आंध्र प्रदेश में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्टता केंद्र: प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग की शुरुआत

Centre of Excellence for Tribal students in A.P.’s Marikavalasa to provide competitive exam coaching — labelled illustration

आंध्र प्रदेश में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्टता केंद्र: प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग की शुरुआत

✎ आंध्र प्रदेश के मारिकावलसा में जनजातीय छात्रों के लिए स्थापित उत्कृष्टता केंद्र NEET और IIT-JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाने का लक्ष्य रखता है।

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — सामाजिक न्याय: कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं  |  GS Paper II — शिक्षा: मानव संसाधन का विकास
  • Prelims: उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence), अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe – ST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (Eklavya Model Residential Schools), NEET, IIT-JEE, आंध्र प्रदेश जनजातीय कल्याण आवासीय शैक्षिक संस्थान सोसायटी (APTWREIS)
  • Essay: भारत में समावेशी शिक्षा और जनजातीय सशक्तिकरण, आकांक्षी भारत के निर्माण में शिक्षा की भूमिका

त्वरित पुनरावृत्ति: आंध्र प्रदेश के मारिकावलसा में जनजातीय छात्रों के लिए स्थापित उत्कृष्टता केंद्र NEET और IIT-JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाने का लक्ष्य रखता है।

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

यह खबर चर्चा में क्यों?

आंध्र प्रदेश सरकार ने विशाखापत्तनम के मारिकावलसा में जनजातीय छात्रों के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence – CoE) स्थापित किया है। इस केंद्र का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों को राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान संयुक्त प्रवेश परीक्षा (IIT-JEE) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गहन कोचिंग प्रदान करना है, ताकि प्रमुख शिक्षण संस्थानों में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सके। यह पहल राज्य सरकार द्वारा जनजातीय कल्याण विभाग के तहत शिक्षा के स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पृष्ठभूमि

  • जनजातीय समुदायों के शैक्षिक उत्थान के लिए विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) प्रमुख हैं।
  • EMRS की स्थापना जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण मध्य और उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए की गई है, जिसमें खेल और कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाता है।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में जनजातीय छात्रों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए विशेष कोचिंग और सहायता की आवश्यकता महसूस की जाती रही है, क्योंकि वे अक्सर संसाधनों और मार्गदर्शन की कमी का सामना करते हैं।
  • आंध्र प्रदेश जनजातीय कल्याण आवासीय शैक्षिक संस्थान सोसायटी (APTWREIS) राज्य में जनजातीय छात्रों के लिए आवासीय विद्यालयों और शैक्षिक सुविधाओं का प्रबंधन करती है।
  • यह उत्कृष्टता केंद्र पिछड़े वर्गों और सामाजिक कल्याण विभागों के तहत कार्यरत इसी तरह के केंद्रों की तर्ज पर स्थापित किया गया है, जो एक सफल मॉडल का अनुसरण करता है।

उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) क्या है?

  • उत्कृष्टता केंद्र एक विशेष संस्थान या सुविधा है जिसे किसी विशिष्ट क्षेत्र में उच्च-स्तरीय शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान प्रदान करने के लिए स्थापित किया जाता है।
  • मारिकावलसा में स्थापित यह केंद्र अनुसूचित जनजाति के छात्रों को NEET और IIT-JEE जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गहन और विशेष कोचिंग प्रदान करेगा।
  • इस केंद्र में 600 इंटरमीडिएट छात्रों (300 लड़के और 300 लड़कियां) के लिए प्रवेश की स्वीकृति है, जिनका चयन योग्यता-आधारित प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
  • कोचिंग के लिए नोएडा स्थित ‘फिजिक्स वाला’ (Physics Wallah) जैसी प्रतिष्ठित एजेंसी को शामिल किया गया है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करेगी।
  • यह केंद्र सह-शैक्षिक प्रारूप (co-educational format) अपनाएगा, जो एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के समान है, लेकिन लड़कों और लड़कियों के लिए अलग छात्रावास और कक्षाएं होंगी।
  • छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे, समर्पित वार्डन और उन्नत सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं।
  • इस पहल का मुख्य उद्देश्य जनजातीय छात्रों को देश के प्रमुख इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में प्रवेश पाने में सहायता करना है, जिससे उनका सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण हो सके।
  • विशाखापत्तनम को एक शैक्षिक केंद्र के रूप में इसकी स्थिति और उत्तरी आंध्र एजेंसी तथा मैदानी क्षेत्रों के छात्रों के लिए परिवहन व अन्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मारिकावलसा को चुना गया है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
जनजातीय छात्रों के लिए उत्कृष्टता केंद्र अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों को NEET और IIT-JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गहन कोचिंग प्रदान करना।
सह-शैक्षणिक प्रारूप एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (Eklavya Model Residential Schools) की तर्ज पर लड़कों और लड़कियों के लिए अलग छात्रावास और कक्षाएँ।
600 छात्रों की स्वीकृत क्षमता 300 लड़के और 300 लड़कियाँ, योग्यता-आधारित प्रक्रिया से चयनित।
विशेषज्ञ कोचिंग एजेंसी Physics Wallah, नोएडा को कोचिंग प्रदान करने के लिए नियुक्त किया गया।
विशाखापत्तनम में स्थान शैक्षिक केंद्र के रूप में विशाखापत्तनम की स्थिति और परिवहन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए।

महत्व

सामाजिक समावेशन और समानता

  • यह पहल अनुसूचित जनजाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर प्रदान करके सामाजिक समावेश को बढ़ावा देती है।
  • यह शिक्षा के क्षेत्र में मौजूदा असमानताओं को कम करने और हाशिए पर पड़े समुदायों के छात्रों को सशक्त बनाने में मदद करती है।

शैक्षिक सशक्तिकरण

  • उत्कृष्टता केंद्र जनजातीय छात्रों को देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पाने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करता है।
  • यह उच्च शिक्षा में जनजातीय प्रतिनिधित्व को बढ़ाने और उनके लिए बेहतर करियर के अवसर खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मानव संसाधन विकास

  • जनजातीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके, यह पहल देश के समग्र मानव संसाधन विकास में योगदान करती है।
  • यह शिक्षित और कुशल जनजातीय पेशेवरों के एक पूल का निर्माण करेगी जो विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं।

चुनौतियाँ

1. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच

  • दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और शैक्षिक संसाधनों तक पहुँच एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
  • शिक्षकों की उपलब्धता, अद्यतन पाठ्यक्रम सामग्री और आधुनिक शिक्षण विधियों का अभाव भी एक समस्या है।

2. बुनियादी ढाँचा और सुविधाएँ

  • आवासीय विद्यालयों में पर्याप्त बुनियादी ढाँचा, जैसे कि अच्छी तरह से सुसज्जित कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय और सुरक्षित छात्रावास सुविधाओं की कमी।
  • स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवा और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी चुनौतियाँ आती हैं।

3. सांस्कृतिक और भाषाई बाधाएँ

  • जनजातीय छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में सांस्कृतिक और भाषाई बाधाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे सीखने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
  • पाठ्यक्रम सामग्री का उनकी स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक संदर्भों से जुड़ा न होना भी एक चुनौती है।

4. ड्रॉपआउट दर और प्रतिधारण

  • जनजातीय छात्रों में उच्च ड्रॉपआउट दर और शिक्षा पूरी करने में कम प्रतिधारण दर एक गंभीर चिंता का विषय है।
  • गरीबी, पारिवारिक जिम्मेदारियाँ और शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
आवासीय विद्यालय का स्थानांतरण छात्रों और अभिभावकों द्वारा विरोध प्रदर्शन, जिससे शैक्षणिक निरंतरता पर चिंताएँ।
बुनियादी ढाँचे का उन्नयन उत्कृष्टता केंद्र के लिए आवश्यक आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करना।
शिक्षण स्टाफ की गुणवत्ता प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेषज्ञ और अनुभवी शिक्षकों की निरंतर उपलब्धता।
छात्रों का अनुकूलन नए वातावरण और गहन कोचिंग कार्यक्रम में छात्रों के अनुकूलन को सुनिश्चित करना।
निगरानी और मूल्यांकन केंद्र के प्रदर्शन और छात्रों की प्रगति की प्रभावी निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली का अभाव।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (Eklavya Model Residential Schools)

आगे की राह

  • जनजातीय छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करने हेतु दूरदराज के क्षेत्रों में ऐसे और उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएँ।
  • आवासीय विद्यालयों में आधुनिक बुनियादी ढाँचे, सुरक्षित छात्रावास और पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास किया जाए।
  • जनजातीय छात्रों की सांस्कृतिक और भाषाई पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए शिक्षण सामग्री और विधियों को अनुकूलित किया जाए।
  • शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रभावी कोचिंग प्रदान कर सकें।
  • छात्रों के ड्रॉपआउट को कम करने और प्रतिधारण दर बढ़ाने के लिए छात्रवृत्ति, परामर्श और सहायता कार्यक्रमों को मजबूत किया जाए।
  • केंद्र के प्रदर्शन की नियमित निगरानी और मूल्यांकन किया जाए ताकि इसकी प्रभावशीलता में सुधार किया जा सके।
  • जनजातीय समुदायों और अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

जनजातीय शिक्षा · उत्कृष्टता केंद्र · एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय · अनुसूचित जनजाति सशक्तिकरण · शैक्षिक समावेशन · राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) · IIT संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) · कौशल विकास · सामाजिक न्याय · सरकारी पहल

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 46’, ‘note’: ‘अनुसूचित जनजातियों के शैक्षिक हितों को बढ़ावा’}

अवधारणा प्रवाह

जनजातीय छात्रों के लिए शैक्षिक असमानताएँ  →  प्रतिष्ठित संस्थानों में कम प्रतिनिधित्व  →  उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना  →  प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गहन कोचिंग  →  उच्च शिक्षा में जनजातीय प्रतिनिधित्व में वृद्धि  →  सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) केवल अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए स्थापित किए गए हैं। 2. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है। 3. संविधान का अनुच्छेद 46 राज्य को अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य कमजोर वर्गों के शैक्षिक और आर्थिक हितों को बढ़ावा देने का निर्देश देता है। उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल तीन — कथन 1 सही है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण मध्य और उच्च-स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किए गए हैं। कथन 2 सही है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का मुख्य उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है। कथन 3 सही है। संविधान का अनुच्छेद 46 राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों के तहत अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य कमजोर वर्गों के शैक्षिक और आर्थिक हितों को विशेष देखभाल के साथ बढ़ावा देने का निर्देश देता है।

Q2. उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) के संबंध में, निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? 1. यह आंध्र प्रदेश के मारिकावलसा में अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए स्थापित किया गया है। 2. इसका मुख्य उद्देश्य NEET और IIT-JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गहन कोचिंग प्रदान करना है। 3. यह एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर सह-शैक्षणिक प्रारूप अपनाता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनें:

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — कथन 1 सही है। उत्कृष्टता केंद्र आंध्र प्रदेश के मारिकावलसा में स्थापित किया गया है। कथन 2 सही है। इसका प्राथमिक उद्देश्य अनुसूचित जनजाति के छात्रों को NEET और IIT-JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। कथन 3 सही है। यह एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर सह-शैक्षणिक प्रारूप अपनाता है, जिसमें लड़कों और लड़कियों के लिए अलग छात्रावास और कक्षाएँ हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ जनजातीय छात्रों के लिए उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना शैक्षिक समावेशन और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत में जनजातीय शिक्षा के समक्ष प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा करें और इन चुनौतियों का समाधान करने में ऐसे केंद्रों की भूमिका का मूल्यांकन करें। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना: परिचय में जनजातीय शिक्षा के महत्व और उत्कृष्टता केंद्र जैसी पहलों का संक्षिप्त उल्लेख करें। मुख्य भाग में, भारत में जनजातीय शिक्षा के समक्ष प्रमुख चुनौतियों को विस्तार से बताएं, जैसे भौगोलिक बाधाएँ, सांस्कृतिक अंतर, भाषा बाधाएँ, शिक्षकों की कमी, बुनियादी ढांचे का अभाव, ड्रॉपआउट दर, और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच की कमी। इसके बाद, उत्कृष्टता केंद्रों की भूमिका का मूल्यांकन करें कि वे इन चुनौतियों का समाधान कैसे कर सकते हैं (जैसे गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, आवासीय सुविधाएँ, सुरक्षित वातावरण, विशेष पाठ्यक्रम, प्रेरणा और मार्गदर्शन)। निष्कर्ष में, जनजातीय छात्रों के समग्र विकास और राष्ट्रीय मुख्यधारा में उनके समावेशन के लिए ऐसी पहलों के महत्व पर जोर दें और आगे के सुधारों का सुझाव दें।

स्रोत: The Hindu


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


Related guides on our sites

No Comments

Post A Comment