20 Jul ‘कैच द रेन’ अभियान: 75 शहरों ने भूजल पुनर्भरण में हासिल की सफलता, जानिए कैसे?
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper I — भूगोल (भौतिक भूगोल, जल संसाधन) | GS Paper II — शासन (सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप) | GS Paper III — पर्यावरण (पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन), आपदा प्रबंधन
- Prelims: कैच द रेन अभियान, उथले जलभृत प्रबंधन (SAM) कार्यक्रम, अमृत (AMRUT) योजना, भूजल पुनर्भरण, शहरी जल सुरक्षा, वर्षा जल संचयन
- Essay: भारत में जल संकट: चुनौतियाँ और समाधान, शहरीकरण और सतत विकास: जल प्रबंधन की भूमिका
त्वरित पुनरावृत्ति: उथले जलभृत प्रबंधन (SAM) कार्यक्रम ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत शहरी क्षेत्रों में वैज्ञानिक और प्रकृति-आधारित भूजल पुनर्भरण तकनीकों को बढ़ावा देकर जल सुरक्षा और जलवायु अनुकूलन क्षमता को बढ़ाता है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान (NIUA) के सहयोग से ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत उथले जलभृत प्रबंधन (SAM) कार्यक्रम को लागू करने वाले 75 अमृत शहरों के साथ एक राष्ट्रीय वार्ता का आयोजन किया। इस वार्ता का उद्देश्य शहरी जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भूजल पुनर्भरण कार्यों की प्रगति, सर्वोत्तम प्रथाओं और चुनौतियों पर चर्चा करना था। नागपुर, विजयनगरम, भुवनेश्वर और कोरबा जैसे शहरों ने इस कार्यक्रम के तहत उत्साहजनक परिणाम प्रस्तुत किए हैं, जिससे शहरी क्षेत्रों में जल प्रबंधन के प्रयासों को बल मिला है।
पृष्ठभूमि
- भारत में भूजल एक महत्वपूर्ण संसाधन है, जो कृषि, औद्योगिक और घरेलू आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा पूरा करता है।
- तेजी से शहरीकरण और जनसंख्या वृद्धि के कारण भूजल का अत्यधिक दोहन हुआ है, जिससे कई शहरी क्षेत्रों में भूजल स्तर में गिरावट आई है।
- जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा पैटर्न में बदलाव और अनियमित मानसून ने भी जल संसाधनों पर दबाव बढ़ा दिया है।
- ‘कैच द रेन’ अभियान को जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 2021 में शुरू किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
- अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT) योजना का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे में सुधार करना है, जिसमें जल आपूर्ति और सीवरेज भी शामिल हैं।
- उथले जलभृत प्रबंधन (SAM) कार्यक्रम अमृत योजना के तहत एक पहल है, जो शहरों को वैज्ञानिक तरीकों से भूजल पुनर्भरण में सुधार करने में मदद करता है।
उथले जलभृत प्रबंधन (SAM) कार्यक्रम क्या है?
- उथले जलभृत प्रबंधन (SAM) कार्यक्रम आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) की एक पहल है, जिसे ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत लागू किया जा रहा है।
- यह कार्यक्रम विशेष रूप से अमृत (AMRUT) योजना के तहत आने वाले शहरों पर केंद्रित है।
- इसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक तरीकों और तकनीकी सहायता के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में भूजल पुनर्भरण को बढ़ाना है।
- SAM कार्यक्रम के तहत, शहर विभिन्न रिचार्ज तकनीकों को अपनाते हैं, जैसे रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन वेल, चेक डैम, गैबियन वॉल, गोलाकार खाल और मॉड्यूलर रिचार्ज पिट।
- इन तकनीकों का उपयोग टिकाऊ वर्षा जल संचयन सुनिश्चित करने, जलभृतों को फिर से भरने और शहरों की जलवायु अनुकूलन क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
- यह कार्यक्रम शहरी जल सुरक्षा को मजबूत करने और शहरी बाढ़ को कम करने में भी योगदान देता है, जैसा कि भुवनेश्वर जैसे शहरों के अनुभवों से पता चला है।
- कार्यक्रम समुदाय की भागीदारी और स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी लेने पर जोर देता है ताकि भूजल पुनर्भरण पहलों की दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| उथले जलभृत प्रबंधन (SAM) कार्यक्रम | वैज्ञानिक तरीकों और तकनीकी सहायता से भूजल पुनर्भरण में सुधार |
| 75 अमृत शहर | शहरी जल सुरक्षा को मजबूत करने और भूजल पुनर्भरण कार्यों को प्रदर्शित करने का मंच |
| विविध पुनर्भरण विधियाँ | रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन वेल, चेक डैम, गैबियन वॉल, गोलाकार खाल और मॉड्यूलर रिचार्ज पिट जैसे तरीके अपनाना |
| समुदाय की भागीदारी | भूजल पुनर्भरण पहलों की दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण |
| राष्ट्रीय वार्ता | भाग लेने वाले शहरों को प्रगति साझा करने, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने और चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर |
महत्व
पर्यावरणीय महत्व
- भूजल स्तर में सुधार और जलभृतों का पुनर्भरण, जिससे जल संसाधनों की स्थिरता सुनिश्चित होती है।
- वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को बढ़ावा देना और शहरी बाढ़ को कम करने में मदद करना।
- जलवायु परिवर्तन के प्रति शहरों की अनुकूलन क्षमता (Adaptation Capacity) में वृद्धि, विशेषकर जल-संबंधी आपदाओं के संदर्भ में।
शहरी विकास और शासन
- शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies – ULBs) को वैज्ञानिक और प्रकृति-आधारित समाधानों को अपनाने के लिए सशक्त बनाना।
- शहरी क्षेत्रों में जल सुरक्षा सुनिश्चित करना, जो सतत शहरी विकास (Sustainable Urban Development) का एक महत्वपूर्ण घटक है।
- विभिन्न शहरों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं (Best Practices) के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाना, जिससे समग्र कार्यक्रम प्रभावशीलता बढ़ती है।
सामाजिक महत्व
- समुदाय की भागीदारी और स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी को बढ़ावा देना, जिससे जल प्रबंधन में जन-भागीदारी सुनिश्चित होती है।
- पानी के मामले में सुरक्षित और जलवायु-अनुकूल शहर बनाने के ‘कैच द रेन’ अभियान के लक्ष्यों को आगे बढ़ाना।
- नागरिकों के लिए स्वच्छ और पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता के लिए आवश्यक है।
चुनौतियाँ
1. वैज्ञानिक डेटा और तकनीकी विशेषज्ञता का अभाव
- कई शहरी स्थानीय निकायों में भूजल विज्ञान और हाइड्रोजियोलॉजी की गहरी समझ का अभाव।
- पुनर्भरण संरचनाओं के डिजाइन और कार्यान्वयन के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की कमी।
यूपीएससी लिंक: भूगोल: भारत में जल संसाधन; शासन: शहरी प्रशासन
2. वित्तपोषण और संसाधन बाधाएँ
- भूजल पुनर्भरण परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की अनुपलब्धता।
- रखरखाव और संचालन के लिए दीर्घकालिक धन की कमी।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था: राजकोषीय नीति; शासन: स्थानीय स्वशासन
3. सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता की कमी
- भूजल संरक्षण के महत्व के बारे में आम जनता और स्थानीय समुदायों में जागरूकता का अभाव।
- परियोजनाओं के स्वामित्व और रखरखाव में समुदाय की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करने में चुनौतियाँ।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक मुद्दे: जल संकट; शासन: नागरिक समाज की भूमिका
4. शहरीकरण और अतिक्रमण
- तेजी से शहरीकरण के कारण प्राकृतिक जल निकायों और पुनर्भरण क्षेत्रों का अतिक्रमण।
- कठोर सतहों (impervious surfaces) में वृद्धि, जिससे भूजल पुनर्भरण में बाधा आती है।
यूपीएससी लिंक: भूगोल: शहरीकरण के प्रभाव; पर्यावरण: प्रदूषण
5. समन्वय और अभिसरण का अभाव
- विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों के बीच जल प्रबंधन नीतियों और कार्यक्रमों के समन्वय में कमी।
- योजना और कार्यान्वयन में एक एकीकृत दृष्टिकोण का अभाव।
यूपीएससी लिंक: शासन: अंतर-सरकारी संबंध; लोक प्रशासन: नीति निर्माण
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| तकनीकी ज्ञान की कमी | वैज्ञानिक रूप से प्रभावी पुनर्भरण संरचनाओं को डिजाइन करने और लागू करने में बाधा। |
| वित्तीय स्थिरता | परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक निवेश और दीर्घकालिक रखरखाव के लिए धन की कमी। |
| जन जागरूकता | समुदाय की सक्रिय भागीदारी और भूजल संरक्षण के महत्व को समझने में कमी। |
| शहरी विकास का दबाव | प्राकृतिक पुनर्भरण क्षेत्रों का नुकसान और सतही जल के अंतःस्रवण में कमी। |
| संस्थागत समन्वय | जल प्रबंधन में विभिन्न हितधारकों के बीच एकीकृत दृष्टिकोण और सहयोग का अभाव। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- कैच द रेन अभियान
- अमृत (AMRUT) – अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन
आगे की राह
- भूजल पुनर्भरण तकनीकों में शहरी स्थानीय निकायों की क्षमता निर्माण (Capacity Building) और तकनीकी सहायता को मजबूत करना।
- भूजल प्रबंधन परियोजनाओं के लिए समर्पित और पर्याप्त वित्तीय आवंटन सुनिश्चित करना, जिसमें दीर्घकालिक रखरखाव भी शामिल हो।
- जन जागरूकता अभियानों को तेज करना और स्थानीय समुदायों को भूजल संरक्षण प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल करना।
- शहरी नियोजन में जल निकायों और पुनर्भरण क्षेत्रों के संरक्षण को प्राथमिकता देना, और अतिक्रमणों पर रोक लगाना।
- विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और अभिसरण (Convergence) को बढ़ावा देना ताकि एकीकृत जल प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
- भूजल स्तर की निगरानी और डेटा संग्रह के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना, ताकि हस्तक्षेपों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जा सके।
- निजी क्षेत्र और नागरिक समाज संगठनों के साथ साझेदारी को बढ़ावा देना ताकि नवाचार और संसाधनों का लाभ उठाया जा सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
उथले जलभृत प्रबंधन · शहरी जल सुरक्षा · भूजल पुनर्भरण · वर्षा जल संचयन · जलवायु अनुकूल शहर · सामुदायिक भागीदारी · वैज्ञानिक हस्तक्षेप · राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान · अमृत मिशन · कैच द रेन अभियान
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘अनुच्छेद 243W’: ‘शहरी स्थानीय निकायों की शक्तियाँ और उत्तरदायित्व’}
- {‘अनुच्छेद 243G’: ‘पंचायतों की शक्तियाँ, प्राधिकार और उत्तरदायित्व’}
- {‘राज्य सूची (सूची II)’: ‘जल आपूर्ति, सिंचाई, नहरें, जल निकासी’}
अवधारणा प्रवाह
एमओएचयूए द्वारा ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत राष्ट्रीय वार्ता का आयोजन। → 75 अमृत शहरों द्वारा उथले जलभृत प्रबंधन (SAM) कार्यक्रम का कार्यान्वयन। → शहरों द्वारा रिचार्ज शाफ्ट, चेक डैम जैसे विविध पुनर्भरण तरीकों का उपयोग। → भूजल स्तर में सुधार और शहरी बाढ़ में कमी जैसे सकारात्मक परिणाम। → समुदाय की भागीदारी और स्थानीय जिम्मेदारी पर जोर। → जल सुरक्षित और जलवायु-अनुकूल शहरों के निर्माण की दिशा में प्रगति।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. ‘कैच द रेन’ अभियान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह अभियान केवल ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल पुनर्भरण पर केंद्रित है।
2. आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) इस अभियान के कार्यान्वयन में प्रमुख भूमिका निभाता है।
3. उथले जलभृत प्रबंधन (SAM) कार्यक्रम इस अभियान का एक हिस्सा है, जो वैज्ञानिक तरीकों से भूजल रिचार्ज को बढ़ावा देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 2 और 3 — कथन 1 गलत है क्योंकि ‘कैच द रेन’ अभियान शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण पर केंद्रित है। कथन 2 सही है क्योंकि MoHUA राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान (NIUA) के सहयोग से शहरी क्षेत्रों में इसके कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कथन 3 भी सही है क्योंकि SAM कार्यक्रम ‘कैच द रेन’ अभियान का एक अभिन्न अंग है, जो वैज्ञानिक तरीकों से भूजल रिचार्ज को बेहतर बनाने में मदद करता है।
Q2. उथले जलभृत प्रबंधन (SAM) कार्यक्रम के तहत भूजल पुनर्भरण के लिए निम्नलिखित में से कौन-से तरीके अपनाए जा सकते हैं?
1. रिचार्ज शाफ्ट
2. इंजेक्शन वेल
3. चेक डैम
4. गैबियन वॉल
5. मॉड्यूलर रिचार्ज पिट
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1, 2 और 3
- केवल 2, 3 और 4
- केवल 1, 2, 3, 4 और 5
- केवल 1, 3 और 5
उत्तर: केवल 1, 2, 3, 4 और 5 — SAM कार्यक्रम के तहत, भूजल पुनर्भरण के लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं जिनमें रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन वेल, चेक डैम, गैबियन वॉल, गोलाकार खाल और मॉड्यूलर रिचार्ज पिट शामिल हैं। ये सभी तरीके टिकाऊ वर्षा जल संचयन और जलभृत को फिर से भरने में योगदान करते हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ शहरी क्षेत्रों में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में उथले जलभृत प्रबंधन (SAM) कार्यक्रम की भूमिका का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। इस संदर्भ में, ‘कैच द रेन’ अभियान के महत्व और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालिए। (250 शब्द)
रूपरेखा: प्रश्न शहरी जल सुरक्षा में SAM कार्यक्रम की भूमिका के समालोचनात्मक मूल्यांकन की मांग करता है। उत्तर की शुरुआत SAM कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय देते हुए करें और बताएं कि यह कैसे वैज्ञानिक तरीकों से भूजल पुनर्भरण में मदद करता है। इसके बाद, शहरी बाढ़ को कम करने और भूजल स्तर में सुधार जैसे इसके सकारात्मक प्रभावों पर चर्चा करें। चुनौतियों और सीमाओं का भी उल्लेख करें, जैसे बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन की आवश्यकता और रखरखाव के मुद्दे। फिर, ‘कैच द रेन’ अभियान के व्यापक लक्ष्यों और SAM कार्यक्रम के साथ इसके समन्वय पर प्रकाश डालें। अंत में, भूजल पुनर्भरण पहलों की दीर्घकालिक सफलता के लिए सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी लेने के महत्व पर जोर देते हुए निष्कर्ष प्रस्तुत करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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