जनजातीय कार्य मंत्री ओराम के उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड दौरे के प्रमुख बिंदु

जनजातीय कार्य मंत्री ओराम के उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड दौरे के प्रमुख बिंदु

जनजातीय कार्य मंत्री ओराम के उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड दौरे के प्रमुख बिंदु

जनजातीय कार्य मंत्री ओराम के उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड दौरे के प्रमुख बिंदु — केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम का दौरा कार्यक्रम
आरेख: केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम का दौरा कार्यक्रम

✎ केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री का दौरा जनजातीय शिक्षा और कल्याण, विशेषकर एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से, पर सरकार के निरंतर फोकस को दर्शाता है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाएँ, केंद्र एवं राज्यों द्वारा आबादी के कमजोर वर्गों के लिए गठित सुरक्षा तंत्र  |  GS Paper I — भारतीय समाज, जनजातीय मुद्दे
  • Prelims: जनजातीय कार्य मंत्रालय, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ, स्वच्छ भारत अभियान, उत्तराखंड आदि रंगोत्सव, जनजातीय शिक्षा
  • Essay: भारत में जनजातीय विकास: चुनौतियाँ और समाधान, समावेशी विकास में शिक्षा की भूमिका

त्वरित पुनरावृत्ति: केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री का दौरा जनजातीय शिक्षा और कल्याण, विशेषकर एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से, पर सरकार के निरंतर फोकस को दर्शाता है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम 1 से 4 अक्टूबर, 2026 तक उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के चार दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य जनजातीय शिक्षा और कल्याण से संबंधित कार्यक्रमों में भाग लेना, विशेष रूप से एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) का दौरा करना और स्थानीय हितधारकों तथा अधिकारियों के साथ बातचीत करना है। यह दौरा सामाजिक कल्याण और सामुदायिक सहभागिता के उद्देश्य से आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में मंत्री की भागीदारी का अवसर भी प्रदान करेगा।

पृष्ठभूमि

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत जनजातियों को ‘अनुसूचित जनजाति’ (Scheduled Tribes) के रूप में अधिसूचित किया गया है।
  • जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) की स्थापना 1999 में जनजातीय समुदायों के समग्र विकास और कल्याण के लिए एक नोडल एजेंसी के रूप में की गई थी।
  • जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार विभिन्न योजनाएँ और कार्यक्रम चलाती है।
  • एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) योजना का उद्देश्य दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मध्य और उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करना है।
  • स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Abhiyan) एक राष्ट्रव्यापी स्वच्छता कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य खुले में शौच मुक्त भारत बनाना और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार करना है।
  • वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ जैसे संगठन समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए कार्य करते हैं।

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) क्या हैं?

  • एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसे अनुसूचित जनजाति (ST) के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है।
  • इन विद्यालयों की स्थापना उन क्षेत्रों में की जाती है जहाँ अनुसूचित जनजाति की आबादी अधिक होती है और शिक्षा तक पहुँच सीमित होती है।
  • EMRS का उद्देश्य कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को आवासीय सुविधा के साथ-साथ शिक्षा, खेल और कौशल विकास का एक एकीकृत मंच प्रदान करना है।
  • इन विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया जाता है, जिसमें सांस्कृतिक गतिविधियों और पारंपरिक ज्ञान को भी बढ़ावा दिया जाता है।
  • प्रत्येक EMRS में 480 छात्रों की क्षमता होती है, जिसमें लड़कों और लड़कियों के लिए समान संख्या में सीटें आरक्षित होती हैं।
  • इन विद्यालयों में CBSE पाठ्यक्रम का पालन किया जाता है और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का उपयोग किया जाता है ताकि जनजातीय छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा के साथ जोड़ा जा सके।
  • EMRS योजना को 1997-98 में शुरू किया गया था और हाल के वर्षों में इसका विस्तार किया गया है ताकि अधिक से अधिक जनजातीय बच्चों को इसका लाभ मिल सके।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
केंद्रीय मंत्री का दौरा जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) के कार्यक्रमों और नीतियों के जमीनी क्रियान्वयन का मूल्यांकन तथा हितधारकों से सीधा संवाद।
एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (Eklavya Model Residential Schools – EMRS) जनजातीय शिक्षा और कल्याण को बढ़ावा देने में इन विद्यालयों की भूमिका का प्रत्यक्ष अवलोकन और उनकी कार्यप्रणाली को समझना।
स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Abhiyan) में भागीदारी स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करना और जनजातीय समुदायों के बीच स्वास्थ्य तथा स्वच्छता प्रथाओं को प्रोत्साहित करना।
उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में सहभागिता जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को बढ़ावा देना तथा उनकी पहचान को सशक्त करना।
वरिष्ठ नागरिक कल्याण कार्यक्रमों में भागीदारी समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाना।

महत्व

सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व

  • यह दौरा जनजातीय समुदायों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने और उसे बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों को दर्शाता है।
  • उत्तराखंड आदि रंगोत्सव जैसे कार्यक्रमों में भागीदारी से जनजातीय कला, हस्तशिल्प और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच मिलता है, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति सुधरती है।
  • स्वच्छ भारत अभियान जैसे कार्यक्रमों में भागीदारी से जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ती है, जो उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है।

शैक्षणिक महत्व

  • एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का दौरा जनजातीय बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर करता है।
  • ये विद्यालय जनजातीय छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने और उन्हें बेहतर भविष्य के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • मंत्री का दौरा इन विद्यालयों की चुनौतियों और सफलताओं को समझने का अवसर प्रदान करेगा, जिससे भविष्य की नीतियों को बेहतर बनाया जा सके।

शासन और नीतिगत महत्व

  • केंद्रीय मंत्री का जमीनी स्तर पर दौरा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करने में सहायक होता है।
  • स्थानीय हितधारकों और अधिकारियों के साथ बातचीत से नीतियों को अधिक प्रभावी और लक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया (feedback) प्राप्त होती है।
  • यह दौरा केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत करता है, जो जनजातीय कल्याण कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है।

चुनौतियाँ

1. जनजातीय शिक्षा में चुनौतियाँ

  • जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा तक पहुँच का अभाव, विशेषकर दूरदराज के इलाकों में।
  • शिक्षकों की कमी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री का अभाव।
  • जनजातीय भाषाओं में शिक्षा की कमी, जिससे बच्चों को मुख्यधारा की भाषा में सीखने में कठिनाई होती है।

2. स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी चुनौतियाँ

  • जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की अपर्याप्त पहुँच और बुनियादी ढाँचे की कमी।
  • स्वच्छता प्रथाओं के बारे में जागरूकता की कमी और स्वच्छ पेयजल की अनुपलब्धता।
  • कुपोषण और विभिन्न बीमारियों का उच्च प्रसार।

3. सांस्कृतिक संरक्षण की चुनौतियाँ

  • आधुनिकीकरण और बाहरी प्रभावों के कारण जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का क्षरण।
  • जनजातीय भाषाओं और बोलियों का लुप्त होना।
  • जनजातीय कला और हस्तशिल्प के लिए बाजार और प्रोत्साहन की कमी।

4. योजनाओं के क्रियान्वयन में चुनौतियाँ

  • कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता की कमी।
  • भ्रष्टाचार और लीकेज के कारण लाभार्थियों तक लाभ न पहुँचना।
  • स्थानीय प्रशासन और जनजातीय समुदायों के बीच विश्वास की कमी।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
शैक्षणिक अंतराल जनजातीय बच्चों में स्कूल छोड़ने की उच्च दर और निम्न साक्षरता दर।
स्वास्थ्य असमानताएँ जनजातीय समुदायों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर का उच्च होना।
आजीविका के अवसर जनजातीय क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसर और गरीबी का उच्च स्तर।
भूमि और वन अधिकार जनजातीय समुदायों के पारंपरिक भूमि और वन अधिकारों का अतिक्रमण।
बुनियादी ढाँचा दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, बिजली और इंटरनेट कनेक्टिविटी का अभाव।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (Eklavya Model Residential Schools – EMRS)
  • स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Abhiyan)

आगे की राह

  • जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • जनजातीय भाषाओं में शिक्षण सामग्री विकसित करना और बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देना।
  • जनजातीय स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बढ़ाना और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों को तेज करना।
  • जनजातीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए बाजार संपर्क और प्रोत्साहन प्रदान करना।
  • जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर पैदा करने हेतु कौशल विकास और उद्यमिता कार्यक्रमों को मजबूत करना।
  • कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
  • जनजातीय समुदायों को विकास प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करना और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

जनजातीय शिक्षा · एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय · जनजातीय कल्याण · स्वच्छ भारत अभियान · वरिष्ठ नागरिक कल्याण · जनजातीय कार्य मंत्रालय · आदि रंगोत्सव · सामुदायिक सहभागिता

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • अनुच्छेद 46: अनुसूचित जातियों, जनजातियों और अन्य कमजोर वर्गों के शैक्षिक व आर्थिक हितों को बढ़ावा देना।
  • अनुच्छेद 275(1): जनजातीय कल्याण के लिए केंद्र द्वारा राज्यों को अनुदान।
  • अनुच्छेद 338A: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (National Commission for Scheduled Tribes) का प्रावधान।
  • पांचवीं अनुसूची: अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन व नियंत्रण से संबंधित प्रावधान।
  • छठी अनुसूची: असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित प्रावधान।

अवधारणा प्रवाह

केंद्रीय मंत्री का जनजातीय क्षेत्रों का दौरा।  →  एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण।  →  जनजातीय शिक्षा और कल्याण कार्यक्रमों का मूल्यांकन।  →  स्थानीय हितधारकों और अधिकारियों से संवाद।  →  जनजातीय समुदायों की चुनौतियों और आवश्यकताओं की पहचान।  →  नीतिगत सुधारों और बेहतर क्रियान्वयन के लिए इनपुट।

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) जनजातीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किए गए हैं।
2. ये विद्यालय केवल अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए हैं।
3. जनजातीय कार्य मंत्रालय EMRS के संचालन के लिए नोडल मंत्रालय है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि EMRS का उद्देश्य जनजातीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि ये विद्यालय विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe) के छात्रों के लिए हैं, न कि अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) के लिए। कथन 3 सही है क्योंकि जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) EMRS के संचालन के लिए नोडल मंत्रालय है।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा कार्यक्रम भारत में स्वच्छता और साफ-सफाई को बढ़ावा देने से संबंधित है?

  1. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन
  2. स्वच्छ भारत अभियान
  3. प्रधानमंत्री जन धन योजना
  4. अटल पेंशन योजना

उत्तर: स्वच्छ भारत अभियान — स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Abhiyan) भारत में स्वच्छता और साफ-सफाई को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक प्रमुख कार्यक्रम है। अन्य विकल्प विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) की स्थापना के पीछे के उद्देश्यों पर चर्चा कीजिए। जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान में ये विद्यालय किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं? (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) का संक्षिप्त परिचय और उनके स्थापना का संदर्भ (जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा, जनजातीय छात्रों के लिए)।
2. स्थापना के उद्देश्य: EMRS की स्थापना के प्रमुख उद्देश्यों का विस्तृत वर्णन, जैसे:
* गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करना।
* दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में जनजातीय बच्चों को आवासीय सुविधाएँ प्रदान करना।
* सर्वांगीण विकास (शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद) पर जोर।
* राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) के लक्ष्यों के साथ संरेखण।
* जनजातीय संस्कृति और पहचान का संरक्षण।
3. सामाजिक-आर्थिक उत्थान में भूमिका: EMRS जनजातीय समुदायों के उत्थान में कैसे योगदान दे सकते हैं, इसका विश्लेषण:
* शिक्षा के माध्यम से कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाना।
* स्वास्थ्य और पोषण में सुधार।
* लैंगिक समानता को बढ़ावा देना (विशेषकर जनजातीय लड़कियों की शिक्षा)।
* मुख्यधारा के समाज के साथ एकीकरण।
* जनजातीय क्षेत्रों में नेतृत्व क्षमता का विकास।
* गरीबी और वंचना को कम करने में योगदान।
4. चुनौतियाँ और आगे की राह: संक्षेप में कुछ चुनौतियों का उल्लेख (जैसे शिक्षकों की उपलब्धता, बुनियादी ढाँचा, पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता) और सुधार के सुझाव।
5. निष्कर्ष: EMRS की क्षमता और जनजातीय विकास में उनके महत्व का सारांश।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

Uttarakhand PCS (UKPSC) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम द्वारा हाल ही में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के चार दिवसीय दौरे के दौरान मुख्य उद्देश्य क्या था?

  1. जनजातीय क्षेत्रों के विकास और कल्याण योजनाओं की समीक्षा तथा राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित करना
  2. राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं की घोषणा करना
  3. राज्य के वन क्षेत्रों में वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ करना
  4. राज्य सरकारों से जनजातीय क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित करने का आग्रह करना

उत्तर: जनजातीय क्षेत्रों के विकास और कल्याण योजनाओं की समीक्षा तथा राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित करना — केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री का दौरा जनजातीय क्षेत्रों के विकास और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा तथा राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया था।

Mains: उत्तराखंड में जनजातीय समुदायों के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए, राज्य में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सुझाव प्रस्तुत कीजिए।


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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