आईआईटी स्नातकों का विदेश पलायन: सरकार ने व्यक्तिगत पसंद बताया, विपक्ष ने उठाए सवाल

आईआईटी स्नातकों का विदेश पलायन: सरकार ने व्यक्तिगत पसंद बताया, विपक्ष ने उठाए सवाल

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शिक्षा, मानव संसाधन और सरकारी नीतियां  |  GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था, नियोजन, संसाधन जुटाना, संवृद्धि और विकास
  • Prelims: ब्रेन ड्रेन, मानव पूंजी पलायन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, आईआईटी, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप इंडिया, वैश्विक कार्यस्थल
  • Essay: भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश: अवसर और चुनौतियाँ, उच्च शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकरण और भारत का भविष्य

त्वरित पुनरावृत्ति: ‘ब्रेन ड्रेन’ एक जटिल घटना है जो व्यक्तिगत पसंद, वैश्विक अवसरों और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के बीच संतुलन को दर्शाती है, जिसे भारत सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से संबोधित कर रही है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

हाल ही में संसद में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के स्नातकों के विदेश पलायन (‘ब्रेन ड्रेन’) पर चिंता व्यक्त की गई। इसके जवाब में, केंद्र सरकार ने कहा कि विदेश में उच्च अध्ययन या रोजगार का विकल्प चुनना “व्यक्तिगत इच्छा और पसंद का मामला” है। सरकार ने यह भी बताया कि ऐसे निर्णय सामर्थ्य, शिक्षा ऋण तक पहुंच, विदेशी समाजों के संपर्क और अध्ययन के विशिष्ट क्षेत्रों में योग्यता सहित कई कारकों से प्रभावित होते हैं।

पृष्ठभूमि

  • ‘ब्रेन ड्रेन’ या मानव पूंजी पलायन (Human Capital Flight) एक ऐसी घटना है जहाँ किसी देश के उच्च शिक्षित और कुशल पेशेवर बेहतर अवसरों की तलाश में दूसरे देशों में चले जाते हैं।
  • भारत में, विशेष रूप से IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के स्नातकों का विदेश पलायन लंबे समय से चिंता का विषय रहा है, क्योंकि यह देश के लिए प्रशिक्षित प्रतिभाओं के नुकसान का प्रतिनिधित्व करता है।
  • सरकार का मानना है कि वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था (Knowledge Economy) में एक वैश्विक कार्यस्थल की वास्तविकता को पहचानना महत्वपूर्ण है, जहाँ प्रतिभाओं का सीमा-पार आवागमन सामान्य है।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का उद्देश्य उच्च शिक्षा में पहुंच, इक्विटी, समावेशिता और गुणवत्ता में सुधार करना है, साथ ही शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण पर जोर देना और भारत को एक वैश्विक शिक्षा गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।
  • IITs ने प्लेसमेंट परिणामों में सुधार के लिए कई पहलें शुरू की हैं, जिनमें अकादमिक-उद्योग कॉन्क्लेव, व्यापार शिखर सम्मेलन, नेतृत्व वार्ता, इंटर्नशिप और करियर विकास कार्यक्रम शामिल हैं।
  • सरकार यह भी मानती है कि कई छात्र उद्यमिता और स्टार्टअप में बढ़ती रुचि के कारण कैंपस प्लेसमेंट में भाग नहीं लेते हैं, बल्कि नौकरी प्रदाता बनने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

‘ब्रेन ड्रेन’ और इसके निहितार्थ

  • ‘ब्रेन ड्रेन’ एक देश से दूसरे देश में अत्यधिक कुशल और शिक्षित व्यक्तियों के बड़े पैमाने पर उत्प्रवास (Emigration) को संदर्भित करता है।
  • यह अक्सर बेहतर आर्थिक अवसरों, उच्च जीवन स्तर, उन्नत अनुसंधान सुविधाओं और बेहतर कार्य-जीवन संतुलन की तलाश में होता है।
  • भारत जैसे विकासशील देशों के लिए, ‘ब्रेन ड्रेन’ मानव पूंजी के नुकसान का कारण बन सकता है, जिससे नवाचार, आर्थिक संवृद्धि और विकास प्रभावित हो सकता है।
  • हालांकि, कुछ विशेषज्ञ इसे ‘ब्रेन सर्कुलेशन’ या ‘ब्रेन गेन’ के रूप में भी देखते हैं, जहाँ प्रवासी भारतीय विदेशों में अनुभव और ज्ञान प्राप्त करने के बाद वापस लौटते हैं या अपने मूल देश में निवेश करते हैं।
  • सरकार का दृष्टिकोण यह है कि यह व्यक्तिगत पसंद का मामला है और वैश्विक कार्यस्थल की वास्तविकता को दर्शाता है, जहाँ प्रतिभाओं का आवागमन अपरिहार्य है।
  • NEP 2020 का अंतर्राष्ट्रीयकरण पर जोर भारत को एक आकर्षक शिक्षा गंतव्य बनाकर ‘ब्रेन ड्रेन’ को कम करने और ‘ब्रेन गेन’ को बढ़ावा देने का एक प्रयास है।
  • IITs में इनक्यूबेटर और प्री-इनक्यूबेटर प्रौद्योगिकी-आधारित स्टार्टअप का समर्थन कर रहे हैं, जिससे स्नातक नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी निर्माता बन सकें।
  • विदेश में शिक्षा या रोजगार के लिए क्रॉस-बॉर्डर गतिशीलता सामर्थ्य, शिक्षा ऋण तक पहुंच, विदेशी समाजों के संपर्क और अध्ययन की विशेष शाखाओं के लिए योग्यता जैसे कई विचारों पर निर्भर करती है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
व्यक्तिगत इच्छा और पसंद सरकार का यह दृष्टिकोण कि विदेशों में अध्ययन या रोजगार के लिए जाना व्यक्तिगत निर्णय है, जो विभिन्न कारकों से प्रभावित होता है।
IITs की भूमिका IITs छात्रों को करियर के लिए तैयार करने और प्लेसमेंट परिणामों में सुधार के लिए विभिन्न पहलें करते हैं।
प्लेसमेंट में सुधार के उपाय अकादमिक-उद्योग कॉन्क्लेव, व्यापार शिखर सम्मेलन, नेतृत्व वार्ता, इंटर्नशिप और उद्योग-तैयारी कार्यक्रम।
उद्यमिता को बढ़ावा IITs में इनक्यूबेटर और प्री-इनक्यूबेटर प्रौद्योगिकी-आधारित स्टार्ट-अप का समर्थन करते हैं, जिससे स्नातक नौकरी प्रदाता बन सकें।
वैश्विक कार्यस्थल की वास्तविकता सरकार ज्ञान अर्थव्यवस्था में वैश्विक कार्यस्थल की वास्तविकता को स्वीकार करती है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 उच्च शिक्षा में पहुंच, इक्विटी, समावेशिता और गुणवत्ता में सुधार पर ध्यान केंद्रित करना, साथ ही शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण पर जोर देना।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले या विदेशों में रोजगार पाने वाले IIT स्नातकों का प्रवास ‘ब्रेन ड्रेन’ (प्रतिभा पलायन) की चिंताओं को जन्म देता है, जिससे देश की बौद्धिक पूंजी का नुकसान होता है।
  • हालांकि, सरकार इसे व्यक्तिगत पसंद मानती है और यह भी इंगित करती है कि कई उम्मीदवार अस्थायी अवधि के लिए विदेश जाते हैं और अनुभव प्राप्त करने के बाद लौट आते हैं, जिससे ‘ब्रेन गेन’ (प्रतिभा लाभ) की संभावना बनती है।

सामाजिक महत्व

  • विदेश में अध्ययन या काम करने का निर्णय सामर्थ्य, शिक्षा ऋण तक पहुंच और विदेशी समाजों के संपर्क जैसे कारकों से प्रभावित होता है, जो सामाजिक-आर्थिक गतिशीलता को दर्शाता है।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य उच्च शिक्षा में पहुंच, इक्विटी और समावेशिता में सुधार करना है, जिससे सभी छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित हो सकें।

शैक्षिक महत्व

  • IITs छात्रों को करियर के लिए तैयार करने और प्लेसमेंट परिणामों को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न पहलें करते हैं, जिसमें उद्योग के साथ जुड़ाव और कौशल विकास कार्यक्रम शामिल हैं।
  • NEP 2020 शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण पर जोर देती है और भारत को एक वैश्विक शिक्षा गंतव्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखती है, जिससे देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और प्रतिष्ठा में वृद्धि हो।

प्रशासनिक महत्व

  • सरकार का यह रुख कि विदेशों में जाना व्यक्तिगत इच्छा और पसंद का मामला है, नीति निर्माण में व्यक्तिगत स्वतंत्रता के महत्व को दर्शाता है।
  • IITs में इनक्यूबेटर और प्री-इनक्यूबेटर का समर्थन करके, सरकार स्नातकों को नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी प्रदाता बनने के लिए प्रोत्साहित करती है, जो उद्यमिता और नवाचार के लिए एक सहायक पारिस्थितिकी तंत्र बनाती है।

चुनौतियाँ

1. प्रतिभा पलायन (Brain Drain)

  • IIT स्नातकों का विदेशों में प्रवास देश की बौद्धिक और तकनीकी पूंजी के नुकसान का कारण बन सकता है।
  • उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए पर्याप्त अवसरों की कमी या बेहतर वेतन और जीवन शैली की तलाश में छात्र विदेश जा सकते हैं।

2. घरेलू अवसरों की कमी

  • भारत में उच्च-स्तरीय अनुसंधान और विकास (R&D) के अवसरों की कमी छात्रों को विदेशों में बेहतर अनुसंधान सुविधाओं और फंडिंग के लिए आकर्षित कर सकती है।
  • कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों की सीमित उपलब्धता भी छात्रों को विदेश जाने के लिए प्रेरित करती है।

3. शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच

  • हालांकि IITs उत्कृष्ट संस्थान हैं, फिर भी देश में उच्च शिक्षा की समग्र गुणवत्ता और पहुंच में सुधार की आवश्यकता है ताकि छात्रों को विदेश जाने से रोका जा सके।
  • शिक्षा ऋण तक पहुंच और सामर्थ्य भी छात्रों के निर्णय को प्रभावित करते हैं।

4. उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र का विकास

  • हालांकि IITs स्टार्ट-अप का समर्थन कर रहे हैं, फिर भी एक मजबूत और व्यापक उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की आवश्यकता है जो स्नातकों को भारत में ही नवाचार करने और उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करे।
  • स्टार्ट-अप के लिए फंडिंग, मेंटरशिप और बाजार पहुंच में सुधार की आवश्यकता है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
IIT स्नातकों का विदेश प्रवास देश से उच्च शिक्षित प्रतिभा का पलायन, जिससे नवाचार और आर्थिक विकास प्रभावित हो सकता है।
घरेलू अनुसंधान और विकास की कमी भारत में उन्नत अनुसंधान सुविधाओं और फंडिंग के सीमित अवसर, जिससे छात्र विदेशों की ओर आकर्षित होते हैं।
उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और पहुंच देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और सामर्थ्य में सुधार की आवश्यकता ताकि छात्रों को विदेश जाने से रोका जा सके।
उद्यमिता और स्टार्ट-अप का समर्थन एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता जो स्नातकों को भारत में ही नौकरी प्रदाता बनने के लिए प्रोत्साहित करे।
व्यक्तिगत पसंद बनाम राष्ट्रीय हित व्यक्तिगत स्वतंत्रता और देश की विकासात्मक आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाना।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) 2020

आगे की राह

  • भारत में अनुसंधान और विकास (R&D) के लिए फंडिंग और बुनियादी ढांचे में वृद्धि की जानी चाहिए ताकि छात्रों को उच्च अध्ययन और अनुसंधान के लिए देश में ही अवसर मिलें।
  • IITs और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में अकादमिक-उद्योग सहयोग को और मजबूत किया जाए ताकि छात्रों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार कौशल और अनुभव प्राप्त हो सके।
  • उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाए, जिसमें स्टार्ट-अप के लिए आसान फंडिंग, मेंटरशिप और बाजार पहुंच शामिल हो।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण के प्रयासों को तेज किया जाए, जिससे भारत एक वैश्विक शिक्षा गंतव्य बन सके और विदेशी छात्रों को भी आकर्षित कर सके।
  • छात्रों को करियर परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया जाए ताकि वे भारत में उपलब्ध विभिन्न अवसरों के बारे में जागरूक हो सकें और सूचित निर्णय ले सकें।
  • शिक्षा ऋण तक पहुंच को आसान बनाया जाए और उच्च शिक्षा को अधिक किफायती बनाया जाए ताकि वित्तीय बाधाएं छात्रों को विदेश जाने के लिए मजबूर न करें।
  • IITs के पूर्व छात्रों के नेटवर्क का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए ताकि वे वर्तमान छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान कर सकें और उन्हें भारत में करियर के अवसर तलाशने में मदद कर सकें।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

ब्रेन ड्रेन (Brain Drain) · उच्च शिक्षा · रोजगार · राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 · कौशल विकास · उद्यमिता · वैश्विक कार्यस्थल · मानव पूंजी · आर्थिक संवृद्धि · शैक्षणिक संस्थान

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 21A’, ‘note’: ‘शिक्षा का अधिकार’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 41’, ‘note’: ‘काम, शिक्षा का अधिकार’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 45’, ‘note’: ‘बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 46’, ‘note’: ‘कमजोर वर्गों के शैक्षिक हितों’}

अवधारणा प्रवाह

संसद में IIT ‘ब्रेन ड्रेन’ पर चिंता व्यक्त की गई।  →  सरकार ने इसे ‘व्यक्तिगत इच्छा और पसंद’ का मामला बताया।  →  IITs प्लेसमेंट सुधार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पहल करते हैं।  →  छात्रों के विदेश जाने के निर्णय को कई कारक प्रभावित करते हैं।  →  राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण पर जोर देती है।

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में पहुँच, इक्विटी, समावेशन और गुणवत्ता में सुधार करना है।
2. यह शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण पर जोर देती है और भारत को एक वैश्विक शिक्षा गंतव्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1 और न ही 2

उत्तर: 1 और 2 दोनों — कथन 1 सही है क्योंकि NEP 2020 का एक प्रमुख उद्देश्य उच्च शिक्षा में पहुँच, इक्विटी, समावेशन और गुणवत्ता में सुधार करना है। कथन 2 भी सही है क्योंकि नीति शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण पर बल देती है और भारत को वैश्विक शिक्षा गंतव्य बनाने की परिकल्पना करती है।

Q2. भारत में ‘ब्रेन ड्रेन’ (Brain Drain) की अवधारणा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

  1. यह केवल IIT स्नातकों के विदेश जाने से संबंधित है।
  2. यह उच्च-कुशल व्यक्तियों के अपने मूल देश से दूसरे देश में प्रवास को संदर्भित करता है।
  3. इसका मुख्य कारण भारत में शिक्षा ऋण तक पहुँच का अभाव है।
  4. यह केवल अस्थायी अवधि के लिए विदेश में अध्ययन करने वाले छात्रों को संदर्भित करता है।

उत्तर: यह उच्च-कुशल व्यक्तियों के अपने मूल देश से दूसरे देश में प्रवास को संदर्भित करता है। — ‘ब्रेन ड्रेन’ उच्च-कुशल पेशेवरों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और अन्य प्रतिभाशाली व्यक्तियों के अपने मूल देश से दूसरे देश में बेहतर अवसरों, सुविधाओं या जीवन शैली की तलाश में प्रवास को संदर्भित करता है। यह केवल IIT स्नातकों तक सीमित नहीं है और इसके कई कारण होते हैं, जिनमें आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत कारक शामिल हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ ‘ब्रेन ड्रेन’ (Brain Drain) की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए, भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं के विदेश प्रवास के कारणों का विश्लेषण कीजिए। इस चुनौती से निपटने और भारत को एक आकर्षक गंतव्य बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों तथा आवश्यक नीतिगत उपायों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में ‘ब्रेन ड्रेन’ को परिभाषित करें और IIT स्नातकों के संदर्भ में इसके व्यापक निहितार्थों को समझाएँ। दूसरे भाग में, विदेश प्रवास के बहुआयामी कारणों पर प्रकाश डालें, जैसे बेहतर अवसर, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान के अवसर, जीवन स्तर और व्यक्तिगत पसंद। तीसरे भाग में, सरकार द्वारा उठाए गए कदमों, जैसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अंतर्राष्ट्रीयकरण पर जोर, IITs में उद्यमिता को बढ़ावा देना, और कौशल विकास कार्यक्रमों का उल्लेख करें। अंत में, भारत में प्रतिभा को बनाए रखने और आकर्षित करने के लिए कुछ नीतिगत सुझाव दें, जैसे अनुसंधान और विकास में निवेश बढ़ाना, उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करना, और एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना।

स्रोत: The Indian Express


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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