21 Jul पर्यटन मंत्रालय ने 5,756 करोड़ रुपये की 117 परियोजनाओं को दी मंजूरी, जानिए कैसे मिलेगा लाभ
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper I — भारतीय संस्कृति और विरासत, भूगोल | GS Paper II — सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था, अवसंरचना
- Prelims: पर्यटन मंत्रालय, स्वदेश दर्शन 2.0 योजना, तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रशाद), इंक्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म, एक भारत श्रेष्ठ भारत, ई-वीज़ा सुविधा
- Essay: पर्यटन: आर्थिक विकास और सांस्कृतिक संवर्धन का वाहक, भारत में समावेशी और सतत पर्यटन का भविष्य
त्वरित पुनरावृत्ति: पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन 2.0 और प्रशाद जैसी योजनाओं के तहत 5,756.62 करोड़ रुपये की 117 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, साथ ही ‘इंक्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म’ के माध्यम से डिजिटल प्रचार और यात्रा सुगमता को बढ़ाया है, जिससे भारत में पर्यटन को समग्र बढ़ावा मिल सके।
यह खबर चर्चा में क्यों?
पर्यटन मंत्रालय ने पिछले दो वर्षों में पर्यटन अवसंरचना के विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए 5,756.62 करोड़ रुपये की कुल 117 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। यह अनुमोदन विभिन्न योजनाओं जैसे स्वदेश दर्शन 2.0 और तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रशाद) के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य देश भर में पर्यटन को बढ़ावा देना है। मंत्रालय ने डिजिटल प्रचार और यात्रा सुगमता के लिए भी कई पहलें की हैं, जिनमें ‘इंक्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म’ शामिल है।
पृष्ठभूमि
- भारत में पर्यटन क्षेत्र GDP में महत्वपूर्ण योगदान देता है और बड़ी संख्या में रोज़गार सृजित करता है।
- सरकार ने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी है।
- कोविड-19 महामारी के बाद पर्यटन क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ था, जिसके बाद इसके पुनरुद्धार के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता महसूस की गई।
- पर्यटन मंत्रालय विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है ताकि पर्यटन स्थलों का विकास किया जा सके।
- डिजिटल प्रचार और कनेक्टिविटी में सुधार को पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
- सांस्कृतिक पर्यटन और विरासत स्थलों का संरक्षण भारत की समृद्ध विविधता को प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने की प्रमुख पहलें
- **स्वदेश दर्शन 2.0:** यह योजना थीम-आधारित पर्यटन सर्किट के विकास पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य स्थायी और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना है। यह गंतव्य-विशिष्ट विकास पर ज़ोर देती है।
- **तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रशाद) योजना:** इस योजना का उद्देश्य देश भर में तीर्थयात्रा और विरासत स्थलों का एकीकृत विकास करना है, जिससे पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर अनुभव सुनिश्चित हो सके।
- **इंक्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म:** सितंबर 2024 में लॉन्च किया गया यह बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए वन-स्टॉप समाधान है, जो यात्रा सामग्री, आवश्यक जानकारी और फ्लाइट, होटल, कैब और ASI स्मारक टिकटों की बुकिंग की सुविधा प्रदान करता है।
- **एक भारत श्रेष्ठ भारत (EBSB) पहल:** शिक्षा मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित इस पहल के तहत, पर्यटन मंत्रालय भी सांस्कृतिक आदान-प्रदान, छात्र विनिमय कार्यक्रम और क्षेत्रीय व्यंजन उत्सवों के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देता है, जिससे राष्ट्रीय एकता सुदृढ़ होती है।
- **भारत पर्व:** गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के रूप में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह प्रमुख कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन क्षमता और विविध परंपराओं को प्रदर्शित करता है, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी होती है।
- **अंतर्राष्ट्रीय प्रचार:** मंत्रालय प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में पर्यटन रोडशो, व्यापार सम्मेलनों, मीडिया अभियानों और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मेलों में भागीदारी के माध्यम से भारत को बढ़ावा देता है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| पर्यटन अवसंरचना विकास | देश भर में पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और उन्नयन। |
| डिजिटल प्रचार | ‘इंक्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म’ और सोशल मीडिया के माध्यम से घरेलू व अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करना। |
| केंद्रीय वित्तीय सहायता | राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को विभिन्न योजनाओं के तहत पर्यटन विकास के लिए धन उपलब्ध कराना। |
| ई-वीज़ा सुविधा | अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए वीज़ा प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिले। |
| सांस्कृतिक संवर्धन | भारत पर्व, राष्ट्रीय एकता दिवस और छात्र विनिमय कार्यक्रमों के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- पर्यटन क्षेत्र में निवेश से रोज़गार सृजन होता है, विशेषकर स्थानीय समुदायों के लिए।
- यह विदेशी मुद्रा आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जिससे देश के भुगतान संतुलन (Balance of Payments) में सुधार होता है।
- पर्यटन अवसंरचना के विकास से संबंधित उद्योगों जैसे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प आदि को बढ़ावा मिलता है।
सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व
- ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है, जिससे राष्ट्रीय एकता और सद्भाव सुदृढ़ होता है।
- स्थानीय कला, संस्कृति और विरासत के संरक्षण और संवर्धन में मदद मिलती है, जिससे सांस्कृतिक पहचान बनी रहती है।
- पर्यटन से लोगों के बीच संपर्क बढ़ता है और विभिन्न क्षेत्रों की जीवन शैली, खान-पान और परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है।
सामरिक महत्व
- अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने से भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ बढ़ती है और वैश्विक मंच पर देश की छवि बेहतर होती है।
- दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन विकास से समावेशी विकास सुनिश्चित होता है और क्षेत्रीय असंतुलन कम होता है।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सूचना तक आसान पहुँच से पर्यटकों के लिए भारत एक आकर्षक गंतव्य बन जाता है।
चुनौतियाँ
1. अवसंरचनात्मक कमियाँ
- कई पर्यटन स्थलों पर अभी भी सड़क, रेल और हवाई संपर्क की कमी है, जिससे पर्यटकों को असुविधा होती है।
- स्वच्छता, सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित करता है।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन-III: अवसंरचना
2. पर्यावरणीय प्रभाव
- पर्यटन गतिविधियों से प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है और प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
- अत्यधिक पर्यटन से संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्रों और जैव विविधता को नुकसान पहुँच सकता है।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन-III: पर्यावरण संरक्षण
3. मानव संसाधन का अभाव
- पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षित गाइड, होटल कर्मचारी और अन्य सेवा प्रदाताओं की कमी है।
- भाषा बाधा और सांस्कृतिक संवेदनशीलता की कमी भी पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित कर सकती है।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन-II: मानव संसाधन
4. सुरक्षा और संरक्षा
- विशेषकर महिला पर्यटकों के लिए सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषय है, जिससे पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- धोखाधड़ी और उत्पीड़न की घटनाएँ पर्यटकों के विश्वास को कम करती हैं।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन-III: आंतरिक सुरक्षा
5. डिजिटल साक्षरता और पहुँच
- ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण डिजिटल प्लेटफॉर्म का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है।
- इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल भुगतान अवसंरचना की कमी भी एक चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन-III: सूचना प्रौद्योगिकी
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| स्थानीय समुदाय की भागीदारी | पर्यटन विकास में स्थानीय लोगों को पर्याप्त रूप से शामिल न करने से उन्हें लाभ से वंचित होना। |
| मौसम संबंधी चुनौतियाँ | जलवायु परिवर्तन और चरम मौसमी घटनाएँ पर्यटन को बाधित कर सकती हैं। |
| विपणन और ब्रांडिंग | अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पर्यटन क्षमता का प्रभावी ढंग से विपणन न कर पाना। |
| पर्यटन स्थलों का अति-उपयोग | कुछ लोकप्रिय स्थलों पर पर्यटकों की अत्यधिक भीड़ से उनकी वहन क्षमता पर दबाव। |
| नीतिगत कार्यान्वयन | योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय की कमी। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- स्वदेश दर्शन 2.0
- चुनौती आधारित गंतव्य विकास
- तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रशासित)
- पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सहायता
- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए जुगा)
- राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता – वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों का विकास
- एक भारत श्रेष्ठ भारत
आगे की राह
- पर्यटन स्थलों पर विश्व स्तरीय अवसंरचना (सड़क, रेल, हवाई संपर्क, स्वच्छता) का विकास सुनिश्चित किया जाए।
- स्थानीय समुदायों को पर्यटन गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाए, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ मिल सके और उनकी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हो।
- पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन (Eco-tourism) और स्थायी पर्यटन प्रथाओं को बढ़ावा दिया जाए ताकि पर्यावरणीय क्षरण को रोका जा सके।
- पर्यटन क्षेत्र में कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मज़बूत किया जाए ताकि प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
- पर्यटकों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तंत्र स्थापित किए जाएँ और जागरूकता अभियान चलाए जाएँ।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक किया जाए, साथ ही डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया जाए।
- अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भारत की विविध पर्यटन क्षमता का आक्रामक विपणन और ब्रांडिंग की जाए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
पर्यटन अवसंरचना · स्वदेश दर्शन 2.0 · तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रशाद) · डिजिटल प्रचार · एक भारत श्रेष्ठ भारत · सांस्कृतिक पर्यटन · ई-वीज़ा सुविधा · आर्थिक संवृद्धि
अवधारणा प्रवाह
पर्यटन मंत्रालय द्वारा वित्तीय सहायता और योजनाओं की घोषणा → पर्यटन अवसंरचना का विकास और डिजिटल प्रचार → घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि → रोज़गार सृजन और विदेशी मुद्रा आय में वृद्धि → स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान → राष्ट्रीय एकता और वैश्विक मंच पर भारत की छवि में सुधार
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. पर्यटन मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित निम्नलिखित में से कौन सी योजनाएँ पर्यटन अवसंरचना के विकास से संबंधित हैं?
1. स्वदेश दर्शन 2.0
2. चुनौती आधारित गंतव्य विकास
3. धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए जुगा)
4. एक भारत श्रेष्ठ भारत
सही विकल्प चुनें:
(A) केवल 1, 2 और 3
(B) केवल 2, 3 और 4
(C) केवल 1, 3 और 4
(D) 1, 2, 3 और 4
- (A) केवल 1, 2 और 3
- (B) केवल 2, 3 और 4
- (C) केवल 1, 3 और 4
- (D) 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (A) केवल 1, 2 और 3 — कथन 1, 2 और 3 पर्यटन मंत्रालय की वे योजनाएँ हैं जो पर्यटन अवसंरचना के विकास और बुनियादी सुविधाओं के संवर्धन के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं। कथन 4, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है, जिसमें पर्यटन मंत्रालय भी सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम चलाता है, लेकिन यह सीधे पर्यटन अवसंरचना के विकास से संबंधित नहीं है।
Q2. इंक्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. इसे सितंबर 2024 में लॉन्च किया गया था।
2. यह केवल घरेलू पर्यटकों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
3. यह ऑनलाइन ट्रैवल एजेंटों (OTA) के साथ साझेदारी के माध्यम से बुकिंग सुविधाएँ प्रदान करता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 3
(C) केवल 1 और 3
(D) 1, 2 और 3
- (A) केवल 1 और 2
- (B) केवल 2 और 3
- (C) केवल 1 और 3
- (D) 1, 2 और 3
उत्तर: (C) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। इंक्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म सितंबर 2024 में लॉन्च किया गया था और यह ऑनलाइन ट्रैवल एजेंटों (OTA) के साथ साझेदारी के माध्यम से बुकिंग सुविधाएँ प्रदान करता है। कथन 2 गलत है क्योंकि यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों यात्रियों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत में पर्यटन अवसंरचना के विकास में पर्यटन मंत्रालय की भूमिका का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। इस संदर्भ में, ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ और ‘प्रशाद’ जैसी योजनाओं के महत्व पर प्रकाश डालिए तथा बताइए कि ये योजनाएँ देश की आर्थिक संवृद्धि और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में कैसे योगदान करती हैं। (250 शब्द)
रूपरेखा: उत्तर की शुरुआत पर्यटन मंत्रालय की भूमिका के संक्षिप्त परिचय से करें। फिर, पर्यटन अवसंरचना के विकास में मंत्रालय द्वारा की गई पहलों और स्वीकृत परियोजनाओं का उल्लेख करें। ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ और ‘प्रशाद’ जैसी प्रमुख योजनाओं के उद्देश्यों और उनके कार्यान्वयन के तरीकों पर विस्तार से चर्चा करें। अंत में, इन योजनाओं के माध्यम से आर्थिक संवृद्धि, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में पर्यटन के योगदान का विश्लेषण करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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