26 Sep संयुक्त राष्ट्र ने उत्तरी इथियोपिया में युद्ध विस्तार पर गंभीर चिंता व्यक्त की

✎ इथियोपिया में बढ़ता संघर्ष मानवीय संकट को गहरा कर रहा है, जिसके लिए संयुक्त राष्ट्र और अफ्रीकी संघ जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठन शांतिपूर्ण समाधान और मानवीय पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध | GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा
- Prelims: इथियोपिया, तिग्रे क्षेत्र, अफ्रीकी संघ, संयुक्त राष्ट्र, मानवीय सहायता, एल नीनो
- Essay: संघर्ष और शांति स्थापना में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की भूमिका, मानवीय संकट और वैश्विक प्रतिक्रिया
त्वरित पुनरावृत्ति: इथियोपिया में बढ़ता संघर्ष मानवीय संकट को गहरा कर रहा है, जिसके लिए संयुक्त राष्ट्र और अफ्रीकी संघ जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठन शांतिपूर्ण समाधान और मानवीय पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं।
यह खबर चर्चा में क्यों?
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने उत्तरी इथियोपिया में सुरक्षा स्थिति के लगातार बिगड़ने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है, जहाँ कई मोर्चों पर लड़ाई फैल रही है और मानवीय अभियानों में बाधा आ रही है। संयुक्त राष्ट्र ने ड्रोन के उपयोग और नागरिकों को हुए नुकसान की खबरों पर विशेष चिंता जताई है, और सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने तथा बातचीत के माध्यम से अपने मतभेदों को सुलझाने का आग्रह किया है।
पृष्ठभूमि
- 2020-2022 का तिग्रे युद्ध इथियोपिया की संघीय सरकार और क्षेत्र की पूर्व सत्तारूढ़ पार्टी, TPLF, के बीच राजनीतिक तनाव के बाद नवंबर 2020 में सरकारी सैनिकों और तिग्रेई मिलिशिया के बीच लड़ाई के रूप में शुरू हुआ था।
- इरिट्रियाई सेनाएं सरकार के पक्ष में शामिल हो गईं, और संघर्ष पड़ोसी क्षेत्रों में फैल गया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र ने व्यापक अत्याचारों का दस्तावेजीकरण किया और अकाल जैसी स्थितियों की चेतावनी दी, इससे पहले कि यह दो साल बाद समाप्त हो गया।
- संयुक्त राष्ट्र ने अफ्रीकी संघ (African Union) की मध्यस्थता में नवंबर 2022 के शांति समझौते का स्वागत किया, हालांकि इसने कार्यान्वयन में धीमी प्रगति को शांति के लिए एक जोखिम के रूप में लगातार चिह्नित किया है, जो अब इस सप्ताह के बढ़ते तनाव से खतरे में है।
- समाचार रिपोर्टों के अनुसार, तिग्रे क्षेत्र में इंटरनेट और कॉल सेवाएं बड़े पैमाने पर काट दी गई हैं। नकदी और बैंक ATM तक पहुंच की कमी के कारण कई लोग बैंकिंग और मोबाइल लेनदेन पर निर्भर हैं।
- संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) ने कहा कि यह वृद्धि पहले से ही पर्याप्त जरूरतों को बढ़ा सकती है, जिसमें तिग्रे में पिछले संघर्ष से विस्थापित नागरिक भी शामिल हैं, एक ऐसा क्षेत्र जो एल नीनो (El Niño) मौसम पैटर्न से जुड़े औसत से कम वर्षा का भी अनुभव कर रहा है।
इथियोपिया में संघर्ष और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- इथियोपिया, अफ्रीका के हॉर्न (Horn of Africa) क्षेत्र में स्थित एक देश है, जो जातीय और क्षेत्रीय तनावों के कारण आंतरिक संघर्षों से जूझ रहा है।
- तिग्रे क्षेत्र में संघर्ष इथियोपिया की संघीय सरकार और तिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (TPLF) के बीच राजनीतिक मतभेदों का परिणाम है।
- संघर्ष के दौरान, मानवीय सहायता अभियानों में गंभीर बाधाएं आई हैं, जिससे लाखों लोग खाद्य असुरक्षा और विस्थापन का सामना कर रहे हैं।
- संयुक्त राष्ट्र और अफ्रीकी संघ जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठन संघर्ष को कम करने और शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए मध्यस्थता के प्रयास कर रहे हैं।
- मानवीय सहायता एजेंसियों को संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित और निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्षों से आग्रह किया गया है ताकि जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
- ड्रोन हमलों और नागरिकों को नुकसान की रिपोर्टों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है, जिससे युद्ध अपराधों की संभावना पर ध्यान केंद्रित हो रहा है।
- एल नीनो जैसे जलवायु पैटर्न भी इस क्षेत्र में मानवीय संकट को बढ़ा रहे हैं, जिससे सूखे और खाद्य असुरक्षा की स्थिति और खराब हो रही है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| उत्तरी इथियोपिया में संघर्ष का प्रसार | यह संघर्ष टिग्रे, अम्हारा और अफार क्षेत्रों में फैल गया है, जिससे मानवीय संकट गहरा रहा है और शांति समझौते को खतरा है। |
| ड्रोन का उपयोग और नागरिकों को नुकसान | संघर्ष में ड्रोन के उपयोग से नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन की आशंका है। |
| इंटरनेट और संचार सेवाओं में व्यवधान | टिग्रे क्षेत्र में इंटरनेट और कॉल सेवाओं में कटौती से मानवीय सहायता वितरण और लोगों की बैंकिंग व मोबाइल लेनदेन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। |
| मानवीय सहायता अभियानों में बाधा | संघर्ष के कारण सड़क बंद होने, ड्रोन हमलों और मानवीय वाहनों की जब्ती से जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना मुश्किल हो गया है। |
| अल नीनो का प्रभाव | कम वर्षा के कारण सूखे जैसी स्थिति पैदा हो रही है, जिससे मौजूदा मानवीय आवश्यकताएं और बढ़ रही हैं। |
| अफ्रीकी संघ (AU) की मध्यस्थता | 2022 के शांति समझौते में AU की मध्यस्थता महत्वपूर्ण थी, और अब भी संवाद फिर से शुरू करने में इसकी भूमिका अहम है। |
महत्व
भू-राजनीतिक महत्व
- इथियोपिया हॉर्न ऑफ अफ्रीका (Horn of Africa) में एक महत्वपूर्ण देश है, और यहां की अस्थिरता पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकती है।
- संघर्ष से क्षेत्रीय शक्तियों, जैसे इरिट्रिया, की भागीदारी बढ़ सकती है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।
- यह संघर्ष अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक चुनौती प्रस्तुत करता है कि वह कैसे शांति स्थापना और मानवीय सहायता सुनिश्चित करे।
मानवीय संकट
- संघर्ष के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए हैं और उन्हें भोजन, पानी तथा चिकित्सा सहायता की तत्काल आवश्यकता है।
- मानवीय सहायता अभियानों में बाधाओं के कारण अकाल जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा है, खासकर अल नीनो के प्रभाव में।
- नागरिकों, विशेषकर बच्चों और महिलाओं पर हिंसा का खतरा बढ़ गया है।
अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार
- संघर्ष में ड्रोन के उपयोग और नागरिकों को नुकसान की रिपोर्टें युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों के उल्लंघन की चिंताएं बढ़ाती हैं।
- सभी पक्षों को अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
- संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठन संघर्ष विराम और शांतिपूर्ण समाधान के लिए दबाव डाल रहे हैं।
चुनौतियाँ
1. संघर्ष का प्रसार और नागरिक सुरक्षा
- संघर्ष का टिग्रे से अम्हारा और अफार तक फैलना नागरिकों के लिए खतरा बढ़ा रहा है।
- ड्रोन हमलों और नागरिकों को नुकसान की रिपोर्टें चिंताजनक हैं।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय संबंध, मानवाधिकार
2. मानवीय सहायता तक पहुंच में बाधा
- सड़क बंद होने, ड्रोन हमलों और मानवीय वाहनों की जब्ती से सहायता वितरण बाधित हो रहा है।
- लाखों विस्थापित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय संबंध, आपदा प्रबंधन
3. शांति समझौते का कार्यान्वयन
- नवंबर 2022 के शांति समझौते के कार्यान्वयन में धीमी प्रगति ने वर्तमान वृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया है।
- संवाद फिर से शुरू करना और समझौते की शर्तों का पालन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय संबंध, शांति स्थापना
4. संचार सेवाओं में व्यवधान
- इंटरनेट और कॉल सेवाओं में कटौती से सूचना का प्रवाह बाधित होता है और मानवीय प्रतिक्रिया में बाधा आती है।
- यह बैंकिंग और मोबाइल लेनदेन पर निर्भर लोगों के लिए भी समस्याएँ पैदा करता है।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय संबंध, शासन
5. जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
- अल नीनो के कारण कम वर्षा से सूखे जैसी स्थिति पैदा हो रही है, जिससे मौजूदा मानवीय आवश्यकताएं और बढ़ रही हैं।
- यह खाद्य सुरक्षा और जल उपलब्धता पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण, आपदा प्रबंधन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| संघर्ष का भौगोलिक प्रसार | टिग्रे से अम्हारा और अफार तक संघर्ष का विस्तार, जिससे अधिक नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। |
| ड्रोन का उपयोग और नागरिक हताहत | संघर्ष में ड्रोन के उपयोग से नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा और मानवाधिकारों का उल्लंघन। |
| मानवीय सहायता तक पहुंच में बाधा | सड़क बंद होने, ड्रोन हमलों और मानवीय वाहनों की जब्ती के कारण सहायता वितरण में गंभीर बाधाएं। |
| संचार सेवाओं का निलंबन | टिग्रे क्षेत्र में इंटरनेट और कॉल सेवाओं में कटौती, जिससे सूचना का अभाव और मानवीय कार्यों में बाधा। |
| शांति समझौते का कमजोर कार्यान्वयन | 2022 के शांति समझौते के कार्यान्वयन में धीमी प्रगति ने वर्तमान संघर्ष को बढ़ावा दिया है। |
| जलवायु परिवर्तन और अल नीनो | कम वर्षा और सूखे जैसी स्थिति, जिससे मानवीय आवश्यकताएं और खाद्य असुरक्षा बढ़ रही है। |
आगे की राह
- सभी संघर्षरत पक्षों को तत्काल शत्रुता समाप्त करनी चाहिए और अधिकतम संयम बरतना चाहिए।
- संयुक्त राष्ट्र और अफ्रीकी संघ की मध्यस्थता में 2022 के शांति समझौते के तहत संवाद फिर से शुरू किया जाना चाहिए।
- मानवीय सहायता संगठनों को बिना किसी बाधा के सभी जरूरतमंद लोगों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
- नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
- इंटरनेट और संचार सेवाओं को बहाल किया जाना चाहिए ताकि सूचना का प्रवाह और मानवीय प्रतिक्रिया सुगम हो सके।
- संघर्ष के मूल कारणों को संबोधित करने के लिए दीर्घकालिक समाधानों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए, जिसमें राजनीतिक संवाद और समावेशी शासन शामिल है।
- जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और सूखे जैसी स्थितियों से निपटने के लिए अनुकूलन रणनीतियों को मजबूत किया जाना चाहिए।
- अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इथियोपिया में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए एकजुट प्रयास करने चाहिए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
इथियोपिया संघर्ष · उत्तरी इथियोपिया · संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता · संघर्ष का प्रसार · शांति समझौता 2022 · अफ्रीकी संघ मध्यस्थता · नागरिकों पर प्रभाव · मानवीय पहुंच · संघर्ष समाधान · अंतर्राष्ट्रीय कानून · अल नीनो प्रभाव · क्षेत्रीय स्थिरता
अवधारणा प्रवाह
राजनीतिक तनाव और संघर्ष (2020-2022 टिग्रे युद्ध) → नवंबर 2022 का शांति समझौता (अफ्रीकी संघ की मध्यस्थता) → समझौते के कार्यान्वयन में धीमी प्रगति → उत्तरी इथियोपिया में संघर्ष का फिर से बढ़ना (वर्तमान स्थिति) → मानवीय संकट का गहराना और नागरिक सुरक्षा पर खतरा → अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंता और शांति के लिए आह्वान
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. इथियोपिया में टिग्रे युद्ध 2020 में शुरू हुआ था और यह इथियोपियाई संघीय सरकार तथा टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (TPLF) के बीच राजनीतिक तनाव का परिणाम था।
2. 2022 का शांति समझौता संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुआ था।
3. अल नीनो मौसम पैटर्न का उत्तरी इथियोपिया में सूखे की स्थिति को बढ़ाने का अनुमान है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। टिग्रे युद्ध 2020 में शुरू हुआ था और यह संघीय सरकार तथा TPLF के बीच तनाव का परिणाम था। कथन 2 गलत है। 2022 का शांति समझौता अफ्रीकी संघ (African Union) की मध्यस्थता से हुआ था, न कि संयुक्त राष्ट्र की। कथन 3 सही है। अल नीनो मौसम पैटर्न उत्तरी इथियोपिया में सूखे की स्थिति को बढ़ा सकता है।
Q2. इथियोपिया के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र हाल ही में संघर्ष के प्रसार से प्रभावित हुआ है?
- ओरोमिया और सोमाली
- अम्हारा और अफ़ार
- बेनिशांगुल-गुमुज़ और गैम्बेला
- सिदामा और दक्षिण पश्चिम
उत्तर: अम्हारा और अफ़ार — समाचार के अनुसार, उत्तरी इथियोपिया में अम्हारा (Amhara) और अफ़ार (Afar) क्षेत्रों में भी लड़ाई फैल गई है, जिससे मानवीय सहायता कार्यों में बाधा आ रही है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ उत्तरी इथियोपिया में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और मानवीय संकट पर संयुक्त राष्ट्र की चिंता पर चर्चा करें। इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में अफ्रीकी संघ (African Union) जैसे क्षेत्रीय संगठनों की भूमिका का भी मूल्यांकन करें। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** उत्तरी इथियोपिया में हालिया संघर्ष के प्रसार और संयुक्त राष्ट्र (United Nations) द्वारा व्यक्त गंभीर चिंता का संक्षिप्त परिचय। टिग्रे युद्ध (Tigray War) (2020-2022) और 2022 के शांति समझौते का उल्लेख।
2. **बिगड़ती सुरक्षा स्थिति:**
* संघर्ष का अम्हारा (Amhara) और अफ़ार (Afar) जैसे पड़ोसी क्षेत्रों में फैलना।
* ड्रोन हमलों और नागरिकों को होने वाले नुकसान की रिपोर्ट।
* इंटरनेट और संचार सेवाओं में व्यवधान।
3. **मानवीय संकट:**
* मानवीय अभियानों में बाधाएँ (खाद्य सहायता ट्रकों पर हमले, सड़क बंद होना)।
* विस्थापित लोगों की बढ़ती संख्या और उनकी आवश्यकताएँ।
* अल नीनो (El Niño) मौसम पैटर्न के कारण सूखे की स्थिति का बढ़ना, जिससे खाद्य असुरक्षा और बढ़ेगी।
* संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (UN High Commissioner for Human Rights) की चिंताएँ (स्कूलों पर हवाई हमले)।
4. **अफ्रीकी संघ (AU) की भूमिका का मूल्यांकन:**
* 2022 के शांति समझौते में AU की मध्यस्थता की सफलता।
* शांति प्रक्रिया के कार्यान्वयन में धीमी प्रगति पर चिंताएँ।
* वर्तमान संकट को कम करने और संवाद फिर से शुरू करने में AU के विशेष दूतों और क्षेत्रीय निकायों (जैसे IGAD) के साथ समन्वय का महत्व।
* क्षेत्रीय स्वामित्व और समाधान के महत्व पर बल।
5. **निष्कर्ष:** इथियोपिया में स्थायी शांति और मानवीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और क्षेत्रीय संगठनों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर। संवाद और संयम के महत्व को रेखांकित करें।
स्रोत: news.un.org
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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