पीएम-ओएनओएस योजना: आंध्र प्रदेश में 3.11 लाख विद्यार्थियों को मिल रही पत्रिकाओं की पहुँच

पीएम-ओएनओएस योजना: आंध्र प्रदेश में 3.11 लाख विद्यार्थियों को मिल रही पत्रिकाओं की पहुँच

Map of Andhra Pradesh, Arunachal Pradesh, Assam, Bihar, Chhattisgar highlighted on the map of India — PM-ONOS scheme UPSCMind map of PM-ONOS scheme concept mind map — PM-ONOS scheme UPSC

मानचित्र व माइंड-मैप: PM-ONOS Scheme Implementation Across States

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शिक्षा, मानव संसाधन  |  GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ
  • Prelims: पीएम-ओएनओएस योजना, वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन, इन्फ्लिबनेट, उच्च शिक्षा संस्थान, अनुसंधान एवं विकास संस्थान, डिजिटल पहुँच
  • Essay: डिजिटल इंडिया: शिक्षा और ज्ञान तक पहुँच का लोकतंत्रीकरण, भारत में उच्च शिक्षा का भविष्य: चुनौतियाँ और अवसर

त्वरित पुनरावृत्ति: ओएनओएस योजना उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल सदस्यता मॉडल है, जो इन्फ्लिबनेट के माध्यम से 13,000 से अधिक अकादमिक पत्रिकाओं तक व्यापक पहुँच प्रदान करती है, जिससे ज्ञान का लोकतंत्रीकरण होता है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में लोकसभा में ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ (ONOS) योजना के कार्यान्वयन पर अद्यतन जानकारी प्रदान की है। इस योजना के तहत, देश भर के उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) और अनुसंधान एवं विकास (R&D) संस्थानों को 32 प्रकाशकों की 13,000 से अधिक पत्रिकाओं तक पहुँच प्रदान की जा रही है। विशेष रूप से, आंध्र प्रदेश में इस योजना को व्यापक रूप से अपनाया गया है, जहाँ लाखों विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने इसका लाभ उठाया है। सरकार इन्फ्लिबनेट के माध्यम से योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न पहल कर रही है।

पृष्ठभूमि

  • ज्ञान तक पहुँच का लोकतंत्रीकरण: भारत में शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्तापूर्ण अकादमिक संसाधनों तक व्यापक पहुँच सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण लक्ष्य रहा है।
  • डिजिटल खाई को पाटना: देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों सहित दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित संस्थानों के लिए डिजिटल संसाधनों तक पहुँच अक्सर एक चुनौती रही है।
  • अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन: शोधकर्ताओं और छात्रों को नवीनतम वैज्ञानिक, तकनीकी और मानविकी साहित्य तक पहुँच प्रदान करना अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है।
  • लागत प्रभावी समाधान: व्यक्तिगत संस्थानों के लिए हजारों अकादमिक पत्रिकाओं की सदस्यता लेना महंगा और अव्यावहारिक हो सकता है। एक केंद्रीकृत सदस्यता मॉडल इस समस्या का समाधान प्रदान करता है।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप: यह योजना NEP 2020 के उन उद्देश्यों के अनुरूप है जो शिक्षा में प्रौद्योगिकी के उपयोग और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच बढ़ाने पर जोर देते हैं।

ओएनओएस योजना क्या है?

  • इसका मुख्य उद्देश्य देश भर के सभी पात्र उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) और अनुसंधान एवं विकास (R&D) संस्थानों को अकादमिक पत्रिकाओं और संसाधनों तक एक समान डिजिटल पहुँच प्रदान करना है।
  • इस योजना के तहत, 32 प्रमुख प्रकाशकों की 13,000 से अधिक पत्रिकाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, कला और मानविकी जैसे विविध विषय शामिल हैं।
  • सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र (इन्फ्लिबनेट) (Information and Library Network Centre (INFLIBNET)) इस योजना के कार्यान्वयन और प्रबंधन के लिए नोडल एजेंसी है।
  • इन्फ्लिबनेट जागरूकता बढ़ाने और योजना के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न पहल करता है, जैसे संस्थागत स्तर पर विशेष व्याख्यान, वेबिनार और ऑफलाइन उपयोगकर्ता जागरूकता कार्यक्रम।
  • योजना का लक्ष्य डिजिटल पहुँच की कमी वाले संस्थानों तक पहुँच सुनिश्चित करना है, जिससे ज्ञान और अनुसंधान के अवसरों का लोकतंत्रीकरण हो सके।
  • यह योजना आर्टिकल प्रोसेसिंग चार्ज (APC) से संबंधित मुद्दों पर भी जानकारी और सहायता प्रदान करती है, जो शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण विचार है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
व्यापक पहुँच विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, कला और मानविकी सहित विविध विषयों की 13,000 से अधिक पत्रिकाओं तक पहुँच प्रदान करती है।
उच्च शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) तथा अनुसंधान एवं विकास (R&D) संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण शोध सामग्री उपलब्ध कराकर ज्ञान सृजन को प्रोत्साहन।
डिजिटल समावेशन टियर-2 और टियर-3 शहरों सहित सीमित डिजिटल पहुँच वाले संस्थानों तक भी ज्ञान संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
ज्ञान साझाकरण और सहयोग अकादमिक समुदाय के बीच सूचना के आदान-प्रदान और सहयोग को सुगम बनाना।
लागत प्रभावी संस्थानों को व्यक्तिगत रूप से सदस्यता लेने की बजाय एक केंद्रीकृत मॉडल के माध्यम से संसाधनों तक पहुँच प्रदान कर लागत बचाना।

महत्व

शैक्षणिक महत्व

  • यह योजना विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को नवीनतम शोध पत्रों और अकादमिक पत्रिकाओं तक पहुँच प्रदान करके उनके ज्ञान और अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाती है।
  • यह उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार करती है, जिससे भारत वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है।
  • यह विभिन्न विषयों में अध्ययन और अनुसंधान के लिए एक व्यापक मंच प्रदान करती है, जिससे अंतःविषय शिक्षा को बढ़ावा मिलता है।

सामाजिक महत्व

  • डिजिटल विभाजन को कम करने में सहायता करती है, विशेषकर टियर-2 और टियर-3 शहरों के संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक संसाधनों की पहुँच सुनिश्चित करके।
  • ज्ञान आधारित समाज के निर्माण में योगदान देती है, जहाँ सूचना और शिक्षा सभी के लिए सुलभ हो।
  • यह योजना देश भर के शैक्षणिक संस्थानों में एक समान शैक्षिक अवसर प्रदान करने में सहायक है।

प्रशासनिक महत्व

  • यह शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) की एक महत्वपूर्ण पहल है जो देश में शैक्षिक संसाधनों के प्रबंधन और वितरण को सुव्यवस्थित करती है।
  • यह सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र (INFLIBNET) जैसे संस्थानों की भूमिका को मजबूत करती है, जो डिजिटल संसाधनों के एकीकरण और प्रबंधन में महत्वपूर्ण हैं।
  • योजना का कार्यान्वयन सरकार की ‘वन नेशन’ अवधारणा को शिक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ाता है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर संसाधनों का कुशल उपयोग हो सके।

चुनौतियाँ

1. डिजिटल साक्षरता और अवसंरचना

  • दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल उपकरणों की कमी एक बड़ी चुनौती है।
  • विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों में डिजिटल संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए आवश्यक डिजिटल साक्षरता का अभाव।

2. जागरूकता और अपनाने की दर

  • योजना के लाभों और उपयोग के तरीकों के बारे में सभी पात्र संस्थानों और उपयोगकर्ताओं तक पर्याप्त जानकारी का न पहुँचना।
  • कुछ संस्थानों में योजना को अपनाने और इसके संसाधनों का सक्रिय रूप से उपयोग करने में हिचकिचाहट या देरी।

3. तकनीकी एकीकरण और रखरखाव

  • विभिन्न प्रकाशकों की पत्रिकाओं को एक मंच पर एकीकृत करने में तकनीकी जटिलताएँ।
  • प्लेटफॉर्म के निरंतर रखरखाव, अपडेट और तकनीकी सहायता की आवश्यकता।

4. संसाधनों का अनुकूलन

  • यह सुनिश्चित करना कि उपलब्ध 13,000 से अधिक पत्रिकाएँ सभी विषयों और अनुसंधान क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करती हों।
  • उपयोगकर्ताओं की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार संसाधनों को अनुकूलित करने की चुनौती।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
सीमित डिजिटल पहुँच ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में संस्थानों के पास अक्सर विश्वसनीय इंटरनेट कनेक्टिविटी और आवश्यक डिजिटल उपकरणों की कमी होती है, जिससे वे योजना का पूरा लाभ नहीं उठा पाते।
कम जागरूकता योजना के व्यापक लाभों और उपयोग के तरीकों के बारे में सभी पात्र संस्थानों, विशेषकर छोटे कॉलेजों और अनुसंधान केंद्रों में पर्याप्त जागरूकता का अभाव है।
तकनीकी बाधाएँ उपयोगकर्ताओं को प्लेटफॉर्म के इंटरफेस को समझने, खोज करने और सामग्री तक पहुँचने में तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उपयोग की दर प्रभावित होती है।
संस्थागत एकीकरण कुछ संस्थानों में योजना को अपनी मौजूदा पुस्तकालय प्रणालियों और शैक्षणिक प्रक्रियाओं के साथ पूरी तरह से एकीकृत करने में चुनौतियाँ आती हैं।
निरंतर प्रशिक्षण की आवश्यकता नए उपयोगकर्ताओं और संकाय सदस्यों को योजना का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए नियमित प्रशिक्षण और सहायता की आवश्यकता होती है।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS) योजना

आगे की राह

  • डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करना: दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाना।
  • व्यापक जागरूकता अभियान: टियर-2 और टियर-3 शहरों सहित सभी पात्र संस्थानों में योजना के लाभों और उपयोग के तरीकों के बारे में गहन जागरूकता कार्यक्रम चलाना।
  • क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण: विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और पुस्तकालय कर्मचारियों के लिए डिजिटल साक्षरता और ONOS प्लेटफॉर्म के उपयोग पर नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करना।
  • उपयोगकर्ता प्रतिक्रिया तंत्र: उपयोगकर्ताओं से नियमित प्रतिक्रिया प्राप्त करना और प्लेटफॉर्म तथा संसाधनों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप अनुकूलित करना।
  • सामग्री का विस्तार और विविधीकरण: विभिन्न विषयों और भाषाओं में अधिक अकादमिक पत्रिकाओं और शोध सामग्री को शामिल करने पर विचार करना।
  • तकनीकी सहायता और रखरखाव: प्लेटफॉर्म की तकनीकी स्थिरता, सुरक्षा और उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने के लिए निरंतर निवेश सुनिश्चित करना।
  • संस्थागत भागीदारी को सुदृढ़ करना: विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करना ताकि योजना का प्रभावी ढंग से एकीकरण और उपयोग हो सके।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

पीएम-ओएनओएस योजना · वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन · उच्च शिक्षा · अनुसंधान एवं विकास · डिजिटल पहुँच · शैक्षणिक पत्रिकाएँ · ज्ञान अर्थव्यवस्था · सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र (इन्फ्लिबनेट) · शिक्षा मंत्रालय · डिजिटल इंडिया

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 21A’, ‘note’: ‘शिक्षा का अधिकार’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 41’, ‘note’: ‘शिक्षा के अधिकार को सुरक्षित करना’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 46’, ‘note’: ‘शैक्षिक हितों को बढ़ावा देना’}

अवधारणा प्रवाह

सरकार की पहल (ONOS योजना)  →  उच्च शिक्षा संस्थानों को पहुँच  →  गुणवत्तापूर्ण शोध सामग्री की उपलब्धता  →  विद्यार्थियों और संकाय का ज्ञानवर्धन  →  अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहन  →  ज्ञान आधारित समाज का निर्माण

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. पीएम-ओएनओएस (वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन) योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह योजना जनवरी 2025 में शुरू की गई थी।
2. यह विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, कला और मानविकी सहित विविध विषयों की पत्रिकाओं तक पहुँच प्रदान करती है।
3. सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र (इन्फ्लिबनेट) इस योजना के कार्यान्वयन में एक प्रमुख भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि योजना जनवरी 2025 में प्रारंभ की गई थी। कथन 2 सही है क्योंकि यह योजना विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, कला और मानविकी सहित विविध विषयों की पत्रिकाओं तक पहुँच प्रदान करती है। कथन 3 सही है क्योंकि इन्फ्लिबनेट योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न पहल कर रहा है।

Q2. वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ओएनओएस) योजना का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

  1. देश भर के सभी पुस्तकालयों का डिजिटलीकरण करना।
  2. उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों को शैक्षणिक पत्रिकाओं तक व्यापक डिजिटल पहुँच प्रदान करना।
  3. भारत में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना।
  4. सभी छात्रों को मुफ्त इंटरनेट पहुँच प्रदान करना।

उत्तर: उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों को शैक्षणिक पत्रिकाओं तक व्यापक डिजिटल पहुँच प्रदान करना। — ओएनओएस योजना का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) और अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) संस्थानों को विभिन्न विषयों की 13,000 से अधिक पत्रिकाओं तक डिजिटल पहुँच प्रदान करना है, जिससे ज्ञान साझाकरण और अनुसंधान को बढ़ावा मिल सके।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ पीएम-ओएनओएस (वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन) योजना उच्च शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने में किस प्रकार सहायक है? भारत में अकादमिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में इस तरह की पहल के महत्व का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।

रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में पीएम-ओएनओएस योजना के उद्देश्यों और यह कैसे उच्च शिक्षा और अनुसंधान में योगदान करती है, इसका उल्लेख करें। इसमें पत्रिकाओं तक व्यापक पहुँच, ज्ञान साझाकरण और अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार जैसे बिंदुओं को शामिल करें। दूसरे भाग में, भारत में अकादमिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में ऐसी पहलों के महत्व का समालोचनात्मक विश्लेषण करें। इसमें डिजिटल विभाजन को पाटने, टियर-2 और टियर-3 शहरों में पहुँच बढ़ाने, अनुसंधान संस्कृति को बढ़ावा देने और वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति को बेहतर बनाने जैसे पहलुओं पर चर्चा करें। चुनौतियों और आगे की राह पर भी संक्षेप में प्रकाश डाल सकते हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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