मत्स्य विभाग ने विशेष अभियान 6 में बढ़ाया योगदान: प्रशासनिक सुधार एवं स्वच्छता पर जोर

मत्स्य विभाग ने विशेष अभियान 6 में बढ़ाया योगदान: प्रशासनिक सुधार एवं स्वच्छता पर जोर

मत्स्य विभाग ने विशेष अभियान 6 में बढ़ाया योगदान: प्रशासनिक सुधार एवं स्वच्छता पर जोर

विशेष अभियान 6 प्रक्रियाअभियान शुरू2 अक्टूबर 2026गतिविधियाँ पूरी32 में से 23नतीजे80% शिकायत हल
विशेष अभियान 6 प्रक्रिया

✎ विशेष अभियान 6 एक समय-सीमित प्रशासनिक अभियान है, जो DARPG के दिशानिर्देशों पर चलता है, जबकि ई-कचरे के निपटान का कानूनी आधार ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र II — शासन (प्रशासनिक सुधार, जन शिकायत निवारण, सिविल सेवा में सुधार)  |  सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र III — पर्यावरण (ई-कचरा प्रबंधन, विस्तारित उत्पादक दायित्व)
  • Prelims: विशेष अभियान 6 (Special Campaign 6) — 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026, प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG), CPGRAMS (केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली), ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022, विस्तारित उत्पादक दायित्व (EPR), सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
  • Essay: सरकारी कार्यालयों में प्रशासनिक दक्षता: लाल फीताशाही से सुशासन तक, इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट: चुनौती, उत्तरदायित्व और सतत प्रबंधन

त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6 एक समय-सीमित प्रशासनिक अभियान है, जो DARPG के दिशानिर्देशों पर चलता है, जबकि ई-कचरे के निपटान का कानूनी आधार ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत मत्स्य पालन विभाग 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6 को सक्रिय रूप से लागू कर रहा है। यह अभियान प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) के दिशानिर्देशों के अनुरूप चल रहा है और इसका उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित मामलों को कम करना, अभिलेख प्रबंधन सुधारना, ई-कचरे का वैज्ञानिक निपटान करना और कार्यस्थल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। विभाग ने पहचानी गई 32 स्वच्छता गतिविधियों में से 23 पूरी कर ली हैं। 400 फाइलों की समीक्षा की गई है, जिनमें से 287 फाइलें हटाई जा चुकी हैं। 80 प्रतिशत जन शिकायतों का समाधान हो चुका है। 15 अक्टूबर 2026 को विभाग के नोडल अधिकारी ने नई दिल्ली स्थित चंदरलोक बिल्डिंग के कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया। इस प्रकार यह समाचार प्रशासनिक कार्यकुशलता के उस व्यावहारिक मॉडल को दर्शाता है, जिसमें समय-सीमा, लक्ष्य और नियमित समीक्षा के माध्यम से सरकारी कार्यप्रणाली में सुधार लाया जाता है।

पृष्ठभूमि

  • भारत में प्रशासनिक सुधारों की चर्चा प्रशासनिक सुधार आयोग (Administrative Reforms Commission) के माध्यम से होती रही है। 2005 में गठित दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग ने नागरिक-केंद्रित शासन और सेवा वितरण में पारदर्शिता पर बल दिया था।
  • स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) के बाद सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता अभियान नियमित प्रशासनिक गतिविधि बन गए हैं। विशेष अभियान का उद्देश्य इसे अस्थायी प्रयास के बजाय कार्यालयी संस्कृति का स्थायी हिस्सा बनाना है।
  • जन शिकायतों के निवारण के लिए DARPG ने CPGRAMS जैसी केंद्रीकृत प्रणाली विकसित की है, जिससे शिकायतों की निगरानी और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाता है।
  • सरकारी अभिलेखों के प्रबंधन का मुख्य आधार सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 है, जो केंद्र सरकार के अभिलेखों के संरक्षण, प्रबंधन और निपटान से संबंधित प्रावधान करता है। अनावश्यक फाइलों की छंटाई इसी व्यवस्था के व्यावहारिक पक्ष से जुड़ी है।
  • ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत बनाए गए हैं। इनमें विस्तारित उत्पादक दायित्व (EPR) के सिद्धांत के तहत उत्पादकों, उपभोक्ताओं और अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं की भूमिका तय की गई है।

विशेष अभियान 6 क्या है?

  • विशेष अभियान 6 DARPG के दिशानिर्देशों पर आधारित एक समय-सीमित प्रशासनिक अभियान है। यह किसी संसदीय कानून या संवैधानिक प्रावधान से सीधे उत्पन्न नहीं होता, बल्कि प्रशासनिक निर्देशों के माध्यम से लागू होता है।
  • इस अभियान के पाँच प्रमुख क्षेत्र हैं: स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित मामलों में कमी लाना, अभिलेख प्रबंधन में सुधार, ई-कचरे का वैज्ञानिक निपटान और कार्यस्थल के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करना।
  • अभियान की तैयारी के चरण में कार्य योजनाएं और लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं। अनावश्यक अभिलेखों की समीक्षा और छंटाई, जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन और लंबित संदर्भों का शीघ्र निपटान इसकी प्रमुख गतिविधियां हैं।
  • विभाग के अधीनस्थ कार्यालय और स्वायत्त निकाय इसमें समन्वय से काम करते हैं, जिससे नीति-स्तर के निर्देश जमीनी कार्यालयों तक पहुंचते हैं।
  • सचिव स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित बैठकों में प्रगति की समीक्षा होती है। यह प्रशासनिक उत्तरदायित्व और लक्ष्य-आधारित निगरानी का उदाहरण है।
  • ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के पर्यावरण-अनुकूल निपटान के लिए उत्पादकों की जिम्मेदारी तय की गई है और अनधिकृत पुनर्चक्रण को रोकने पर बल दिया गया है।
  • जन शिकायत निवारण और अभिलेख छंटाई दोनों मिलकर सरकारी प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाते हैं, जिससे नागरिकों की सेवा गुणवत्ता में सुधार होता है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
विशेष अभियान 6 (Special Campaign 6) की अवधि 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक; मत्स्य पालन विभाग इसे अपने अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों के समन्वय से लागू कर रहा है
दिशानिर्देशों का स्रोत प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा जारी दिशानिर्देश; अभियान इन्हीं के अनुरूप चलाया जा रहा है
प्रमुख लक्ष्य स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित मामलों में कमी, अभिलेख प्रबंधन में सुधार, ई-कचरे का वैज्ञानिक निपटान और कार्यस्थल का अधिकतम उपयोग
अभिलेख प्रबंधन की प्रगति 400 फाइलों की समीक्षा की गई; 350 फाइलें अनावश्यक फाइलों की सूची से हटाई गईं; अब तक 287 फाइलें हटाई जा चुकी हैं
शिकायत निवारण और स्वच्छता गतिविधियाँ 80% जन शिकायतों का समाधान हो चुका है; चिन्हित 32 स्वच्छता गतिविधियों में से 23 पूरी हो चुकी हैं
निगरानी की व्यवस्था मत्स्य पालन सचिव द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें और नोडल अधिकारी द्वारा कार्यालय परिसर का निरीक्षण

महत्व

प्रशासनिक

  • लंबित मामलों और अनावश्यक अभिलेखों में कमी से निर्णय-प्रक्रिया तेज होती है और फाइलों के आवागमन में लगने वाला समय घटता है।
  • कार्यस्थल की स्वच्छता और व्यवस्थित कार्यालय प्रबंधन से कार्यकुशलता बढ़ती है और सरकारी कार्यालयों की छवि सुधरती है।
  • यह अभियान शासन में स्वच्छता को अस्थायी प्रयास के बजाय नियमित कार्य-संस्कृति में बदलने का प्रयास है।

पर्यावरणीय

  • ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 (E-Waste (Management) Rules, 2022) के अनुपालन से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के घातक घटक, जैसे सीसा और पारा, मिट्टी और जल में पहुँचने से रोके जा सकते हैं।
  • सरकारी कार्यालयों द्वारा ई-कचरे का वैज्ञानिक निपटान सार्वजनिक क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल आचरण का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

शासन और पारदर्शिता

  • नियमित समीक्षा, नोडल अधिकारी की व्यवस्था और मापनीय संकेतकों से जवाबदेही तय होती है।
  • सोशल मीडिया के माध्यम से गतिविधियों का प्रचार जन-जागरूकता बढ़ाता है और सरकारी प्रयासों को सार्वजनिक रूप से दृश्य बनाता है।

अभिलेख और नागरिक अधिकार

  • अभिलेखों की छंटाई के साथ यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि महत्वपूर्ण अभिलेख सुरक्षित रहें, ताकि सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 और सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत नागरिकों का पहुँच-अधिकार प्रभावित न हो।

चुनौतियाँ

1. अभियान-आधारित प्रयास बनाम संस्थागत स्थायित्व

  • अभियान 31 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो जाएगा, इसलिए स्वच्छता और अभिलेख-छंटाई की आदतें बनी रहने पर प्रश्नचिह्न है।
  • पूर्व के अभियानों में प्राप्त उपलब्धियाँ कई बार अगली अवधि में कम हो जाती हैं, क्योंकि उनके लिए स्थायी प्रक्रियाएँ और निगरानी तंत्र नहीं बनाए जाते।

2. अभिलेख छंटाई में जोखिम

  • अनावश्यक अभिलेखों की पहचान करते समय महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों के गलती से नष्ट होने का खतरा रहता है।
  • छंटाई के मानक और अवधारण-अवधि (retention period) स्पष्ट न हों, तो अभिलेखों का अनुचित निपटान हो सकता है।

3. ई-कचरे का अनौपचारिक क्षेत्र

  • बड़ी मात्रा में ई-कचरा अनौपचारिक क्षेत्र में असुरक्षित तरीकों से तोड़ा और निपटाया जाता है, जिससे कर्मियों और पर्यावरण दोनों को हानि होती है।
  • उत्पादकों की विस्तारित उत्तरदायित्व (EPR) व्यवस्था और अधिकृत पुनर्चक्रण इकाइयों के बीच समन्वय अभी पूर्ण रूप से प्रभावी नहीं है।

4. शिकायत निवारण की गुणवत्ता

  • 80% शिकायतों का समाधान संख्यात्मक उपलब्धि है, परंतु समाधान की गुणवत्ता और शिकायतकर्ता की संतुष्टि का मूल्यांकन भी आवश्यक है।
  • शिकायतों के बंद होने और वास्तविक समाधान के बीच अंतर होने पर नागरिक-विश्वास कम हो सकता है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

समस्या चिंता
अभियान की समाप्ति के बाद स्थायित्व अक्टूबर 2026 के बाद स्वच्छता और अभिलेख-छंटाई की गति बनी रहेगी या नहीं, यह अनिश्चित है
अभिलेखों की छंटाई में त्रुटि महत्वपूर्ण अभिलेख गलती से हटाए जा सकते हैं, जिससे नागरिक अधिकार और प्रशासनिक निरंतरता प्रभावित हो सकती है
ई-कचरे का अनौपचारिक निपटान असंगठित पुनर्चक्रण से स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है
शिकायत समाधान की गुणवत्ता संख्यात्मक लक्ष्य की प्राप्ति के साथ-साथ वास्तविक संतुष्टि सुनिश्चित करना चुनौती है
स्वायत्त निकायों में एकरूप अनुपालन विभिन्न अधीनस्थ और स्वायत्त संस्थानों में गतिविधियों का स्तर अलग-अलग हो सकता है

आगे की राह

  • अभियान के बाद भी स्वच्छता और अभिलेख-छंटाई की नियमित प्रक्रिया को कार्यालय-स्तर के मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में शामिल किया जाए।
  • अभिलेख छंटाई के लिए स्पष्ट अवधारण-अनुसूची तय की जाए और छंटाई से पहले अधिकारियों की जाँच अनिवार्य हो।
  • ई-कचरे के निपटान में केवल अधिकृत और पंजीकृत इकाइयों के उपयोग तथा ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुपालन की नियमित निगरानी की जाए।
  • केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) पर समाधान की गुणवत्ता का मापन करने हेतु शिकायतकर्ता-प्रतिक्रिया तंत्र जोड़ा जाए।
  • लंबित मामलों के लिए समय-सीमा और उत्तरदायी अधिकारी का स्पष्ट निर्धारण करके प्रगति को सार्वजनिक डैशबोर्ड पर नियमित रूप से प्रकाशित किया जाए।
  • अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों के बीच अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान के लिए नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की जाएँ।
  • कार्यस्थल स्वच्छता के संकेतकों को कर्मचारियों के वार्षिक मूल्यांकन में सम्मिलित करने पर विचार किया जाए, ताकि व्यवहार में स्थायी परिवर्तन आए।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

प्रशासनिक सुधार (Administrative Reforms) · विशेष अभियान (Special Campaign) · अभिलेख प्रबंधन (Records Management) · लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 (Public Records Act, 1993) · ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 (E-Waste (Management) Rules, 2022) · विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (Extended Producer Responsibility) · केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) · नागरिक-केंद्रित प्रशासन (Citizen-Centric Administration) · सेवोत्तम (Sevottam) · प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) · लंबित मामलों का निपटान · संस्थागत क्षमता (Institutional Capacity) · मात्रात्मक संकेतक और लक्ष्य-आधारित शासन

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • अनुच्छेद 48A — राज्य द्वारा पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का दायित्व
  • अनुच्छेद 51A(छ) — प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार का नागरिक कर्तव्य

अवधारणा प्रवाह

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा दिशानिर्देश जारी  →  मत्स्य पालन विभाग द्वारा कार्य योजना और लक्ष्यों का निर्धारण  →  अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों में स्वच्छता, अभिलेख-छंटाई और ई-कचरा निपटान की गतिविधियाँ  →  नोडल अधिकारी द्वारा निरीक्षण और मत्स्य पालन सचिव द्वारा नियमित समीक्षा  →  लंबित मामलों, शिकायत निवारण और ई-कचरा निपटान के संकेतकों पर प्रगति का मापन  →  31 अक्टूबर 2026 तक शेष लक्ष्यों की प्राप्ति और स्वच्छता को संस्थागत रूप देना

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 में विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) की अवधारणा शामिल है, जिसके अंतर्गत उत्पादकों पर अपने उत्पादों के अंत-जीवन (end-of-life) प्रबंधन की जिम्मेदारी डाली जाती है।
2. ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत बनाए गए हैं।
3. ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के अंतर्गत बनाए गए हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. सभी

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है: EPR के अंतर्गत उत्पादक अपने उत्पाद के जीवन-चक्र के अंत तक उसके निपटान की जिम्मेदारी लेते हैं। कथन 2 सही है: ई-कचरा नियम पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 25 और 6 के अंतर्गत अधिसूचित किए जाते हैं। कथन 3 गलत है, क्योंकि ये नियम जल अधिनियम, 1974 के अंतर्गत नहीं बने हैं। अतः उत्तर ‘केवल दो’ है।

Q2. निम्नलिखित में से प्रत्येक में दिए गए अभिकथन (A) और कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए:

अभिकथन (A): ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अंतर्गत उत्पादकों को अपने उत्पादों से निकले ई-कचरे के संग्रहण और पुनर्चक्रण के लक्ष्य पूरे करने होते हैं।

कारण (R): विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व के सिद्धांत के अनुसार उत्पाद के अंत-जीवन के प्रबंधन का दायित्व उत्पादक पर डाला जाता है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:

  1. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
  2. (A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  3. (A) सही है, किंतु (R) गलत है।
  4. (A) गलत है, किंतु (R) सही है।

उत्तर: (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है। — ई-कचरा नियमों में उत्पादकों पर संग्रहण और पुनर्चक्रण के लक्ष्य निर्धारित हैं, अतः (A) सही है। EPR का मूल सिद्धांत यही है कि उत्पादक पर अंत-जीवन प्रबंधन का दायित्व हो, इसलिए (R) (A) की सही व्याख्या है।

Q3. भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग द्वारा 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाए गए ‘विशेष अभियान 6’ के संबंध में दिए गए दिशानिर्देश किस संस्था द्वारा जारी किए गए थे?

  1. प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG)
  2. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB)
  3. नीति आयोग (NITI Aayog)
  4. भारत का नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG)

उत्तर: प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) — समाचार के अनुसार यह अभियान प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप चलाया जा रहा है। DARPG कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत आता है। CPCB ई-कचरा नियमों के क्रियान्वयन से जुड़ी संस्था है, परंतु इस अभियान के दिशानिर्देश उसने जारी नहीं किए।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, अभिलेखों की छंटाई, लंबित मामलों के निपटान और ई-कचरे के निपटान जैसे लक्ष्य-आधारित ‘विशेष अभियान’ प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने का प्रभावी उपकरण हैं। इस दृष्टिकोण की प्रशासनिक प्रभावशीलता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। क्या अभियान-पद्धति से स्थायी संस्थागत क्षमता विकसित हो पाती है, या यह केवल अल्पकालिक उपलब्धि-प्रदर्शन बनकर रह जाती है? अपने तर्कों के आधार पर उत्तर दीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: MODEL-ANSWER SKELETON:
1. भूमिका: मत्स्य पालन विभाग द्वारा 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया गया विशेष अभियान 6 (DARPG के दिशानिर्देशों पर आधारित), जिसमें स्वच्छता, अभिलेख छंटाई, लंबित मामलों का निपटान, ई-कचरे का वैज्ञानिक निपटान और कार्यस्थल के अधिकतम उपयोग पर बल है। समाचार के आँकड़े: 32 में से 23 गतिविधियाँ पूरी, 400 फाइलों की समीक्षा, 350 फाइलें सूची से हटाई गईं, 287 फाइलें हटाई गईं, 80% जन शिकायतों का समाधान।
2. प्रशासनिक सुधारों की पृष्ठभूमि: प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (1966) और द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग (2005, अध्यक्ष: वीरप्पा मोइली), विशेषकर उसकी 12वीं रिपोर्ट ‘नागरिक-केंद्रित प्रशासन’ (Citizen-Centric Administration)। मैक्स वेबर का नौकरशाही मॉडल (नियम-आधारित, पदानुक्रमित) तथा वुडरो विल्सन का ‘Study of Administration’ (1887) लोक प्रशासन के सैद्धांतिक आधार।
3. अभियान-पद्धति के पक्ष में तर्क: समयबद्ध लक्ष्य और नियमित समीक्षा (मत्स्य पालन सचिव की बैठकें) से जवाबदेही; दृश्य परिणाम; लोक शिकायत निवारण में CPGRAMS जैसी निगरानी प्रणाली की भूमिका; सेवा वितरण के लिए सेवोत्तम (Sevottam) मॉडल (2006) के तीन स्तंभ, यानी नागरिक चार्टर, शिकायत निवारण और सेवा वितरण क्षमता, से तालमेल।
4. आलोचनात्मक पक्ष: मात्रात्मक संकेतकों का ‘गुडहार्ट का नियम’ (Goodhart’s Law) के अनुरूप खेल; गतिविधि-गणना (जैसे 35 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट) बनाम वास्तविक सुधार; ‘अभियान के बाद पुरानी आदतों की वापसी’ का जोखिम; फाइलों की छंटाई के लिए लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 (Public Records Act, 1993) के रिटेंशन-नियमों का पालन आवश्यक; छंटाई में दस्तावेज़ों के नष्ट होने का कानूनी जोखिम।
5. अभिलेख और पर्यावरणीय दायित्व: ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के EPR प्रावधान और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत कार्यालय-स्तर पर ई-कचरे का सुरक्षित निपटान बनाम केवल प्रतीकात्मक सफाई।
6. संतुलित निष्कर्ष: अभियान-पद्धति निश्चित रूप से लक्ष्य-केंद्रित प्रेरणा देती है, परंतु स्थायी क्षमता के लिए (क) नियमित, संस्थागत प्रक्रियाएँ, (ख) गुणात्मक संकेतक (जैसे लंबित मामलों की आयु और शिकायत की पुनरावृत्ति), (ग) प्रशिक्षण और जवाबदेही-तंत्र का एकीकरण आवश्यक है। अभियान को ‘आदत’ में बदलना ही असली परीक्षा है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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