16 Sep यूपी कैबिनेट ने अयोध्या में एनएसजी क्षेत्रीय केंद्र के लिए 65 एकड़ भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी
✎ राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) भारत का एक विशिष्ट आतंकवाद विरोधी बल है, जिसका गठन 1984 में हुआ था और यह केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — राजव्यवस्था और शासन | GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा
- Prelims: राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), गृह मंत्रालय (MHA), राज्य सरकार की भूमिका, आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी बल
- Essay: आंतरिक सुरक्षा चुनौतियाँ और उनका समाधान, राज्य और केंद्र के बीच सहयोग: एक प्रभावी शासन मॉडल
त्वरित पुनरावृत्ति: राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) भारत का एक विशिष्ट आतंकवाद विरोधी बल है, जिसका गठन 1984 में हुआ था और यह केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने अयोध्या में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (National Security Guard – NSG) के एक क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Ministry of Home Affairs – MHA) को 65 एकड़ (लगभग 26 हेक्टेयर) बंजर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस केंद्र का उद्देश्य अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में संभावित सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है।
पृष्ठभूमि
- अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद, यह शहर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख सांस्कृतिक, धार्मिक और रणनीतिक केंद्र के रूप में उभरा है।
- देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य व्यक्ति और पर्यटक लगातार अयोध्या आ रहे हैं, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा संवेदनशीलता काफी बढ़ गई है।
- इस बढ़ी हुई संवेदनशीलता को देखते हुए, अयोध्या में NSG की स्थायी तैनाती के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना आवश्यक माना गया है।
- हस्तांतरित की जा रही भूमि का बाजार मूल्य लगभग 16.9 करोड़ रुपये आंका गया है, लेकिन इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व को देखते हुए निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है।
- भूमि के आवंटन के संबंध में राजस्व विभाग के सरकारी आदेशों में निर्धारित प्रावधानों में ढील देकर एक अपवाद बनाया गया है, जो अयोध्या की विशेष सुरक्षा संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा के सर्वोपरि महत्व को दर्शाता है।
- यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि आवंटित भूमि का उपयोग अगले तीन वर्षों के भीतर प्रस्तावित उद्देश्य के लिए नहीं किया जाता है, या भविष्य में इसकी आवश्यकता समाप्त हो जाती है, तो भूमि स्वतः उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग के निपटान में वापस आ जाएगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) क्या है?
- राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) भारत का एक विशिष्ट आतंकवाद विरोधी बल (Counter-Terrorism Force) है, जिसे ‘ब्लैक कैट कमांडो’ के नाम से भी जाना जाता है।
- इसका गठन 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के मद्देनजर किया गया था, जिसका उद्देश्य देश में आतंकवाद की बढ़ती चुनौतियों का सामना करना था।
- NSG केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन कार्य करता है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड अधिनियम, 1986 (National Security Guard Act, 1986) के तहत स्थापित किया गया था।
- इसका मुख्य कार्य आतंकवाद विरोधी अभियान चलाना, बंधक बचाव (Hostage Rescue), विमान अपहरण विरोधी (Anti-Hijacking) और महत्वपूर्ण व्यक्तियों (VIPs) की सुरक्षा प्रदान करना है।
- NSG के कर्मियों को भारतीय सेना (Indian Army) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (Central Armed Police Forces – CAPFs) से प्रतिनियुक्ति पर लिया जाता है और उन्हें अत्यधिक कठोर प्रशिक्षण दिया जाता है।
- यह बल विशेष रूप से शहरी वातावरण में आतंकवाद विरोधी अभियानों और उच्च जोखिम वाले सुरक्षा परिदृश्यों से निपटने के लिए प्रशिक्षित है।
- NSG के क्षेत्रीय केंद्र देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित किए जाते हैं ताकि आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों को सहायता प्रदान की जा सके।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| NSG क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना | अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाना। |
| 65 एकड़ (26 हेक्टेयर) भूमि का हस्तांतरण | उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराना, राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाना। |
| अयोध्या का सांस्कृतिक, धार्मिक और रणनीतिक केंद्र के रूप में उभरना | राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या की बढ़ती संवेदनशीलता और राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसका महत्व। |
| भूमि के उपयोग पर प्रतिबंध | हस्तांतरित भूमि का उपयोग केवल NSG क्षेत्रीय केंद्र के लिए किया जाएगा, अन्य किसी उद्देश्य के लिए नहीं। |
| तीन वर्ष में उपयोग न होने पर भूमि वापसी का प्रावधान | यह सुनिश्चित करना कि भूमि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही हो, अन्यथा वह राज्य सरकार को वापस मिल जाएगी। |
महत्व
सामरिक महत्व
- अयोध्या में NSG क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना से क्षेत्र की सुरक्षा संवेदनशीलता को संबोधित किया जा सकेगा, विशेषकर राम मंदिर के कारण बढ़ती भीड़ और विशिष्ट आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
- यह केंद्र किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से निपटने और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया (Rapid Response) क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रशासनिक एवं अंतर-सरकारी सहयोग
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को निःशुल्क भूमि का हस्तांतरण केंद्र-राज्य सहयोग का एक उदाहरण है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के साझा लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।
- भूमि के उपयोग पर प्रतिबंध और तीन वर्ष में उपयोग न होने पर वापसी का प्रावधान सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और जवाबदेही को सुनिश्चित करता है।
सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व
- अयोध्या के एक प्रमुख सांस्कृतिक, धार्मिक और रणनीतिक केंद्र के रूप में उभरने के बाद, यह केंद्र देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करेगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- यह पहल अयोध्या धाम की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
चुनौतियाँ
1. भूमि अधिग्रहण एवं हस्तांतरण
- सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि की पहचान, अधिग्रहण और हस्तांतरण की प्रक्रिया अक्सर जटिल और समय लेने वाली होती है, जिसमें विभिन्न विभागों के समन्वय की आवश्यकता होती है।
- कभी-कभी भूमि के बाजार मूल्य और उसके निःशुल्क हस्तांतरण को लेकर वित्तीय और प्रशासनिक चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं।
यूपीएससी लिंक: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता एवं जवाबदेही
2. सुरक्षा अवसंरचना का विकास
- NSG जैसे विशिष्ट बल के क्षेत्रीय केंद्र के लिए आवश्यक अत्याधुनिक अवसंरचना (Infrastructure) और प्रशिक्षण सुविधाओं का निर्माण एक बड़ी चुनौती हो सकती है, जिसमें पर्याप्त वित्तीय और तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता होती है।
- सुरक्षा कर्मियों के लिए आवास, प्रशिक्षण क्षेत्र और अन्य सहायक सुविधाओं का विकास भी समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करना आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: आंतरिक सुरक्षा, सुरक्षा बल और संस्थाएँ
3. स्थानीय आबादी के साथ समन्वय
- किसी भी बड़े सुरक्षा प्रतिष्ठान की स्थापना से स्थानीय आबादी पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है, जैसे यातायात प्रतिबंध या सुरक्षा जांच में वृद्धि।
- स्थानीय समुदाय के साथ प्रभावी संचार और समन्वय बनाए रखना आवश्यक है ताकि किसी भी संभावित असुविधा को कम किया जा सके और सहयोग सुनिश्चित किया जा सके।
यूपीएससी लिंक: शासन व्यवस्था, विकास प्रक्रियाएँ
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| भूमि का निःशुल्क हस्तांतरण | राजस्व विभाग के सरकारी आदेशों में निर्धारित प्रावधानों से छूट देने से भविष्य में अन्य परियोजनाओं के लिए समान मांगें उठ सकती हैं। |
| परियोजना का समय पर क्रियान्वयन | NSG केंद्र के निर्माण और संचालन में देरी से सुरक्षा उद्देश्यों की पूर्ति में बाधा आ सकती है। |
| स्थानीय सुरक्षा बलों के साथ समन्वय | NSG और स्थानीय पुलिस/सुरक्षा एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना ताकि त्वरित प्रतिक्रिया और सूचना साझाकरण सुचारू रूप से हो सके। |
| बढ़ती सुरक्षा संवेदनशीलता का प्रबंधन | अयोध्या की बढ़ती राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रोफाइल के साथ उत्पन्न होने वाली नई सुरक्षा चुनौतियों का लगातार आकलन और प्रबंधन। |
आगे की राह
- NSG क्षेत्रीय केंद्र के निर्माण और संचालन के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाए, जिसमें समय-सीमा और वित्तीय आवंटन स्पष्ट रूप से परिभाषित हों।
- केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों के बीच एक उच्च-स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया जाए ताकि भूमि हस्तांतरण और अवसंरचना विकास की प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके।
- NSG केंद्र के लिए आवश्यक मानव संसाधन और अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि यह अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभा सके।
- स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ NSG के प्रशिक्षण और अभ्यास कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित किया जाए ताकि आपातकालीन स्थितियों में एकीकृत प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।
- अयोध्या की सुरक्षा संवेदनशीलता का नियमित रूप से आकलन किया जाए और उसके अनुरूप सुरक्षा रणनीतियों को अद्यतन (Update) किया जाए।
- स्थानीय समुदाय के साथ संवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि सुरक्षा उपायों के प्रति उनका सहयोग प्राप्त हो सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड · आंतरिक सुरक्षा · राज्य-केंद्र संबंध · कानून और व्यवस्था · आपदा प्रतिक्रिया · भूमि हस्तांतरण · सुरक्षा संवेदनशीलता · क्षेत्रीय केंद्र · केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल · उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 256’, ‘note’: ‘संघ की कार्यपालिका शक्ति का राज्यों पर नियंत्रण’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 257’, ‘note’: ‘कुछ दशाओं में राज्यों पर संघ का नियंत्रण’}
अवधारणा प्रवाह
राम मंदिर निर्माण से अयोध्या का महत्व बढ़ा → अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि → क्षेत्र की सुरक्षा संवेदनशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि → राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) केंद्र की आवश्यकता महसूस हुई → उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा भूमि हस्तांतरण को मंजूरी → NSG क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना से सुरक्षा सुदृढ़ होगी
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. NSG केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन एक विशेष आतंकवाद-रोधी बल है।
2. यह केवल राज्यों के अनुरोध पर ही अपनी सेवाएं प्रदान करता है।
3. NSG कमांडो को ‘ब्लैक कैट’ कमांडो के नाम से भी जाना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। NSG भारत का एक प्रमुख आतंकवाद-रोधी बल है जो केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs – MHA) के अधीन कार्य करता है। कथन 2 गलत है। NSG आवश्यकता पड़ने पर स्वतः या केंद्र सरकार के निर्देश पर भी कार्य कर सकता है, न कि केवल राज्यों के अनुरोध पर। कथन 3 सही है। NSG कमांडो को उनकी विशिष्ट वर्दी के कारण ‘ब्लैक कैट’ कमांडो के नाम से जाना जाता है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के अधिदेश का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
- यह केवल सीमा सुरक्षा और घुसपैठ-रोधी अभियानों के लिए जिम्मेदार है।
- यह मुख्य रूप से आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी अभियानों में विशेषज्ञता रखता है।
- यह भारत में सभी राज्यों के पुलिस बलों को प्रशिक्षण प्रदान करता है।
- यह केवल युद्धकाल में सैन्य अभियानों में शामिल होता है।
उत्तर: यह मुख्य रूप से आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी अभियानों में विशेषज्ञता रखता है। — NSG का प्राथमिक अधिदेश आंतरिक सुरक्षा, विशेष रूप से आतंकवाद-रोधी अभियानों, बंधक बचाव और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से संबंधित है। यह सीमा सुरक्षा या केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, न ही यह केवल युद्धकाल में सैन्य अभियानों में शामिल होता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (Central Armed Police Forces – CAPFs) की भूमिका का परीक्षण कीजिए, विशेष रूप से आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में। अयोध्या में NSG क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के निर्णय के निहितार्थों पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का संक्षिप्त परिचय, उनकी भूमिका का सामान्य उल्लेख।
2. CAPFs की भूमिका (सामान्य): आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में CAPFs की व्यापक भूमिका का वर्णन करें, जैसे कानून और व्यवस्था, विद्रोह-रोधी अभियान, सीमा सुरक्षा, आपदा प्रतिक्रिया आदि।
3. NSG की विशिष्ट भूमिका: NSG की विशिष्ट भूमिका पर ध्यान केंद्रित करें – आतंकवाद-रोधी, बंधक बचाव, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा, VIP सुरक्षा। इसके गठन के पीछे के कारणों (जैसे ऑपरेशन ब्लू स्टार, 1984) का उल्लेख करें।
4. अयोध्या में NSG क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना: इस निर्णय के विशिष्ट संदर्भ (अयोध्या की बढ़ती रणनीतिक और धार्मिक संवेदनशीलता) का उल्लेख करें।
5. निहितार्थ: इस केंद्र की स्थापना के संभावित निहितार्थों पर चर्चा करें, जैसे: त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में वृद्धि, सुरक्षा व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, संभावित खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला, राज्य और केंद्र के बीच समन्वय।
6. निष्कर्ष: आंतरिक सुरक्षा के लिए ऐसे क्षेत्रीय केंद्रों के महत्व और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारियों पर संक्षिप्त टिप्पणी।
स्रोत: The Indian Express
Uttar Pradesh PCS (UPPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा हाल ही में आयोजित बैठक में, किस स्थान पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के क्षेत्रीय केंद्र के लिए 65 एकड़ भूमि के हस्तांतरण को मंजूरी दी गई?
- अयोध्या
- वाराणसी
- लखनऊ
- गोरखपुर
उत्तर: अयोध्या — उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने हाल ही में आयोजित बैठक में अयोध्या में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के क्षेत्रीय केंद्र के लिए 65 एकड़ भूमि के हस्तांतरण को मंजूरी प्रदान की।
Mains: उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना से राज्य की सुरक्षा व्यवस्था एवं पर्यटन उद्योग पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का विश्लेषण कीजिए। साथ ही, इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार द्वारा उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर प्रकाश डालिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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