पीएम आवास योजना-शहरी 2.0: 2026 तक 1 करोड़ घर, महिलाओं को मिलेगा प्राथमिकता

प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी: आवासन, समावेशन और सशक्तीकरण की कहानी — diagram

पीएम आवास योजना-शहरी 2.0: 2026 तक 1 करोड़ घर, महिलाओं को मिलेगा प्राथमिकता

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PMAY-U 2.0 Structure

✎ प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सभी पात्र परिवारों को किफायती और पक्के आवास उपलब्ध कराकर समावेशी विकास को बढ़ावा देना है, और PMAY-U 2.0 इस लक्ष्य को और अधिक…

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper I — भारतीय समाज, शहरीकरण, गरीबी और विकासात्मक विषय  |  GS Paper II — सरकार की नीतियां और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप, सामाजिक न्याय  |  GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था, समावेशी विकास
  • Prelims: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U), PMAY-U 2.0, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG), मध्यम आय वर्ग (MIG), सभी के लिए आवास, शहरी विकास मंत्रालय, केंद्रीय सहायता
  • Essay: शहरीकरण, समावेशी विकास और आवास का अधिकार, भारत में सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण में सरकारी योजनाओं की भूमिका

त्वरित पुनरावृत्ति: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सभी पात्र परिवारों को किफायती और पक्के आवास उपलब्ध कराकर समावेशी विकास को बढ़ावा देना है, और PMAY-U 2.0 इस लक्ष्य को और अधिक व्यापक व समावेशी तरीके से आगे बढ़ा रहा है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) एक प्रमुख शहरी आवास मिशन है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास’ सुनिश्चित करना है। हाल ही में, इस योजना के क्रियान्वयन से प्राप्त अनुभवों और बढ़ती आवासीय मांग को देखते हुए सितंबर 2024 में PMAY-U को पुनर्गठित करके PMAY-U 2.0 शुरू किया गया है। यह पुनर्गठन समावेशिता पर विशेष जोर देता है और महिलाओं तथा अन्य संवेदनशील शहरी वर्गों तक लाभ पहुंचाने का प्रयास करता है, जिससे यह योजना एक बार फिर चर्चा में है।

पृष्ठभूमि

  • प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) का शुभारंभ जून 2015 में किया गया था, जिसका मुख्य लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास’ सुनिश्चित करना है।
  • इस योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG), मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों तथा झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों की आवासीय जरूरतों को पूरा किया जाता है।
  • मिशन की मूल अवधि मार्च 2022 तक थी, जिसे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अनुरोध तथा स्वीकृत परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया था।
  • गुणवत्तापूर्ण आवास से न केवल रहने की स्थिति में सुधार होता है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय सुरक्षा और समग्र कल्याण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • जियो-टैगिंग और रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसी प्रौद्योगिकी-आधारित प्रणालियों ने इस योजना की पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत किया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) क्या है?

  • PMAY-U भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख शहरी आवास योजना है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सभी पात्र परिवारों को बुनियादी नागरिक सुविधाओं से युक्त पक्के मकान उपलब्ध कराना है।
  • यह योजना मुख्य रूप से झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों की आवासीय जरूरतों पर केंद्रित है।
  • लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बेटे तथा/या अविवाहित बेटियां शामिल होती हैं, जिनके नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
  • कोई पात्र लाभार्थी मिशन के चारों में से केवल एक घटक का लाभ ले सकता है।
  • केंद्र सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को किफायती आवास के निर्माण और उपलब्धता के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान करती है।
  • PMAY-U 2.0, जो सितंबर 2024 में शुरू किया गया, इस मिशन का अगला चरण है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
शहरी क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास’ शहरी गरीबों और मध्यम वर्ग की आवासीय आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु व्यापक दृष्टिकोण।
पात्रता मानदंड पति, पत्नी और अविवाहित बच्चों वाले परिवारों तथा अकेले कमाने वाले वयस्कों को शामिल कर समावेशिता सुनिश्चित करना।
PMAY-U 2.0 का शुभारंभ योजना के अनुभवों और बढ़ती आवासीय मांग के आधार पर पुनर्गठन, समावेशिता पर विशेष जोर।
प्रौद्योगिकी का उपयोग (जियो-टैगिंग, रियल-टाइम डैशबोर्ड) योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी को बढ़ावा देना।
वित्तीय सहायता पात्र परिवारों को मकान बनाने या खरीदने के लिए प्रति इकाई ₹2.50 लाख तक की केंद्रीय सहायता।

महत्व

सामाजिक समावेशन

  • यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG), मध्यम आय वर्ग (MIG) और झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों को पक्के मकान उपलब्ध कराकर सामाजिक समानता को बढ़ावा देती है।
  • महिलाओं और अन्य संवेदनशील शहरी वर्गों को आवास का अधिकार प्रदान कर उनके सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • एक सुरक्षित और स्थायी घर गरिमापूर्ण जीवन की नींव रखता है, जिससे परिवारों को स्थिरता और सुरक्षा मिलती है।

आर्थिक संवृद्धि

  • आवास क्षेत्र में निवेश से निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, जिससे रोजगार सृजन होता है और अर्थव्यवस्था को गति मिलती है।
  • गुणवत्तापूर्ण आवास से स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्तीय सुरक्षा में सुधार होता है, जो मानव पूंजी निर्माण के लिए आवश्यक है।

शहरी विकास

  • यह योजना अनौपचारिक बस्तियों को औपचारिक आवास में परिवर्तित कर शहरी नियोजन और विकास में सहायता करती है।
  • बुनियादी नागरिक सुविधाओं से युक्त पक्के मकान उपलब्ध कराकर शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार करती है।

चुनौतियाँ

1. भूमि अधिग्रहण और उपलब्धता

  • शहरी क्षेत्रों में भूमि की कमी और उच्च लागत किफायती आवास परियोजनाओं के लिए एक बड़ी चुनौती है।
  • विभिन्न राज्यों में भूमि अधिग्रहण कानूनों की जटिलताएँ परियोजनाओं में देरी का कारण बनती हैं।

2. वित्तीय वहनीयता और ऋण उपलब्धता

  • कम आय वर्ग के परिवारों के लिए ऋण प्राप्त करना और उसकी किस्तों का भुगतान करना अभी भी एक चुनौती है।
  • बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा ऋण देने में संकोच या जटिल प्रक्रियाएँ लाभार्थियों के लिए बाधाएँ उत्पन्न करती हैं।

3. गुणवत्ता और टिकाऊपन

  • कुछ परियोजनाओं में निर्माण की गुणवत्ता और टिकाऊपन को लेकर चिंताएँ सामने आई हैं।
  • जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति प्रतिरोधी आवासों का निर्माण सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

4. जागरूकता और पहुँच

  • पात्र लाभार्थियों के बीच योजना के घटकों और लाभों के बारे में जागरूकता की कमी देखी जाती है।
  • दूरदराज के शहरी क्षेत्रों और हाशिए पर पड़े समुदायों तक योजना की पहुँच सुनिश्चित करना आवश्यक है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
शहरी भूमि की कमी किफायती आवास के लिए पर्याप्त और उपयुक्त भूमि की अनुपलब्धता।
लाभार्थियों की पहचान वास्तविक पात्र लाभार्थियों की सटीक पहचान और अपात्रों को बाहर करना।
परियोजनाओं का क्रियान्वयन परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने में देरी।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव आवास के साथ-साथ जल, स्वच्छता, बिजली जैसी आवश्यक नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
राज्य सरकारों का सहयोग केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय और वित्तीय भागीदारी में चुनौतियाँ।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U)

आगे की राह

  • शहरी क्षेत्रों में भूमि बैंक विकसित करने और भूमि उपयोग नियमों को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित करना।
  • किफायती आवास के लिए अभिनव निर्माण तकनीकों और सामग्री को बढ़ावा देना, जिससे लागत कम हो और गुणवत्ता बनी रहे।
  • वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर लाभार्थियों के लिए ऋण प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाना।
  • योजना के लाभों और पात्रता मानदंडों के बारे में व्यापक जागरूकता अभियान चलाना, विशेषकर हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए।
  • जियो-टैगिंग और रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसी प्रौद्योगिकी-आधारित प्रणालियों का और अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना।
  • राज्य और स्थानीय निकायों के साथ मजबूत समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं के त्वरित और कुशल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना।
  • आवास परियोजनाओं में जलवायु-लचीलेपन और हरित निर्माण प्रथाओं को एकीकृत करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी · सभी के लिए आवास · शहरी आवास मिशन · आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग · निम्न आय वर्ग · मध्यम आय वर्ग · समावेशी विकास · किफायती आवास · शहरीकरण · बुनियादी नागरिक सुविधाएं

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 21’, ‘note’: ‘गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 38’, ‘note’: ‘राज्य लोक कल्याण को बढ़ावा देगा’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 46’, ‘note’: ‘कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा’}

अवधारणा प्रवाह

शहरीकरण और बढ़ती आबादी  →  शहरी आवास की कमी और झुग्गी-झोपड़ियों का प्रसार  →  प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U) का शुभारंभ  →  किफायती आवास का निर्माण और वितरण  →  शहरी परिवारों के लिए बेहतर जीवन स्तर और सशक्तिकरण

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह योजना जून 2015 में शुरू की गई थी और इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास’ सुनिश्चित करना है।
2. PMAY-U 2.0, जो सितंबर 2024 में शुरू किया गया, का लक्ष्य एक करोड़ अतिरिक्त शहरी गरीब तथा मध्यम वर्गीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है।
3. इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बेटे तथा/या अविवाहित बेटियां शामिल होती हैं, जिनके नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है। PMAY-U जून 2015 में शुरू की गई थी जिसका लक्ष्य ‘सभी के लिए आवास’ था। कथन 2 सही है। PMAY-U 2.0 सितंबर 2024 में शुरू किया गया, जिसका लक्ष्य एक करोड़ अतिरिक्त शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को आवास प्रदान करना है। कथन 3 सही है। लाभार्थी परिवार की परिभाषा में पति, पत्नी और अविवाहित बेटे/बेटियां शामिल हैं, जिनके पास देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।

Q2. प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
1. यह योजना केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के परिवारों को लक्षित करती है।
2. PMAY-U के तहत, केंद्र सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को किफायती आवास के निर्माण के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान करती है।
3. मूल मिशन अवधि मार्च 2022 तक थी, जिसे अब 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
सही उत्तर का चयन कीजिए:

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 2 और 3 — कथन 1 गलत है। PMAY-U आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों तथा झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों को लक्षित करती है। कथन 2 सही है। केंद्र सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को केंद्रीय सहायता प्रदान करती है। कथन 3 सही है। मूल मिशन अवधि मार्च 2022 तक थी, जिसे 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास’ सुनिश्चित करना है। इस कथन के आलोक में, PMAY-U के प्रमुख उद्देश्यों और इसके क्रियान्वयन में प्रौद्योगिकी की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: उत्तर में PMAY-U के मुख्य उद्देश्यों का विस्तार से वर्णन करें, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों तथा झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों की आवासीय जरूरतों को पूरा करना शामिल हो। योजना के समावेशी पहलुओं, जैसे महिलाओं और अन्य संवेदनशील वर्गों पर विशेष जोर, पर प्रकाश डालें। इसके बाद, योजना के क्रियान्वयन में प्रौद्योगिकी की भूमिका का विश्लेषण करें, जिसमें जियो-टैगिंग और रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसी प्रणालियों का उल्लेख हो, और यह बताएं कि इन्होंने पारदर्शिता और निगरानी को कैसे मजबूत किया है। चुनौतियों और सुधार के क्षेत्रों पर भी संक्षेप में चर्चा करें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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