उत्तर तमिलनाडु में विस्तारित स्कूल ब्रेकफास्ट योजना का शुभारंभ, जानें लाभ

Expanded breakfast scheme launched in northern T.N. districts — diagram

उत्तर तमिलनाडु में विस्तारित स्कूल ब्रेकफास्ट योजना का शुभारंभ, जानें लाभ

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Breakfast Scheme Impact

✎ पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना तमिलनाडु सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में छात्रों को पौष्टिक नाश्ता प्रदान करके उनके पोषण, स्वास्थ्य और स्कूल में उपस्थिति में सुधार करना है, जिसे हाल ही में कक्षा 6 से 8 तक…

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — सामाजिक न्याय: गरीबी और भूख से संबंधित मुद्दे, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।  |  GS Paper II — शासन: स्वास्थ्य, शिक्षा और मानव संसाधन से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।  |  GS Paper III — अर्थव्यवस्था: विकास और विकास के मुद्दे।
  • Prelims: पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना, सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, स्वयं सहायता समूह (Self-Help Groups – SHGs), बच्चों का पोषण, स्कूल में उपस्थिति, एनीमिया, सामाजिक न्याय, राज्य कल्याण योजनाएँ
  • Essay: बच्चों का पोषण और शिक्षा: एक राष्ट्र के भविष्य का निर्माण।, सामाजिक-आर्थिक विकास में राज्य कल्याणकारी योजनाओं की भूमिका।

त्वरित पुनरावृत्ति: पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना तमिलनाडु सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में छात्रों को पौष्टिक नाश्ता प्रदान करके उनके पोषण, स्वास्थ्य और स्कूल में उपस्थिति में सुधार करना है, जिसे हाल ही में कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए विस्तारित किया गया है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

तमिलनाडु सरकार ने उत्तरी तमिलनाडु के कई जिलों में पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना (Perunthalaivar Kamarajar Breakfast Scheme) का विस्तार किया है। इस विस्तार के तहत, अब कक्षा 6 से 8 तक के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्र भी इस योजना के दायरे में आएंगे, जिससे लाखों अतिरिक्त छात्रों को पौष्टिक नाश्ते का लाभ मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करना, एनीमिया (Anaemia) को कम करना और स्कूल में उनकी उपस्थिति को बढ़ाना है।

पृष्ठभूमि

  • भारत में बच्चों के बीच कुपोषण (Malnutrition) और एनीमिया एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता का विषय रहा है, जिसका सीधा असर उनके शारीरिक और संज्ञानात्मक विकास पर पड़ता है।
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम (Right to Education Act) के तहत सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, जिसमें स्कूल में बच्चों की नियमित उपस्थिति एक महत्वपूर्ण कारक है।
  • कई अध्ययनों से पता चला है कि पौष्टिक भोजन की कमी बच्चों की सीखने की क्षमता और स्कूल में उनके प्रदर्शन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।
  • राज्य सरकारें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बच्चों के पोषण और शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रयास करती रही हैं, जिनमें मध्याह्न भोजन योजना (Mid-day Meal Scheme) एक प्रमुख उदाहरण है।
  • तमिलनाडु में पहले से ही नाश्ता योजना चल रही थी, जिसे अब उच्च कक्षाओं के छात्रों तक विस्तारित किया गया है, जो राज्य की सामाजिक कल्याण प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • स्वयं सहायता समूह (SHGs) ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना क्या है?

  • यह तमिलनाडु सरकार द्वारा शुरू की गई एक कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को पौष्टिक नाश्ता प्रदान करना है।
  • हालिया विस्तार से पहले, यह योजना मुख्य रूप से निचली कक्षाओं के छात्रों को कवर करती थी, लेकिन अब इसे कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए भी बढ़ा दिया गया है।
  • योजना का प्राथमिक लक्ष्य छात्रों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार करना है, जिससे उन्हें भूख या थकान के बिना स्कूल में उपस्थित होने में मदद मिल सके।
  • यह योजना बच्चों में एनीमिया जैसी पोषण संबंधी कमियों को दूर करने में सहायक होने की उम्मीद है, जो उनके समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
  • नाश्ता योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य स्कूल में छात्रों की उपस्थिति दर को बढ़ाना और ड्रॉपआउट दरों को कम करना भी है।
  • इस योजना के तहत, नाश्ता संबंधित स्कूलों में ही तैयार और परोसा जाता है, जिससे भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके।
  • तमिलनाडु कॉर्पोरेशन फॉर डेवलपमेंट ऑफ वुमेन द्वारा संलग्न स्वयं सहायता समूहों के सदस्य नाश्ता तैयार करने और परोसने का कार्य करते हैं, जिससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार भी मिलता है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
विस्तारित कवरेज सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा VI से VIII तक के छात्रों को शामिल करना, जिससे अधिक बच्चों को लाभ मिलेगा।
पोषण और स्वास्थ्य पौष्टिक और स्वच्छ नाश्ता प्रदान करना, जिससे बच्चों में कुपोषण और एनीमिया (Anaemia) जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।
उपस्थिति में वृद्धि भूख और थकान के बिना स्कूल आने के लिए छात्रों को प्रोत्साहित करना, जिससे स्कूल में उनकी उपस्थिति दर में सुधार होगा।
. . .
शिक्षा की नींव मजबूत करना स्वस्थ और ऊर्जावान छात्रों को बेहतर सीखने के माहौल में मदद करना, जिससे उनकी शैक्षिक नींव मजबूत होगी।
स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) का जुड़ाव नाश्ता तैयार करने और परोसने के लिए स्वयं सहायता समूहों को शामिल करना, जिससे स्थानीय महिलाओं को सशक्तिकरण और आजीविका के अवसर मिलेंगे।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • यह योजना बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करके सामाजिक असमानताओं को कम करने में मदद करती है, विशेषकर वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए।
  • स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने और ड्रॉपआउट दर (Dropout Rate) को कम करने में योगदान करती है, जिससे शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित होती है।
  • स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है, जिससे सामुदायिक विकास को बढ़ावा मिलता है।

शैक्षिक महत्व

  • नाश्ते से बच्चों की एकाग्रता और सीखने की क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे उनकी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार होता है।
  • स्वस्थ बच्चे बेहतर ढंग से सीख पाते हैं, जिससे प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की नींव मजबूत होती है।

आर्थिक महत्व

  • स्वयं सहायता समूहों को रोजगार के अवसर प्रदान करके स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देती है।
  • दीर्घकाल में, एक स्वस्थ और शिक्षित कार्यबल देश के मानव पूंजी सूचकांक (Human Capital Index) और आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) में योगदान देता है।

चुनौतियाँ

1. योजना का प्रभावी क्रियान्वयन

  • सभी स्कूलों तक नाश्ते की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है, विशेषकर दूरदराज के क्षेत्रों में।
  • पर्याप्त भंडारण सुविधाओं और कुशल वितरण तंत्र की आवश्यकता होती है।

2. वित्तीय स्थिरता

  • योजना के दीर्घकालिक वित्तपोषण को बनाए रखना एक चुनौती है, क्योंकि इसके लिए पर्याप्त बजटीय आवंटन की आवश्यकता होती है।
  • राज्यों और केंद्र के बीच वित्तीय बोझ का उचित वितरण सुनिश्चित करना।

3. पोषण मानकों को बनाए रखना

  • यह सुनिश्चित करना कि प्रदान किया गया नाश्ता बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करता है और इसमें विविधता है।
  • बच्चों की आहार संबंधी प्राथमिकताओं और स्थानीय उपलब्धता के बीच संतुलन बनाना।

4. निगरानी और मूल्यांकन

  • योजना के प्रभाव का नियमित रूप से मूल्यांकन करने और कमियों को दूर करने के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र का अभाव।
  • डेटा संग्रह और विश्लेषण में सटीकता सुनिश्चित करना।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
गुणवत्ता नियंत्रण नाश्ते की स्वच्छता और पोषण मानकों को लगातार बनाए रखना।
लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला सामग्री की समय पर खरीद, भंडारण और स्कूलों तक वितरण सुनिश्चित करना।
वित्तीय वहनीयता योजना के लिए पर्याप्त और स्थायी धन स्रोतों को सुरक्षित करना।
सामुदायिक भागीदारी योजना की सफलता के लिए माता-पिता और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।
बुनियादी ढांचा नाश्ता तैयार करने और परोसने के लिए स्कूलों में पर्याप्त रसोई और डाइनिंग सुविधाओं की कमी।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना (Perunthalaivar Kamarajar Breakfast Scheme)

आगे की राह

  • योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक मजबूत निगरानी और मूल्यांकन तंत्र स्थापित करना, जिसमें नियमित ऑडिट (Audit) और फीडबैक (Feedback) शामिल हो।
  • स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को नाश्ता तैयार करने और परोसने के लिए उचित प्रशिक्षण और संसाधन प्रदान करना।
  • बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नाश्ते के मेनू (Menu) में विविधता लाना और स्थानीय रूप से उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना।
  • योजना के दीर्घकालिक वित्तपोषण को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग और बजटीय आवंटन को बढ़ाना।
  • योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाना।
  • नाश्ते की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सख्त मानक और दिशानिर्देश लागू करना।
  • योजना के प्रभाव का आकलन करने के लिए नियमित अंतराल पर स्वतंत्र अध्ययन और सर्वेक्षण कराना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना · सरकारी स्कूल · सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल · पोषण कार्यक्रम · बच्चों का स्वास्थ्य · एनीमिया · स्कूल में उपस्थिति · शिक्षा की नींव · स्वयं सहायता समूह · राज्यों की भूमिका · सामाजिक न्याय · मानव विकास सूचकांक

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 21A’, ‘note’: ‘शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 39(f)’, ‘note’: ‘बच्चों के स्वस्थ विकास के अवसर’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 47’, ‘note’: ‘पोषण स्तर और जीवन स्तर में सुधार’}

अवधारणा प्रवाह

नाश्ता योजना का विस्तार  →  छात्रों को पौष्टिक नाश्ता  →  भूख और थकान में कमी  →  स्कूल में उपस्थिति और एकाग्रता में वृद्धि  →  बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन  →  बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार  →  शिक्षा की नींव मजबूत होना

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. भारत में स्कूली बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन योजना (Mid-day Meal Scheme) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई थी।
2. पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना केवल सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को कवर करती है।
3. पोषण अभियान का उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण और एनीमिया को कम करना है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। मध्याह्न भोजन योजना (अब पीएम पोषण शक्ति निर्माण) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई थी। कथन 2 गलत है। पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना अब कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भी कवर करती है और सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त दोनों स्कूलों में लागू है। कथन 3 सही है। पोषण अभियान (Poshan Abhiyan) का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण और एनीमिया को कम करना है।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘सामाजिक न्याय’ की अवधारणा का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

  1. यह सुनिश्चित करना कि सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समान अधिकार प्राप्त हों।
  2. यह सुनिश्चित करना कि समाज के वंचित वर्गों को शिक्षा और रोजगार में विशेष अवसर मिलें।
  3. यह सुनिश्चित करना कि समाज में संसाधनों और अवसरों का वितरण निष्पक्ष और न्यायसंगत हो।
  4. यह सुनिश्चित करना कि सरकार सभी नागरिकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाए।

उत्तर: यह सुनिश्चित करना कि समाज में संसाधनों और अवसरों का वितरण निष्पक्ष और न्यायसंगत हो। — सामाजिक न्याय (Social Justice) की अवधारणा का मूल उद्देश्य समाज में संसाधनों, अवसरों और लाभों का निष्पक्ष तथा न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी वर्ग या व्यक्ति वंचित न रहे। इसमें समानता के साथ-साथ विशेष प्रावधानों के माध्यम से असमानताओं को दूर करना भी शामिल है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार के लिए राज्यों द्वारा शुरू की गई पोषण योजनाओं के महत्व का मूल्यांकन करें। इस संदर्भ में, ‘पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना’ जैसे कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है? (15 Marks)

रूपरेखा: एक पूर्ण उत्तर में निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया जाना चाहिए:
1. **परिचय:** राज्यों द्वारा शुरू की गई पोषण योजनाओं, विशेषकर स्कूली बच्चों के लिए, के महत्व का संक्षिप्त परिचय। ‘पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना’ का उल्लेख करें।
2. **महत्व का मूल्यांकन:**
* **स्वास्थ्य लाभ:** कुपोषण, एनीमिया में कमी, शारीरिक विकास में सुधार।
* **शैक्षिक लाभ:** स्कूल में उपस्थिति में वृद्धि, ड्रॉपआउट दर में कमी, सीखने की क्षमता में सुधार, एकाग्रता में वृद्धि।
* **सामाजिक-आर्थिक लाभ:** लैंगिक समानता को बढ़ावा, वंचित वर्गों के बच्चों को लाभ, माता-पिता पर आर्थिक बोझ कम करना, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण।
* **दीर्घकालिक प्रभाव:** मानव पूंजी निर्माण, भविष्य के कार्यबल की उत्पादकता में वृद्धि।
3. **चुनौतियाँ:**
* **वित्तीय स्थिरता:** योजनाओं के लिए पर्याप्त और निरंतर धन की उपलब्धता।
* **गुणवत्ता नियंत्रण:** भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों को बनाए रखना।
* **कार्यान्वयन में असमानता:** दूरदराज के क्षेत्रों और शहरी मलिन बस्तियों में प्रभावी वितरण सुनिश्चित करना।
* **बुनियादी ढाँचा:** रसोई, भंडारण और वितरण के लिए पर्याप्त सुविधाओं की कमी।
* **भ्रष्टाचार और रिसाव:** वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
* **जागरूकता और भागीदारी:** माता-पिता और समुदाय की सक्रिय भागीदारी का अभाव।
* **समन्वय:** विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी।
4. **निष्कर्ष:** इन योजनाओं के महत्व को दोहराते हुए, चुनौतियों का समाधान करने और स्थायी प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत सुझाव दें, जैसे कि सामुदायिक भागीदारी, प्रौद्योगिकी का उपयोग और नियमित निगरानी।

स्रोत: The Hindu


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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