08 Sep ओडिशा सरकार ने एआई सक्षम शासन मंच बनाने का निर्णय लिया, टीसीएस को मिला ठेका
✎ ओडिशा सरकार का OSWAS 3.0 एक AI-सक्षम शासन मंच है जो राज्य में डिजिटल प्रशासन को मजबूत करेगा और नागरिकों के लिए कुशल तथा पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित करेगा।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ। | GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण और नई प्रौद्योगिकी का विकास। सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषय।
- Prelims: OSWAS 3.0, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ई-गवर्नेंस, डिजिटल कार्यस्थल, ओडिशा राज्य कार्यप्रवाह स्वचालन प्रणाली, TCS DigiBOLT
- Essay: डिजिटल इंडिया: सुशासन और समावेशी विकास का मार्ग, प्रौद्योगिकी और शासन: एक सहजीवी संबंध
त्वरित पुनरावृत्ति: ओडिशा सरकार का OSWAS 3.0 एक AI-सक्षम शासन मंच है जो राज्य में डिजिटल प्रशासन को मजबूत करेगा और नागरिकों के लिए कुशल तथा पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित करेगा।
यह खबर चर्चा में क्यों?
ओडिशा सरकार ने राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सक्षम शासन मंच के निर्माण के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को 122.6 करोड़ रुपये का अनुबंध दिया है। यह परियोजना ओडिशा राज्य कार्यप्रवाह स्वचालन प्रणाली (OSWAS 3.0) के अगले चरण को लागू करेगी, जिसका उद्देश्य राज्य की कागज़ रहित शासन प्रणाली का आधुनिकीकरण करना है। यह कदम ओडिशा में डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने और नागरिकों को अधिक कुशल तथा परिणाम-उन्मुख सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
पृष्ठभूमि
- OSWAS की शुरुआत 2009 में TCS द्वारा ओडिशा सचिवालय के भीतर फ़ाइल प्रसंस्करण और आधिकारिक पत्राचार को डिजिटाइज़ करने के लिए की गई थी।
- 2018 में, OSWAS का संस्करण 2.0 जारी किया गया, जिसमें निदेशालय और जिले भी शामिल किए गए, जिससे इसकी पहुंच और कार्यक्षमता का विस्तार हुआ।
- वर्तमान में, यह प्रणाली राज्य भर में 4,600 से अधिक सरकारी कार्यालयों और लगभग 50,000 उपयोगकर्ताओं को सहायता प्रदान करती है।
- यह परियोजना ओडिशा सरकार के साथ TCS की साझेदारी को लगभग छह साल तक बढ़ाएगी, जो राज्य के डिजिटल परिवर्तन के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- OSWAS 3.0 का लक्ष्य प्रशासन को सरल बनाना, नियमित कार्यों में घर्षण को कम करना और कहीं से भी तेज, सूचित निर्णय लेने में सक्षम बनाना है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सक्षम शासन मंच क्या है?
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) सक्षम शासन मंच एक डिजिटल प्रणाली है जो सरकारी प्रक्रियाओं को स्वचालित करने, डेटा का विश्लेषण करने और निर्णय लेने में सुधार के लिए AI तकनीकों का उपयोग करती है।
- ओडिशा का नया मंच, TCS DigiBOLT द्वारा संचालित, कार्यप्रवाह स्वचालन (workflow automation), विश्लेषण (analytics), सुरक्षा (security) और AI-सक्षम क्षमताओं को एकीकृत करेगा।
- यह सरकारी विभागों के लिए एक एकीकृत डिजिटल कार्यस्थल (unified digital workplace) प्रदान करेगा, जिससे डिजिटल फ़ाइल प्रसंस्करण और इलेक्ट्रॉनिक अनुमोदन की सुविधा मिलेगी।
- यह प्रणाली राज्य प्रशासन में वास्तविक समय की ट्रैकिंग (real-time tracking) को सक्षम करेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
- आधुनिक माइक्रोसर्विसेज-आधारित वास्तुकला, उन्नत सुरक्षा, अंतरसंचालनीयता (interoperability) और वेब पहुंच के साथ, यह मंच प्रशासन को सुव्यवस्थित करेगा।
- यह मंच ‘मोबाइल-फर्स्ट’ (mobile-first) दृष्टिकोण के साथ डिज़ाइन किया गया है, जो अधिकारियों को अधिक गति और दृश्यता के साथ सशक्त बनाएगा।
- इसमें उड़िया भाषा का समर्थन भी शामिल होगा, जिससे स्थानीय उपयोगकर्ताओं के लिए पहुंच और उपयोगिता बढ़ेगी।
- यह प्लेटफॉर्म सरकारी अनुप्रयोगों में गहन एकीकरण के माध्यम से निर्णय से कार्यान्वयन तक की यात्रा को तेज करेगा, जिससे ओडिशा के लोगों के लिए अधिक कुशल और परिणाम-उन्मुख शासन सुनिश्चित होगा।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| AI-सक्षम क्षमताएँ | सरकारी विभागों के लिए एकीकृत डिजिटल कार्यस्थल प्रदान करना, निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करना। |
| कार्यप्रवाह स्वचालन (Workflow Automation) | प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, कागजी कार्रवाई कम करना और दक्षता बढ़ाना। |
| विश्लेषण (Analytics) | डेटा-संचालित अंतर्दृष्टि प्रदान करना, जिससे बेहतर और सूचित निर्णय लिए जा सकें। |
| सुरक्षा | संवेदनशील सरकारी डेटा और प्रक्रियाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना। |
| ओडिया भाषा समर्थन | स्थानीय भाषा में पहुँच और उपयोग में आसानी प्रदान करना, जिससे व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो। |
| मोबाइल-फर्स्ट डिज़ाइन | अधिकारियों को कहीं से भी काम करने की सुविधा प्रदान करना, जिससे प्रशासन अधिक सुलभ और उत्तरदायी बने। |
महत्व
शासन में सुधार
- यह मंच डिजिटल फाइल प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक अनुमोदन और वास्तविक समय की ट्रैकिंग को सक्षम करेगा, जिससे ओडिशा में प्रशासन की दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
- AI-सक्षम क्षमताएँ और डेटा विश्लेषण बेहतर निर्णय लेने में सहायता करेंगे, जिससे नागरिकों को अधिक परिणाम-उन्मुख सेवाएँ मिलेंगी।
डिजिटल सशक्तिकरण
- यह परियोजना सरकारी अधिकारियों को आधुनिक उपकरणों से सशक्त बनाएगी, जिससे उन्हें अधिक गति और दृश्यता के साथ काम करने में मदद मिलेगी, साथ ही जवाबदेही भी मजबूत होगी।
- ओडिया भाषा समर्थन स्थानीय अधिकारियों और नागरिकों के लिए डिजिटल सेवाओं तक पहुँच को आसान बनाएगा, जिससे डिजिटल समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक और तकनीकी प्रभाव
- यह परियोजना राज्य में डिजिटल बुनियादी ढाँचे के विकास को बढ़ावा देगी और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित कर सकती है।
- यह भारत के डिजिटल इंडिया (Digital India) मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप है, जो देश भर में डिजिटल शासन को बढ़ावा देता है।
चुनौतियाँ
1. डेटा सुरक्षा और गोपनीयता
- सरकारी डेटा के बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण से साइबर हमलों और डेटा उल्लंघनों का खतरा बढ़ जाता है।
- नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित करना और डेटा संरक्षण कानूनों का पालन करना महत्वपूर्ण है।
यूपीएससी लिंक: शासन, ई-गवर्नेंस, सूचना प्रौद्योगिकी
2. डिजिटल डिवाइड (Digital Divide)
- ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता की कमी डिजिटल सेवाओं तक पहुँच में बाधा बन सकती है।
- सभी उपयोगकर्ताओं के लिए समान पहुँच सुनिश्चित करना एक चुनौती है, खासकर उन लोगों के लिए जो तकनीकी रूप से कम साक्षर हैं।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, ई-गवर्नेंस, समावेशी विकास
3. तकनीकी एकीकरण और अंतरसंचालनीयता (Interoperability)
- विभिन्न सरकारी विभागों और मौजूदा प्रणालियों के साथ नए AI-सक्षम मंच को एकीकृत करना जटिल हो सकता है।
- यह सुनिश्चित करना कि विभिन्न सरकारी अनुप्रयोग एक-दूसरे के साथ सहजता से संवाद कर सकें, एक बड़ी तकनीकी चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: ई-गवर्नेंस, सूचना प्रौद्योगिकी
4. कर्मचारियों का प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
- सरकारी कर्मचारियों को नई AI-सक्षम प्रणाली का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी।
- तकनीकी बदलाव के प्रति प्रतिरोध और नई प्रणालियों को अपनाने में हिचकिचाहट एक बाधा बन सकती है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास, ई-गवर्नेंस
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| डेटा सुरक्षा | साइबर हमलों और डेटा उल्लंघनों का बढ़ता जोखिम। |
| डिजिटल साक्षरता | तकनीकी रूप से कम साक्षर व्यक्तियों के लिए पहुँच की कमी। |
| प्रणाली एकीकरण | विभिन्न सरकारी प्रणालियों के साथ नए मंच को एकीकृत करने की जटिलता। |
| कर्मचारी अनुकूलन | नई तकनीक को अपनाने और उपयोग करने में कर्मचारियों का प्रतिरोध। |
| बुनियादी ढाँचा | दूरदराज के क्षेत्रों में विश्वसनीय इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी। |
| नैतिक AI उपयोग | AI के नैतिक उपयोग और एल्गोरिथम पूर्वाग्रह (algorithmic bias) से बचना। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- ओडिशा राज्य कार्यप्रवाह स्वचालन प्रणाली (Odisha State Workflow Automation System – OSWAS)
आगे की राह
- एक मजबूत साइबर सुरक्षा ढाँचा विकसित करना और नियमित सुरक्षा ऑडिट (audit) आयोजित करना ताकि डेटा उल्लंघनों को रोका जा सके।
- डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, ताकि सभी नागरिक डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकें।
- सरकारी कर्मचारियों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना ताकि वे नई AI-सक्षम प्रणाली का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
- विभिन्न सरकारी विभागों के बीच तकनीकी अंतरसंचालनीयता सुनिश्चित करने के लिए मानकीकृत प्रोटोकॉल (protocol) और API (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) विकसित करना।
- AI के नैतिक उपयोग के लिए दिशानिर्देश स्थापित करना और यह सुनिश्चित करना कि एल्गोरिथम पूर्वाग्रह से बचा जाए।
- नागरिकों से नियमित प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए एक तंत्र स्थापित करना ताकि प्रणाली में सुधार किया जा सके और उनकी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
- दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल बुनियादी ढाँचे, विशेष रूप से इंटरनेट कनेक्टिविटी में निवेश बढ़ाना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) · ई-शासन (E-governance) · डिजिटल इंडिया · प्रशासनिक सुधार · नागरिक-केंद्रित शासन · डिजिटल परिवर्तन · राज्य कार्यप्रवाह स्वचालन प्रणाली (OSWAS) · डेटा एनालिटिक्स · साइबर सुरक्षा · सार्वजनिक सेवा वितरण · तकनीकी एकीकरण · सुशासन
अवधारणा प्रवाह
ओडिशा सरकार AI-सक्षम मंच का निर्माण करती है। → यह OSWAS 3.0 के तहत कार्यप्रवाह स्वचालन को एकीकृत करता है। → डिजिटल फाइल प्रोसेसिंग और इलेक्ट्रॉनिक अनुमोदन सक्षम होते हैं। → प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता बढ़ती है। → नागरिकों को अधिक कुशल और परिणाम-उन्मुख शासन प्राप्त होता है।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।
2. यह मिशन नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।
3. OSWAS 3.0 परियोजना का लक्ष्य ओडिशा में सरकारी विभागों के लिए एक एकीकृत डिजिटल कार्यस्थल प्रदान करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल तीन — कथन 1 और 3 सही हैं। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है। OSWAS 3.0 परियोजना ओडिशा में सरकारी विभागों के लिए एक एकीकृत डिजिटल कार्यस्थल प्रदान करेगी। कथन 2 गलत है क्योंकि यह मिशन नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत कार्यान्वित किया जा रहा है, लेकिन यह एक सामान्य ज्ञान का प्रश्न है जो दिए गए समाचार से सीधे संबंधित नहीं है। इस संदर्भ में, OSWAS 3.0 पर ध्यान केंद्रित करना अधिक प्रासंगिक है।
Q2. अभिकथन (A): कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित ई-शासन मंच प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित कर सकते हैं और निर्णय लेने में सुधार कर सकते हैं।
कारण (R): AI-सक्षम प्रणालियाँ डेटा एनालिटिक्स, स्वचालन और वास्तविक समय की ट्रैकिंग क्षमताएँ प्रदान करती हैं।
उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
- A और R दोनों सही हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है।
- A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
- A सही है, लेकिन R गलत है।
- A गलत है, लेकिन R सही है।
उत्तर: A और R दोनों सही हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि AI-आधारित ई-शासन मंच वास्तव में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करते हैं और निर्णय लेने में सुधार करते हैं। कारण (R) भी सही है क्योंकि AI-सक्षम प्रणालियाँ डेटा एनालिटिक्स, स्वचालन और वास्तविक समय की ट्रैकिंग जैसी क्षमताएँ प्रदान करती हैं जो इन सुधारों को संभव बनाती हैं। इसलिए, R, A का सही स्पष्टीकरण है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ ई-शासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अनुप्रयोगों पर चर्चा कीजिए। ओडिशा राज्य कार्यप्रवाह स्वचालन प्रणाली (OSWAS) 3.0 जैसी पहलें भारत में सुशासन को कैसे बढ़ावा दे सकती हैं? (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: ई-शासन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का संक्षिप्त परिचय।
2. ई-शासन में AI के अनुप्रयोग: विभिन्न क्षेत्रों में AI के उपयोग का वर्णन करें, जैसे:
• डेटा विश्लेषण और पैटर्न पहचान (नीति निर्माण में सहायता)
• स्वचालित प्रक्रियाएँ (फाइल ट्रैकिंग, अनुमोदन)
• नागरिक सेवाएँ (चैटबॉट, वर्चुअल असिस्टेंट)
• धोखाधड़ी का पता लगाना और साइबर सुरक्षा
• निर्णय समर्थन प्रणाली
3. OSWAS 3.0 का संदर्भ: ओडिशा की OSWAS 3.0 परियोजना का उदाहरण दें और बताएं कि यह कैसे AI-सक्षम शासन का एक मॉडल है।
• डिजिटल फाइल प्रोसेसिंग और इलेक्ट्रॉनिक अनुमोदन
• वास्तविक समय की ट्रैकिंग और जवाबदेही
• ओडिया भाषा समर्थन और पहुंच
• दक्षता और परिणाम-उन्मुख शासन
4. सुशासन को बढ़ावा देने में भूमिका: OSWAS 3.0 जैसी पहलें भारत में सुशासन को कैसे बढ़ावा दे सकती हैं, इस पर विस्तार से चर्चा करें:
• पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि
• दक्षता और गति में सुधार
• भ्रष्टाचार में कमी
• नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण
• समावेशी शासन (डिजिटल पहुंच)
• डेटा-आधारित निर्णय लेना
5. चुनौतियाँ और आगे की राह: AI के उपयोग से जुड़ी संभावित चुनौतियों (डेटा गोपनीयता, नैतिक मुद्दे, डिजिटल डिवाइड) और उन्हें दूर करने के उपायों पर संक्षिप्त चर्चा।
6. निष्कर्ष: भारत में डिजिटल परिवर्तन और सुशासन के लिए AI की क्षमता पर सकारात्मक दृष्टिकोण।
स्रोत: orissapost.com
Odisha PCS (OPSC (OAS)) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: ओडिशा सरकार द्वारा प्रस्तावित AI-सक्षम शासन प्लेटफॉर्म के निर्माण के लिए किस कंपनी को निविदा प्रदान की गई है?
- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS)
- विप्रो लिमिटेड
- एचसीएल टेक्नोलॉजीज
- इन्फोसिस
उत्तर: एचसीएल टेक्नोलॉजीज — ओडिशा सरकार ने AI-सक्षम शासन प्लेटफॉर्म के निर्माण के लिए HCL टेक्नोलॉजीज को निविदा प्रदान की है, जो राज्य में प्रशासनिक सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Mains: AI-सक्षम शासन प्लेटफॉर्म ओडिशा में प्रशासनिक सुधारों को किस प्रकार गति प्रदान कर सकता है? राज्य में AI तकनीक के उपयोग के प्रमुख लाभों एवं चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए, एक नीति निर्माता के दृष्टिकोण से विस्तृत उत्तर प्रस्तुत कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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