ओडिशा के भितरकनिका में सैकड़ों मगरमच्छ के बच्चे हुए जन्म, जानिए पूरा मामला

Hundreds of baby crocs break out of eggshells in Odisha’s Bhitarkanika National Park — diagram

ओडिशा के भितरकनिका में सैकड़ों मगरमच्छ के बच्चे हुए जन्म, जानिए पूरा मामला

Crocodile hatchling emergenceNestMangrove twigs/leaves70-80 days incubationEggs50-60 per nest117 nests in 2024HatchlingsBreak shellsExit to waterJuvenilesHigh mortality risk1 in 100 survivesAdults1975: 962024: 1,858
Crocodile hatchling emergence

✎ भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान भारत में खारे पानी के मगरमच्छों की सबसे बड़ी आबादी का घर है और उनके सफल प्रजनन के लिए एक महत्वपूर्ण संरक्षण स्थल है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — पर्यावरण, जैव-विविधता, आपदा प्रबंधन
  • Prelims: भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान, खारे पानी के मगरमच्छ, मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972, Crocodylus porosus, IUCN रेड लिस्ट
  • Essay: जैव-विविधता संरक्षण: चुनौतियाँ और समाधान, मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व और सतत विकास

त्वरित पुनरावृत्ति: भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान भारत में खारे पानी के मगरमच्छों की सबसे बड़ी आबादी का घर है और उनके सफल प्रजनन के लिए एक महत्वपूर्ण संरक्षण स्थल है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में स्थित भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान (Bhitarkanika National Park) में खारे पानी के मगरमच्छों (Saltwater Crocodiles) के सैकड़ों बच्चे अंडों से बाहर निकलकर पास की खाड़ियों और जल निकायों में जा रहे हैं। यह घटना राष्ट्रीय उद्यान में एक और सफल प्रजनन मौसम का प्रतीक है, जो भारत की खारे पानी के मगरमच्छों की लगभग 70 प्रतिशत आबादी का घर है। यह वार्षिक हैचिंग प्रक्रिया लगभग पखवाड़े भर तक जारी रहने की उम्मीद है, जो इन सरीसृपों के संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाती है।

पृष्ठभूमि

  • भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में मगरमच्छों की आबादी 1975 में 96 थी, जब संरक्षण के प्रयास शुरू हुए थे, जो अब बढ़कर 1,858 हो गई है।
  • इस वर्ष 117 घोंसले बनाने वाले स्थलों की पहचान की गई थी, जहाँ मादा मगरमच्छ आमतौर पर 50-60 अंडे देती हैं।
  • अंडों से बच्चे लगभग 70-80 दिनों के ऊष्मायन (Incubation) के बाद निकलते हैं।
  • हालांकि बड़ी संख्या में अंडे दिए जाते हैं, लेकिन बहुत कम बच्चे वयस्क अवस्था तक जीवित रह पाते हैं (लगभग 100 में से 1)।
  • छोटे मगरमच्छों को जंगली में जलीय जानवरों और अन्य शिकारियों से उच्च जोखिम का सामना करना पड़ता है।
  • मगरमच्छ अपने घोंसले मैंग्रोव टहनियों, पत्तियों और मिट्टी का उपयोग करके ऊँची जमीन पर बनाते हैं, ताकि वे मानसून की बाढ़ से मुक्त रहें और पर्याप्त धूप प्राप्त कर सकें।
  • पर्यटकों और आगंतुकों के लिए भितरकनिका को 31 मई से 31 जुलाई तक बंद रखा गया था ताकि प्रजनन के मौसम में कोई गड़बड़ी न हो।

खारे पानी के मगरमच्छ (Saltwater Crocodiles) और भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान

  • खारे पानी के मगरमच्छ (वैज्ञानिक नाम: Crocodylus porosus) दुनिया के सबसे बड़े जीवित सरीसृप हैं और भारत में मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र (Mangrove Ecosystem) के एक महत्वपूर्ण घटक हैं।
  • ये मगरमच्छ मुख्य रूप से खारे पानी और ज्वारनदमुख (Estuaries) में पाए जाते हैं, लेकिन कभी-कभी मीठे पानी की नदियों में भी देखे जा सकते हैं।
  • भारत में, खारे पानी के मगरमच्छ मुख्य रूप से ओडिशा के भितरकनिका, पश्चिम बंगाल के सुंदरबन और अंडमान द्वीप समूह के मैंग्रोव आवासों में पाए जाते हैं।
  • भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में स्थित है और यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक है।
  • यह उद्यान खारे पानी के मगरमच्छों के अलावा, सफेद मगरमच्छों, भारतीय अजगरों, किंग कोबरा और विभिन्न प्रकार के पक्षियों का भी घर है।
  • मगरमच्छों की उपस्थिति दलदली वन क्षेत्रों से लोगों को दूर रखती है, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से मैंग्रोव को अवैध पेड़ कटाई और शिकार से बचाने में मदद मिलती है।
  • खारे पानी के मगरमच्छों को IUCN रेड लिस्ट (Red List) में ‘कम चिंताजनक’ (Least Concern) श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है, लेकिन उनके आवासों का संरक्षण महत्वपूर्ण है।
  • भारत के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) की अनुसूची I के तहत इन्हें उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्राप्त है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
खारे पानी के मगरमच्छ (Saltwater Crocodile) की उच्च सांद्रता भारत की लगभग 70 प्रतिशत खारे पानी के मगरमच्छों की आबादी यहीं पाई जाती है, जो इसे प्रजातियों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाती है।
संरक्षण प्रयासों की सफलता 1975 में 96 मगरमच्छों से बढ़कर वर्तमान में 1,858 तक की वृद्धि, प्रभावी संरक्षण रणनीतियों का प्रमाण है।
मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र (Mangrove Ecosystem) का अभिन्न अंग मगरमच्छ मैंग्रोव वनों की रक्षा में अप्रत्यक्ष रूप से मदद करते हैं, जिससे अवैध कटाई और शिकार पर अंकुश लगता है।
प्राकृतिक प्रजनन स्थल भीतरकनिका में 117 घोंसले के स्थलों की पहचान की गई है, जो इस प्रजाति के लिए एक आदर्श प्रजनन वातावरण प्रदान करता है।
पर्यटन प्रतिबंध प्रजनन काल के दौरान पर्यटकों के लिए पार्क को बंद करना, मगरमच्छों के लिए अशांत मुक्त वातावरण सुनिश्चित करता है।

महत्व

पर्यावरण और पारिस्थितिकी

  • भीतरकनिका राष्ट्रीय उद्यान खारे पानी के मगरमच्छों के लिए एक महत्वपूर्ण आवास है, जो भारत में इस प्रजाति की सबसे बड़ी आबादी का समर्थन करता है।
  • मगरमच्छ मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य और संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे शीर्ष शिकारी के रूप में खाद्य श्रृंखला को विनियमित करते हैं।
  • इनकी उपस्थिति मैंग्रोव वनों को मानवीय अतिक्रमण, जैसे अवैध कटाई और शिकार से बचाने में अप्रत्यक्ष रूप से मदद करती है।

संरक्षण और जैव विविधता

  • भीतरकनिका में मगरमच्छों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि (1975 में 96 से 1,858 तक) सफल संरक्षण प्रयासों और प्रभावी वन्यजीव प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • यह प्रजाति संरक्षण (Species Conservation) के महत्व और प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के लिए किए गए उपायों के सकारात्मक परिणामों को दर्शाता है।

सामाजिक-आर्थिक

  • राष्ट्रीय उद्यान और इसकी जैव विविधता स्थानीय समुदायों के लिए पारिस्थितिकी पर्यटन (Ecotourism) के माध्यम से आजीविका के अवसर प्रदान करती है, हालांकि प्रजनन काल के दौरान प्रतिबंध लगाए जाते हैं।
  • संरक्षण गतिविधियों से स्थानीय लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है।

चुनौतियाँ

1. उच्च शिशु मृत्यु दर

  • मादा मगरमच्छ बड़ी संख्या में अंडे देती हैं (50-60), लेकिन बहुत कम शिशु मगरमच्छ वयस्क अवस्था तक जीवित रह पाते हैं।
  • शिशु मगरमच्छों को जलीय जानवरों और अन्य शिकारियों से उच्च जोखिम का सामना करना पड़ता है।

2. मानव-वन्यजीव संघर्ष

  • मगरमच्छों की बढ़ती आबादी और मानव बस्तियों के बीच निकटता से संघर्ष की संभावना बढ़ सकती है, खासकर जल निकायों के पास।
  • आवासों का अतिक्रमण और संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा संघर्ष को बढ़ा सकती है।

3. जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएँ

  • समुद्र के बढ़ते स्तर, चक्रवात और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ मगरमच्छों के घोंसले के स्थलों और उनके आवासों को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
  • मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव मगरमच्छों की आबादी को भी प्रभावित कर सकता है।

4. आवास का विखंडन और क्षरण

  • मानवीय गतिविधियों जैसे कृषि, शहरीकरण और बुनियादी ढाँचे के विकास के कारण मगरमच्छों के प्राकृतिक आवासों का विखंडन और क्षरण हो सकता है।
  • यह उनकी प्रजनन क्षमता और जीवित रहने की दर को प्रभावित कर सकता है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
शिशु मगरमच्छों की उत्तरजीविता दर प्रत्येक 100 शिशु मगरमच्छों में से मुश्किल से एक ही वयस्क अवस्था तक पहुँच पाता है, जिससे आबादी की स्थिरता पर प्रश्नचिह्न लगता है।
शिकारियों का खतरा जंगली जलीय जानवर और अन्य शिकारी शिशु मगरमच्छों के लिए एक बड़ा खतरा हैं।
पर्यावास अशांति मानवीय हस्तक्षेप या पर्यटन गतिविधियों से मगरमच्छों के घोंसले और प्रजनन स्थलों में अशांति पैदा हो सकती है, जिससे वे आक्रामक हो सकते हैं।
मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भरता मैंग्रोव वनों का क्षरण या नुकसान सीधे तौर पर मगरमच्छों के आवास और भोजन स्रोतों को प्रभावित करेगा।

आगे की राह

  • शिशु मगरमच्छों की उत्तरजीविता दर में सुधार के लिए गहन निगरानी और संरक्षण रणनीतियाँ विकसित करना।
  • मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम और सह-अस्तित्व मॉडल को बढ़ावा देना।
  • जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए अनुकूलन रणनीतियों को लागू करना।
  • प्रजनन स्थलों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक वातावरण को बनाए रखने के लिए सख्त प्रवर्तन और निगरानी सुनिश्चित करना।
  • मगरमच्छों के व्यवहार और पारिस्थितिकी पर अधिक शोध को प्रोत्साहित करना ताकि प्रभावी संरक्षण उपाय तैयार किए जा सकें।
  • स्थानीय समुदायों को संरक्षण प्रयासों में शामिल करना और उन्हें वैकल्पिक आजीविका के अवसर प्रदान करना।
  • पर्यटन को विनियमित करना और प्रजनन काल के दौरान अशांति को रोकने के लिए सख्त नियम लागू करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान · खारे पानी के मगरमच्छ · संरक्षण प्रयास · मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र · जैव विविधता संरक्षण · वन्यजीव संरक्षण अधिनियम · पर्यावरण पर्यटन · पारिस्थितिकी संतुलन · तटीय पारिस्थितिकी · लुप्तप्राय प्रजातियाँ

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • अनुच्छेद 48A: पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन
  • अनुच्छेद 51A (g): प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और संवर्धन

अवधारणा प्रवाह

भीतरकनिका में मगरमच्छों का सफल प्रजनन  →  घोंसले से सैकड़ों शिशु मगरमच्छों का निकलना  →  शिशु मगरमच्छों का जल निकायों की ओर पलायन  →  उच्च शिशु मृत्यु दर का सामना करना  →  वयस्क मगरमच्छों की संख्या में वृद्धि (संरक्षण प्रयासों के कारण)  →  मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण और संतुलन

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान खारे पानी के मगरमच्छों की भारत की लगभग 70 प्रतिशत आबादी का घर है।
2. खारे पानी के मगरमच्छ केवल भारत के सुंदरबन और अंडमान द्वीप समूह के मैंग्रोव आवासों में पाए जाते हैं।
3. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत खारे पानी के मगरमच्छों को सर्वोच्च संरक्षण प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान भारत की खारे पानी के मगरमच्छों की लगभग 70 प्रतिशत आबादी का घर है। कथन 2 गलत है क्योंकि खारे पानी के मगरमच्छ भितरकनिका में भी पाए जाते हैं। कथन 3 सही है, खारे पानी के मगरमच्छ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत संरक्षित हैं।

Q2. मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

  1. मैंग्रोव केवल ताजे पानी के वातावरण में पनपते हैं।
  2. मैंग्रोव तटीय कटाव को रोकने में मदद करते हैं और तूफान के बफर के रूप में कार्य करते हैं।
  3. मैंग्रोव में पेड़-पौधों की प्रजातियों की विविधता बहुत कम होती है।
  4. मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र में मगरमच्छों का कोई महत्वपूर्ण पारिस्थितिकीय महत्व नहीं है।

उत्तर: मैंग्रोव तटीय कटाव को रोकने में मदद करते हैं और तूफान के बफर के रूप में कार्य करते हैं। — मैंग्रोव खारे और खारे पानी के वातावरण में पनपते हैं, तटीय कटाव को रोकते हैं और तूफान के बफर के रूप में कार्य करते हैं। वे उच्च जैव विविधता का समर्थन करते हैं और मगरमच्छ जैसे जीव पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत में खारे पानी के मगरमच्छों के संरक्षण में भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान की भूमिका का परीक्षण कीजिए। साथ ही, मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में मगरमच्छों के महत्व पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: यह उत्तर दो भागों में संरचित होना चाहिए। पहले भाग में, भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान की भूमिका का विस्तार से वर्णन किया जाना चाहिए, जिसमें इसके संरक्षण प्रयासों, जनसंख्या वृद्धि के आँकड़े (1975 में 96 से 1858 तक), और भारत की खारे पानी के मगरमच्छों की कुल आबादी में इसके योगदान (लगभग 70 प्रतिशत) को शामिल किया जाना चाहिए। इसमें राष्ट्रीय उद्यान द्वारा अपनाई गई संरक्षण रणनीतियों, जैसे घोंसले के स्थलों की पहचान, निगरानी और पर्यटकों के लिए प्रतिबंधों का उल्लेख भी किया जा सकता है। दूसरे भाग में, मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में मगरमच्छों के महत्व पर चर्चा की जानी चाहिए। इसमें मगरमच्छों की ‘कीस्टोन प्रजाति’ के रूप में भूमिका, उनके शिकार व्यवहार के माध्यम से पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखना, और उनकी उपस्थिति के कारण अवैध कटाई और शिकार से मैंग्रोव वनों की अप्रत्यक्ष सुरक्षा जैसे बिंदुओं को शामिल किया जाना चाहिए। उत्तर में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मगरमच्छों की संरक्षण स्थिति का भी उल्लेख किया जा सकता है।

स्रोत: orissapost.com

Odisha PCS (OPSC (OAS)) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: ओडिशा के भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में हाल ही में सैकड़ों बेबी मगरमच्छों के अंडों से निकलने की घटना के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कारक इस घटना के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी माना जाता है?

  1. अत्यधिक वर्षा एवं बाढ़ के कारण आद्र्भूमि का विस्तार
  2. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित क्षेत्र में मानवीय हस्तक्षेप में कमी
  3. मगरमच्छों के प्राकृतिक आवास में पर्याप्त भोजन एवं सुरक्षा की उपलब्धता
  4. ओडिशा सरकार द्वारा ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण से संबंधित गतिविधियाँ

उत्तर: मगरमच्छों के प्राकृतिक आवास में पर्याप्त भोजन एवं सुरक्षा की उपलब्धता — भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में मगरमच्छों के प्राकृतिक आवास में पर्याप्त भोजन एवं सुरक्षा की उपलब्धता इस घटना का मुख्य कारण माना जाता है, क्योंकि संरक्षित क्षेत्र में संरक्षण प्रयासों के कारण मगरमच्छों की जनसंख्या में वृद्धि हुई है।

Mains: भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में मगरमच्छों की जनसंख्या वृद्धि एवं उनके संरक्षण के संदर्भ में ओडिशा सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदमों का वर्णन कीजिए। साथ ही, इस पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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