ई-वीएसपी पोर्टल: हिंदी में विधिक ज्ञान की डिजिटल पहुंच का विस्तार

ई-वीएसपी पोर्टल: हिंदी में विधिक ज्ञान की डिजिटल पहुंच का विस्तार — e-VSP Portal Launch

ई-वीएसपी पोर्टल: हिंदी में विधिक ज्ञान की डिजिटल पहुंच का विस्तार

प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity & Governance

केंद्रीय विधि मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने 15 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली में विधि साहित्य प्रकाशन के ई-वीएसपी पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों, कानूनी पत्रिकाओं, संदर्भ पुस्तकों और अन्य विधि संबंधी साहित्य को हिंदी भाषा में ऑनलाइन उपलब्ध कराकर वैधानिक ज्ञान की डिजिटल पहुंच का विस्तार करेगा। श्री मेघवाल ने विधि क्षेत्र में सरल, सुगम और नागरिक-अनुकूल हिंदी के प्रयोग पर बल दिया, साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया योजना के महत्व का उल्लेख करते हुए कानूनी भाषा को आम लोगों के लिए आसानी से समझने योग्य बनाने पर जोर दिया, जिससे विधि प्रणाली अधिक सुलभ और समावेशी बने। उन्होंने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सभ्यतागत मूल्यों को संरक्षित और संवर्धित करने के महत्व पर भी बल दिया, यह बताते हुए कि विधि साहित्य राष्ट्र के संवैधानिक आचार, सांस्कृतिक परंपराओं और सामूहिक विवेक को भी प्रतिबिंबित करता है।

यह पहल कानून के छात्र, शिक्षक, अधिवक्ता, न्यायपालिका के सदस्य, शोधकर्ता और विधि जगत के अन्य हितधारकों को विधि साहित्य प्रकाशन की कानूनी पत्रिकाओं, विधि जर्नलों और अन्य संदर्भ सामग्रियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से सुलभता से प्राप्त और डाउनलोड करने में सक्षम बनाएगी। विधायी विभाग के अपर सचिव डॉ. मनोज कुमार ने ई-वीएसपी पोर्टल के शुभारंभ से पांच महत्वपूर्ण लाभों की चर्चा की, जिनमें हिंदी विधिक प्रकाशनों की भौगोलिक पहुंच का विस्तार, कानूनी ज्ञान की खोज और उपलब्धता की सुगमता, हिंदी विधिक प्रकाशनों को नई पीढ़ी के पाठकों से जोड़ना, हिंदी को कानूनी समझ और व्यावसायिक संवाद की भाषा के तौर पर सशक्त बनाना और हिंदी विधिक प्रकाशनों के विकास हेतु व्यापक पारितंत्र निर्मित करना शामिल है। यह पोर्टल www.vsp.gov.in डोमेन पर होस्ट किया गया है।

यूपीएससी और राज्य पीसीएस उम्मीदवारों के लिए यह घटना “राजव्यवस्था और शासन” विषय के अंतर्गत महत्वपूर्ण है। यह डिजिटल इंडिया पहल के तहत ई-गवर्नेंस के विस्तार, कानूनी शिक्षा तक पहुंच के लोकतंत्रीकरण और न्यायिक प्रणाली को अधिक समावेशी बनाने के प्रयासों को दर्शाता है। यह प्रशासनिक सुधारों, भाषा नीति (विशेषकर राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार) और न्याय तक पहुंच के संवैधानिक जनादेश को पूरा करने में प्रौद्योगिकी की भूमिका को भी रेखांकित करता है। इसके अतिरिक्त, यह सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के साथ-साथ संवैधानिक मूल्यों के प्रसार में विधि साहित्य की भूमिका पर भी प्रकाश डालता है, जो शासन के नैतिक और सांस्कृतिक आयामों से संबंधित प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

अभ्यास प्रश्न

Q1. हाल ही में केंद्रीय विधि मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने किस पोर्टल का शुभारंभ किया है?

  1. ई-न्याय पोर्टल
  2. ई-वीएसपी पोर्टल
  3. विधि सहायता पोर्टल
  4. ई-अदालत पोर्टल
उत्तर

ई-वीएसपी पोर्टल — केंद्रीय विधि मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधि साहित्य प्रकाशन का ई-वीएसपी पोर्टल आरंभ किया है। यह पोर्टल विधि साहित्य को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराएगा।

Q2. ई-वीएसपी पोर्टल का संबंध किस मंत्रालय से है?

  1. गृह मंत्रालय
  2. वित्त मंत्रालय
  3. विधि एवं न्याय मंत्रालय
  4. संस्कृति मंत्रालय
उत्तर

विधि एवं न्याय मंत्रालय — ई-वीएसपी पोर्टल का संबंध विधि साहित्य प्रकाशन से है, जो विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधीन आता है। केंद्रीय विधि मंत्री ने इसका शुभारंभ किया है।


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