनिक निगरानी हो, ताकि 31 दिसंबर की समय-सीमा का पालन हो सके।
- सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान के लिए निश्चित समय-सीमा और शिकायत निवारण तंत्र स्पष्ट रूप से निर्धारित हों।
- पेंशन प्रकरणों के लिए विभागों में समर्पित मानव संसाधन और प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाए।
- वैध पेंशनभोगियों का भुगतान सत्यापन के दौरान न रुके, इसके लिए अंतरिम व्यवस्था बनाई जाए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
पेंशनभोगी सत्यापन · आधार (Aadhaar) · स्थायी खाता संख्या (Permanent Account Number) (PAN) · एकीकृत वित्तीय प्रबंधन और सूचना प्रणाली (Integrated Financial Management and Information System) (IFMIS) · अनियमित आहरण · राजकोषीय अनुशासन · समेकित निधि (Consolidated Fund) · निजता का अधिकार · आनुपातिकता परीक्षण (Proportionality Test) · प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (Direct Benefit Transfer) (DBT) · डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate) · बहिष्करण त्रुटि (Exclusion Error)
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- अनुच्छेद 266: राज्य की संचित निधि से व्यय का विधिक आधार
- अनुच्छेद 309: राज्य सेवा की शर्तें और पेंशन नियम
- अनुच्छेद 300A: पेंशन पर संपत्ति-आधारित दावा
- अनुच्छेद 21: गोपनीयता और जीवन की गरिमा
अवधारणा प्रवाह
राज्य सरकार द्वारा सभी सेवा और पारिवारिक पेंशनभोगियों के पैन और आधार विवरण सत्यापित करने का निर्णय → वित्त विभाग द्वारा IFMIS पेंशन मॉड्यूल में अभिलेखों के अद्यतन और मिलान के निर्देश → मृत पेंशनभोगियों के अभिलेखों से तुलना कर अनियमित आहरण की संभावना की जांच → आवश्यकता होने पर पेंशनभोगियों या पारिवारिक पेंशनभोगियों से दस्तावेज़ प्राप्त करना → त्रुटियों का सुधार और 31 दिसंबर तक सत्यापन पूरा होने पर पेंशन प्रशासन में पारदर्शिता और राजकोष की सुरक्षा
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आधार अधिनियम, 2016 की धारा 7 के अंतर्गत, यदि किसी व्यक्ति को आधार संख्या आवंटित नहीं हुई है, तो उसे लाभ से वंचित रखने के बजाय वैकल्पिक पहचान के माध्यम से लाभ देना आवश्यक है।
2. के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2018) के निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने आधार अधिनियम को पूर्णतः असंवैधानिक घोषित कर दिया था।
3. आधार अधिनियम की धारा 57, जिससे निजी संस्थाएँ सत्यापन हेतु आधार माँग सकती थीं, को सर्वोच्च न्यायालय ने निरस्त किया।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- इनमें से कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है: धारा 7 के परंतुक के अनुसार आधार न होने पर वैकल्पिक पहचान से लाभ देना होता है। कथन 2 गलत है: 2018 के निर्णय में आधार अधिनियम को वैध ठहराया गया, केवल कुछ प्रावधान (जैसे धारा 57) निरस्त किए गए। कथन 3 सही है। अतः उत्तर ‘केवल दो’ है।
Q2. कथन (A): किसी राज्य में पेंशन भुगतान से पहले PAN और आधार का सत्यापन करने से मृत या अपात्र व्यक्तियों के नाम पर होने वाले अनियमित आहरण को रोकने में सहायता मिल सकती है।
कारण (R): आधार-आधारित प्रमाणीकरण भुगतान को एक सत्यापित और जीवित व्यक्ति से जोड़ सकता है, जिससे रिकॉर्ड और भुगतान का मिलान संभव होता है।
उपर्युक्त के संबंध में सही विकल्प चुनिए:
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- (A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
- (A) सही है, परंतु (R) गलत है
- (A) गलत है, परंतु (R) सही है
उत्तर: (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है — सत्यापन से रिकॉर्ड का मिलान होता है और भुगतान का व्यक्ति से संबंध सुनिश्चित होता है, इसलिए कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या है। पर यह ध्यान रखें कि आधार-प्रमाणीकरण अकेले सभी अनियमितताएँ नहीं रोकता; इसके लिए विभागीय अभिलेखों का मिलान भी आवश्यक है।
Q3. राज्य की लेखा-परीक्षा रिपोर्ट से संबंधित संवैधानिक प्रावधान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद सही है?
राज्य के लेखों से संबंधित नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) की लेखा-परीक्षा रिपोर्ट राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत की जाती है, जो उसे राज्य विधान-मंडल के समक्ष रखवाते हैं।
- अनुच्छेद 148
- अनुच्छेद 149
- अनुच्छेद 151
- अनुच्छेद 266
उत्तर: अनुच्छेद 151 — अनुच्छेद 148 CAG की नियुक्ति और पद से संबंधित है; अनुच्छेद 149 CAG के कर्तव्य और शक्तियाँ बताता है; अनुच्छेद 266 समेकित निधि का प्रावधान करता है। राज्य के लेखों की लेखा-परीक्षा रिपोर्ट के लिए अनुच्छेद 151 सही है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ पेंशन-प्रशासन में PAN और आधार जैसे पहचान-आधारित सत्यापन को राजकोषीय सुदृढ़ता का प्रभावी उपाय माना जाता है। इस कथन का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। साथ ही उत्तर दीजिए कि सत्यापन की इस प्रक्रिया में निजता के अधिकार और वृद्ध पेंशनभोगियों के बहिष्करण के संदर्भ में कौन-से जोखिम उत्पन्न होते हैं? (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. संदर्भ: तेलंगाना सरकार द्वारा सभी सेवा-पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के PAN और आधार का सत्यापन कर उन्हें एकीकृत वित्तीय प्रबंधन और सूचना प्रणाली (IFMIS) के पेंशन मॉड्यूल में दर्ज करना; कोषागार एवं लेखा विभाग का ज्ञापन, जिसमें अनियमित आहरण रोकने और राजकोष की सुरक्षा का उद्देश्य बताया गया है; 31 दिसंबर की समय-सीमा; लगभग 19,000 कर्मचारियों की दो वर्षों में सेवानिवृत्ति (9,719 और 9,443); सेवानिवृत्ति लाभ में विलंब पर प्रदर्शन।
2. वैधानिक ढाँचा: आधार अधिनियम, 2016 की धारा 7 (लाभ हेतु आधार की शर्त, पर आवंटित न होने पर वैकल्पिक पहचान का प्रावधान); धारा 57 का निरस्त होना; आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139AA (PAN-आधार संबंध) का उल्लेख, परंतु यह ध्यान रखें कि यह कर-प्रशासन का प्रावधान है, पेंशन का नहीं।
3. संवैधानिक कसौटी: के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) में निजता को अनुच्छेद 21 का भाग माना गया; पुट्टस्वामी (2018) में आनुपातिकता परीक्षण के चरण, यथा वैध उद्देश्य, तार्किक संबंध, आवश्यकता, तथा सुरक्षा-उपायों के साथ संतुलन।
4. राजकोषीय पक्ष: पेंशन का भुगतान समेकित निधि (अनुच्छेद 266) से होता है; भूत-पेंशनभोगी (ghost pensioners) और मृत व्यक्तियों के नाम पर भुगतान रोकने में सत्यापन की भूमिका; नियंत्रक-महालेखापरीक्षक की लेखा-परीक्षा (अनुच्छेद 151) से जवाबदेही; PFMS व DBT जैसे डिजिटल ढाँचों से समानता।
5. कल्याण-पक्ष और जोखिम: बायोमेट्रिक विफलता से वृद्ध पेंशनभोगियों का भुगतान रुकना (बहिष्करण त्रुटि); ग्रामीण और डिजिटल रूप से वंचित वर्ग; डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate) जैसे विकल्पों की उपलब्धता; डेटा-संग्रह में डेटा न्यूनीकरण (data minimisation) और डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के सिद्धांत।
6. संतुलित दृष्टिकोण: ‘राजकोषीय सुदृढ़ता बनाम नागरिक अधिकार’ के बीच संतुलन; राज्य-क्षमता का तर्क और अधिकार-आधारित आलोचना दोनों।
7. आगे की राह: सत्यापन को प्रमाणीकरण का एक साधन बनाना, न कि अकेली शर्त; वैकल्पिक सत्यापन; समयबद्ध शिकायत-निवारण; सत्यापन-पूर्व और पश्चात लेखा-परीक्षा; वैधानिक आधार और पारदर्शिता।
8. निष्कर्ष: सत्यापन वैध राज्य-हित है, पर उसकी वैधता उसकी आनुपातिकता और समावेशिता पर निर्भर है।
स्रोत: The Hindu
Telangana PCS (TGPSC (TSPSC)) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा तेलंगाना राज्य के पेंशनरों के PAN और आधार विवरणों के सत्यापन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कदम उठाया गया है?
- A. पेंशनरों को PAN और आधार विवरणों को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा।
- B. राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के निर्देशों का विरोध करते हुए पेंशनरों को छूट प्रदान की है।
- C. तेलंगाना सरकार ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर पेंशनरों के विवरणों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया है।
- D. केंद्र सरकार ने पेंशनरों के विवरणों के सत्यापन के लिए राज्य सरकार से सहयोग नहीं किया है।
उत्तर: A. पेंशनरों को PAN और आधार विवरणों को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। — केंद्र सरकार द्वारा पेंशनरों के PAN और आधार विवरणों के सत्यापन के लिए उन्हें अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना आवश्यक किया गया है।
Mains: तेलंगाना राज्य में पेंशनरों के PAN और आधार विवरणों के सत्यापन के संदर्भ में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विश्लेषण करते हुए, तेलंगाना राज्य के पेंशन प्रणाली पर इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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