19 Jul नमस्ते योजना: सफाई कर्मियों की गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा हेतु सरकारी पहल
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाएँ, कमजोर वर्गों का उत्थान | GS Paper III — समावेशी विकास, मानव संसाधन
- Prelims: नमस्ते योजना, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, मैनुअल स्कैवेंजिंग, स्वच्छता कर्मचारी, आयुष्मान भारत योजना
- Essay: समावेशी विकास और सामाजिक न्याय: भारत के विकास पथ पर सबका साथ, सबका विकास, भारत में हाशिए पर पड़े समुदायों का उत्थान: चुनौतियाँ और समाधान
त्वरित पुनरावृत्ति: नमस्ते योजना का उद्देश्य मशीनीकृत सफाई व्यवस्था को बढ़ावा देकर और स्वच्छता कर्मचारियों को गरिमा, सुरक्षा तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान करके मैनुअल स्कैवेंजिंग को समाप्त करना है, जिससे स्वच्छता कार्य में शून्य मौतों का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
यह खबर चर्चा में क्यों?
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (नमस्ते) योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना सरकार की उस अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि प्रत्येक सफाईकर्मी गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के साथ काम कर सके। उन्होंने बताया कि यह योजना ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य मशीनीकृत सफाई व्यवस्था को बढ़ावा देना और स्वच्छता कर्मचारियों के कल्याण को सुनिश्चित करना है।
पृष्ठभूमि
- भारत में सदियों से मैनुअल स्कैवेंजिंग (Manual Scavenging) की प्रथा चली आ रही है, जिसमें व्यक्ति हाथ से मानव अपशिष्ट को साफ करते हैं, जो अत्यंत अमानवीय और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
- इस प्रथा को समाप्त करने और स्वच्छता कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कई कानून बनाए गए हैं, जिनमें ‘मैनुअल स्कैवेंजर्स के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013’ प्रमुख है।
- इसके बावजूद, सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और मौतों की खबरें आती रहती हैं, जो इस क्षेत्र में मशीनीकरण और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करती हैं।
- सरकार ने स्वच्छता कर्मचारियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न पहलें की हैं, जिनमें कौशल विकास और स्वास्थ्य बीमा शामिल हैं।
- ‘नमस्ते’ योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका लक्ष्य स्वच्छता कार्य में शून्य मौतों को प्राप्त करना और स्वच्छता कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है।
- यह योजना प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो समाज के सभी वर्गों के समावेशी विकास पर केंद्रित है।
नमस्ते योजना क्या है?
- नमस्ते योजना का पूर्ण रूप ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ है, जिसे सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से कार्यान्वित किया जा रहा है।
- इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य सीवरों और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक मैनुअल सफाई को समाप्त करना और स्वच्छता कार्य में शून्य मौतों के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
- यह योजना मशीनीकृत सफाई पद्धतियों को बढ़ावा देती है, जिससे मानव अपशिष्ट के साथ सीधे संपर्क को समाप्त किया जा सके।
- स्वच्छता कर्मचारियों के कौशल विकास और प्रशिक्षण पर जोर दिया जाता है, ताकि वे आधुनिक मशीनीकृत उपकरणों का उपयोग कर सकें और सुरक्षित तरीके से काम कर सकें।
- योजना के तहत स्वच्छता कर्मचारियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE), स्वास्थ्य बीमा (आयुष्मान भारत योजना सहित), व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण और स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता जैसे लाभ प्रदान किए जाते हैं।
- आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों (ERSU) को उन्नत सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित करके आपातकालीन स्वच्छता सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है।
- इसका लक्ष्य एक कुशल स्वच्छता कार्यबल का निर्माण करना और स्वयं सहायता समूहों (SHG) तथा अन्य आजीविका अवसरों के माध्यम से स्वच्छता कर्मचारियों के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
- हाल की उपलब्धियों में 89,915 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों तथा 2,81,117 कचरा बीनने वालों का सत्यापन, पीपीई किट का वितरण और स्वास्थ्य कार्ड जारी करना शामिल है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| मशीनीकृत सफाई की ओर बदलाव | हाथ से मैला ढोने की प्रथा को समाप्त करने और सफाई कार्यों में मानवीय हस्तक्षेप को कम करने पर केंद्रित। |
| कौशल विकास और प्रशिक्षण | सफाई कर्मचारियों को आधुनिक मशीनों के संचालन और सुरक्षित कार्य पद्धतियों के लिए प्रशिक्षित करना। |
| व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) का वितरण | खतरनाक कचरे के सीधे संपर्क से बचाव और व्यावसायिक सुरक्षा सुनिश्चित करना। |
| स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सुरक्षा | आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कार्ड और बीमा कवरेज प्रदान करना। |
| स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा | सफाई कर्मचारियों को स्वयं सहायता समूहों और अन्य आजीविका अवसरों से जोड़ना। |
| आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयाँ (ERSU) | आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस करके आपातकालीन स्वच्छता सेवाओं को मजबूत करना। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- यह योजना सफाई कर्मचारियों को गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करके उनके मानवाधिकारों की रक्षा करती है।
- हाथ से मैला ढोने की प्रथा को समाप्त करके समाज में व्याप्त एक गंभीर सामाजिक बुराई का निवारण करती है।
- सफाई कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार और उन्हें मुख्यधारा में लाने में सहायक है, जिससे सामाजिक समावेश (Social Inclusion) को बढ़ावा मिलता है।
आर्थिक महत्व
- कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से सफाई कर्मचारियों की उत्पादकता और आय क्षमता में वृद्धि करती है।
- स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों को बढ़ावा देकर आर्थिक सशक्तिकरण (Economic Empowerment) में योगदान करती है।
- स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देकर दक्षता और लागत-प्रभावशीलता में सुधार करती है।
शासनिक महत्व
- यह ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो समावेशी शासन (Inclusive Governance) का प्रतीक है।
- केंद्र सरकार की विभिन्न मंत्रालयों (सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय तथा आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय) के बीच समन्वय को दर्शाती है।
- शून्य मौतों के लक्ष्य के साथ स्वच्छता कार्य को सुरक्षित और सम्मानजनक पेशे में बदलने की सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
चुनौतियाँ
1. जागरूकता और संवेदनशीलता की कमी
- समाज में अभी भी सफाई कर्मचारियों के प्रति पूर्वाग्रह और भेदभाव मौजूद है।
- योजना के लाभों और सुरक्षित प्रथाओं के बारे में सभी सफाई कर्मचारियों तक जानकारी का अभाव।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, कमजोर वर्ग
2. तकनीकी और वित्तीय बाधाएँ
- छोटे शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) और ग्रामीण क्षेत्रों में मशीनीकृत उपकरणों की खरीद और रखरखाव के लिए पर्याप्त धन का अभाव।
- आधुनिक मशीनों के संचालन के लिए आवश्यक कौशल विकास और प्रशिक्षण सुविधाओं की उपलब्धता की चुनौती।
यूपीएससी लिंक: शासन, विकास के मुद्दे
3. कार्यान्वयन में चुनौतियाँ
- सफाई कर्मचारियों की सही पहचान और सत्यापन में चुनौतियाँ, विशेषकर अनौपचारिक क्षेत्र में।
- योजना के तहत प्रदान किए जाने वाले लाभों (जैसे पीपीई किट, स्वास्थ्य कार्ड) का प्रभावी वितरण और निगरानी सुनिश्चित करना।
यूपीएससी लिंक: शासन, कल्याणकारी योजनाएँ
4. व्यवहारगत परिवर्तन का प्रतिरोध
- हाथ से सफाई करने की पुरानी आदतों को छोड़ना और मशीनीकृत तरीकों को अपनाना।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल और उपकरणों के उपयोग के प्रति कर्मचारियों में प्रतिरोध या लापरवाही।
यूपीएससी लिंक: मानव व्यवहार, सामाजिक मुद्दे
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| हाथ से मैला ढोने की प्रथा | मानवीय गरिमा का उल्लंघन, स्वास्थ्य जोखिम और सामाजिक भेदभाव। |
| सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा | खतरनाक रसायनों और अपशिष्टों के संपर्क में आने से होने वाली बीमारियाँ और दुर्घटनाएँ। |
| सामाजिक सुरक्षा का अभाव | स्वास्थ्य बीमा, पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित पहुँच। |
| कौशल और प्रशिक्षण की कमी | आधुनिक मशीनों के संचालन और सुरक्षित कार्य पद्धतियों के लिए आवश्यक ज्ञान का अभाव। |
| उद्यमिता के अवसरों का अभाव | सफाई कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण के सीमित विकल्प। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- नमस्ते योजना (National Action for Mechanized Sanitation Ecosystem)
- आयुष्मान भारत योजना
आगे की राह
- सफाई कर्मचारियों के बीच नमस्ते योजना और उसके लाभों के बारे में व्यापक जागरूकता अभियान चलाना।
- मशीनीकृत सफाई उपकरणों की खरीद और रखरखाव के लिए शहरी स्थानीय निकायों को पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- सफाई कर्मचारियों के लिए नियमित कौशल विकास और व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।
- योजना के तहत प्रदान किए जाने वाले व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) और स्वास्थ्य कार्ड का प्रभावी वितरण और उपयोग सुनिश्चित करना।
- सफाई कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देना और उन्हें स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- हाथ से मैला ढोने की प्रथा को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए सख्त कानूनी प्रवर्तन और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देना।
- सफाई कार्यों में शून्य मौतों के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
नमस्ते योजना · मैकेनिकल स्वच्छता · सीवर सफाई · सेप्टिक टैंक · सामाजिक न्याय · कौशल विकास · व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) · शून्य मृत्यु लक्ष्य · सफाई कर्मचारियों का सशक्तिकरण · आयुष्मान भारत योजना
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 21’, ‘note’: ‘गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 23’, ‘note’: ‘मानव दुर्व्यापार और बलात् श्रम का प्रतिषेध’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 39(e)’, ‘note’: ‘नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 42’, ‘note’: ‘काम की न्यायसंगत और मानवीय दशाएँ’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 47’, ‘note’: ‘लोक स्वास्थ्य में सुधार’}
अवधारणा प्रवाह
हाथ से मैला ढोने की प्रथा → स्वास्थ्य जोखिम और सामाजिक भेदभाव → नमस्ते योजना का शुभारंभ → मशीनीकरण, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा → सफाई कार्यों में शून्य मौतें और गरिमापूर्ण जीवन → सामाजिक समावेश और आर्थिक सशक्तिकरण
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. नमस्ते योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह योजना केवल शहरी स्थानीय निकायों द्वारा कार्यान्वित की जाती है।
2. इसका मुख्य उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक मैनुअल सफाई को समाप्त करना है।
3. इस योजना के तहत सफाई कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा और कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि नमस्ते योजना सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय तथा आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से कार्यान्वित की जाती है। कथन 2 सही है क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य मशीनीकृत सफाई पद्धतियों को बढ़ावा देकर मैनुअल सफाई को समाप्त करना है। कथन 3 भी सही है क्योंकि योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा (आयुष्मान भारत योजना सहित) और व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण तथा कौशल विकास प्रदान किया जाता है।
Q2. नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (नमस्ते) योजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं:
1. स्वच्छता कार्यों में होने वाली मौतों को शून्य तक सीमित करना।
2. खतरनाक कचरे के साथ सीधे मानवीय संपर्क को समाप्त करना।
3. स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वच्छता कर्मचारियों के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देना।
4. केवल सीवर सफाई कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य कार्ड जारी करना।
उपरोक्त में से कौन से उद्देश्य सही हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2, 3 और 4
- केवल 1, 2 और 3
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर: केवल 1, 2 और 3 — कथन 1, 2 और 3 नमस्ते योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि स्वास्थ्य कार्ड सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों के साथ-साथ कचरा बीनने वालों को भी जारी किए जाते हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत में स्वच्छता कर्मचारियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए, नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (नमस्ते) योजना किस प्रकार इन चुनौतियों का समाधान करती है? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में भारत में स्वच्छता कर्मचारियों द्वारा सामना की जाने वाली प्रमुख चुनौतियों का उल्लेख करें, जैसे कि खतरनाक कार्य परिस्थितियाँ, स्वास्थ्य जोखिम, सामाजिक कलंक, सुरक्षा उपकरणों की कमी और सामाजिक सुरक्षा का अभाव। दूसरे भाग में नमस्ते योजना के उद्देश्यों और प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करें, जिसमें मशीनीकरण को बढ़ावा देना, कौशल विकास, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) का वितरण, स्वास्थ्य बीमा (आयुष्मान भारत योजना), स्वरोजगार के अवसर और आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों (ERSU) का सुदृढीकरण शामिल है। अंत में, यह बताएं कि कैसे यह योजना इन चुनौतियों का समग्र रूप से समाधान कर रही है और ‘शून्य मृत्यु’ के लक्ष्य की दिशा में योगदान कर रही है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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