30 Jul लोकसभा में ‘वंदे मातरम बिल’: जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों हो रहा विवाद
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — भारतीय संविधान: संसद और राज्य विधायिका—संरचना, कार्यप्रणाली, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय। | GS Paper II — कार्यपालिका और न्यायपालिका का संगठन और कार्यप्रणाली; सरकार के मंत्रालय एवं विभाग; प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका। | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय। | GS Paper III — समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय।
- Prelims: राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, वंदे मातरम, सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, MSME विकास (संशोधन) विधेयक, सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, गिग श्रमिक, श्रम संहिता, ई-श्रम पोर्टल
- Essay: भारतीय लोकतंत्र में विधायी प्रक्रिया की भूमिका और चुनौतियाँ।, सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास: भारत के गिग श्रमिकों का भविष्य।
त्वरित पुनरावृत्ति: मानसून सत्र 2026 में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गान के समान दर्जा देने, MSME क्षेत्र में सुधार करने और सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए, साथ ही गिग श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर भी चर्चा हुई।
यह खबर चर्चा में क्यों?
संसद का मानसून सत्र 2026 कई महत्वपूर्ण विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा के कारण सुर्खियों में रहा। इनमें राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026, और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 शामिल हैं। सत्र के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस भी देखने को मिली, जिसमें गिग श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुख रहा।
पृष्ठभूमि
- राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य ‘वंदे मातरम’ के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या रोकने को दंडनीय अपराध बनाना है, जिससे इसे राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी दर्जा प्राप्त हो सके।
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य MSME विकास अधिनियम, 2006 में संशोधन कर भुगतान प्रणालियों में सुधार करना, अनुपालन को आसान बनाना और MSME से जुड़े विवादों के समाधान में तेजी लाना है।
- सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 का उद्देश्य परीक्षा में पेपर लीक जैसी अनुचित प्रथाओं पर अंकुश लगाने के लिए कड़े उपाय लागू करना है।
- राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान, केंद्रीय श्रम मंत्री ने गिग श्रमिकों (Gig Workers) को श्रम संहिताओं (Labour Codes) के तहत मान्यता देने और उनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए एक समर्पित ढांचा बनाने की बात कही, जिसमें ई-श्रम पोर्टल का उल्लेख किया गया।
- संसद सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा पुलिस कार्रवाई और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के मुद्दे पर सरकार पर आरोप लगाए गए, जिससे सदन में हंगामेदार दृश्य देखने को मिले।
संसद में चर्चा किए गए प्रमुख विधेयक और मुद्दे क्या हैं?
- राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गान के समान कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे इसके अपमान को दंडनीय बनाया जा सके। यह राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 का संशोधन है।
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक MSME क्षेत्र के लिए भुगतान प्रणालियों को सुव्यवस्थित करने, नियामक अनुपालन को सरल बनाने और विवाद समाधान तंत्र को मजबूत करने का प्रस्ताव करता है।
- सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026: यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों को रोकने के लिए कठोर प्रावधानों को लागू करता है, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
- गिग श्रमिक और सामाजिक सुरक्षा: सरकार ने गिग श्रमिकों को श्रम संहिताओं के तहत मान्यता दी है और उनके लिए एक सामाजिक सुरक्षा ढांचा तैयार किया है। ई-श्रम पोर्टल इन श्रमिकों को विभिन्न लाभों तक पहुँचने में मदद करता है।
- संसदीय प्रक्रिया और विपक्ष-सरकार टकराव: मानसून सत्र में विधायी कार्यों के साथ-साथ विपक्ष द्वारा विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास भी देखा गया, जिससे सदन की कार्यवाही में व्यवधान आया।
- राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971: यह अधिनियम भारत के राष्ट्रीय ध्वज, संविधान, राष्ट्रगान और भारत के मानचित्र सहित राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान को प्रतिबंधित करता है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 | यह विधेयक ‘वंदे मातरम’ के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या रोकने को दंडनीय अपराध बनाता है, जिससे राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी दर्जा प्राप्त होगा। |
| उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 | यह विधेयक उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रस्ताव करता है, जिससे लंबित मामलों को निपटाने में मदद मिलेगी। |
| सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 | भुगतान प्रणालियों में सुधार, अनुपालन को आसान बनाने और MSME से संबंधित विवादों के समाधान में तेजी लाने का लक्ष्य है। |
| सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 | परीक्षा में पेपर लीक और अनुचित साधनों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े उपाय पेश करता है, जिससे परीक्षाओं की शुचिता बनी रहे। |
| गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा | सरकार ने श्रम संहिताओं में गिग वर्कर्स को मान्यता दी है और उनके लिए एक समर्पित सामाजिक सुरक्षा ढांचा तैयार किया है, जिसमें ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा है। |
महत्व
सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व
- राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गान के समान सम्मान और कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है, जो राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान को बढ़ावा देगा।
- यह विधेयक राष्ट्रीय पहचान और एकता की भावना को मजबूत करने में सहायक हो सकता है।
न्यायिक प्रशासन
- उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि से न्यायिक प्रणाली पर बोझ कम होगा और मामलों के त्वरित निपटान में मदद मिलेगी।
- यह कदम न्याय तक पहुंच में सुधार और न्यायिक देरी को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
आर्थिक विकास एवं उद्यमिता
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 MSME क्षेत्र के लिए व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ाएगा, जिससे आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
- भुगतान प्रणालियों में सुधार और विवाद समाधान में तेजी से MSME क्षेत्र में निवेश और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
शासन और पारदर्शिता
- सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा, जिससे योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा और युवाओं में विश्वास बढ़ेगा।
- यह विधेयक भर्ती प्रक्रियाओं में निष्पक्षता और जवाबदेही को मजबूत करेगा।
श्रम कल्याण
- गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा ढांचा उनके आर्थिक और सामाजिक कल्याण को सुनिश्चित करेगा, जिससे अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों को सुरक्षा मिलेगी।
- यह कदम भारत में श्रम बाजार के बदलते स्वरूप को स्वीकार करता है और समावेशी विकास को बढ़ावा देता है।
चुनौतियाँ
1. राष्ट्रीय प्रतीकों पर बहस
- राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पर विपक्ष और सरकार के बीच टकराव राष्ट्रीय प्रतीकों के उपयोग और उनके सम्मान के दायरे पर व्यापक बहस को दर्शाता है।
- यह विधेयक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Expression) और राष्ट्रीय सम्मान के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौती प्रस्तुत करता है।
यूपीएससी लिंक: भारतीय संविधान, मौलिक अधिकार
2. न्यायिक रिक्तियां और दक्षता
- उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि के बावजूद, न्यायिक रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया और न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी एक चुनौती बनी हुई है।
- केवल संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि न्यायिक प्रणाली की समग्र दक्षता और जवाबदेही में सुधार भी आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: भारतीय न्यायपालिका, न्यायिक सुधार
3. MSME क्षेत्र की चुनौतियाँ
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 के बावजूद, MSME क्षेत्र को अभी भी ऋण तक पहुंच, बुनियादी ढांचे की कमी और बाजार प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
- विधेयक के प्रावधानों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: भारतीय अर्थव्यवस्था, औद्योगिक नीतियाँ
4. सार्वजनिक परीक्षाओं में कदाचार
- सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 के बावजूद, परीक्षा में कदाचार और पेपर लीक की घटनाओं को पूरी तरह से रोकना एक जटिल चुनौती है।
- प्रौद्योगिकी का उपयोग और सुरक्षा उपायों को लगातार अद्यतन करना आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
5. गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा का कार्यान्वयन
- गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा ढांचे का निर्माण एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके प्रभावी कार्यान्वयन और सभी पात्र श्रमिकों तक पहुंच सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
- पंजीकरण, लाभों का वितरण और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करना आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, श्रम कानून
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक | राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन स्थापित करने में संभावित चुनौतियाँ। |
| उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक | न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि के बावजूद, न्यायिक रिक्तियों को भरने और मामलों के त्वरित निपटान में देरी। |
| MSME विकास (संशोधन) विधेयक | MSME क्षेत्र के लिए ऋण तक पहुंच, बुनियादी ढांचे की कमी और बाजार प्रतिस्पर्धा जैसी अंतर्निहित चुनौतियाँ। |
| सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक | परीक्षा में कदाचार और पेपर लीक की घटनाओं को पूरी तरह से रोकने के लिए प्रभावी कार्यान्वयन और निरंतर निगरानी की आवश्यकता। |
| गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा | सामाजिक सुरक्षा ढांचे के प्रभावी कार्यान्वयन, पंजीकरण और सभी पात्र गिग वर्कर्स तक लाभों की पहुंच सुनिश्चित करने की चुनौती। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- ई-श्रम पोर्टल
आगे की राह
- राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, जिसमें व्यापक जन-चर्चा और सहमति शामिल हो।
- न्यायिक रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया को तेज किया जाना चाहिए और न्यायिक प्रणाली की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग तथा वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्रों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
- MSME क्षेत्र के लिए ऋण तक पहुंच, तकनीकी उन्नयन और बाजार लिंकेज को मजबूत करने हेतु व्यापक नीतिगत सहायता प्रदान की जानी चाहिए।
- सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी समाधानों, सख्त निगरानी और त्वरित न्याय प्रणाली को मजबूत किया जाना चाहिए।
- गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का प्रभावी ढंग से प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए और उनके पंजीकरण तथा लाभों तक पहुंच को आसान बनाया जाना चाहिए।
- संसद में रचनात्मक बहस और सहयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि महत्वपूर्ण विधेयकों पर सर्वसम्मति बन सके और विधायी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक · वंदे मातरम · राष्ट्रीय गीत · सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक · MSME विकास (संशोधन) विधेयक · सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक · श्रम संहिता · गिग श्रमिक · सामाजिक सुरक्षा · संसदीय सत्र · विधायी प्रक्रिया · संघवाद
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 19(1)(a)’, ‘note’: ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 124’, ‘note’: ‘उच्चतम न्यायालय की स्थापना और गठन’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 21’, ‘note’: ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 38’, ‘note’: ‘राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि करेगा’}
अवधारणा प्रवाह
संसदीय सत्र में विधेयक प्रस्तुत → विधेयकों पर सदन में चर्चा और मतदान → विधेयकों का दोनों सदनों से पारित होना → राष्ट्रपति की सहमति के बाद अधिनियम बनना → अधिनियमों का कार्यान्वयन और प्रभाव
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य ‘वंदे मातरम’ के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या रोकने को दंडनीय अपराध बनाना है।
2. यह विधेयक ‘वंदे मातरम’ को ‘जन गण मन’ के समान कानूनी दर्जा प्रदान करता है।
3. सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रस्ताव करता है, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल नहीं हैं।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 और 2 सही हैं क्योंकि विधेयक का उद्देश्य वंदे मातरम के गायन में बाधा डालने को दंडनीय बनाना और इसे राष्ट्रीय गान के समान कानूनी दर्जा देना है। कथन 3 गलत है क्योंकि विधेयक में मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है, जिससे कुल संख्या 38 हो जाएगी।
Q2. कथन (A): सरकार ने श्रम संहिताओं के तहत गिग श्रमिकों को मान्यता दी है और उनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए एक समर्पित ढांचा तैयार किया है।
कारण (R): गिग श्रमिक e-Shram पोर्टल पर पंजीकरण करके सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
- A और R दोनों सही हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है।
- A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
- A सही है, लेकिन R गलत है।
- A गलत है, लेकिन R सही है।
उत्तर: A और R दोनों सही हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है। — कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं। सरकार ने श्रम संहिताओं में गिग श्रमिकों को मान्यता दी है और उनके लिए एक सामाजिक सुरक्षा ढांचा बनाया है। e-Shram पोर्टल इस ढांचे का एक हिस्सा है जिसके माध्यम से गिग श्रमिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं, इस प्रकार कारण (R) कथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 के मुख्य प्रावधानों पर चर्चा करें। भारतीय संविधान के तहत राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को सुनिश्चित करने में ऐसे विधायी उपायों के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण करें। (15 अंक)
रूपरेखा: परिचय में विधेयक का संक्षिप्त उल्लेख करें। विधेयक के मुख्य प्रावधानों का विस्तार से वर्णन करें, विशेष रूप से ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गान के समान कानूनी दर्जा देने पर ध्यान केंद्रित करें। भारतीय संविधान के तहत राष्ट्रीय प्रतीकों के महत्व और उनके सम्मान को सुनिश्चित करने वाले मौजूदा कानूनों (जैसे राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971) का उल्लेख करें। ऐसे विधायी उपायों के महत्व पर चर्चा करें, जैसे राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना, देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना। समालोचनात्मक परीक्षण में इन उपायों से जुड़ी संभावित चुनौतियों या चिंताओं पर भी प्रकाश डालें, जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रभाव या कानून के दुरुपयोग की संभावना। निष्कर्ष में, राष्ट्रीय सम्मान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दें।
स्रोत: The Indian Express
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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