15 Sep झारखंड में बांध सुरक्षा: एनडीएसए की समीक्षा और प्रमुख सुझाव
✎ बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 और राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) भारत में बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपदाओं को रोकने के लिए एक व्यापक संस्थागत और नियामक ढाँचा प्रदान करते हैं।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper I — भूगोल (भारत का भौतिक भूगोल) | GS Paper II — शासन, नीतियां एवं हस्तक्षेप, संघीय ढाँचा | GS Paper III — आपदा प्रबंधन, आधारभूत संरचना (ऊर्जा, जल संसाधन)
- Prelims: राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA), बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021, राज्य बांध सुरक्षा संगठन (SDSO), आपातकालीन कार्य योजना (EAP), संचालन एवं रखरखाव नियमावली (O&M Manuals), व्यापक बांध सुरक्षा मूल्यांकन (CDSE), धर्म पोर्टल, नलकारी बांध, लतरातु बांध
- Essay: आपदा प्रबंधन में संस्थागत ढाँचे की भूमिका, भारत में जल संसाधन प्रबंधन और सतत विकास
त्वरित पुनरावृत्ति: बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 और राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) भारत में बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपदाओं को रोकने के लिए एक व्यापक संस्थागत और नियामक ढाँचा प्रदान करते हैं।
यह खबर चर्चा में क्यों?
राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) की एक टीम ने झारखंड में बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के कार्यान्वयन और राज्य में बांध सुरक्षा तैयारियों की स्थिति की समीक्षा की। इस बैठक में राज्य बांध सुरक्षा संगठन (SDSO) के प्रमुख और विभिन्न विभागों के अंतर्गत आने वाले बांधों के मालिकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें व्यापक बांध सुरक्षा मूल्यांकन (CDSE), आपातकालीन कार्य योजनाओं (EAP) और संचालन एवं रखरखाव (O&M) नियमावलियों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया।
पृष्ठभूमि
- भारत में लगभग 5,700 बड़े बांध हैं, जिनमें से कई 50 वर्ष से अधिक पुराने हैं और कुछ 100 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं। इन बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
- बांधों की विफलता से जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है, जैसा कि अतीत में कई देशों में देखा गया है।
- बांध सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने के लिए, भारत सरकार ने बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 (Dam Safety Act, 2021) अधिनियमित किया।
- यह अधिनियम बांधों की निगरानी, निरीक्षण, संचालन और रखरखाव के लिए एक संस्थागत ढाँचा प्रदान करता है ताकि बांध से संबंधित आपदाओं को रोका जा सके।
- राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) इस अधिनियम के तहत स्थापित एक केंद्रीय नियामक निकाय है, जो बांध सुरक्षा नीतियों और मानकों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
- राज्य बांध सुरक्षा संगठन (SDSO) राज्य स्तर पर बांध सुरक्षा गतिविधियों के समन्वय और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार हैं।
बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 और NDSA
- बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 का उद्देश्य देश के सभी निर्दिष्ट बांधों की सुरक्षित कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना है ताकि बांध विफलता से होने वाली आपदाओं को रोका जा सके।
- यह अधिनियम राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) और राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति (National Committee on Dam Safety) तथा राज्य स्तर पर राज्य बांध सुरक्षा संगठन (SDSO) और राज्य बांध सुरक्षा समिति (State Committee on Dam Safety) की स्थापना का प्रावधान करता है।
- NDSA एक नियामक निकाय है जो बांध सुरक्षा नीतियों और मानकों को लागू करता है, राज्यों के बीच बांध सुरक्षा से संबंधित मुद्दों का समाधान करता है, और बांध सुरक्षा से संबंधित तकनीकी सहायता प्रदान करता है।
- SDSO राज्य के भीतर बांध सुरक्षा गतिविधियों के निरीक्षण, निगरानी, संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है, जिसमें बांधों का नियमित निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट शामिल है।
- अधिनियम बांध मालिकों के लिए आपातकालीन कार्य योजना (EAP) तैयार करने, संचालन एवं रखरखाव (O&M) नियमावलियों को बनाए रखने और व्यापक बांध सुरक्षा मूल्यांकन (CDSE) आयोजित करने को अनिवार्य करता है।
- यह अधिनियम बांध सुरक्षा के लिए क्षमता निर्माण, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने पर भी जोर देता है।
- ‘धर्म’ पोर्टल बांध सुरक्षा से संबंधित डेटा और रिपोर्ट को अपलोड करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो पारदर्शिता और कुशल निगरानी सुनिश्चित करता है।
- अधिनियम में बांध सुरक्षा उल्लंघनों के लिए दंड का भी प्रावधान है, जिसमें कारावास और जुर्माना शामिल है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 | देश भर में बांधों की निगरानी, निरीक्षण, संचालन और रखरखाव के लिए एक संस्थागत ढांचा प्रदान करता है। |
| राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) | अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने और बांध सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय नियामक निकाय। |
| राज्य बांध सुरक्षा संगठन (SDSO) | राज्य स्तर पर बांध सुरक्षा गतिविधियों के समन्वय और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार। |
| व्यापक बांध सुरक्षा मूल्यांकन (CDSE) | निर्दिष्ट बांधों की सुरक्षा का विस्तृत मूल्यांकन, जिसमें संरचनात्मक अखंडता और परिचालन सुरक्षा शामिल है। |
| आपातकालीन कार्य योजना (EAP) | बांध विफलता या अन्य आपात स्थितियों के मामले में प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं की रूपरेखा। |
| संचालन एवं रखरखाव (O&M) नियमावली | बांधों के सुरक्षित और कुशल संचालन के लिए मानक प्रक्रियाओं का दस्तावेजीकरण। |
महत्व
आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा
- बांध सुरक्षा अधिनियम का कार्यान्वयन बांधों से जुड़े संभावित खतरों को कम करके निचले इलाकों में रहने वाले समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
- आपातकालीन कार्य योजनाओं का विकास किसी भी बांध-संबंधी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया की सुविधा प्रदान करता है, जिससे जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
बुनियादी ढांचागत स्थिरता
- बांधों का नियमित निरीक्षण और रखरखाव देश के महत्वपूर्ण जल बुनियादी ढांचे की दीर्घकालिक स्थिरता और कार्यक्षमता सुनिश्चित करता है।
- व्यापक बांध सुरक्षा मूल्यांकन (CDSE) बांधों की संरचनात्मक अखंडता और परिचालन सुरक्षा का आकलन करने में मदद करता है, जिससे समय पर मरम्मत और पुनर्वास संभव हो पाता है।
संस्थागत सुदृढ़ीकरण
- राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) और राज्य बांध सुरक्षा संगठनों (SDSO) का सुदृढ़ीकरण बांध सुरक्षा के लिए एक मजबूत नियामक और कार्यान्वयन तंत्र बनाता है।
- बांध सुरक्षा के लिए समर्पित बजट आवंटन और क्षमता-निर्माण कार्यक्रम इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में संस्थागत क्षमताओं को बढ़ाते हैं।
चुनौतियाँ
1. विशेषज्ञ पैनल का गठन
- विशेषज्ञों के स्वतंत्र पैनल (IPOE) के शीघ्र गठन में देरी बांध सुरक्षा मूल्यांकन की गुणवत्ता और समयबद्धता को प्रभावित कर सकती है।
यूपीएससी लिंक: शासन, आपदा प्रबंधन
2. बांध-वार कार्य योजना का क्रियान्वयन
- निर्धारित समय-सीमा के भीतर व्यापक बांध सुरक्षा मूल्यांकन (CDSE) और पुनर्वास को पूरा करने के लिए बांध-वार कार्य योजनाओं को तैयार करने और क्रियान्वित करने में चुनौतियाँ।
यूपीएससी लिंक: बुनियादी ढांचा, नीति कार्यान्वयन
3. संस्थागत क्षमता और समन्वय
- राज्य बांध सुरक्षा संगठन (SDSO) को एक समर्पित संगठन के रूप में पुनर्गठित करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने में चुनौतियाँ।
यूपीएससी लिंक: शासन, संघीय ढाँचा
4. वित्तीय संसाधन और आवंटन
- बांध सुरक्षा के लिए एक अलग बजट मद शुरू करने और धन के उचित आवंटन तथा उपयोग को सुनिश्चित करने में संभावित चुनौतियाँ।
यूपीएससी लिंक: सार्वजनिक वित्त, बुनियादी ढांचा
5. क्षमता निर्माण
- बांध मालिकों और SDSO कर्मियों के लिए पर्याप्त क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों की कमी बांध सुरक्षा प्रथाओं के प्रभावी कार्यान्वयन में बाधा डाल सकती है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास, शासन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| विशेषज्ञों के स्वतंत्र पैनल (IPOE) का गठन | बांध सुरक्षा मूल्यांकन की गुणवत्ता और समयबद्धता प्रभावित हो सकती है। |
| व्यापक बांध सुरक्षा मूल्यांकन (CDSE) की पूर्णता | निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी निर्दिष्ट बांधों का मूल्यांकन पूरा करने में देरी। |
| आपातकालीन कार्य योजनाओं (EAP) और O&M नियमावलियों की तैयारी | आपदा प्रतिक्रिया और बांध संचालन के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेजों को समय पर तैयार करने में कमी। |
| राज्य बांध सुरक्षा संगठन (SDSO) का पुनर्गठन | समिति-आधारित व्यवस्था से एक समर्पित संगठन में संक्रमण में चुनौतियाँ। |
| बांध सुरक्षा के लिए बजट आवंटन | पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता और उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना। |
| क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों की कमी | बांध सुरक्षा प्रथाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान का अभाव। |
आगे की राह
- विशेषज्ञों के स्वतंत्र पैनल (IPOE) का शीघ्र गठन सुनिश्चित किया जाए ताकि बांध सुरक्षा मूल्यांकन में विशेषज्ञता का लाभ उठाया जा सके।
- सभी निर्दिष्ट बांधों के लिए बांध-वार कार्य योजनाएँ तैयार की जाएँ और व्यापक बांध सुरक्षा मूल्यांकन (CDSE) को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
- आपातकालीन कार्य योजनाओं (EAP) और संचालन एवं रखरखाव (O&M) नियमावलियों को समय पर तैयार किया जाए और ‘धर्म’ पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
- राज्य बांध सुरक्षा संगठन (SDSO) को एक समर्पित संगठन के रूप में पुनर्गठित करके राज्य के संस्थागत ढांचे को मजबूत किया जाए।
- बांध सुरक्षा के लिए एक अलग बजट मद शुरू किया जाए और धन का उचित आवंटन तथा उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
- बांध मालिकों और SDSO कर्मियों के लिए नियमित क्षमता-निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ ताकि उनके कौशल और ज्ञान को बढ़ाया जा सके।
- बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों और बांध मालिकों के बीच समन्वय बढ़ाया जाए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 · राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) · राज्य बांध सुरक्षा संगठन (SDSO) · आपत्कालीन कार्य योजनाएँ (EAP) · संचालन एवं रखरखाव नियमावलियाँ (O&M Manuals) · व्यापक बांध सुरक्षा मूल्यांकन (CDSE) · क्षमता निर्माण कार्यक्रम · बांध सुरक्षा इकाई (DSU) · संस्थागत ढाँचा · जल संसाधन प्रबंधन
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 246’, ‘note’: ‘संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का वितरण’}
- {‘article’: ‘सातवीं अनुसूची’, ‘note’: ‘संघ सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची’}
अवधारणा प्रवाह
बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 लागू किया गया → राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) का गठन → NDSA द्वारा राज्य में बांध सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा → CDSE, EAP, O&M नियमावलियों की स्थिति का आकलन → SDSO के सुदृढ़ीकरण और क्षमता-निर्माण पर जोर → बांध सुरक्षा मानकों का अनुपालन और निचले इलाकों की सुरक्षा
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) का गठन बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत किया गया है।
2. यह प्राधिकरण केवल केंद्र सरकार के स्वामित्व वाले बांधों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है।
3. बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 राज्यों को अपने स्वयं के राज्य बांध सुरक्षा संगठन (SDSO) स्थापित करने का प्रावधान करता है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि NDSA का गठन बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत किया गया है। कथन 2 गलत है क्योंकि NDSA केंद्र और राज्य दोनों के स्वामित्व वाले निर्दिष्ट बांधों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। कथन 3 सही है क्योंकि अधिनियम राज्यों को SDSO स्थापित करने का प्रावधान करता है।
Q2. बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के संदर्भ में, ‘धर्म’ पोर्टल का क्या महत्व है?
- यह बांध निर्माण परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय मंजूरी प्रदान करता है।
- यह बांध सुरक्षा से संबंधित डेटा और रिपोर्टों को अपलोड करने के लिए एक मंच है।
- यह बांधों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली एक योजना है।
- यह बांधों के आसपास के क्षेत्रों में आपदा राहत कार्यों का समन्वय करता है।
उत्तर: यह बांध सुरक्षा से संबंधित डेटा और रिपोर्टों को अपलोड करने के लिए एक मंच है। — प्रेस विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया है कि आपातकालीन कार्य योजनाओं (EAP) और संचालन एवं रखरखाव (O&M) नियमावलियों को ‘धर्म’ पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश जारी किए गए हैं, जो इसे बांध सुरक्षा से संबंधित डेटा और रिपोर्टों के लिए एक मंच बनाता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत में बांध सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) की भूमिका और महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के प्रभावी कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 और राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) का संक्षिप्त परिचय दें। भारत में बांधों के महत्व और सुरक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डालें।
2. NDSA की भूमिका और महत्व:
– नियामक कार्य: बांध सुरक्षा मानकों का निर्धारण, निरीक्षण और निगरानी।
– समन्वय: केंद्र और राज्य सरकारों, बांध मालिकों तथा अन्य हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करना।
– क्षमता निर्माण: बांध सुरक्षा कर्मियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास को बढ़ावा देना।
– तकनीकी सहायता: बांध सुरक्षा से संबंधित तकनीकी मार्गदर्शन और विशेषज्ञता प्रदान करना।
– आपातकालीन तैयारी: आपातकालीन कार्य योजनाओं (EAP) के विकास और कार्यान्वयन में सहायता।
– डेटा प्रबंधन: ‘धर्म’ पोर्टल जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से बांध सुरक्षा डेटा का संग्रह और विश्लेषण।
3. बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के प्रभावी कार्यान्वयन में चुनौतियाँ:
– संस्थागत ढाँचा: राज्य बांध सुरक्षा संगठनों (SDSO) का पुनर्गठन और उन्हें समर्पित संगठनों के रूप में मजबूत करना।
– वित्तीय आवंटन: बांध सुरक्षा के लिए अलग बजट मदों का अभाव और धन के उचित आवंटन तथा उपयोग की आवश्यकता।
– विशेषज्ञता की कमी: बांध सुरक्षा मूल्यांकन (CDSE) और निरीक्षण के लिए विशेषज्ञों के स्वतंत्र पैनल (IPOE) के गठन में देरी।
– क्षमता निर्माण: बांध मालिकों और SDSO कर्मियों के लिए पर्याप्त क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों का अभाव।
– अनुपालन: ऊर्जा और पेयजल विभागों जैसे विभिन्न बांध मालिकों द्वारा अधिनियम के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करना।
– डेटा अपलोडिंग: EAP और O&M नियमावलियों को समय पर ‘धर्म’ पोर्टल पर अपलोड करने में देरी।
4. निष्कर्ष: बांध सुरक्षा सुनिश्चित करने और निचले इलाकों में रहने वाले समुदायों की सुरक्षा के लिए NDSA और अधिनियम के महत्व को दोहराते हुए, इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए आगे की राह सुझाएँ।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Jharkhand PCS (JPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) द्वारा हाल ही में झारखंड में बांध सुरक्षा तैयारियों और बांध सुरक्षा अधिनियम के कार्यान्वयन की समीक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- झारखंड में बांधों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना
- झारखंड में नए बांधों के निर्माण को रोकना
- झारखंड सरकार को बांधों के रखरखाव से संबंधित धन आवंटित करना
- झारखंड में बांधों से संबंधित विवादों का न्यायिक समाधान करना
उत्तर: झारखंड में बांधों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना — एनडीएसए द्वारा झारखंड में बांध सुरक्षा तैयारियों और अधिनियम के कार्यान्वयन की समीक्षा का मुख्य उद्देश्य राज्य में बांधों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।
Mains: झारखंड में बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों और उनके निवारण के उपायों पर चर्चा कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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