पर्यटन मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 से स्वच्छता और कार्यकुशलता बढ़ाई

पर्यटन मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 से स्वच्छता और कार्यकुशलता बढ़ाई

पर्यटन मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 से स्वच्छता और कार्यकुशलता बढ़ाई

पर्यटन मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 से स्वच्छता और कार्यकुशलता बढ़ाई — विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत लक्ष्यों की प्रगति
आरेख: विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत लक्ष्यों की प्रगति

✎ विशेष अभियान 6.0 एक प्रशासनिक कार्यक्रम है जिसमें स्वच्छता, अभिलेख-निपटान और लंबित मामलों का समाधान एक साथ किया जाता है, और इसकी निगरानी DARPG के एससीडीपीएम पोर्टल पर होती है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन व्यवस्था (प्रशासनिक सुधार, लोक सेवा वितरण और लोक शिकायत निवारण)  |  GS Paper II — स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (स्वच्छ भारत मिशन और सार्वजनिक स्वच्छता)  |  GS Paper III — अर्थव्यवस्था (सरकारी संसाधनों का कुशल उपयोग और अपशिष्ट/कबाड़ निपटान से प्राप्त राजस्व)
  • Prelims: विशेष अभियान 6.0 (Special Campaign 6.0) और इसका समन्वयक विभाग DARPG, एससीडीपीएम पोर्टल (SCDPM Portal) और इसकी निगरानी, प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG), कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensions), ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली और भौतिक फाइलों का डिजिटलीकरण, सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 (Public Records Act, 1993), स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission), शुभारंभ 2 अक्टूबर 2014, पर्यटन मंत्रालय के अधीन ITDC, IHM और IITTM
  • Essay: सरकारी कार्यालयों में प्रशासनिक दक्षता और कार्यस्थल की स्वच्छता: सुशासन का आधार, लंबित फाइलें और लोक सेवा वितरण: नौकरशाही में विलंब की चुनौती

त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6.0 एक प्रशासनिक कार्यक्रम है जिसमें स्वच्छता, अभिलेख-निपटान और लंबित मामलों का समाधान एक साथ किया जाता है, और इसकी निगरानी DARPG के एससीडीपीएम पोर्टल पर होती है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

पर्यटन मंत्रालय ने अपने सभी कार्यालयों और संस्थानों में स्वच्छता को बढ़ावा देने, कार्यस्थल की कार्यकुशलता सुधारने और लंबित मामलों के शीघ्र निपटान के लिए विशेष अभियान 6.0 (Special Campaign 6.0) को सक्रिय रूप से लागू किया है। यह अभियान भारत पर्यटन कार्यालयों, होटल प्रबंधन संस्थानों (IHM), भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM), भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) और विभिन्न कार्यक्रम प्रभागों के समन्वय से चलाया जा रहा है। मंत्रालय ने इसके अंतर्गत कुल 5,654 लक्ष्य चिह्नित कर एससीडीपीएम पोर्टल पर अपलोड किए हैं, जिनमें से अब तक 3,563 गतिविधियाँ पूरी हो चुकी हैं। इन प्रयासों से 62,691 वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली हुआ है और कबाड़ निपटान से ₹64.58 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है। 212 स्थलों को स्वच्छता गतिविधियों के लिए चिह्नित किया गया है, जबकि 3,006 से अधिक भौतिक फाइलों और 2,366 ई-ऑफिस फाइलों की समीक्षा की जानी है। प्रगति की निगरानी प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा संचालित एससीडीपीएम पोर्टल पर की जा रही है। यह समाचार इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केंद्र सरकार की एक राष्ट्रव्यापी प्रशासनिक पद्धति को दर्शाता है, जिसमें अभिलेखों की छँटाई, कार्यालय स्थान का पुनः उपयोग और लंबित मामलों का निपटान एक साथ किया जाता है।

पृष्ठभूमि

  • विशेष अभियान की श्रृंखला DARPG के समन्वय में राष्ट्रव्यापी स्तर पर चलाई जाती है। प्रत्येक चरण में मंत्रालय और विभाग अपने लक्ष्य तय करते हैं और उनकी प्रगति एक केंद्रीय पोर्टल पर दर्ज होती है।
  • स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ। इसका उद्देश्य खुले में शौच से मुक्ति और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से सार्वजनिक स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप देना था। सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता इसी व्यापक दृष्टि का प्रशासनिक विस्तार है।
  • सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 (Public Records Act, 1993) केंद्र सरकार के अभिलेखों के प्रबंधन, संरक्षण और निपटान से संबंधित है। सरकारी फाइलों और कबाड़ के निपटान के लिए निर्धारित प्रक्रियाएँ इसी व्यवस्था का हिस्सा हैं।
  • ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली भौतिक फाइलों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक फाइलों के प्रबंधन की सुविधा देती है। इसके कारण लंबित मामलों की पहचान और उनका अनुवर्तन अधिक पारदर्शी हुआ है।
  • सार्वजनिक शिकायतों और लंबित मामलों की निगरानी के लिए केंद्र सरकार ने DARPG के अधीन केंद्रीकृत पोर्टल विकसित किए हैं। इससे प्रशासनिक जवाबदेही और समय-सीमा के पालन को मापना संभव होता है।

विशेष अभियान (Special Campaign) क्या है?

  • विशेष अभियान केंद्र सरकार के कार्यालयों में एक निर्धारित अवधि के भीतर लक्ष्य-आधारित सफाई और लंबित मामलों के निपटान के लिए चलाया जाने वाला प्रशासनिक कार्यक्रम है।
  • इसके मुख्य उद्देश्य तीन हैं: कार्यालय परिसर की स्वच्छता, अनावश्यक अभिलेखों और कबाड़ का निपटान, तथा लंबित फाइलों और शिकायतों का शीघ्र समाधान।
  • कबाड़ निपटान से प्राप्त राशि सरकारी राजस्व का एक छोटा किंतु नियमबद्ध स्रोत है, जिसे संबंधित नियमों के अनुसार दर्ज और जमा किया जाता है।
  • खाली किया गया कार्यालय स्थान पुनः उपयोग में लाया जा सकता है, जिससे सार्वजनिक संपत्ति का बेहतर उपयोग होता है।
  • लक्ष्यों की प्रगति एक केंद्रीय पोर्टल पर दर्ज होती है, जिससे नियमित निगरानी और सार्वजनिक जानकारी दोनों सुनिश्चित होती हैं।
  • पर्यटन मंत्रालय जैसे प्रत्येक मंत्रालय अपने अधीन कार्यालयों और संस्थानों के माध्यम से इसे लागू करता है, जबकि समन्वय और निगरानी का दायित्व DARPG के पास रहता है।
  • ऐसे अभियान प्रशासनिक संस्कृति में अनुशासन, अभिलेख-प्रबंधन और सेवा-वितरण में गति लाने के साधन माने जाते हैं।

मुख्य विशेषताएँ

Feature Significance
अभियान का स्वरूप विशेष अभियान (एससीडीपीएम) 6.0 (Special Campaign for Disposal of Pending Matters 6.0) लंबित मामलों के निपटान और स्वच्छता के दोहरे उद्देश्य से चलाया जा रहा है। यह एक समयबद्ध, अभियान-आधारित प्रशासनिक पहल है।
लक्ष्य और उपलब्धि कुल 5,654 लक्ष्य चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 3,563 गतिविधियाँ पूरी हो चुकी हैं। यह लगभग 63 प्रतिशत प्रगति है। लक्ष्य एससीडीपीएम पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं, जिससे प्रगति की ऑनलाइन निगरानी संभव होती है।
कार्यालय स्थान की मुक्ति स्वच्छता और कबाड़ निपटान के परिणामस्वरूप 62,691 वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली हुआ है। इससे संसाधनों के बेहतर उपयोग और कार्यस्थल की कार्यकुशलता में सुधार का संकेत मिलता है।
कबाड़ निपटान से राजस्व कबाड़ निपटान से ₹64,58,145 (लगभग ₹64.58 लाख) का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह सरकारी संपत्ति के नियमबद्ध निपटान से होने वाली आय का उदाहरण है।
फाइलों की समीक्षा 3,006 से अधिक भौतिक फाइलों और 2,366 ई-ऑफिस फाइलों की समीक्षा की जानी है। इसमें भौतिक और डिजिटल दोनों अभिलेखों का एक साथ निपटान शामिल है।
संस्थागत समन्वय और निगरानी पर्यटन मंत्रालय के भारत पर्यटन कार्यालय, होटल प्रबंधन संस्थान (IHM), भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM) और भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) मिलकर अभियान चला रहे हैं। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) पोर्टल की निगरानी करता है।

महत्व

प्रशासनिक

  • लंबित मामलों का शीघ्र निपटान नौकरशाही में कार्य-विलंब घटाने और फाइल-प्रवाह को गतिशील बनाने में सहायक है।
  • भौतिक और ई-ऑफिस दोनों प्रकार की फाइलों की समीक्षा से अभिलेख-प्रबंधन में एकरूपता आती है।
  • लक्ष्य-आधारित अभियान और केंद्रीय पोर्टल पर निगरानी से जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ती है।

आर्थिक

  • कबाड़ निपटान से प्राप्त राजस्व सरकारी संपत्ति के प्रबंधन की वित्तीय उपयोगिता को दर्शाता है।
  • खाली हुए कार्यालय स्थान से किराया-बचत और स्थान के बेहतर उपयोग की संभावना बनती है।

स्वच्छता और कार्यस्थल सुधार

  • कार्यालय परिसरों की स्वच्छता से कार्यस्थल की कार्य-दशा और कर्मचारियों की उत्पादकता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत आदत बनाने की दिशा में यह अभियान एक व्यवहारिक कदम है।

सुशासन और डिजिटल शासन

  • ई-ऑफिस प्रणाली के साथ भौतिक फाइलों की समीक्षा से कागज-आधारित प्रशासन से डिजिटल प्रशासन की ओर संक्रमण का पता चलता है।
  • प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग की निगरानी सुशासन के व्यापक ढांचे से जुड़ती है।

चुनौतियाँ

1. अभियान-आधारित कार्यप्रणाली की सततता

  • विशेष अभियान सीमित अवधि के लिए चलते हैं, जिससे उपलब्धियों के बाद पुराने ढर्रे पर लौटने का खतरा रहता है।
  • लंबित मामलों का नियमित और स्वचालित निपटान तंत्र बनना आवश्यक है, न कि केवल अभियान-मोड में निपटान।

2. भौतिक और डिजिटल अभिलेखों का समन्वय

  • भौतिक फाइलों और ई-ऑफिस फाइलों की समीक्षा का अलग-अलग तंत्र होने से दोहराव और त्रुटि की संभावना रहती है।
  • पुराने भौतिक अभिलेखों के डिजिटलीकरण के बिना पूर्ण पारदर्शिता कठिन है।

3. लक्ष्य-पूर्ति के आँकड़े और गुणवत्ता

  • लक्ष्य पूरे होने की संख्या (गतिविधियों की गिनती) और उनका वास्तविक गुणात्मक प्रभाव अलग-अलग विषय हैं।
  • आंकड़ों की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र सत्यापन और नियमित ऑडिट आवश्यक हैं।

4. सार्वजनिक संपत्ति के निपटान में पारदर्शिता

  • कबाड़ निपटान से होने वाली आय का लेखांकन और नीलामी प्रक्रिया नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
  • सरकारी संपत्ति के निपटान में पक्षपात या अनियमितता से बचने के लिए स्पष्ट प्रक्रिया और सार्वजनिक दस्तावेजीकरण आवश्यक है।

5. बहु-संस्थागत समन्वय

  • मंत्रालय के मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों, संस्थानों और निगम के बीच समन्वय बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है।
  • विभिन्न इकाइयों की प्रशासनिक क्षमता और संसाधन असमान होने से प्रगति में अंतर आ सकता है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

Issue Concern
अभियान की निरंतरता उपलब्धियाँ सीमित अवधि तक रह सकती हैं; नियमित निपटान तंत्र की कमी।
भौतिक और ई-ऑफिस फाइलों का समन्वय दोहरे अभिलेख-तंत्र से त्रुटि और विलंब की संभावना।
लक्ष्य बनाम वास्तविक प्रभाव पूर्ण गतिविधियों की संख्या से गुणवत्ता का आकलन नहीं होता।
कबाड़ निपटान में पारदर्शिता नीलामी और राजस्व-लेखांकन में नियमों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक।
बहु-संस्थागत समन्वय मंत्रालय, संस्थानों और निगम की क्षमता और संसाधनों में अंतर।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • विशेष अभियान (एससीडीपीएम) 6.0 (Special Campaign for Disposal of Pending Matters 6.0)

आगे की राह

  • लंबित मामलों के निपटान को अभियान से आगे बढ़ाकर नियमित और समयसीमा-आधारित तंत्र में बदला जाए।
  • भौतिक फाइलों का चरणबद्ध डिजिटलीकरण कर ई-ऑफिस पर एकल अभिलेख-प्रणाली स्थापित की जाए।
  • लक्ष्य-पूर्ति के साथ गुणात्मक मूल्यांकन के संकेतक जोड़े जाएँ, जैसे फाइल-निपटान की औसत अवधि और शिकायतों में कमी।
  • कबाड़ निपटान की नीलामी और राजस्व-लेखांकन में सार्वजनिक वित्तीय नियमों का कठोरता से पालन सुनिश्चित किया जाए।
  • खाली हुए कार्यालय स्थान के बेहतर उपयोग की योजना बनाई जाए, ताकि संसाधन-बचत स्थायी रूप से दिखे।
  • क्षेत्रीय कार्यालयों और संस्थानों के लिए क्षमता-निर्माण और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएँ।
  • स्वच्छता को कार्यालय-संस्कृति का हिस्सा बनाने हेतु कर्मचारियों की भागीदारी और जागरूकता-अभियान जारी रखे जाएँ।
  • DARPG पोर्टल पर प्रगति के आँकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराकर स्वतंत्र निगरानी को प्रोत्साहित किया जाए।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

विशेष अभियान 6.0 (Special Campaign 6.0) · लंबित मामलों का निपटान · प्रशासनिक सुधार · ई-गवर्नेंस (e-Governance) · ई-ऑफिस (e-Office) · सार्वजनिक अभिलेख प्रबंधन · प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) · सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 · नौकरशाही और नियम-आधारित प्रशासन (Max Weber) · डिजिटल डेटा सुरक्षा और व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (Digital Personal Data Protection Act, 2023) · कार्यस्थल की कार्यकुशलता · स्क्रैप निपटान से राजस्व

अवधारणा प्रवाह

लंबित मामलों और अव्यवस्थित कार्यालय-स्थान की समस्या की पहचान  →  एससीडीपीएम 6.0 के तहत 5,654 लक्ष्यों का निर्धारण और एससीडीपीएम पोर्टल पर अपलोड  →  पर्यटन मंत्रालय, IHM, IITTM, ITDC और क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा समन्वित गतिविधियाँ  →  भौतिक और ई-ऑफिस फाइलों की समीक्षा तथा अनुपयोगी सामग्री का कबाड़ निपटान  →  परिणामस्वरूप 62,691 वर्ग फुट स्थान की मुक्ति और लगभग ₹64.58 लाख का राजस्व  →  DARPG पोर्टल पर नियमित निगरानी और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता  →  कार्यकुशलता, पारदर्शिता और स्थायी प्रशासनिक सुधार की दिशा में आगे बढ़ना

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ई-ऑफिस (e-Office) मंच राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित किया गया है।
2. प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
3. पर्यटन मंत्रालय स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) का नोडल मंत्रालय है।

उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. इनमें से कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है: ई-ऑफिस मंच NIC द्वारा विकसित है और केंद्र सरकार के मंत्रालयों में फाइल-प्रबंधन के लिए अपनाया गया है। कथन 2 सही है: DARPG कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत आता है और लंबित मामलों की निगरानी के पोर्टल का संचालन करता है। कथन 3 गलत है: स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) का नोडल मंत्रालय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय है, पर्यटन मंत्रालय नहीं; अतः सही उत्तर ‘केवल दो’ है।

Q2. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (A): सरकारी कार्यालयों में फाइलों का डिजिटल प्रबंधन भौतिक अभिलेखों के भंडारण के लिए आवश्यक कार्यस्थल को कम कर सकता है।
कारण (R): इलेक्ट्रॉनिक फाइल-प्रणाली में नोटिंग, प्रेषण और अभिलेखन बिना भौतिक फाइलों के संभव होता है।

उपर्युक्त के संदर्भ में सही विकल्प चुनिए:

  1. A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
  2. A और R दोनों सही हैं, किंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
  3. A सही है, किंतु R गलत है
  4. A गलत है, किंतु R सही है

उत्तर: A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है — A सही है: इलेक्ट्रॉनिक फाइल-प्रबंधन से भौतिक फाइलों और उनके भंडारण-स्थान की आवश्यकता घटती है, जैसा कि विशेष अभियान में खाली हुए कार्यालय स्थान से स्पष्ट है। R भी सही है और यही A का कारण बताता है, इसलिए R, A की सही व्याख्या है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत में सरकारी कार्यालयों में फाइलों और अभिलेखों का जमा होना प्रशासनिक दक्षता के लिए एक निरंतर चुनौती रहा है। ई-गवर्नेंस के विस्तार से इसके समाधान की संभावना बढ़ी है। इस संदर्भ में ई-ऑफिस जैसे मंचों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। साथ ही उत्तर दीजिए कि यदि डिजिटल अभिलेखों के प्रबंधन में सुरक्षा और पारदर्शिता के उपाय पर्याप्त न हों, तो प्रशासनिक सुधार के उद्देश्य पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल उत्तर-संरचना: (1) भूमिका: पर्यटन मंत्रालय का विशेष अभियान 6.0 (एससीडीपीएम) लंबित मामलों के निपटान, स्वच्छता और कार्यस्थल दक्षता पर केंद्रित है; 5,654 लक्ष्यों में से 3,563 गतिविधियां पूरी, 62,691 वर्ग फुट स्थान खाली और ₹64.58 लाख का स्क्रैप-राजस्व; समन्वय DARPG के एससीडीपीएम पोर्टल से। (2) नौकरशाही का सैद्धांतिक आधार: मैक्स वेबर की नियम-आधारित, लिखित दस्तावेज़ों पर आधारित नौकरशाही; फाइल-आधारित कार्यप्रणाली से पैदा हुई विलंब की प्रवृत्ति (फाइलों का लंबित रहना)। (3) ई-ऑफिस की भूमिका: NIC द्वारा विकसित मंच; डिजिटल नोटिंग और प्रेषण से समय-सीमा निगरानी, पारदर्शिता, भौतिक भंडारण में कमी; डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा। (4) अभिलेख प्रबंधन का विधिक ढांचा: सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 (केंद्रीय अभिलेखों का रखरखाव और विनाश-प्रक्रिया; राष्ट्रीय अभिलेखागार की भूमिका); सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 4 (अभिलेखों का सूचीकरण और अनुक्रमण) की बाध्यता। (5) सुधार-आयोग: द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग (वीरप्पा मोइली) की 12वीं रिपोर्ट ‘Citizen Centric Administration’ के सुझाव। (6) सुरक्षा और गोपनीयता: डेटा सुरक्षा का प्रश्न; के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) में निजता को मौलिक अधिकार मानना; व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023; CERT-In की भूमिका; साइबर हमलों का जोखिम। (7) संतुलित दृष्टिकोण: ई-ऑफिस प्रक्रिया-सरलीकरण के बिना केवल भौतिक फाइल को डिजिटल बनाने तक सीमित रह सकता है; डिजिटल विभाजन और क्षमता-निर्माण की कमी; विक्रेता-निर्भरता। (8) निष्कर्ष: ई-गवर्नेंस आवश्यक किंतु पर्याप्त नहीं; प्रक्रिया-पुनर्रचना, डेटा सुरक्षा ढांचा, प्रशिक्षण और जवाबदेही-तंत्र के साथ ही प्रशासनिक सुधार सार्थक होते हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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