25 Sep एससीडीपीएम 6.0: पेंशन विभाग ने लंबित मामलों के निपटान के लिए शुरू किए लक्ष्य
✎ लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान (SCDPM) सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने, अभिलेख प्रबंधन में सुधार करने और 'नियमों में सरलता' के माध्यम से नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू, नागरिक चार्टर | GS Paper IV — लोक प्रशासन में नैतिकता, शासन में ईमानदारी
- Prelims: लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान (SCDPM), पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW), प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG), स्वच्छता ही सेवा, ई-फाइलें, जन शिकायत निवारण तंत्र
- Essay: सुशासन और नागरिक-केंद्रित प्रशासन: चुनौतियाँ और समाधान, भारत में प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता और महत्व
त्वरित पुनरावृत्ति: लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान (SCDPM) सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने, अभिलेख प्रबंधन में सुधार करने और ‘नियमों में सरलता’ के माध्यम से नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा ‘लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान 6.0’ (SCDPM 6.0) के शुभारंभ के बाद, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने वर्ष 2026 के लिए इस अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करना, अभिलेख प्रबंधन में सुधार करना और ‘नियमों में सरलता’ के माध्यम से पेंशनभोगियों के जीवन को सुगम बनाना है।
पृष्ठभूमि
- भारत में सरकारी कामकाज में लंबित मामलों की समस्या एक पुरानी चुनौती रही है, जो प्रशासनिक दक्षता और नागरिक संतुष्टि को प्रभावित करती है।
- नागरिकों को समय पर सेवाएँ प्रदान करने और सरकारी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए विभिन्न प्रशासनिक सुधार पहलें की गई हैं।
- पेंशनभोगियों से संबंधित मामले, जैसे पेंशन का समय पर भुगतान, शिकायत निवारण और नियमों की जटिलता, अक्सर उनके लिए कठिनाइयाँ पैदा करते हैं।
- सरकार ने ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के सिद्धांत को अपनाया है, जिसका उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना और नागरिकों के लिए जीवन की सुगमता सुनिश्चित करना है।
- प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देने के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
- पिछले कुछ वर्षों में, SCDPM के विभिन्न संस्करणों को सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे लंबित मामलों के निपटान और स्वच्छता में सुधार हुआ है।
लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान (SCDPM) क्या है?
- लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान (SCDPM) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करना है।
- यह अभियान मुख्य रूप से जन शिकायतों, अपीलों, अंतर-मंत्रालयी संदर्भों, संसदीय आश्वासनों और अभिलेख प्रबंधन से संबंधित मामलों के त्वरित निपटान पर केंद्रित है।
- SCDPM 6.0 का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों को कम करना, आंतरिक निगरानी तंत्र को मजबूत करना, अभिलेख प्रबंधन के तरीकों में सुधार करना और ‘नियमों में सरलता’ संबंधी पहलों को सुदृढ़ करना है।
- पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने इस अभियान के तहत 6,500 जन शिकायतों और 800 अपीलों के निपटान का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- अभियान में स्वच्छता को संस्थागत बनाने पर भी विशेष जोर दिया जाता है, जिसके तहत कार्यालय परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर सफाई अभियान चलाए जाते हैं।
- इस अभियान की दैनिक प्रगति की निगरानी एक समर्पित टीम द्वारा की जाती है और इसे प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा संचालित SCDPM पोर्टल पर अपलोड किया जाता है।
- यह अभियान सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे अंततः नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा मिलता है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| लंबित मामलों का निपटान | सरकारी कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना। |
| अभिलेख प्रबंधन में सुधार | दस्तावेज़ों के व्यवस्थित रखरखाव से निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेज़ी आती है। |
| स्वच्छता का संस्थागतकरण | कार्यस्थलों पर स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देना। |
| नियमों में सरलता | पेंशनभोगियों के लिए जीवन को आसान बनाना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना। |
| जन शिकायतों का निवारण | नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देना और विश्वास बढ़ाना। |
| केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगी संघों का समन्वय | पेंशनभोगियों के अनुभवों और सुझावों को नीति निर्माण में शामिल करना। |
महत्व
प्रशासनिक महत्व
- यह अभियान सरकारी विभागों में लंबित मामलों को कम करके प्रशासनिक दक्षता (Administrative Efficiency) को बढ़ाता है।
- यह आंतरिक निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करता है, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता में वृद्धि होती है।
- अभिलेख प्रबंधन में सुधार से सूचना तक पहुंच आसान होती है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेज़ी आती है।
सामाजिक महत्व
- पेंशनभोगियों के जीवन को सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान होता है।
- जन शिकायतों और अपीलों के निपटान से नागरिकों का सरकार पर विश्वास बढ़ता है और सुशासन (Good Governance) को बढ़ावा मिलता है।
- स्वच्छता स्थलों की पहचान और वृक्षारोपण अभियान ‘स्वच्छता ही सेवा’ के व्यापक सामाजिक संदेश को सुदृढ़ करता है।
शासन संबंधी महत्व
- यह अभियान ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के सिद्धांत के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
- विभिन्न हितधारकों, जैसे केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगी संघों के साथ समन्वय, सहभागी शासन (Participatory Governance) का एक उदाहरण है।
- डिजिटल निगरानी और एससीडीपीएम पोर्टल पर प्रगति अपलोड करने से अभियान की प्रभावशीलता और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
चुनौतियाँ
1. लंबित मामलों का विशाल ढेर
- सरकारी विभागों में लंबित मामलों की संख्या अक्सर बहुत अधिक होती है, जिससे उनके त्वरित निपटान में बाधा आती है।
- पुराने और जटिल मामलों को सुलझाने में अधिक समय और संसाधनों की आवश्यकता होती है।
यूपीएससी लिंक: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही
2. प्रक्रियात्मक जटिलताएँ
- कई सरकारी नियम और प्रक्रियाएँ पुरानी और जटिल होती हैं, जिससे मामलों के निपटान में देरी होती है।
- विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी भी प्रक्रियाओं को धीमा कर सकती है।
यूपीएससी लिंक: प्रशासनिक सुधार
3. मानव संसाधन और क्षमता
- लंबित मामलों के निपटान के लिए पर्याप्त और प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी एक चुनौती हो सकती है।
- अधिकारियों की क्षमता निर्माण और उन्हें आधुनिक अभिलेख प्रबंधन तकनीकों से लैस करना आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास
4. प्रौद्योगिकी का सीमित उपयोग
- कुछ विभागों में अभी भी मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता अधिक है, जिससे दक्षता प्रभावित होती है।
- डिजिटल उपकरणों और प्लेटफार्मों का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: ई-शासन
5. निगरानी और मूल्यांकन
- अभियान की दैनिक प्रगति की प्रभावी निगरानी और लक्ष्यों की प्राप्ति का मूल्यांकन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
- नियमित फीडबैक और सुधारात्मक कार्रवाई की कमी अभियान की सफलता को प्रभावित कर सकती है।
यूपीएससी लिंक: शासन में नैतिकता
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| लंबित मामलों का बैकलॉग | प्रशासनिक अक्षमता और नागरिक असंतोष का कारण। |
| जटिल नियम और प्रक्रियाएँ | निर्णय लेने में देरी और भ्रष्टाचार की संभावना। |
| संसाधनों की कमी | अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बाधा। |
| प्रौद्योगिकी का अपर्याप्त एकीकरण | आधुनिकीकरण और दक्षता में कमी। |
| दीर्घकालिक संस्थागतकरण का अभाव | अभियान के बाद पुरानी आदतों में लौटने का जोखिम। |
| अंतर-विभागीय समन्वय | विभिन्न सरकारी संस्थाओं के बीच प्रभावी सहयोग की कमी। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान (एससीडीपीएम 6.0)
- स्वच्छता ही सेवा
आगे की राह
- सभी सरकारी विभागों में लंबित मामलों के निपटान के लिए एक स्थायी तंत्र स्थापित किया जाए, न कि केवल अभियान-आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाए।
- प्रक्रियाओं को सरल बनाने और अनावश्यक नियमों को हटाने के लिए नियमित समीक्षा की जाए, विशेषकर पेंशनभोगियों से संबंधित मामलों में।
- अभिलेख प्रबंधन को पूरी तरह से डिजिटाइज़ किया जाए और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके एक एकीकृत डेटाबेस बनाया जाए।
- अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि वे प्रभावी ढंग से मामलों का निपटान कर सकें।
- जन शिकायतों के निवारण के लिए एक मजबूत और सुलभ ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाए, जिसमें समयबद्ध प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो।
- अभियान की प्रगति की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र मूल्यांकन प्रणाली स्थापित की जाए, जो नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
- नागरिकों और पेंशनभोगी संघों को अभियान में सक्रिय रूप से शामिल किया जाए ताकि उनके सुझावों को शामिल किया जा सके।
- स्वच्छता और सुशासन को सरकारी कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनाया जाए, केवल अभियान तक सीमित न रखा जाए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
विशेष अभियान 6.0 · लंबित मामलों का निपटान · पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग · प्रशासनिक सुधार · लोक शिकायत निवारण · अभिलेख प्रबंधन · नियमों में सरलता · स्वच्छता अभियान · सुशासन · नागरिक केंद्रित प्रशासन
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 309’, ‘note’: ‘संघ की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्तें’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 311’, ‘note’: ‘संघ या राज्य के अधीन सिविल पदों पर नियुक्त व्यक्तियों को पदच्युत किया जाना, पद से हटाया जाना या पंक्ति में अवनत किया जाना’}
अवधारणा प्रवाह
प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा एससीडीपीएम 6.0 का शुभारम्भ। → पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) द्वारा लक्ष्य निर्धारण (लंबित मामले, अभिलेख प्रबंधन, स्वच्छता)। → 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक मुख्य अभियान अवधि। → जन शिकायतों, अपीलों और फाइलों का निपटान, ‘नियमों में सरलता’ पहल। → केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगी संघों के समन्वय से स्वच्छता स्थलों की पहचान। → एससीडीपीएम पोर्टल पर दैनिक प्रगति की निगरानी और अपलोडिंग। → प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि और पेंशनभोगियों के जीवन में सुगमता।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान (SCDPM 6.0) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह अभियान केवल केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की शिकायतों के निपटान पर केंद्रित है।
2. पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) इस अभियान के तहत अभिलेख प्रबंधन और स्वच्छता के संस्थागतकरण पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।
3. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पेंशनभोगियों के जीवन को सुगम बनाने के लिए ‘नियमों में सरलता’ संबंधी पहलों को सुदृढ़ करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि यह अभियान जन शिकायतों और अपीलों के निपटान के साथ-साथ अभिलेख प्रबंधन और स्वच्छता पर भी केंद्रित है, जो केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। कथन 2 सही है क्योंकि DoPPW अभिलेख प्रबंधन और स्वच्छता के संस्थागतकरण को अभियान के लक्ष्यों में शामिल करेगा। कथन 3 सही है क्योंकि ‘नियमों में सरलता’ इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य है, जिसका लक्ष्य पेंशनभोगियों के जीवन को आसान बनाना है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा विभाग लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान (SCDPM 6.0) के शुभारम्भ और समन्वय के लिए जिम्मेदार है?
- वित्त मंत्रालय
- कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
- गृह मंत्रालय
- रक्षा मंत्रालय
उत्तर: कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय — प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG), जो कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत आता है, इस अभियान के शुभारम्भ और समन्वय के लिए जिम्मेदार है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ प्रशासनिक सुधारों और सुशासन के संदर्भ में, लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान (SCDPM) जैसे कार्यक्रमों के महत्व का परीक्षण कीजिए। पेंशनभोगियों के जीवन को सुगम बनाने में ‘नियमों में सरलता’ की अवधारणा किस प्रकार सहायक है? (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: SCDPM जैसे अभियानों का संक्षिप्त परिचय और उनका व्यापक उद्देश्य (प्रशासनिक दक्षता, नागरिक-केंद्रित सेवाएँ)।
2. SCDPM का महत्व: प्रशासनिक सुधारों और सुशासन के संदर्भ में इन अभियानों के महत्व को निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए समझाएँ:
क. लंबित मामलों में कमी: जन शिकायतों और अपीलों का त्वरित निपटान।
ख. अभिलेख प्रबंधन में सुधार: दक्षता और पारदर्शिता में वृद्धि।
ग. स्वच्छता का संस्थागतकरण: कार्यस्थलों में बेहतर माहौल और कार्य संस्कृति।
घ. आंतरिक निगरानी तंत्र को मजबूत करना: जवाबदेही और प्रदर्शन में सुधार।
ङ. नागरिक संतुष्टि: विशेष रूप से पेंशनभोगियों के लिए सेवाओं में सुधार।
3. ‘नियमों में सरलता’ की अवधारणा: इसकी परिभाषा और पेंशनभोगियों के जीवन को सुगम बनाने में इसकी भूमिका का विस्तार से वर्णन करें:
क. प्रक्रियाओं का सरलीकरण: जटिल नियमों और प्रक्रियाओं को आसान बनाना।
ख. अनावश्यक औपचारिकताओं को हटाना: कागजी कार्रवाई और समय की बचत।
ग. डिजिटल समाधानों का उपयोग: ऑनलाइन सेवाओं और पोर्टलों का महत्व।
घ. पारदर्शिता में वृद्धि: नियमों और प्रक्रियाओं को सार्वजनिक करना।
ङ. पेंशनभोगियों के लिए लाभ: पेंशन वितरण, शिकायत निवारण और अन्य सेवाओं तक आसान पहुँच।
4. निष्कर्ष: इन अभियानों की सफलता के लिए निरंतर प्रयासों, प्रौद्योगिकी के उपयोग और हितधारकों के सहयोग की आवश्यकता पर बल दें, जिससे एक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन सुनिश्चित हो सके।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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