03 Sep ओडिशा के सीएस ने एमएसएमई ग्लोबल मार्ट पर राज्य ई-पavilion लॉन्च किया
✎ ओडिशा राज्य ई-पैवेलियन MSME ग्लोबल मार्ट पोर्टल पर एक डिजिटल मंच है, जिसका उद्देश्य राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में अधिक दृश्यता और पहुँच प्रदान करना है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — सरकार की नीतियाँ और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप तथा उनके डिज़ाइन और कार्यान्वयन से उत्पन्न होने वाले मुद्दे | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाना, संवृद्धि, विकास और रोज़गार से संबंधित विषय
- Prelims: MSME ग्लोबल मार्ट पोर्टल, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC), वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), भौगोलिक संकेतक (GI) टैग, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल
- Essay: डिजिटल सशक्तिकरण के माध्यम से समावेशी आर्थिक विकास, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ना: चुनौतियाँ और अवसर
त्वरित पुनरावृत्ति: ओडिशा राज्य ई-पैवेलियन MSME ग्लोबल मार्ट पोर्टल पर एक डिजिटल मंच है, जिसका उद्देश्य राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में अधिक दृश्यता और पहुँच प्रदान करना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
ओडिशा के मुख्य सचिव ने MSME ग्लोबल मार्ट पोर्टल पर ओडिशा राज्य ई-पैवेलियन का अनावरण किया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में अधिक दृश्यता और बेहतर पहुँच प्रदान करना है, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता और समावेशिता में वृद्धि हो सके।
पृष्ठभूमि
- भारत में MSME क्षेत्र अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो रोज़गार सृजन, निर्यात और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
- MSMEs को अक्सर बाज़ार पहुँच, वित्तपोषण और डिजिटल अपनाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, विशेषकर वैश्विक स्तर पर।
- डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल जैसी केंद्र सरकार की पहलें MSMEs को सशक्त बनाने और उन्हें वैश्विक बाज़ार से जोड़ने पर केंद्रित हैं।
- राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) MSMEs के विकास और संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाएँ और कार्यक्रम लागू करता है, जिसमें बाज़ार सहायता भी शामिल है।
- वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) और भौगोलिक संकेतक (GI) टैग वाले उत्पाद भारतीय MSMEs के लिए विशिष्ट पहचान और बाज़ार क्षमता प्रदान करते हैं।
- राज्य सरकारें भी अपने-अपने क्षेत्रों में MSME पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, जिसमें डिजिटल समाधानों का लाभ उठाना भी शामिल है।
ओडिशा राज्य ई-पैवेलियन क्या है?
- ओडिशा राज्य ई-पैवेलियन MSME ग्लोबल मार्ट पोर्टल पर एक समर्पित डिजिटल मंच है, जिसे ओडिशा के MSMEs के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- यह पैवेलियन राज्य के MSMEs, जिनमें ODOP उत्पाद, GI-टैग वाली वस्तुएँ, क्लस्टर और कारीगर उद्यम शामिल हैं, के लिए एक डिजिटल शोकेस के रूप में कार्य करेगा।
- इसका प्राथमिक लक्ष्य इन उद्यमों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय डिजिटल वाणिज्य अवसरों तक संरचित पहुँच प्रदान करना है।
- यह पहल ओडिशा के MSMEs की दृश्यता, प्रतिस्पर्धात्मकता और समावेशिता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने की उम्मीद है।
- यह डिजिटल सशक्तिकरण, समावेशी खरीद और MSMEs के लिए बेहतर बाज़ार पहुँच की सुविधा के लिए ‘संपूर्ण सरकार’ (government as a whole) दृष्टिकोण पर ज़ोर देता है।
- यह ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के व्यापक दृष्टिकोण के साथ संरेखित है, जिसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
- राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) और ओडिशा सरकार के बीच प्रयासों के अभिसरण से राज्य के MSMEs को बाज़ार से जोड़ने और उन्हें अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।
- MSME ग्लोबल मार्ट 2.0 जैसे नए लॉन्च किए गए मंच भी MSMEs को बाज़ार से जोड़ने के प्रयासों का हिस्सा हैं।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| राज्य ई-मंडप (State e-Pavilion) | ओडिशा के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में प्रदर्शित करने हेतु एक समर्पित डिजिटल मंच। |
| MSME ग्लोबल मार्ट पोर्टल | यह राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) द्वारा संचालित एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो MSMEs को बाजार पहुंच प्रदान करता है। |
| उत्पाद प्रदर्शन | इसमें ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) पहल के तहत आने वाले उत्पाद, भौगोलिक संकेतक (GI) टैग वाले उत्पाद, विभिन्न क्लस्टर और कारीगर उद्यमों के उत्पाद शामिल होंगे। |
| बाजार पहुंच में वृद्धि | यह पहल ओडिशा के MSMEs को डिजिटल वाणिज्य के अवसरों से जोड़कर उनकी दृश्यता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाएगी। |
| सरकारी समन्वय | NSIC और ओडिशा सरकार के बीच प्रयासों का तालमेल MSMEs को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और बाजार से जोड़ने में सहायक होगा। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- यह पहल ओडिशा के MSMEs को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच प्रदान करके उनके लिए नए व्यापारिक अवसर सृजित करेगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
- MSMEs की दृश्यता बढ़ने से उनके उत्पादों की मांग में वृद्धि होगी, जिससे उत्पादन और रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलेगा।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से MSMEs को अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुव्यवस्थित करने और लागत कम करने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
सामाजिक महत्व
- कारीगरों और छोटे उद्यमों को डिजिटल मंच पर लाने से उन्हें सशक्तिकरण मिलेगा, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आय के अवसर बढ़ेंगे।
- यह पहल ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) और GI-टैग वाले उत्पादों को बढ़ावा देकर स्थानीय शिल्प और विरासत को संरक्षित करने में मदद करेगी, जिससे सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी।
शासनिक महत्व
- यह ‘संपूर्ण सरकार’ (Government as a whole) दृष्टिकोण का एक उदाहरण है, जहां केंद्र और राज्य सरकारें MSME क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर काम कर रही हैं।
- यह ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी केंद्र सरकार की प्रमुख पहलों के साथ संरेखित है, जिससे राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान मिलेगा।
चुनौतियाँ
1. डिजिटल साक्षरता और बुनियादी ढाँचा
- कई छोटे MSMEs और कारीगरों में डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए आवश्यक साक्षरता और कौशल की कमी हो सकती है।
- दूरदराज के क्षेत्रों में विश्वसनीय इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल बुनियादी ढांचे की उपलब्धता एक चुनौती हो सकती है, जिससे उनकी ऑनलाइन उपस्थिति सीमित हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन-II: ई-गवर्नेंस; सामान्य अध्ययन-III: अवसंरचना
2. गुणवत्ता और मानकीकरण
- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए MSME उत्पादों को उच्च गुणवत्ता मानकों और प्रमाणन आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।
- छोटे उद्यमों के लिए गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं को लागू करना और बनाए रखना एक चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन-III: औद्योगिक नीति; सामान्य अध्ययन-III: अर्थव्यवस्था
3. लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला
- छोटे MSMEs के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्पादों की कुशल और लागत प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।
- अंतिम-मील कनेक्टिविटी और विश्वसनीय लॉजिस्टिक्स भागीदारों तक पहुंच की कमी उनके बाजार विस्तार को बाधित कर सकती है।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन-III: अवसंरचना; सामान्य अध्ययन-III: अर्थव्यवस्था
4. वित्तीय पहुंच
- डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपस्थिति और बाजार विस्तार के लिए MSMEs को अक्सर कार्यशील पूंजी और निवेश की आवश्यकता होती है, लेकिन उनकी वित्तीय संस्थानों तक पहुंच सीमित हो सकती है।
- छोटे उद्यमों के लिए ऋण प्राप्त करना और डिजिटल मार्केटिंग में निवेश करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन-III: समावेशी विकास; सामान्य अध्ययन-III: अर्थव्यवस्था
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| डिजिटल समावेशन | छोटे MSMEs और कारीगरों के लिए डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट पहुंच की कमी। |
| प्रतिस्पर्धात्मकता | अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में गुणवत्ता, मूल्य निर्धारण और ब्रांडिंग के मामले में बड़े खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा। |
| लॉजिस्टिक्स बाधाएँ | कुशल और लागत प्रभावी शिपिंग तथा वितरण नेटवर्क की कमी। |
| मानकीकरण और प्रमाणन | वैश्विक मानकों को पूरा करने और आवश्यक प्रमाणन प्राप्त करने में चुनौतियाँ। |
| वित्तीय सहायता | डिजिटल मार्केटिंग और बाजार विस्तार के लिए पर्याप्त पूंजी तक पहुंच का अभाव। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- राष्ट्रीय SC, ST हब योजना (National SC, ST Hub Scheme)
आगे की राह
- MSMEs, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में, डिजिटल साक्षरता और ई-कॉमर्स कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करना।
- डिजिटल बुनियादी ढांचे, जैसे विश्वसनीय इंटरनेट कनेक्टिविटी और सस्ती डिजिटल सेवाओं तक पहुंच का विस्तार करना।
- MSMEs को गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने और वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पादों के उत्पादन के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देना, जिससे उत्पादों की कुशल आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
- MSMEs के लिए आसान और सस्ती ऋण सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाना, ताकि वे डिजिटल मार्केटिंग और बाजार विस्तार में निवेश कर सकें।
- राज्य ई-मंडप को नियमित रूप से अद्यतन करना और MSMEs को प्रभावी ढंग से अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना।
- विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत करना ताकि MSME क्षेत्र के लिए एक समग्र और सहायक पारिस्थितिकी तंत्र बनाया जा सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) · डिजिटल सशक्तिकरण · बाजार पहुंच · एक जिला एक उत्पाद (ODOP) · राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) · डिजिटल इंडिया · मेक इन इंडिया · वोकल फॉर लोकल · राज्यों का ई-मंडप · सरकारी खरीद · निर्यात संवर्धन · आर्थिक समावेशन
अवधारणा प्रवाह
ओडिशा राज्य ई-मंडप का शुभारंभ → MSME ग्लोबल मार्ट पोर्टल पर उत्पादों का प्रदर्शन → राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच में वृद्धि → MSMEs की दृश्यता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार → आर्थिक संवृद्धि और रोजगार सृजन को प्रोत्साहन
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. MSME ग्लोबल मार्ट पोर्टल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच प्रदान करने के लिए एक डिजिटल मंच है।
2. राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।
3. ओडिशा राज्य ई-मंडप का उद्देश्य राज्य के भौगोलिक संकेतक (GI) टैग वाले उत्पादों को बढ़ावा देना है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि MSME ग्लोबल मार्ट पोर्टल MSME को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में दृश्यता और पहुंच प्रदान करता है। कथन 2 गलत है क्योंकि NSIC सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises) के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, न कि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत। कथन 3 सही है क्योंकि ओडिशा राज्य ई-मंडप ODOP उत्पादों, GI-टैग वाली वस्तुओं और कारीगर उद्यमों सहित ओडिशा के MSME को प्रदर्शित करेगा।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से ‘डिजिटल इंडिया’ पहल का/के प्रमुख उद्देश्य है/हैं?
1. डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना।
2. सभी नागरिकों को डिजिटल बुनियादी ढाँचा प्रदान करना।
3. सरकार की सेवाओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से वितरित करना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- केवल 1
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — डिजिटल इंडिया पहल के तीन प्रमुख दृष्टिकोण क्षेत्र हैं: प्रत्येक नागरिक के लिए डिजिटल बुनियादी ढाँचा एक मुख्य उपयोगिता के रूप में, मांग पर शासन और सेवाएँ, और नागरिकों का डिजिटल सशक्तिकरण। दिए गए तीनों उद्देश्य ‘डिजिटल इंडिया’ के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) भारत की आर्थिक संवृद्धि और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ओडिशा राज्य ई-मंडप जैसी पहलें MSME क्षेत्र को कैसे सशक्त बना सकती हैं और ‘डिजिटल इंडिया’ तथा ‘मेक इन इंडिया’ जैसे राष्ट्रीय दृष्टिकोणों के साथ कैसे संरेखित होती हैं? (15 अंक)
रूपरेखा: परिचय में MSME क्षेत्र के महत्व और उसकी चुनौतियों का संक्षिप्त उल्लेख करें। ओडिशा राज्य ई-मंडप जैसी पहलें MSME को कैसे लाभ पहुँचाती हैं, इस पर विस्तार से चर्चा करें, जैसे कि बढ़ी हुई दृश्यता, बाजार पहुंच, निर्यात संवर्धन और डिजिटल सशक्तिकरण। इन पहलों का ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के साथ संबंध स्थापित करें। इसमें डिजिटल बुनियादी ढांचे के उपयोग, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर दें। NSIC की भूमिका और ‘सरकार समग्र रूप से’ (government as a whole) दृष्टिकोण को भी शामिल करें। निष्कर्ष में MSME के समावेशी विकास और आर्थिक योगदान पर प्रकाश डालें।
स्रोत: orissapost.com
Odisha PCS (OPSC (OAS)) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: ओडिशा सरकार द्वारा हाल ही में MSME ग्लोबल मार्ट पोर्टल पर राज्य ई-पavilion लॉन्च करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- A. राज्य के MSME क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ना
- B. राज्य में स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करना
- C. राज्य के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देना
- D. राज्य के कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ाना
उत्तर: A. राज्य के MSME क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ना — राज्य ई-पavilion राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को वैश्विक बाजार तक पहुँच प्रदान करने के लिए लॉन्च किया गया है।
Mains: ओडिशा सरकार द्वारा MSME ग्लोबल मार्ट पोर्टल पर राज्य ई-पavilion लॉन्च करने के महत्व और इसके द्वारा राज्य के MSME क्षेत्र को मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डालिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
Related guides on our sites
- Anthropology VS PSIR
- Best PSIR optional coaching
- Best PSIR optional coaching online
- Best PSIR optional teacher

No Comments