23 Sep विशेष अभियान 6: गृह मंत्रालय की स्वच्छता और सुधार मुहिम, जानिए तारीखें और लक्ष्य
✎ 'विशेष अभियान 6' सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, लंबित मामलों के निपटारे और कुशल कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए DARPG द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू, ई-गवर्नेंस अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही एवं संस्थागत तथा अन्य उपाय। | GS Paper IV — लोक प्रशासन में नैतिकता: स्थिति तथा समस्याएँ; नैतिक दुविधाएँ तथा निजी एवं सार्वजनिक संबंधों में नैतिक मुद्दे; शासन में ईमानदारी: लोक सेवा की अवधारणा; शासन और ईमानदारी का दार्शनिक आधार। सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, आचार संहिता, नागरिक चार्टर, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, सार्वजनिक धन का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।
- Prelims: विशेष अभियान 6, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG), गृह मंत्रालय (MHA), स्वच्छता अभियान, लंबित मामले, रिकॉर्ड प्रबंधन
- Essay: सुशासन और प्रभावी लोक सेवा वितरण, स्वच्छता और कार्य संस्कृति का महत्व
त्वरित पुनरावृत्ति: ‘विशेष अभियान 6’ सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, लंबित मामलों के निपटारे और कुशल कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए DARPG द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
गृह मंत्रालय (MHA) प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा आयोजित ‘विशेष अभियान 6’ में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए तैयार है। यह अभियान सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देने, कामकाज को सुव्यवस्थित करने और लंबित शिकायतों व संदर्भों का समाधान करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छता’ को संस्थागत बनाने और सरकार में लंबित मामलों को कम करने के विज़न को साकार करना है।
पृष्ठभूमि
- भारत में सुशासन (Good Governance) एक महत्वपूर्ण नीतिगत प्राथमिकता रही है, जिसका उद्देश्य सरकार के कामकाज में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है।
- लंबित सरकारी मामले, विशेष रूप से सार्वजनिक शिकायतें और अंतर-मंत्रालयी संदर्भ, अक्सर नागरिक सेवा वितरण में देरी और अक्षमता का कारण बनते हैं।
- प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) केंद्र सरकार के भीतर प्रशासनिक सुधारों, नागरिक-केंद्रित शासन और लोक शिकायत निवारण के लिए नोडल एजेंसी है।
- पूर्व में भी ‘विशेष अभियान’ के विभिन्न संस्करण (जैसे विशेष अभियान 5.0) सफलतापूर्वक चलाए गए हैं, जिन्होंने सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटारे और स्वच्छता में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
- स्वच्छता केवल भौतिक वातावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कार्य प्रक्रियाओं का सरलीकरण और रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार भी शामिल है, जो प्रभावी शासन के लिए आवश्यक हैं।
- डिजिटल इंडिया पहल के तहत, सरकारी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने और डेटा प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है, जिससे ऐसे अभियानों की निगरानी और कार्यान्वयन आसान हो जाता है।
‘विशेष अभियान 6’ क्या है?
- ‘विशेष अभियान 6’ प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा आयोजित एक राष्ट्रव्यापी अभियान है जिसमें गृह मंत्रालय (MHA) सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।
- इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देना, कामकाज को सुव्यवस्थित करना और विभिन्न श्रेणियों के लंबित मामलों व संदर्भों का निपटारा करना है।
- यह अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा: तैयारी का चरण (15 सितंबर से 30 सितंबर 2026) और लागू करने का चरण (2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026)।
- अभियान का विशेष ध्यान उन क्षेत्रीय और बाहरी कार्यालयों पर होगा जहाँ जनता का सीधा संपर्क होता है, ताकि नागरिक सेवा वितरण में सुधार हो सके।
- इसमें संसद सदस्यों के संदर्भ, राज्य सरकारों के संदर्भ, संसद के आश्वासन, अंतर-मंत्रालयी परामर्श, सार्वजनिक शिकायतें और अपील जैसे लंबित मामलों का निपटारा शामिल है।
- अभियान के तहत सतत और पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल बनाने पर भी जोर दिया जाएगा, जिसमें बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालय स्थान को खाली करना शामिल है।
- डेटा संग्रह और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए एक अंतर-मंत्रालय पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है, जिससे अभियान की प्रभावी निगरानी और समन्वय संभव हो सके।
- केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और केन्द्रीय पुलिस संगठनों (CPOs) को भी इस अभियान के महत्व के बारे में संवेदनशील बनाया गया है ताकि वे निर्धारित मानकों के अनुसार सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त कर सकें।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| स्वच्छता को संस्थागत बनाना | सरकारी कार्यालयों में स्थायी स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देना। |
| लंबित मामलों का निपटारा | संसद सदस्यों के संदर्भ, जन शिकायतें और अंतर-मंत्रालयी परामर्श जैसे लंबित मामलों का त्वरित समाधान। |
| बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन | दस्तावेज़ों और फ़ाइलों के कुशल रखरखाव को सुनिश्चित करना, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़े। |
| पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल | स्वच्छ, हरित और अधिक उत्पादक कार्यालय वातावरण का निर्माण करना। |
| जनता से सीधा संपर्क वाले कार्यालयों पर ध्यान | क्षेत्रीय और बाहरी कार्यालयों में सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना, जहाँ नागरिक सीधे बातचीत करते हैं। |
महत्व
प्रशासनिक महत्व
- यह अभियान सरकारी कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ावा देता है, जिससे नागरिकों को बेहतर सेवाएँ मिलती हैं।
- लंबित मामलों के निपटारे से प्रशासनिक बोझ कम होता है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेज़ी आती है।
- रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार से सूचना तक पहुँच आसान होती है और सरकारी प्रक्रियाओं में जवाबदेही बढ़ती है।
सामाजिक महत्व
- जन शिकायतों और अपीलों के त्वरित समाधान से नागरिकों का सरकार में विश्वास बढ़ता है।
- स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है, जिससे उनकी उत्पादकता में वृद्धि होती है।
शासन महत्व
- यह सुशासन (Good Governance) के सिद्धांतों को बढ़ावा देता है, जिसमें जवाबदेही, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रितता शामिल है।
- प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छता’ को संस्थागत बनाने के विज़न को साकार करने में मदद करता है, जो एक व्यापक राष्ट्रीय प्राथमिकता है।
चुनौतियाँ
1. कार्यान्वयन में एकरूपता
- विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में अभियान के मानकों का समान रूप से पालन सुनिश्चित करना एक चुनौती हो सकती है।
- क्षेत्रीय और बाहरी कार्यालयों तक पहुँच और निगरानी में कठिनाई आ सकती है।
यूपीएससी लिंक: शासन के मुद्दे
2. संसाधनों का आवंटन
- स्वच्छता और रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए पर्याप्त मानव और वित्तीय संसाधनों का आवंटन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
- प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के लिए संसाधनों की उपलब्धता एक चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप
3. प्रौद्योगिकी का उपयोग
- डेटा संग्रह और निगरानी के लिए अंतर-मंत्रालय पोर्टल के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करना।
- तकनीकी बाधाओं और डेटा अपलोड करने में कर्मचारियों के प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है।
यूपीएससी लिंक: ई-गवर्नेंस
4. स्थायी प्रभाव
- अभियान के समाप्त होने के बाद भी स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटारे की प्रथाओं को बनाए रखना।
- कर्मचारियों के व्यवहार में स्थायी बदलाव लाना एक दीर्घकालिक चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: लोक प्रशासन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| लंबित मामलों का ढेर | सरकारी कामकाज में देरी, नागरिकों की असुविधा और प्रशासनिक अक्षमता। |
| खराब रिकॉर्ड प्रबंधन | सूचना तक पहुँच में बाधा, पारदर्शिता की कमी और जवाबदेही पर नकारात्मक प्रभाव। |
| अस्वच्छ कार्यस्थल | कर्मचारियों के स्वास्थ्य और मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव, उत्पादकता में कमी। |
| स्थायी समाधान की कमी | अभियान-आधारित दृष्टिकोण के बाद पुरानी आदतों में वापस लौटने का जोखिम। |
| प्रौद्योगिकी का सीमित उपयोग | डेटा संग्रह और निगरानी में मैन्युअल हस्तक्षेप से त्रुटियों की संभावना। |
आगे की राह
- सभी मंत्रालयों और विभागों में अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक समान और व्यापक रणनीति विकसित की जाए।
- कर्मचारियों को स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटारे के महत्व के बारे में नियमित रूप से प्रशिक्षित और संवेदनशील बनाया जाए।
- अभियान के बाद भी स्थायी प्रथाओं को बनाए रखने के लिए एक दीर्घकालिक निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए।
- डेटा संग्रह और विश्लेषण के लिए अंतर-मंत्रालय पोर्टल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए, और तकनीकी सहायता प्रदान की जाए।
- नागरिकों से प्राप्त प्रतिक्रिया को अभियान की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने और आवश्यक सुधार करने के लिए उपयोग किया जाए।
- उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाए ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हों।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
विशेष अभियान 6 · प्रशासनिक सुधार · लोक शिकायत निवारण · स्वच्छता अभियान · ई-ऑफिस · कार्यस्थल प्रबंधन · लंबित मामलों का निपटारा · डिजिटल शासन · नागरिक केंद्रित प्रशासन · सुशासन
अवधारणा प्रवाह
प्रधानमंत्री का ‘स्वच्छता’ और लंबित मामलों को कम करने का विज़न → DARPG द्वारा ‘विशेष अभियान 6’ का आयोजन → गृह मंत्रालय की सक्रिय भागीदारी → स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन और लंबित मामलों का निपटारा → दक्षता, पारदर्शिता और सुशासन में वृद्धि → नागरिकों को बेहतर सेवाएँ और सरकारी कामकाज में सुधार
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ‘विशेष अभियान 6’ का आयोजन गृह मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।
2. इस अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देना और लंबित मामलों का निपटारा करना है।
3. यह अभियान केवल केंद्रीय मंत्रालयों तक ही सीमित है, इसमें राज्य सरकारें शामिल नहीं हैं।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि ‘विशेष अभियान 6’ का आयोजन प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें गृह मंत्रालय सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। कथन 2 सही है क्योंकि अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता और लंबित मामलों का निपटारा है। कथन 3 गलत है क्योंकि अभियान में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) और केंद्रीय पुलिस संगठन (CPOs) के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेशों और दिल्ली पुलिस भी शामिल हैं, और राज्य सरकारों से संबंधित संदर्भों का भी निपटारा किया जा रहा है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा ‘विशेष अभियान 6’ का एक प्रमुख फोकस क्षेत्र नहीं है?
- सतत और पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल बनाना
- संसद सदस्यों के संदर्भों का निपटारा
- नई सरकारी नीतियों का निर्माण
- सार्वजनिक शिकायतों और अपीलों का समाधान
उत्तर: नई सरकारी नीतियों का निर्माण — ‘विशेष अभियान 6’ का मुख्य फोकस स्वच्छता, लंबित मामलों का निपटारा, रिकॉर्ड प्रबंधन और पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल बनाना है। नई सरकारी नीतियों का निर्माण इस अभियान का प्रत्यक्ष फोकस क्षेत्र नहीं है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा संचालित ‘विशेष अभियान’ सरकारी कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता लाने में किस हद तक सफल रहा है? इस संदर्भ में, ‘विशेष अभियान 6’ के उद्देश्यों और अपेक्षित परिणामों का विश्लेषण कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: परिचय: ‘विशेष अभियान’ की अवधारणा और DARPG की भूमिका का संक्षिप्त परिचय।
मुख्य भाग:
1. ‘विशेष अभियान’ की सफलता का मूल्यांकन:
– पिछले अभियानों (जैसे विशेष अभियान 5.0) की उपलब्धियाँ (जैसे स्वच्छता अभियान, लंबित शिकायतों का निपटारा, कार्यालय स्थान खाली कराना)।
– दक्षता और पारदर्शिता में वृद्धि के उदाहरण।
– रिकॉर्ड प्रबंधन और डिजिटलकरण (अंतर-मंत्रालय पोर्टल) में सुधार।
– सुशासन (Good Governance) और नागरिक केंद्रित प्रशासन में योगदान।
– चुनौतियों और सीमाओं पर भी संक्षिप्त चर्चा।
2. ‘विशेष अभियान 6’ के उद्देश्य और अपेक्षित परिणाम:
– स्वच्छता को संस्थागत बनाना।
– लंबित संदर्भों (सांसद, राज्य सरकार, पीएमओ, अंतर-मंत्रालयी परामर्श) का निपटारा।
– सार्वजनिक शिकायतों और अपीलों का समाधान।
– सतत और पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल का निर्माण।
– बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन और उत्पादकता में वृद्धि।
– केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और केंद्रीय पुलिस संगठनों (CPOs) की भागीदारी।
निष्कर्ष: भारत में प्रशासनिक सुधारों और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने में ऐसे अभियानों के महत्व पर एक संतुलित दृष्टिकोण।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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