22 Sep ट्रम्प का ईरान युद्ध का बचाव: संयुक्त राष्ट्र में भारत-प्रशांत पर प्रभाव
✎ संयुक्त राष्ट्र महासभा वैश्विक मुद्दों पर चर्चा और निर्णय लेने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहाँ सदस्य देशों की भू-राजनीतिक स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर उनके दृष्टिकोण सामने आते हैं।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध | GS Paper II — भारत और उसके पड़ोसी-संबंध | GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा
- Prelims: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA), स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC), अंतर्राष्ट्रीय संबंध, भू-राजनीति
- Essay: वैश्विक शांति और सुरक्षा में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका, बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत की विदेश नीति की चुनौतियाँ
त्वरित पुनरावृत्ति: संयुक्त राष्ट्र महासभा वैश्विक मुद्दों पर चर्चा और निर्णय लेने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहाँ सदस्य देशों की भू-राजनीतिक स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर उनके दृष्टिकोण सामने आते हैं।
यह खबर चर्चा में क्यों?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने संबोधन के दौरान ईरान पर ‘आतंकवादी शासन’ होने का आरोप लगाया और कहा कि यह ‘कमजोर और हताश’ है। राष्ट्रपति ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पूरी तरह से फिर से खोलने के लिए ईरान पर सौदेबाजी में देरी करने का भी आरोप लगाया। इस संबोधन के दौरान ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जिससे वैश्विक भू-राजनीति में तनाव और बढ़ गया है।
पृष्ठभूमि
- संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के छह प्रमुख अंगों में से एक है, जहाँ सभी 193 सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व होता है। यह अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा, नए सदस्यों के प्रवेश और बजट संबंधी मामलों सहित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और निर्णय लेने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
- स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) फारस की खाड़ी (Persian Gulf) और ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यह वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक रणनीतिक चोकपॉइंट है, जिससे दुनिया के कुल तेल शिपमेंट का लगभग एक-तिहाई हिस्सा गुजरता है।
- खाड़ी सहयोग परिषद (Gulf Cooperation Council – GCC) बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित छह खाड़ी देशों का एक क्षेत्रीय अंतर-सरकारी राजनीतिक और आर्थिक संघ है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच समन्वय, एकीकरण और सहयोग को बढ़ावा देना है।
- ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संबंध दशकों से तनावपूर्ण रहे हैं, विशेष रूप से 2015 के ईरान परमाणु समझौते (Iran Nuclear Deal) से अमेरिका के हटने के बाद। अमेरिका ने ईरान पर क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने और आतंकवादी समूहों का समर्थन करने का आरोप लगाया है।
- भारत के लिए ईरान और खाड़ी क्षेत्र दोनों ही ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण हैं। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में किसी भी तरह की अस्थिरता भारत की ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक हितों को सीधे प्रभावित कर सकती है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) क्या है?
- संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) संयुक्त राष्ट्र का मुख्य विचार-विमर्श, नीति-निर्माण और प्रतिनिधि अंग है।
- इसमें संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक को एक वोट प्राप्त है।
- यह अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा, निरस्त्रीकरण, मानवाधिकार, अंतर्राष्ट्रीय कानून और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग जैसे व्यापक मुद्दों पर चर्चा करती है।
- महासभा संयुक्त राष्ट्र के बजट को मंजूरी देती है और सुरक्षा परिषद (Security Council) के अस्थायी सदस्यों का चुनाव करती है।
- यह संयुक्त राष्ट्र के महासचिव (Secretary-General) की नियुक्ति में सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर कार्य करती है।
- महासभा के निर्णय गैर-बाध्यकारी होते हैं, लेकिन वे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के नैतिक अधिकार और राजनीतिक महत्व को दर्शाते हैं।
- इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क शहर में है और यह प्रतिवर्ष सितंबर से दिसंबर तक नियमित सत्र आयोजित करती है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में संबोधन | यह वैश्विक मंच पर किसी भी देश के प्रमुख को अपनी विदेश नीति, राष्ट्रीय हितों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करता है। |
| ईरान युद्ध का बचाव | यह दर्शाता है कि अमेरिका अपनी विदेश नीति में आक्रामक रुख अपना रहा है और अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि मान रहा है, भले ही अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में मतभेद हों। |
| होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का मुद्दा | यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। |
| खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों के साथ बैठकें | यह मध्य पूर्व में क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं, विशेषकर ईरान के साथ चल रहे तनाव के संदर्भ में। |
| शील्ड ऑफ अमेरिकाज़ (Shield of Americas) पहल | यह लैटिन अमेरिकी देशों के साथ सहयोग को मजबूत करने और संगठित अपराध तथा मादक पदार्थों की तस्करी जैसी क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना करने के अमेरिकी प्रयासों को दर्शाता है। |
महत्व
भू-राजनीतिक महत्व
- ईरान युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति का बचाव वैश्विक शक्ति संतुलन और मध्य पूर्व की स्थिरता पर गहरा प्रभाव डालता है।
- होरमुज़ जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर तनाव वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर सकता है।
- संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय मंचों पर प्रमुख शक्तियों के बीच मतभेद अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और शांति स्थापना के प्रयासों को कमजोर कर सकते हैं।
आर्थिक महत्व
- मध्य पूर्व में किसी भी प्रकार का सैन्य संघर्ष कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता ला सकता है, जिसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर अनिश्चितता वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर सकती है, जिससे व्यापार लागत बढ़ सकती है और आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) धीमी हो सकती है।
- रक्षा व्यय में वृद्धि से अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में निवेश कम हो सकता है, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
अंतर्राष्ट्रीय संबंध
- अमेरिकी राष्ट्रपति का संबोधन अंतर्राष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सिद्धांतों के प्रति विभिन्न देशों के दृष्टिकोण को उजागर करता है।
- ईरान के प्रतिनिधिमंडल का विरोध अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर राजनयिक असहमति और तनाव को दर्शाता है।
- अमेरिका और उसके सहयोगियों (जैसे GCC देश) के बीच सहयोग मध्य पूर्व में शक्ति गतिशीलता को प्रभावित करता है और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को बदल सकता है।
चुनौतियाँ
1. अंतर्राष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का उल्लंघन
- किसी अन्य देश के खिलाफ एकतरफा सैन्य कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन कर सकती है।
- यह अन्य देशों की संप्रभुता (Sovereignty) और क्षेत्रीय अखंडता (Territorial Integrity) के लिए खतरा पैदा कर सकता है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में अस्थिरता आ सकती है।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय संबंध, संप्रभुता
2. वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव
- होरमुज़ जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर तनाव से तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है।
- ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि से मुद्रास्फीति (Inflation) बढ़ सकती है और वैश्विक आर्थिक संवृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा
3. बहुपक्षीय संस्थानों की भूमिका में कमी
- एकतरफा कार्रवाइयाँ संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय संस्थानों की प्रभावशीलता को कमजोर करती हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- यह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और आम सहमति के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने की क्षमता को कम करता है।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय संगठन, बहुपक्षवाद
4. क्षेत्रीय अस्थिरता और संघर्ष का विस्तार
- मध्य पूर्व में सैन्य संघर्ष से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे पड़ोसी देशों में भी संघर्ष फैलने का खतरा रहता है।
- यह मानवीय संकट, शरणार्थी प्रवाह और आतंकवाद के उदय को बढ़ावा दे सकता है।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा, मध्य पूर्व
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| ईरान के साथ युद्ध | यह मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर संघर्ष को जन्म दे सकता है, जिससे मानवीय संकट और क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है। |
| होरमुज़ जलडमरूमध्य का अवरोध | यह वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित कर सकता है, जिससे ऊर्जा की कीमतें बढ़ेंगी और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। |
| अंतर्राष्ट्रीय कानून और संधियों का उल्लंघन | एकतरफा सैन्य कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों को कमजोर कर सकती है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में अराजकता आ सकती है। |
| मीडिया पर प्रतिबंध | यह प्रेस की स्वतंत्रता (Freedom of the Press) और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है, जो सूचना के स्वतंत्र प्रवाह को बाधित करता है और जवाबदेही को कम करता है। |
| मध्यवर्ती चुनावों पर प्रभाव | विदेश नीति के निर्णय घरेलू राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे नीति निर्माण में राजनीतिकरण हो सकता है। |
आगे की राह
- अंतर्राष्ट्रीय विवादों को सुलझाने के लिए राजनयिक वार्ता और बहुपक्षीय मंचों (जैसे संयुक्त राष्ट्र) का सक्रिय रूप से उपयोग किया जाना चाहिए।
- अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का सम्मान किया जाना चाहिए, जिसमें संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान शामिल है।
- वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होरमुज़ जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
- प्रेस की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए, क्योंकि यह लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
- मध्य पूर्व में क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक संवाद और सहयोग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
- संघर्षों के मूल कारणों को संबोधित करने के लिए आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय और सुशासन (Good Governance) को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
संयुक्त राष्ट्र महासभा · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · ईरान परमाणु समझौता · खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा · अमेरिकी विदेश नीति · संघर्ष समाधान · बहुपक्षीय कूटनीति · भू-राजनीतिक तनाव · जलडमरूमध्य होर्मुज · मानवाधिकार
अवधारणा प्रवाह
अमेरिकी राष्ट्रपति का UNGA में ईरान युद्ध का बचाव → ईरान के प्रतिनिधिमंडल का विरोध और अंतर्राष्ट्रीय तनाव → होरमुज़ जलडमरूमध्य पर अनिश्चितता और ऊर्जा सुरक्षा चिंताएँ → मध्य पूर्व में क्षेत्रीय अस्थिरता और सैन्य संघर्ष का खतरा → वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) संयुक्त राष्ट्र का मुख्य विचार-विमर्श, नीति-निर्माण और प्रतिनिधि अंग है।
2. संयुक्त राष्ट्र महासभा के सभी 193 सदस्य देशों को समान मतदान अधिकार प्राप्त हैं।
3. महासभा के प्रस्ताव सदस्य देशों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी होते हैं।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 और 2 सही हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा वास्तव में संयुक्त राष्ट्र का मुख्य विचार-विमर्श, नीति-निर्माण और प्रतिनिधि अंग है, और इसके सभी 193 सदस्य देशों को समान मतदान अधिकार प्राप्त हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि महासभा के प्रस्ताव आमतौर पर सदस्य देशों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते हैं, बल्कि वे सिफारिशें या घोषणाएँ होती हैं।
Q2. जलडमरूमध्य होर्मुज (Strait of Hormuz) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) और अरब सागर (Arabian Sea) से जोड़ता है।
2. यह विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन बिंदुओं में से एक है।
3. यह ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच स्थित है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 2
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। जलडमरूमध्य होर्मुज फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है, और यह विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन बिंदुओं में से एक है। कथन 3 गलत है क्योंकि यह ईरान और ओमान (मुसंडम प्रायद्वीप) के बीच स्थित है, न कि संयुक्त अरब अमीरात के बीच।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की भूमिका और महत्व का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए, विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने में इसकी सीमाओं पर प्रकाश डालते हुए। (15 Marks)
रूपरेखा: उत्तर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की संरचना, कार्य और महत्व का संक्षिप्त परिचय शामिल होना चाहिए। इसकी भूमिका को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, मानवाधिकारों को बढ़ावा देने और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श के मंच के रूप में रेखांकित करें। इसके महत्व को दर्शाने के लिए शांति स्थापना, विकास लक्ष्यों और अंतर्राष्ट्रीय कानून के विकास में इसकी भूमिका का उल्लेख करें। आलोचनात्मक परीक्षण के भाग में, इसकी सीमाओं पर ध्यान केंद्रित करें, जैसे कि इसके प्रस्तावों का गैर-बाध्यकारी स्वरूप, सुरक्षा परिषद के वीटो अधिकार का प्रभाव, और बड़े सदस्य राज्यों के भू-राजनीतिक हितों का प्रभाव। अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने में इसकी प्रभावशीलता पर इन सीमाओं के निहितार्थों पर चर्चा करें, जिसमें हाल के उदाहरणों का उल्लेख किया जा सकता है जहां महासभा की सिफारिशों को लागू करने में चुनौतियां आई हैं। निष्कर्ष में, इसकी सीमाओं के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इसके स्थायी महत्व को स्वीकार करें।
स्रोत: orissapost.com
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