06 Aug SEBI का वार्षिक रिपोर्ट 2025-26: बाज़ार नियामक के प्रदर्शन पर प्रमुख बातें
✎ सेबी की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 निवेशकों और बाजार के लिए महत्वपूर्ण सुधारों का संकेत है।
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Economy/Governance
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) तथा राज्य लोक सेवा आयोग (PCS) के अभ्यर्थियों के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट का प्रकाशन एक महत्वपूर्ण घटना है, जो अर्थव्यवस्था एवं शासन के व्यापक संदर्भ में अनेक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। यह रिपोर्ट केवल नियामक संस्था के प्रदर्शन का लेखा-जोखा ही नहीं है, अपितु भारतीय पूँजी बाज़ार की गतिशीलता, नियामकीय सुधारों तथा निवेशकों के हितों की रक्षा संबंधी नवीनतम रुझानों का भी दस्तावेज है। ऐसे में, इस रिपोर्ट के प्रमुख बिंदुओं का अध्ययन न केवल अर्थव्यवस्था के समग्र विकास बल्कि शासन की पारदर्शिता एवं जवाबदेही के संदर्भ में भी सहायक सिद्ध होगा। विशेष रूप से, UPSC के प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल ‘अर्थव्यवस्था’, ‘वित्तीय प्रणाली’, तथा ‘शासन’ जैसे विषयों के लिए यह रिपोर्ट एक मूल्यवान संसाधन साबित होगी।
SEBI की यह वार्षिक रिपोर्ट वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पूँजी बाज़ार में हुए प्रमुख परिवर्तनों, नियामकीय पहलों तथा बाज़ार की स्थिरता बनाए रखने के लिए अपनाई गई रणनीतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है। इसमें न केवल शेयर बाज़ार, म्यूचुअल फंड्स तथा डेरिवेटिव्स जैसे पारंपरिक क्षेत्रों का विश्लेषण है, अपितु डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, फिनटेक स्टार्टअप्स तथा ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक एवं शासन) निवेश जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी प्रकाश डाला गया है। इस रिपोर्ट के माध्यम से अभ्यर्थी यह समझ सकेंगे कि किस प्रकार SEBI ने तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देते हुए निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए नए नियमों को लागू किया है। साथ ही, इसमें शामिल आँकड़े एवं विश्लेषण राज्य स्तरीय PCS परीक्षाओं के लिए भी प्रासंगिक होंगे, जहाँ राज्य के आर्थिक विकास एवं वित्तीय प्रणाली के विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
इस रिपोर्ट का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू है नियामकीय सुधारों के माध्यम से बाज़ार में पार
स्रोत: SEBI
अभ्यास प्रश्न
Q1. SEBI द्वारा जारी किए गए वार्षिक प्रतिवेदन FY 2025-26 के अनुसार, भारतीय पूंजी बाजार में किस क्षेत्र में सबसे अधिक निवेश आकर्षित किया गया?
- बैंकिंग क्षेत्र
- टेक्नोलॉजी क्षेत्र
- अवसंरचना क्षेत्र
- कृषि क्षेत्र
उत्तर
टेक्नोलॉजी क्षेत्र — SEBI के वार्षिक प्रतिवेदन FY 2025-26 के अनुसार, भारतीय पूंजी बाजार में टेक्नोलॉजी क्षेत्र ने सबसे अधिक निवेश आकर्षित किया, जो कुल निवेश का लगभग 30% था।
Q2. SEBI के वार्षिक प्रतिवेदन FY 2025-26 में, IPO बाजार में किस प्रकार के निवेशकों की भागीदारी सबसे अधिक रही?
- विदेशी संस्थागत निवेशक (FII)
- भारतीय रिटेल निवेशक
- घरेलू संस्थागत निवेशक (DII)
- उद्यम पूंजी निवेशक (VC)
उत्तर
घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) — SEBI के वार्षिक प्रतिवेदन FY 2025-26 के अनुसार, IPO बाजार में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की भागीदारी सबसे अधिक रही, जो कुल IPO आवंटन का लगभग 40% थी।
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