कोड लिखने से लेकर AI को सुपरवाइज़ करने तक: इंजीनियरिंग का नया दौर

From Writing Code to Supervising AI: Engineering enters a new era — concept mind map

कोड लिखने से लेकर AI को सुपरवाइज़ करने तक: इंजीनियरिंग का नया दौर

✎ एजेंटिक AI इंजीनियरिंग की भूमिका को कोड लिखने से बदलकर बुद्धिमान प्रणालियों के डिजाइन, पर्यवेक्षण और प्रबंधन की ओर ले जा रहा है, जिससे मानव-AI सहयोग के लिए नए कौशल की आवश्यकता हो रही है।

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3D cutaway: From Writing Code to Supervising AI

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण और नई प्रौद्योगिकी का विकास  |  GS Paper III — सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता  |  GS Paper III — अर्थव्यवस्था पर प्रौद्योगिकी के प्रभाव
  • Prelims: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), एजेंटिक AI (Agentic AI), विश्व आर्थिक मंच (WEF), फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट, मशीन लर्निंग (Machine Learning), क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing)
  • Essay: कृत्रिम बुद्धिमत्ता का बढ़ता प्रभाव: अवसर और चुनौतियाँ, तकनीकी प्रगति और मानव कार्यबल का भविष्य

त्वरित पुनरावृत्ति: एजेंटिक AI इंजीनियरिंग की भूमिका को कोड लिखने से बदलकर बुद्धिमान प्रणालियों के डिजाइन, पर्यवेक्षण और प्रबंधन की ओर ले जा रहा है, जिससे मानव-AI सहयोग के लिए नए कौशल की आवश्यकता हो रही है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

हाल ही में, इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा हुई है, विशेषकर ‘एजेंटिक AI’ प्रणालियों के उदय पर। यह चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि कैसे AI अब केवल कोड लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंजीनियरिंग भूमिकाओं को पर्यवेक्षण और प्रणाली डिजाइन की ओर स्थानांतरित कर रहा है। यह बदलाव कार्यबल के लिए नए कौशल और चुनौतियों को सामने ला रहा है, जहाँ इंजीनियरों को अब केवल निर्देश लिखने के बजाय बड़े, स्वायत्त प्रणालियों की निगरानी करनी होगी।

पृष्ठभूमि

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) कंप्यूटर विज्ञान का एक क्षेत्र है जो मशीनों को मानव जैसी बुद्धि प्रदर्शित करने में सक्षम बनाता है, जिसमें सीखना, समस्या-समाधान और निर्णय लेना शामिल है।
  • पारंपरिक कोडिंग में इंजीनियरों द्वारा विशिष्ट निर्देशों का एक सेट लिखना शामिल होता है ताकि एक सॉफ्टवेयर कार्य कर सके।
  • विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum – WEF) की ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ के अनुसार, 2030 तक AI और सूचना-प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियाँ 170 मिलियन नए रोजगार पैदा करेंगी और 92 मिलियन मौजूदा रोजगारों को विस्थापित करेंगी, जिससे शुद्ध 78 मिलियन रोजगारों का लाभ होगा।
  • एजेंटिक AI बाजार 2025 में 7.84 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2030 तक 52.62 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है, जो 46.3% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्शाता है।
  • यह परिवर्तन केवल नौकरियों के विस्थापन के बारे में नहीं है, बल्कि इस बारे में भी है कि लोग किस काम के लिए मूल्यवान होंगे।
  • AI प्रणालियाँ अब बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा, कानूनी और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में पायलट परियोजनाओं से आगे बढ़कर वास्तविक अनुप्रयोगों में उपयोग की जा रही हैं।

एजेंटिक AI (Agentic AI) क्या है?

  • एजेंटिक AI एक प्रकार की कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली है जो केवल संकेतों का जवाब देने के बजाय एक लक्ष्य निर्धारित कर सकती है, उसे छोटे-छोटे चरणों में तोड़ सकती है, जानकारी प्राप्त कर सकती है, आउटपुट का परीक्षण कर सकती है, प्रगति की निगरानी कर सकती है और अपने दृष्टिकोण में सुधार कर सकती है।
  • ये AI एजेंट कोड का निरीक्षण कर सकते हैं, सुधार सुझा सकते हैं, परीक्षण चला सकते हैं, दस्तावेजों का सारांश प्रस्तुत कर सकते हैं, अनुरोधों को रूट कर सकते हैं और अपवादों को बढ़ा सकते हैं।
  • पारंपरिक चैटबॉट केवल प्रॉम्प्ट (prompt) के आधार पर प्रतिक्रिया देते हैं, जबकि एजेंटिक AI अधिक स्वायत्त और लक्ष्य-उन्मुख होता है।
  • इंजीनियरों की भूमिका अब हर निर्देश लिखने से हटकर बड़ी प्रणाली का पर्यवेक्षण करने की ओर स्थानांतरित हो रही है।
  • एजेंटिक AI प्रणालियों के लिए इंजीनियरों को ऐसे बुद्धिमान सिस्टम डिजाइन करने की आवश्यकता है जो तर्क कर सकें, योजना बना सकें, उपकरणों का उपयोग कर सकें, कार्यप्रवाहों का समन्वय कर सकें और मानव पर्यवेक्षण के तहत सुरक्षित रूप से काम कर सकें।
  • इन प्रणालियों की उपयोगिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए लक्ष्य, डेटा, उपकरण, सीमाएँ और मूल्यांकन मानदंड अच्छी तरह से डिजाइन किए जाने चाहिए।
  • भविष्य के लिए तैयार इंजीनियरों को सुरक्षा उपाय (guardrails), पर्यवेक्षणीयता (observability), फॉलबैक तंत्र (fallback mechanisms), ऑडिट ट्रेल्स (audit trails) और मानव-इन-लूप (human-in-the-loop) प्रक्रियाओं को डिजाइन करने में सक्षम होना चाहिए।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
एजेंटिक AI प्रणाली यह AI एजेंट लक्ष्यों को निर्धारित कर सकते हैं, उन्हें चरणों में तोड़ सकते हैं, जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, आउटपुट का परीक्षण कर सकते हैं और अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर सकते हैं।
इंजीनियर की भूमिका में बदलाव इंजीनियरों की भूमिका अब प्रत्येक निर्देश लिखने से हटकर बड़ी प्रणालियों की निगरानी और पर्यवेक्षण की ओर बढ़ रही है।
कार्यबल पर प्रभाव विश्व आर्थिक मंच की ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ के अनुसार, 2030 तक 170 मिलियन नई नौकरियां सृजित होंगी और 92 मिलियन नौकरियां विस्थापित होंगी, जिससे कुल 78 मिलियन भूमिकाओं का शुद्ध लाभ होगा।
एजेंटिक AI बाजार का विस्तार एजेंटिक AI बाजार 2025 में 7.84 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2030 तक 52.62 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है, जो 46.3% की CAGR से बढ़ेगा।
क्षेत्रों में अनुप्रयोग बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा, कानूनी, कॉर्पोरेट और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एजेंटिक AI प्रणालियों का उपयोग बढ़ रहा है।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • एजेंटिक AI बाजार में अनुमानित वृद्धि (46.3% CAGR) वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक नए और महत्वपूर्ण क्षेत्र के उद्भव को दर्शाती है, जिससे निवेश और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
  • यह नई तकनीक दक्षता में वृद्धि कर सकती है, जिससे उत्पादकता बढ़ेगी और आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को गति मिलेगी, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां दोहराए जाने वाले कार्य अधिक होते हैं।
  • यह भारत जैसे देशों के लिए एक अवसर प्रस्तुत करता है कि वे AI क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता विकसित करें और वैश्विक AI आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

सामाजिक महत्व

  • कार्यबल में बदलाव से नई नौकरियों का सृजन होगा, हालांकि कुछ मौजूदा भूमिकाएं विस्थापित होंगी, जिससे कौशल विकास और पुनः कौशल (Reskilling) कार्यक्रमों की आवश्यकता बढ़ेगी।
  • यह शिक्षा प्रणाली को भी प्रभावित करेगा, जहां छात्रों को भविष्य के AI-संचालित कार्यबल के लिए तैयार करने हेतु नए कौशल और दक्षताओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
  • स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में AI का उपयोग सेवाओं तक पहुंच और गुणवत्ता में सुधार कर सकता है, जिससे सामाजिक कल्याण में वृद्धि होगी।

तकनीकी महत्व

  • एजेंटिक AI का विकास AI क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण छलांग का प्रतिनिधित्व करता है, जो केवल प्रतिक्रियाशील प्रणालियों से हटकर स्वायत्त, लक्ष्य-उन्मुख प्रणालियों की ओर बढ़ रहा है।
  • यह सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और AI विकास के तरीकों में मौलिक परिवर्तन लाएगा, जिसमें इंजीनियरों को अब केवल कोड लिखने के बजाय जटिल AI प्रणालियों की निगरानी और डिजाइन पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
  • यह विभिन्न उद्योगों में नवाचार को बढ़ावा देगा, जिससे नई AI-संचालित सेवाएं और उत्पाद सामने आएंगे।

चुनौतियाँ

1. कार्यबल का पुनः कौशल और अनुकूलन

  • AI के कारण विस्थापित होने वाली नौकरियों के लिए श्रमिकों को नए कौशल सिखाना और उन्हें AI-संचालित भूमिकाओं के लिए तैयार करना एक बड़ी चुनौती है।
  • शिक्षा प्रणालियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने की आवश्यकता होगी।

2. नैतिक और नियामक मुद्दे

  • AI प्रणालियों में पूर्वाग्रह (Bias), गोपनीयता (Privacy) और सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वे संवेदनशील क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य सेवा और वित्त में काम करती हैं।
  • AI के लिए एक मजबूत नियामक ढांचा (Regulatory Framework) विकसित करना आवश्यक है जो नवाचार को बाधित किए बिना जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करे।

3. AI प्रणालियों में विश्वास और सुरक्षा

  • यह सुनिश्चित करना कि AI एजेंट विश्वसनीय, सुरक्षित और मानवीय पर्यवेक्षण के तहत काम करें, एक महत्वपूर्ण चुनौती है, विशेषकर जब वे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं।
  • प्रणालियों में त्रुटियों या विफलताओं के लिए जवाबदेही तय करना जटिल हो सकता है।

4. डिजिटल डिवाइड का बढ़ना

  • AI प्रौद्योगिकियों तक पहुंच और उनके उपयोग में असमानता डिजिटल डिवाइड (Digital Divide) को और बढ़ा सकती है, जिससे समाज के कुछ वर्ग पीछे छूट सकते हैं।
  • यह सुनिश्चित करना कि AI के लाभ सभी तक पहुंचें, एक समावेशी विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
रोजगार विस्थापन AI द्वारा कुछ दोहराए जाने वाले कार्यों को स्वचालित करने से मौजूदा नौकरियों का नुकसान हो सकता है, जिससे बेरोजगारी बढ़ सकती है।
कौशल अंतराल नई AI-संचालित भूमिकाओं के लिए आवश्यक कौशल और वर्तमान कार्यबल के पास उपलब्ध कौशल के बीच एक बड़ा अंतर है।
डेटा गोपनीयता और सुरक्षा AI प्रणालियों द्वारा बड़ी मात्रा में डेटा के प्रसंस्करण से गोपनीयता भंग होने और डेटा सुरक्षा उल्लंघनों का जोखिम बढ़ जाता है।
नैतिक दुविधाएँ AI के निर्णय लेने की प्रक्रिया में पूर्वाग्रह, पारदर्शिता की कमी और जवाबदेही जैसे नैतिक मुद्दे उत्पन्न हो सकते हैं।
नियामक ढाँचा तेजी से विकसित हो रही AI तकनीक के लिए प्रभावी और अनुकूलनीय नियामक ढाँचा विकसित करना एक चुनौती है।

आगे की राह

  • कार्यबल को भविष्य के लिए तैयार करने हेतु व्यापक कौशल विकास और पुनः कौशल कार्यक्रम शुरू किए जाएं, विशेषकर AI और संबंधित प्रौद्योगिकियों में।
  • शिक्षा प्रणालियों को AI-संचालित दुनिया की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम और शिक्षण विधियों को अद्यतन करना चाहिए, जिसमें समस्या-समाधान और महत्वपूर्ण सोच पर जोर दिया जाए।
  • AI के नैतिक उपयोग, डेटा गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत नियामक और कानूनी ढाँचा विकसित किया जाए।
  • AI अनुसंधान और विकास में निवेश को बढ़ावा दिया जाए, विशेषकर भारत में, ताकि हम वैश्विक AI नवाचार में अग्रणी भूमिका निभा सकें।
  • AI प्रणालियों के डिजाइन में मानवीय पर्यवेक्षण, जवाबदेही और पारदर्शिता को अंतर्निहित किया जाए ताकि विश्वास और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
  • डिजिटल डिवाइड को कम करने और AI प्रौद्योगिकियों तक समावेशी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नीतियां बनाई जाएं, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिल सके।
  • उद्योग, शिक्षाविदों और सरकार के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाए ताकि AI के प्रभावी और जिम्मेदार विकास को सुनिश्चित किया जा सके।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) · एजेंटिक AI · तकनीकी परिवर्तन · कार्यबल का भविष्य · कौशल विकास · रोजगार सृजन · नियामक चुनौतियाँ · नैतिक AI · मानव-AI सहयोग · डिजिटल साक्षरता · चौथी औद्योगिक क्रांति · आर्थिक संवृद्धि

अवधारणा प्रवाह

AI प्रौद्योगिकी का विकास और परिपक्वता  →  एजेंटिक AI प्रणालियों का उद्भव  →  इंजीनियरिंग भूमिकाओं में बदलाव (कोड लेखन से पर्यवेक्षण तक)  →  कार्यबल की आवश्यकताओं में परिवर्तन और नए कौशल की मांग  →  आर्थिक और सामाजिक प्रभाव (नौकरी सृजन/विस्थापन, उत्पादकता वृद्धि)

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ के अनुसार, 2030 तक AI के कारण शुद्ध रूप से 78 मिलियन नए रोजगार सृजित होंगे।
2. एजेंटिक AI प्रणाली केवल प्रॉम्प्ट का जवाब देती है और लक्ष्य-निर्धारण तथा कार्य-विभाजन में सक्षम नहीं है।
3. बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में एजेंटिक AI प्रणालियों का उपयोग पहले से ही शुरू हो गया है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई भी नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। रिपोर्ट में 2030 तक 170 मिलियन नई नौकरियों और 92 मिलियन विस्थापित नौकरियों का अनुमान है, जिससे शुद्ध लाभ 78 मिलियन होगा। कथन 2 गलत है। एजेंटिक AI प्रणाली प्रॉम्प्ट का जवाब देने के बजाय लक्ष्य निर्धारित कर सकती है, उसे चरणों में विभाजित कर सकती है, जानकारी प्राप्त कर सकती है और प्रगति की निगरानी कर सकती है। कथन 3 सही है। बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा और कानूनी जैसे क्षेत्रों में एजेंटिक AI प्रणालियों का उपयोग पायलट चरण से आगे बढ़कर व्यवहार में आ गया है।

Q2. अभिकथन (A): कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) केवल नौकरियों को विस्थापित नहीं कर रही है, बल्कि उन कार्यों को भी बदल रही है जिनके लिए लोगों को महत्व दिया जाता है।
कारण (R): एजेंटिक AI के युग में, इंजीनियरों को अब केवल कोड लिखने के बजाय बुद्धिमान प्रणालियों की निगरानी और डिजाइन करने की आवश्यकता है।
उपरोक्त कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा सही है?

  1. A और R दोनों सही हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है।
  2. A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
  3. A सही है, लेकिन R गलत है।
  4. A गलत है, लेकिन R सही है।

उत्तर: A और R दोनों सही हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि AI कार्यबल में एक मौलिक बदलाव ला रहा है, जहां मानव कौशल का मूल्य बदल रहा है। कारण (R) भी सही है क्योंकि इंजीनियरों की भूमिका कोड लिखने से हटकर AI प्रणालियों के डिजाइन, पर्यवेक्षण और सुरक्षित संचालन की ओर बढ़ रही है। कारण (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण है क्योंकि यह बताता है कि AI किस प्रकार कार्यबल में बदलाव ला रहा है और किन कौशलों को अब महत्व दिया जा रहा है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव के साथ इंजीनियरिंग और कार्यबल की प्रकृति में हो रहे बदलावों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। इस नए युग के लिए भारत को अपने मानव संसाधन को तैयार करने हेतु किन प्रमुख चुनौतियों का सामना करना होगा? (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और एजेंटिक AI के उदय का संक्षिप्त परिचय, यह बताते हुए कि यह केवल स्वचालन से कहीं अधिक है।
2. **इंजीनियरिंग और कार्यबल में बदलाव:**
* **इंजीनियरिंग की बदलती भूमिका:** कोड लिखने से हटकर AI प्रणालियों के डिजाइन, पर्यवेक्षण, लक्ष्य-निर्धारण, परिणाम व्याख्या और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर जोर।
* **एजेंटिक AI की क्षमताएं:** लक्ष्य को तोड़ना, जानकारी प्राप्त करना, आउटपुट का परीक्षण करना, प्रगति की निगरानी करना, कोड का निरीक्षण करना, दस्तावेज़ों का सारांश प्रस्तुत करना।
* **कार्यबल पर प्रभाव:** वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट’ 2025 के आंकड़ों का उल्लेख (170 मिलियन नई नौकरियां, 92 मिलियन विस्थापित, शुद्ध 78 मिलियन का लाभ)।
* **क्षेत्रीय अनुप्रयोग:** बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा, कानूनी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में एजेंटिक AI का बढ़ता उपयोग।
3. **समालोचनात्मक परीक्षण (चुनौतियाँ और निहितार्थ):**
* **कौशल अंतराल:** पारंपरिक कोडिंग कौशल से हटकर AI डिजाइन, नैतिकता, सुरक्षा और मानव-AI सहयोग जैसे नए कौशल की आवश्यकता।
* **नैतिक और नियामक मुद्दे:** डेटा गोपनीयता, एल्गोरिथम पूर्वाग्रह, जवाबदेही और AI प्रणालियों में विश्वास सुनिश्चित करना।
* **रोजगार विस्थापन:** कुछ क्षेत्रों में नौकरियों का विस्थापन और इसके सामाजिक-आर्थिक परिणाम।
* **पुनः कौशल और उन्नत कौशल (Reskilling and Upskilling):** मौजूदा कार्यबल को नए AI-केंद्रित भूमिकाओं के लिए तैयार करने की चुनौती।
4. **भारत के लिए चुनौतियाँ और तैयारी:**
* **शिक्षा प्रणाली का पुनर्गठन:** पाठ्यक्रम में AI, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और क्रिटिकल थिंकिंग को शामिल करना।
* **कौशल विकास कार्यक्रम:** सरकार और उद्योग के बीच सहयोग से नए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विकास।
* **डिजिटल साक्षरता:** ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता बढ़ाना।
* **अनुसंधान और विकास में निवेश:** AI नवाचार और अनुप्रयोगों को बढ़ावा देना।
* **नीतिगत ढाँचा:** AI के लिए एक मजबूत नियामक और नैतिक ढाँचा विकसित करना।
* **समावेशी विकास:** यह सुनिश्चित करना कि AI के लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुँचें और डिजिटल विभाजन न बढ़े।
5. **निष्कर्ष:** AI के युग में मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के महत्व पर जोर देते हुए, भारत के लिए एक रणनीतिक और सक्रिय दृष्टिकोण की आवश्यकता।

स्रोत: Hindustan Times


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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