28 Jul केरल में पीएम श्री योजना पर कैबिनेट उप-समिति की रिपोर्ट लंबित, जानें कारण
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — सामाजिक न्याय (शिक्षा) | GS Paper III — मानव संसाधन विकास
- Prelims: पीएम श्री योजना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, स्कूली शिक्षा, केंद्र प्रायोजित योजना, शिक्षा मंत्रालय
- Essay: भारत में शिक्षा सुधार और मानव पूंजी निर्माण, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का महत्व
त्वरित पुनरावृत्ति: पीएम श्री योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत देश भर के स्कूलों को आधुनिक और समग्र शिक्षा के लिए अपग्रेड करने की एक केंद्र प्रायोजित पहल है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
केरल मंत्रिमंडल की एक उपसमिति, जिसे पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के कार्यान्वयन से संबंधित मामलों का अध्ययन करने का काम सौंपा गया था, ने अभी तक अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप नहीं दिया है। यह घटनाक्रम योजना के क्रियान्वयन में राज्यों की भूमिका और चुनौतियों को उजागर करता है।
पृष्ठभूमि
- भारत में शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy – NEP) 2020 के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए पीएम श्री योजना शुरू की गई है।
- यह योजना केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसका अर्थ है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारें इसके वित्तपोषण में योगदान करती हैं।
- योजना का उद्देश्य देश भर के स्कूलों को आधुनिक, समग्र और परिवर्तनकारी शिक्षा प्रदान करने के लिए अपग्रेड करना है।
- केरल जैसे राज्य, जिनकी अपनी मजबूत शिक्षा नीतियां और प्रणालियाँ हैं, अक्सर केंद्र की योजनाओं को लागू करने से पहले उनका गहन अध्ययन करते हैं।
- उपसमिति की रिपोर्ट योजना के विभिन्न पहलुओं, जैसे वित्तीय निहितार्थ, पाठ्यक्रम एकीकरण और राज्य की मौजूदा शिक्षा नीतियों के साथ तालमेल पर विचार करेगी।
- योजना का लक्ष्य छात्रों को 21वीं सदी के कौशल से लैस करना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है।
पीएम श्री योजना क्या है?
- पीएम श्री योजना (PM SHRI Scheme) भारत सरकार द्वारा 2022 में शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
- इसका मुख्य उद्देश्य देश भर के 14,500 से अधिक स्कूलों को ‘आदर्श स्कूलों’ के रूप में विकसित और अपग्रेड करना है।
- ये स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना को पूरी तरह से समाहित करेंगे और मॉडल स्कूल के रूप में कार्य करेंगे।
- योजना के तहत, स्कूलों को स्मार्ट क्लासरूम, खेल और कला के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा, और नवीनतम तकनीक से लैस किया जाएगा।
- यह योजना अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning), समग्र विकास और कौशल-आधारित शिक्षा पर जोर देती है।
- पीएम श्री स्कूल हरित स्कूल (Green School) पहल के तहत पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को भी अपनाएंगे।
- इन स्कूलों का चयन एक चुनौती-मोड (Challenge-Mode) के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें राज्य और केंद्र शासित प्रदेश प्रतिस्पर्धा करेंगे।
- योजना का कुल परिव्यय 27,360 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 18,128 करोड़ रुपये है।
मुख्य विशेषताएँ
| Feature | Significance |
|---|---|
| पीएम श्री योजना का उद्देश्य | यह योजना देश भर के 14,500 से अधिक स्कूलों को मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित करने पर केंद्रित है, जिससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रावधानों को पूरी तरह से लागू किया जा सके। |
| समग्र विकास | योजना का लक्ष्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता नहीं, बल्कि छात्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है, जिसमें कौशल विकास, अनुभवात्मक शिक्षा और खेल-आधारित शिक्षा शामिल है। |
| हरित स्कूल पहल | पीएम श्री स्कूल ‘हरित स्कूल’ के रूप में विकसित किए जाएंगे, जिसमें पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं जैसे सौर पैनल, एलईडी लाइट, पोषण वाटिका और जल संरक्षण पर जोर दिया जाएगा। |
| गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान | यह योजना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, सीखने के परिणामों में सुधार करने और छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने पर केंद्रित है। |
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी | योजना के कार्यान्वयन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है, क्योंकि वे स्कूलों के चयन और निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। |
महत्व
शैक्षिक महत्व
- पीएम श्री योजना (PM SHRI Scheme) राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy – NEP) 2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे देश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
- यह योजना छात्रों को 21वीं सदी के कौशल से लैस करने और उन्हें वैश्विक नागरिक बनाने में मदद करेगी, जिससे भारत की मानव पूंजी का विकास होगा।
- मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित होने वाले ये स्कूल अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे, जिससे पूरे शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा।
सामाजिक महत्व
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ने से सामाजिक समानता को बढ़ावा मिलेगा, विशेषकर वंचित वर्गों के छात्रों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
- यह योजना छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करेगी, जिससे एक स्थायी भविष्य के निर्माण में मदद मिलेगी।
- कौशल विकास पर जोर देने से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे सामाजिक-आर्थिक उत्थान होगा।
प्रशासनिक महत्व
- राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के बीच सहयोग से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर नीतियां और कार्यक्रम तैयार किए जा सकेंगे।
- योजना का सफल कार्यान्वयन संघवाद (Federalism) के सिद्धांतों को मजबूत करेगा, जहां केंद्र और राज्य मिलकर राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए काम करते हैं।
- पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों के चयन और प्रदर्शन की नियमित निगरानी की जाएगी।
चुनौतियाँ
1. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी
- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को योजना के कार्यान्वयन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना एक चुनौती हो सकती है, जैसा कि केरल के मामले में देखा गया है।
- योजना के लिए राज्यों की सहमति और संसाधनों का आवंटन महत्वपूर्ण है, जिसके बिना इसका पूर्ण प्रभाव प्राप्त करना कठिन होगा।
यूपीएससी लिंक: शासन, संघवाद
2. संसाधनों का आवंटन और उपयोग
- योजना के तहत स्कूलों को अपग्रेड करने और उन्हें मॉडल स्कूलों में बदलने के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधनों की आवश्यकता होगी।
- यह सुनिश्चित करना कि आवंटित संसाधनों का प्रभावी ढंग से और कुशलता से उपयोग किया जाए, एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: सरकारी नीतियां, संसाधन जुटाना
3. गुणवत्ता और निगरानी
- यह सुनिश्चित करना कि सभी पीएम श्री स्कूल वास्तव में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करें और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को पूरा करें, एक सतत चुनौती है।
- स्कूलों के प्रदर्शन की नियमित और प्रभावी निगरानी प्रणाली स्थापित करना आवश्यक है ताकि सुधार के क्षेत्रों की पहचान की जा सके।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास, शिक्षा
4. शिक्षक प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
- योजना के तहत अपेक्षित शिक्षण पद्धतियों और प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए शिक्षकों को पर्याप्त प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण प्रदान करना महत्वपूर्ण है।
- शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप ढालना और उन्हें नवीन शिक्षण तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करना एक चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: शिक्षा सुधार, क्षमता निर्माण
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| Issue | Concern |
|---|---|
| राज्य कैबिनेट उपसमिति की रिपोर्ट में देरी | केरल में पीएम श्री योजना के कार्यान्वयन पर निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी हो रही है, जिससे योजना के लाभों को छात्रों तक पहुंचाने में विलंब हो सकता है। |
| राज्यों की सहमति और भागीदारी | केंद्र प्रायोजित योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए राज्यों की सक्रिय भागीदारी और सहमति आवश्यक है, जिसमें किसी भी देरी से राष्ट्रीय लक्ष्यों पर असर पड़ सकता है। |
| संघवाद का सिद्धांत | केंद्र और राज्यों के बीच नीतिगत मुद्दों पर आम सहमति बनाने में चुनौतियां संघवाद के सिद्धांतों को प्रभावित कर सकती हैं, जहां दोनों स्तरों पर सहयोग महत्वपूर्ण है। |
| शैक्षिक सुधारों की गति | राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत परिकल्पित शैक्षिक सुधारों को तेजी से लागू करने के लिए राज्यों की त्वरित प्रतिक्रिया और निर्णय लेने की क्षमता महत्वपूर्ण है। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- पीएम श्री योजना (PM SHRI Scheme)
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy – NEP) 2020
आगे की राह
- केंद्र और राज्य सरकारों के बीच संवाद और समन्वय को मजबूत करना ताकि योजना के कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके।
- राज्यों को पीएम श्री योजना के लाभों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों के बारे में जागरूक करना ताकि उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके।
- योजना के कार्यान्वयन के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करना और उसकी नियमित निगरानी करना ताकि अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
- राज्यों को योजना के तहत स्कूलों के चयन और अपग्रेडेशन में तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान देना ताकि वे नई शिक्षण पद्धतियों को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।
- योजना के तहत ‘हरित स्कूल’ पहल को बढ़ावा देना और पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को स्कूलों में एकीकृत करना।
- योजना के तहत स्कूलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए एक मजबूत निगरानी और मूल्यांकन तंत्र स्थापित करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
पीएम श्री योजना · राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 · गुणवत्तापूर्ण शिक्षा · स्कूल अवसंरचना · डिजिटल शिक्षा · शिक्षक प्रशिक्षण · समग्र विकास · केंद्र प्रायोजित योजना · राज्यों की भूमिका · संघवाद
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- अनुच्छेद 21A: शिक्षा का अधिकार
- अनुच्छेद 45: प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा
- अनुच्छेद 282: संघ और राज्यों द्वारा व्यय
अवधारणा प्रवाह
केंद्र सरकार द्वारा पीएम श्री योजना का शुभारंभ → राज्यों से योजना के कार्यान्वयन पर सहमति और भागीदारी की अपेक्षा → केरल कैबिनेट उपसमिति द्वारा योजना का अध्ययन → रिपोर्ट प्रस्तुत करने में देरी और राज्य सरकार के निर्णय में विलंब → योजना के लक्ष्यों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर संभावित प्रभाव
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. पीएम श्री (PM SHRI) योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
2. इस योजना के तहत, देश भर में 14,500 से अधिक स्कूलों को अपग्रेड और विकसित किया जाएगा।
3. इन स्कूलों को ‘हरित स्कूल’ (Green Schools) के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें पर्यावरण-अनुकूल जीवन शैली को बढ़ावा दिया जाएगा।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — कथन 1: पीएम श्री योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो पूरी तरह से सही है।
कथन 2: इस योजना के तहत, देश भर में 14,500 से अधिक स्कूलों को आदर्श स्कूलों के रूप में अपग्रेड और विकसित किया जाएगा, यह भी सही है।
कथन 3: पीएम श्री स्कूलों को ‘हरित स्कूल’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें सौर पैनल, LED लाइट, अपशिष्ट प्रबंधन और जल संरक्षण जैसी पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को शामिल किया जाएगा, यह कथन भी सही है।
Q2. पीएम श्री योजना का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- केवल प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करना
- देश भर में नए स्कूल खोलना
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप मौजूदा स्कूलों को आदर्श स्कूलों के रूप में अपग्रेड करना
- निजी स्कूलों को वित्तीय सहायता प्रदान करना
उत्तर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप मौजूदा स्कूलों को आदर्श स्कूलों के रूप में अपग्रेड करना — पीएम श्री योजना का प्राथमिक उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप मौजूदा स्कूलों को आदर्श स्कूलों के रूप में अपग्रेड करना है, ताकि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकें और छात्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित कर सकें।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ पीएम श्री (PM SHRI) योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में किस प्रकार सहायक है? इसके कार्यान्वयन में राज्यों के समक्ष आने वाली संभावित चुनौतियों और उनके समाधानों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में, पीएम श्री योजना के प्रमुख उद्देश्यों और विशेषताओं को संक्षेप में बताते हुए यह स्पष्ट करें कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के किन-किन लक्ष्यों (जैसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समग्र विकास, डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण) को पूरा करने में मदद करेगी। दूसरे भाग में, योजना के कार्यान्वयन में राज्यों के समक्ष आने वाली संभावित चुनौतियों (जैसे वित्तीय बोझ, केंद्र-राज्य समन्वय, स्थानीय आवश्यकताओं का समायोजन, अवसंरचना विकास) की पहचान करें। अंत में, इन चुनौतियों के लिए व्यवहार्य समाधान (जैसे बेहतर वित्तीय आवंटन, सहयोगात्मक संघवाद, क्षमता निर्माण) सुझाएं।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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