12 Sep विशाखापत्तनम में संपन्न हुआ कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव का टेबल टॉप अभ्यास, जानिए मुख्य बातें
✎ कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत, श्रीलंका और मालदीव के बीच एक महत्वपूर्ण मंच है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS पेपर II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध | GS पेपर III — आंतरिक सुरक्षा
- Prelims: कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC), टेबल टॉप एक्सरसाइज (TTX), हिंद महासागर क्षेत्र (IOR), समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA), महासागर (MAHASAGAR) विजन, गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियाँ
- Essay: हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका और समुद्री सुरक्षा चुनौतियाँ, क्षेत्रीय सहयोग के माध्यम से सुरक्षा और विकास
त्वरित पुनरावृत्ति: कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत, श्रीलंका और मालदीव के बीच एक महत्वपूर्ण मंच है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
हाल ही में, विशाखापत्तनम में पश्चिमी नौसेना कमान (WNC) में कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) के तत्वावधान में तीन दिवसीय टेबल टॉप एक्सरसाइज (TTX) सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटने के लिए एक समन्वित प्रतिक्रिया विकसित करना था, जिसमें सदस्य देशों और पर्यवेक्षक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
पृष्ठभूमि
- कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) एक क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा समूह है जिसकी स्थापना भारत, श्रीलंका और मालदीव ने की थी।
- इसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है।
- यह कॉन्क्लेव समुद्री सुरक्षा से संबंधित विभिन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक मंच प्रदान करता है, जिसमें सूचना साझाकरण और क्षमता निर्माण शामिल है।
- टेबल टॉप एक्सरसाइज (TTX) एक सिमुलेटेड अभ्यास है जो वास्तविक परिचालन परिदृश्यों के बिना निर्णय लेने और प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं का परीक्षण करता है।
- यह अभ्यास समुद्री आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित (IUU) मछली पकड़ने जैसी गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों पर केंद्रित था।
- यह ‘महासागर’ (MAHASAGAR – Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) के विजन के अनुरूप है, जो क्षेत्र की सुरक्षा और वृद्धि के लिए परस्पर एवं समग्र प्रगति पर जोर देता है।
कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) क्या है?
- कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव एक त्रिपक्षीय समुद्री सुरक्षा समूह है जिसमें भारत, श्रीलंका और मालदीव शामिल हैं।
- इसकी स्थापना 2011 में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
- इसका लक्ष्य समुद्री सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर सदस्य देशों के बीच समन्वय और सूचना साझाकरण को बढ़ाना है।
- कॉन्क्लेव समुद्री सुरक्षा चुनौतियों जैसे समुद्री आतंकवाद, समुद्री डकैती, नशीले पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी से निपटने पर ध्यान केंद्रित करता है।
- यह सदस्य देशों की समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA) को बेहतर बनाने और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) को सुव्यवस्थित करने के लिए नियमित रूप से अभ्यास और बैठकें आयोजित करता है।
- बांग्लादेश और मॉरीशस जैसे देश पर्यवेक्षक के रूप में कॉन्क्लेव से जुड़े हुए हैं, जो इसके क्षेत्रीय दायरे को बढ़ाते हैं।
- CSC क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जो ‘महासागर’ विजन का समर्थन करता है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| आयोजन | कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) के तत्वावधान में |
| स्थान | विशाखापत्तनम में पश्चिमी नौसेना कमान (ENC) |
| उद्देश्य | हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटने की समन्वित प्रतिक्रिया विकसित करना |
| चर्चा के मुख्य बिंदु | समुद्री आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित (IUU) मछली पकड़ने की गतिविधि |
| प्रतिभागियों की भूमिका | मौजूदा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की समीक्षा और सूचना साझाकरण व्यवस्था का सुव्यवस्थीकरण |
| दृष्टिकोण | क्षेत्र की सुरक्षा और वृद्धि के लिए ‘महासागर’ (MAHASAGAR) विजन के अनुरूप |
महत्व
क्षेत्रीय सुरक्षा
- यह अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करता है।
- गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों जैसे समुद्री आतंकवाद और तस्करी से निपटने के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करता है।
कूटनीतिक महत्व
- कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव के सदस्य और पर्यवेक्षक देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।
- भारत की ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) नीति और ‘महासागर’ विजन के अनुरूप क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देता है।
क्षमता निर्माण
- यह अभ्यास प्रतिभागियों को जटिल परिचालन परिदृश्यों में अपनी प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाने का अवसर देता है।
- सामूहिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (MDA) को बेहतर बनाने और सूचना साझाकरण तंत्र को सुव्यवस्थित करने में सहायक है।
चुनौतियाँ
1. समुद्री आतंकवाद
- समुद्री मार्गों का उपयोग करके आतंकवादी गतिविधियों का बढ़ता खतरा, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापार को बाधित कर सकता है।
- समुद्री सीमाओं की विशालता और निगरानी में आने वाली चुनौतियाँ, जिससे आतंकवादियों के लिए घुसपैठ करना आसान हो जाता है।
यूपीएससी लिंक: आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन
2. नशीले पदार्थों और मानव तस्करी
- हिंद महासागर क्षेत्र नशीले पदार्थों और मानव तस्करी के लिए एक प्रमुख मार्ग बन गया है, जिससे सामाजिक और आर्थिक स्थिरता प्रभावित होती है।
- इन गतिविधियों से निपटने के लिए विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी एक बड़ी चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय संबंध, आंतरिक सुरक्षा
3. अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित (IUU) मछली पकड़ना
- IUU मछली पकड़ने से समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान होता है और तटीय समुदायों की आजीविका प्रभावित होती है।
- इस गतिविधि को ट्रैक करना और उस पर नियंत्रण पाना मुश्किल है, क्योंकि इसमें अक्सर अंतर्राष्ट्रीय जल और कई देशों के अधिकार क्षेत्र शामिल होते हैं।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, अंतर्राष्ट्रीय संबंध
4. सामूहिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (MDA) की कमी
- समुद्री क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों की व्यापक और वास्तविक समय की जानकारी का अभाव, जिससे खतरों का प्रभावी ढंग से पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
- सूचना साझाकरण प्रोटोकॉल और तकनीकी एकीकरण की कमी विभिन्न देशों के बीच MDA को बाधित करती है।
यूपीएससी लिंक: रक्षा, अंतर्राष्ट्रीय संबंध
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| समुद्री आतंकवाद | क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापार मार्गों के लिए खतरा |
| नशीले पदार्थों की तस्करी | सामाजिक स्थिरता और कानून व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव |
| मानव तस्करी | मानवाधिकारों का उल्लंघन और संगठित अपराध में वृद्धि |
| अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित (IUU) मछली पकड़ना | समुद्री संसाधनों का अत्यधिक दोहन और पारिस्थितिक असंतुलन |
| सूचना साझाकरण में अंतराल | समुद्री खतरों का पता लगाने और प्रतिक्रिया देने में बाधा |
| मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का एकीकरण | बहुराष्ट्रीय अभियानों में समन्वय की कमी |
आगे की राह
- कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव के तहत सदस्य देशों के बीच नियमित रूप से संयुक्त समुद्री अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करना।
- समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA) को बढ़ाने के लिए उन्नत निगरानी प्रौद्योगिकियों और उपग्रह इमेजरी के उपयोग को बढ़ावा देना।
- समुद्री सुरक्षा से संबंधित सूचनाओं और खुफिया जानकारियों के आदान-प्रदान के लिए एक मजबूत और सुरक्षित तंत्र स्थापित करना।
- गैर-पारंपरिक समुद्री खतरों जैसे समुद्री आतंकवाद और तस्करी से निपटने के लिए एक मानकीकृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) विकसित करना।
- समुद्री कानून प्रवर्तन एजेंसियों की क्षमता निर्माण के लिए तकनीकी सहायता और विशेषज्ञता साझा करना।
- क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करते हुए संयुक्त गश्त और समन्वित अभियानों को बढ़ावा देना।
- समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा और IUU मछली पकड़ने से निपटने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर कठोर नियामक ढांचा विकसित करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव · हिंद महासागर क्षेत्र · समुद्री सुरक्षा · गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियाँ · समुद्री आतंकवाद · नशीले पदार्थों की तस्करी · मानव तस्करी · अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ना (IUU) · मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (MDA) · सूचना साझाकरण · महासागर (MAHASAGAR) विजन · क्षेत्रीय सहयोग
अवधारणा प्रवाह
हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियाँ → क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा → कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) का गठन → समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग → टेबल टॉप एक्सरसाइज (TTX) का आयोजन → समन्वित प्रतिक्रिया और क्षमता निर्माण → क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. CSC का मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटना है।
2. यह कॉन्क्लेव केवल सदस्य देशों के बीच सूचना साझाकरण पर केंद्रित है और इसमें पर्यवेक्षक देश शामिल नहीं होते।
3. ‘महासागर’ (MAHASAGAR) विजन CSC के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका अर्थ क्षेत्र में सुरक्षा और वृद्धि के लिए परस्पर एवं समग्र प्रगति है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि CSC का मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटने की समन्वित प्रतिक्रिया विकसित करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि CSC में सदस्य देशों के साथ-साथ पर्यवेक्षक देशों के प्रतिनिधिमंडल और समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ भी शामिल होते हैं। कथन 3 सही है क्योंकि ‘महासागर’ विजन CSC के लक्ष्यों के अनुरूप है, जो क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय सहयोग पर जोर देता है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सी गतिविधियाँ कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) द्वारा संबोधित की जाने वाली ‘जटिल और गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों’ में शामिल हैं?
1. समुद्री आतंकवाद
2. नशीले पदार्थों की तस्करी
3. मानव तस्करी
4. अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ना (IUU)
सही विकल्प चुनें:
- केवल 1 और 2
- केवल 2, 3 और 4
- केवल 1, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर: 1, 2, 3 और 4 — कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव द्वारा संबोधित की जाने वाली गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों में समुद्री आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ना (IUU) गतिविधि शामिल हैं। अतः सभी चार विकल्प सही हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) की भूमिका का परीक्षण कीजिए। इस संबंध में ‘महासागर’ (MAHASAGAR) विजन के महत्व पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर कंकाल:
1. **परिचय:** कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) का संक्षिप्त परिचय, इसकी स्थापना और मुख्य उद्देश्य (हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा)।
2. **CSC की भूमिका:**
* **गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटना:** समुद्री आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ना (IUU) जैसी चुनौतियों का उल्लेख।
* **समन्वित प्रतिक्रिया का विकास:** सदस्य और पर्यवेक्षक देशों के बीच सहयोग, टेबल टॉप एक्सरसाइज जैसे अभ्यासों का महत्व।
* **सूचना साझाकरण और MDA:** सामूहिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (MDA) को बेहतर बनाने के लिए सूचना साझाकरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना।
* **मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) की समीक्षा:** मौजूदा SOPs की समीक्षा और सुधार।
3. **’महासागर’ (MAHASAGAR) विजन का महत्व:**
* **पूर्ण रूप और अर्थ:** MAHASAGAR – Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions।
* **क्षेत्रीय शांति और स्थिरता:** यह विजन कैसे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए CSC के सामूहिक संकल्प को सुदृढ़ करता है।
* **भारत की भूमिका:** हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति और सुरक्षा प्रदाता के रूप में इसकी भूमिका।
* **समग्र दृष्टिकोण:** सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि के बीच संबंध पर जोर।
4. **चुनौतियाँ और आगे की राह:** CSC के सामने आने वाली संभावित चुनौतियाँ (जैसे संसाधनों का अभाव, सदस्य देशों के बीच भिन्न प्राथमिकताएँ) और उन्हें दूर करने के लिए सुझाव।
5. **निष्कर्ष:** CSC और ‘महासागर’ विजन के माध्यम से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Andhra Pradesh PCS (APPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: विशाखापत्तनम में आयोजित ‘कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव’ की टेबल टॉप एक्सरसाइज किस क्षेत्रीय सुरक्षा संगठन से संबंधित है?
- दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (ASEAN)
- हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA)
- कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC)
- दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC)
उत्तर: कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) — कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) एक क्षेत्रीय सुरक्षा संगठन है, जिसमें भारत, श्रीलंका, मालदीव और मॉरीशस शामिल हैं।
Mains: विशाखापत्तनम में आयोजित ‘कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव’ टेबल टॉप एक्सरसाइज के महत्व और इसके द्वारा हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने वाले उपायों पर चर्चा कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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