26 Sep तमिलनाडु मंत्री ने ट्रांसपर्सनर्स को दिया उद्यमिता में समर्थन
✎ ट्रांसप्रेन्योर शिखर सम्मेलन ट्रांसजेंडर समुदाय को उद्यमिता के माध्यम से सशक्त बनाने और उन्हें मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो समावेशी विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper I — सामाजिक मुद्दे (Social Issues) | GS Paper II — शासन, सामाजिक न्याय और अंतर्राष्ट्रीय संबंध (Governance, Social Justice and International Relations) | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy)
- Prelims: ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, उद्यमिता, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME), सामाजिक न्याय, समावेशी विकास
- Essay: समावेशी विकास और सामाजिक न्याय: ट्रांसजेंडर समुदाय का सशक्तिकरण, उद्यमिता के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन: चुनौतियाँ और अवसर
त्वरित पुनरावृत्ति: ट्रांसप्रेन्योर शिखर सम्मेलन ट्रांसजेंडर समुदाय को उद्यमिता के माध्यम से सशक्त बनाने और उन्हें मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो समावेशी विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
तमिलनाडु के मदुरै में ‘ट्रांसप्रेन्योर शिखर सम्मेलन’ (Transpreneur Summit) का आयोजन किया गया, जहाँ राज्य के MSME मंत्री ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को उनके व्यावसायिक उद्यमों में सभी सहायता का आश्वासन दिया। यह शिखर सम्मेलन देश में अपनी तरह का पहला आयोजन था, जिसका उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देना और उन्हें मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना था। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत ऋण और सब्सिडी भी प्रदान की गई, जो इस समुदाय के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पृष्ठभूमि
- भारत में ट्रांसजेंडर समुदाय लंबे समय से सामाजिक बहिष्कार, भेदभाव और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।
- पारंपरिक रूप से, इस समुदाय को आजीविका के सीमित अवसर प्राप्त होते रहे हैं, जिससे वे अक्सर गरीबी और हाशिए पर धकेल दिए जाते हैं।
- सरकार ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए ‘ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019’ (Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019) जैसे कानून बनाए हैं।
- उद्यमिता को सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में देखा जाता है, जो व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में योगदान करने में सक्षम बनाता है।
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन और आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- स्टार्टअप इंडिया (Startup India) जैसी पहलें देश में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई हैं।
- तमिलनाडु सरकार ने 2036 तक राज्य के लिए 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें सभी हितधारकों का योगदान महत्वपूर्ण है।
- ट्रांसजेंडर रिसोर्स सेंटर (Transgender Resource Centre) जैसे संगठन ट्रांसजेंडर समुदाय के उत्थान के लिए विभिन्न पहलें कर रहे हैं।
ट्रांसजेंडर समुदाय और उद्यमिता
- ट्रांसजेंडर समुदाय में वे व्यक्ति शामिल हैं जिनकी लैंगिक पहचान (Gender Identity) उनके जन्म के समय निर्धारित लिंग से भिन्न होती है।
- भारत में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को अक्सर शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवा और आवास तक पहुँच में बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
- उद्यमिता ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को अपनी क्षमता का उपयोग करने, आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने और समाज में अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करती है।
- ‘ट्रांसप्रेन्योर’ शब्द ट्रांसजेंडर उद्यमियों को संदर्भित करता है, जो अपने स्वयं के व्यवसाय स्थापित करते हैं और संचालित करते हैं।
- सरकार द्वारा ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना’ (Prime Minister’s Formalisation of Micro Food Processing Enterprises Scheme) जैसी योजनाएं सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने और वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
- स्टार्टअप इनक्यूबेशन (Startup Incubation) कार्यक्रम नए व्यवसायों को मार्गदर्शन, संसाधन और सहायता प्रदान करते हैं ताकि वे सफल हो सकें।
- बैंकों द्वारा ऋण और अग्रिम (Credits/Advances) उपलब्ध कराना उद्यमियों के लिए पूंजी तक पहुँच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है, विशेषकर हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए।
- ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण के लिए केवल कानूनी सुरक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आर्थिक अवसरों और सामाजिक स्वीकृति को भी बढ़ावा देना आवश्यक है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| ट्रांसप्रेन्योर शिखर सम्मेलन | देश में अपनी तरह का पहला आयोजन, ट्रांसजेंडर समुदाय के उद्यमियों को बढ़ावा देने पर केंद्रित। |
| सरकारी समर्थन का आश्वासन | तमिलनाडु के MSME मंत्री द्वारा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के व्यावसायिक उद्यमों को सहायता प्रदान करने का वादा। |
| स्टार्टअप TN और ट्रांसजेंडर रिसोर्स सेंटर का सहयोग | उद्यमिता को बढ़ावा देने और समुदाय के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए साझेदारी। |
| वित्तीय सहायता पर जोर | बैंकों द्वारा पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को बिना अधिक शर्तों के ऋण/अग्रिम प्रदान करने की आवश्यकता पर बल। |
| उत्पाद/सेवा प्रदर्शन | शिखर सम्मेलन में 22 उत्पादों/सेवाओं का प्रदर्शन, ट्रांसजेंडर उद्यमियों की क्षमताओं को उजागर करना। |
महत्व
सामाजिक समावेशन
- यह शिखर सम्मेलन ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था में एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
- उद्यमिता को बढ़ावा देकर, यह ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनने और सामाजिक भेदभाव को कम करने का अवसर प्रदान करता है।
आर्थिक सशक्तिकरण
- ट्रांसजेंडर उद्यमियों को समर्थन देने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, जिससे वे न केवल अपने लिए बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकेंगे।
- यह समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है, जहां समाज के सभी वर्गों को आर्थिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है।
नीतिगत प्रभाव
- सरकार द्वारा दिए गए समर्थन के आश्वासन और बैंकों से ऋण सुविधा की मांग से ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अधिक अनुकूल नीतियों के निर्माण की संभावना है।
- यह अन्य राज्यों और केंद्र सरकार के लिए भी ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए इसी तरह की पहल शुरू करने हेतु एक मॉडल के रूप में कार्य कर सकता है।
चुनौतियाँ
1. सामाजिक भेदभाव और पूर्वाग्रह
- ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को अक्सर समाज में भेदभाव और पूर्वाग्रह का सामना करना पड़ता है, जिससे उन्हें व्यवसाय शुरू करने और चलाने में कठिनाई होती है।
- यह भेदभाव वित्तीय संस्थानों, ग्राहकों और यहां तक कि कर्मचारियों से भी आ सकता है, जिससे उनके उद्यमों की सफलता बाधित होती है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय/वंचित वर्ग
2. वित्तीय संसाधनों तक पहुंच का अभाव
- बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से ऋण और पूंजी प्राप्त करने में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को विशेष चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, अक्सर पहचान संबंधी मुद्दों या सामाजिक पूर्वाग्रह के कारण।
- व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक प्रारंभिक पूंजी और कार्यशील पूंजी की कमी एक बड़ी बाधा है।
यूपीएससी लिंक: आर्थिक विकास/वित्तीय समावेशन
3. कौशल विकास और प्रशिक्षण की कमी
- कई ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को औपचारिक शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण तक सीमित पहुंच होती है, जिससे उन्हें आवश्यक उद्यमिता कौशल विकसित करने में कठिनाई होती है।
- व्यवसाय योजना, विपणन और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण की कमी उनके उद्यमों की व्यवहार्यता को प्रभावित कर सकती है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन/कौशल विकास
4. सरकारी योजनाओं और सहायता के बारे में जागरूकता का अभाव
- ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को अक्सर सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों के बारे में जानकारी नहीं होती है, जिससे वे उनका लाभ नहीं उठा पाते हैं।
- योजनाओं तक पहुंचने की प्रक्रियाएं जटिल हो सकती हैं, जिससे उनके लिए आवेदन करना मुश्किल हो जाता है।
यूपीएससी लिंक: शासन/कल्याणकारी योजनाएं
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| पहचान संबंधी दस्तावेज़ | व्यवसाय पंजीकरण, बैंक खाता खोलने और ऋण आवेदन के लिए आवश्यक वैध पहचान पत्रों की कमी। |
| सामाजिक स्वीकृति | व्यवसाय चलाने में ग्राहकों, आपूर्तिकर्ताओं और कर्मचारियों से सामाजिक स्वीकृति प्राप्त करने में कठिनाई। |
| सुरक्षा और उत्पीड़न | सार्वजनिक स्थानों पर व्यवसाय करते समय ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं और उत्पीड़न का जोखिम। |
| कानूनी और नियामक बाधाएं | व्यवसाय स्थापित करने और संचालित करने से संबंधित कानूनी और नियामक प्रक्रियाओं को समझने और उनका पालन करने में कठिनाई। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (Prime Minister’s Formalisation of Micro Food Processing Enterprises Scheme)
आगे की राह
- ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए वित्तीय समावेशन कार्यक्रम शुरू किए जाएं, जिसमें आसान ऋण पहुंच और सब्सिडी शामिल हो।
- उद्यमिता कौशल, व्यवसाय प्रबंधन और डिजिटल साक्षरता पर केंद्रित लक्षित कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान किए जाएं।
- सरकारी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाए जाएं, और आवेदन प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए।
- ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव लाने के लिए सार्वजनिक जागरूकता अभियान और संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
- ट्रांसजेंडर उद्यमियों को एक-दूसरे से जुड़ने और अनुभव साझा करने के लिए मेंटरशिप और नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएं।
- व्यवसाय शुरू करने और चलाने में आने वाली कानूनी और नियामक बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष सहायता डेस्क स्थापित किए जाएं।
- ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को व्यवसाय में शामिल करने के लिए निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जाए और उन्हें कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) गतिविधियों में शामिल किया जाए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
ट्रांसजेंडर समुदाय · उद्यमिता · समावेशन · सामाजिक न्याय · आर्थिक सशक्तिकरण · स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र · सरकारी सहायता · वित्तीय समावेशन · कौशल विकास · भेदभाव · राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन · सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिकीकरण
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 14’, ‘note’: ‘कानून के समक्ष समानता’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 15’, ‘note’: ‘भेदभाव का निषेध’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 16’, ‘note’: ‘सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 21’, ‘note’: ‘गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार’}
अवधारणा प्रवाह
ट्रांसजेंडर समुदाय को सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। → उद्यमिता उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मान प्रदान कर सकती है। → सरकार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र समर्थन प्रदान करते हैं। → ट्रांसप्रेन्योर शिखर सम्मेलन जैसे मंच जागरूकता बढ़ाते हैं। → वित्तीय और कौशल सहायता से ट्रांसजेंडर उद्यमी सशक्त होते हैं। → यह समावेशी विकास और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देता है।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को लिंग पहचान का अधिकार प्रदान करता है।
2. यह अधिनियम ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के खिलाफ भेदभाव को प्रतिबंधित करता है और उन्हें शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्रदान करता है।
3. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 और 2 सही हैं। ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करता है और उनके खिलाफ भेदभाव को प्रतिबंधित करता है। कथन 3 भी सही है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का लक्ष्य भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।
Q2. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- यह योजना केवल बड़े खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- इसका उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को औपचारिक बनाना और उन्हें सहायता प्रदान करना है।
- यह योजना केवल कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण तक सीमित है।
- इस योजना का प्रबंधन सीधे राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है, जिसमें केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है।
उत्तर: इसका उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को औपचारिक बनाना और उन्हें सहायता प्रदान करना है। — प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) का मुख्य उद्देश्य मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को औपचारिक बनाना और उन्हें वित्तीय, तकनीकी और व्यावसायिक सहायता प्रदान करना है ताकि उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाई जा सके।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ ट्रांसजेंडर समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण में उद्यमिता की भूमिका का परीक्षण कीजिए। इस संदर्भ में, सरकार द्वारा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए समावेशी स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने हेतु उठाए गए कदमों और चुनौतियों पर चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर कंकाल:
1. **परिचय:** ट्रांसजेंडर समुदाय के सामने आने वाली सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों और उद्यमिता के माध्यम से उनके सशक्तिकरण की आवश्यकता का संक्षिप्त परिचय।
2. **उद्यमिता की भूमिका:**
* आत्मनिर्भरता और गरिमा।
* रोजगार सृजन और आर्थिक स्वतंत्रता।
* सामाजिक स्वीकृति और मुख्यधारा में समावेशन।
* भेदभाव को कम करना।
* रोल मॉडल तैयार करना।
3. **सरकार द्वारा उठाए गए कदम:**
* **कानूनी ढाँचा:** ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 – लिंग पहचान का अधिकार, भेदभाव पर प्रतिबंध।
* **योजनाएँ:**
* प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) जैसे कार्यक्रमों के तहत ऋण और सब्सिडी।
* कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रम।
* स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलें जो समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा देती हैं।
* **संस्थागत सहायता:** स्टार्टअप TN जैसे निकायों द्वारा ट्रांसप्रेन्योर शिखर सम्मेलन जैसे आयोजन।
* **वित्तीय समावेशन:** बैंकों को ऋण/अग्रिम प्रदान करने के निर्देश।
4. **चुनौतियाँ:**
* **सामाजिक कलंक और भेदभाव:** समाज में अभी भी व्यापक पूर्वाग्रह।
* **वित्तीय बाधाएँ:** ऋण तक पहुँच में कठिनाई, संपार्श्विक की कमी।
* **कौशल और शिक्षा का अभाव:** औपचारिक शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण तक सीमित पहुँच।
* **बाजार तक पहुँच:** उत्पादों और सेवाओं के लिए बाजार खोजने में कठिनाई।
* **सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी:** जागरूकता और पहुँच की कमी।
* **मानसिक स्वास्थ्य और समर्थन:** उद्यमिता के दबावों से निपटने के लिए सहायता प्रणाली का अभाव।
5. **निष्कर्ष:** ट्रांसजेंडर समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल, जिसमें नीतिगत समर्थन, सामाजिक जागरूकता और वित्तीय समावेशन शामिल हो, ताकि एक truly समावेशी समाज का निर्माण किया जा सके।
स्रोत: The Hindu
Tamil Nadu PCS (TNPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: तमिलनाडु सरकार द्वारा आयोजित ‘ट्रांस्प्रेन्योर’ शिखर सम्मेलन में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सरकारी सहायता प्रदान करने का आश्वासन किस मंत्री ने दिया था?
- A. मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन
- B. समाज कल्याण मंत्री आई. पेरियासामी
- C. महिला एवं बाल विकास मंत्री आर. गांधी
- D. उद्योग मंत्री टी. आर. बी. राजा
उत्तर: B. समाज कल्याण मंत्री आई. पेरियासामी — तमिलनाडु सरकार द्वारा आयोजित ‘ट्रांस्प्रेन्योर’ शिखर सम्मेलन में समाज कल्याण मंत्री आई. पेरियासामी ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सरकारी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया था।
Mains: तमिलनाडु सरकार द्वारा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के उत्थान एवं उद्यमिता विकास के लिए उठाए गए कदमों का वर्णन कीजिए। राज्य सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए, ट्रांसजेंडर समुदाय के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डालिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
Related guides on our sites
- Anthropology VS PSIR
- Best PSIR optional coaching
- Best PSIR optional coaching online
- Best PSIR optional teacher
- AI एजेंटों की स्वतंत्रता: कंपनियां कैसे रखती हैं नियंत्रण? जानिए पूरी प्रक्रिया - October 3, 2026
- Harivansh Leads India at 153rd IPU Assembly in Tanzania - October 3, 2026
- अमेरिका में व्यापार मिशन: भारत की बड़ी योजना, जानिए क्या है सरकार की रणनीति - October 3, 2026

No Comments