24 Jul मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0: प्रमुख प्रावधान और प्रभाव
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — सामाजिक न्याय, शासन और नीतियां | GS Paper III — मानव संसाधन विकास
- Prelims: मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, आंगनवाड़ी केंद्र, पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP), पोषण ट्रैकर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), पंखुड़ी पोर्टल, ईकेवाईसी
- Essay: भारत में बाल कुपोषण और महिला सशक्तिकरण: सरकारी योजनाओं की भूमिका, डिजिटल इंडिया और सामाजिक कल्याण: चुनौतियाँ और अवसर
त्वरित पुनरावृत्ति: मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 एक एकीकृत योजना है जो आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों को पूरक पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का एक पैकेज प्रदान करती है, जिसकी निगरानी ‘पोषण ट्रैकर’ ऐप और ‘पंखुड़ी पोर्टल’ जैसे डिजिटल उपकरणों के माध्यम से की जाती है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने हाल ही में मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों को संचालित करने के लिए संगठनों, व्यक्तियों और निगमों के साथ सहयोग को सुविधाजनक बनाने हेतु ‘पंखुड़ी पोर्टल’ का शुभारंभ किया है। इसके साथ ही, मंत्रालय ने इस मिशन के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को प्रदान की जा रही छह सेवाओं के पैकेज और ‘पोषण ट्रैकर’ डिजिटल एप्लिकेशन के महत्व पर भी प्रकाश डाला है, जो योजना के प्रभावी कार्यान्वयन और निगरानी में सहायक है।
पृष्ठभूमि
- 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर, 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों (14-18 वर्ष) के लिए पोषण सहायता के घटकों को पुनर्गठित किया गया।
- प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (3-6 वर्ष) को भी इस मिशन के दायरे में लाया गया है।
- आधुनिक, उन्नत सक्षम आंगनवाड़ी सहित आंगनवाड़ी अवसंरचना, पोषण अभियान और किशोरियों के लिए योजना को मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के अंतर्गत समाहित किया गया।
- भारत सरकार ने 1 अक्टूबर, 2018 से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (AWW) और आंगनवाड़ी सहायिकाओं (AWH) के मानदेय में वृद्धि की है, जो क्रमशः 4,500 रुपये और 2,250 रुपये प्रति माह हो गया है।
- इसके अतिरिक्त, प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन भी प्रदान किया जाता है, जिसमें AWW को 500 रुपये और AWH को 250 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं।
- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने संसाधनों से इन कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त मौद्रिक प्रोत्साहन और टॉप-अप देने की भी अनुमति है।
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 क्या है?
- यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की एक एकीकृत योजना है जिसका उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों के पोषण और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करना है।
- मिशन के तहत, देश भर के आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को छह सेवाओं का एक पैकेज प्रदान किया जाता है।
- इन छह सेवाओं में पूरक पोषण (SNP), पूर्व-विद्यालय अनौपचारिक शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाएं शामिल हैं।
- टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाएं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना के माध्यम से प्रदान की जाती हैं।
- यह योजना 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और आकांक्षी जिलों तथा उत्तर पूर्वी क्षेत्र के सभी जिलों में 14 से 18 वर्ष की आयु वर्ग की किशोरियों को लक्षित करती है।
- ‘पोषण ट्रैकर’ एक डिजिटल एप्लिकेशन है जिसे सभी आंगनवाड़ी केंद्रों, कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों की वास्तविक समय में निगरानी और ट्रैकिंग के लिए विकसित किया गया है।
- ‘पंखुड़ी पोर्टल’ विभिन्न गतिविधियों के संचालन के लिए संगठनों, व्यक्तियों और निगमों के साथ सहयोग को सुविधाजनक बनाने हेतु शुरू किया गया है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| छह सेवाओं का पैकेज | पूरक पोषण, पूर्व-विद्यालय शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाओं के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए समग्र विकास सुनिश्चित करना। |
| पोषण ट्रैकर डिजिटल एप्लिकेशन | आंगनवाड़ी केंद्रों, कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों की वास्तविक समय में निगरानी और ट्रैकिंग, जिससे योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता आती है। |
| आधुनिक, उन्नत सक्षम आंगनवाड़ी | बेहतर अवसंरचना और सुविधाओं के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाना, जिससे सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार होता है। |
| आधार आधारित ट्रैकिंग | लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करना, डेटा लीक को रोकना और फर्जी प्रविष्टियों को समाप्त करना, जिससे योजना के लाभ लक्षित समूहों तक पहुँचते हैं। |
| पंखुड़ी पोर्टल | मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य के तहत विभिन्न गतिविधियों के लिए संगठनों, व्यक्तियों और निगमों के साथ सहयोग को सुविधाजनक बनाना। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- यह मिशन बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (Early Childhood Care and Education – ECCE) सुनिश्चित करके मानव पूंजी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
- किशोरियों (14-18 वर्ष) के लिए पोषण सहायता प्रदान करके, यह उनके स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा देता है, जिससे उन्हें सशक्तिकरण की दिशा में मदद मिलती है।
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (AWW) और आंगनवाड़ी सहायिकाएं (AWH) स्थानीय समुदायों से चुनी जाती हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होता है और सामुदायिक भागीदारी बढ़ती है।
आर्थिक महत्व
- बेहतर पोषण और स्वास्थ्य से बच्चों में बीमारियों की दर कम होती है, जिससे स्वास्थ्य देखभाल पर होने वाले खर्च में कमी आती है और भविष्य में उनकी उत्पादकता बढ़ती है।
- प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करती है, जिससे शिक्षा प्रणाली में ड्रॉपआउट दर कम होती है और दीर्घकालिक आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को बढ़ावा मिलता है।
- पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल उपकरण योजना के कार्यान्वयन में दक्षता लाते हैं, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है और वित्तीय रिसाव (Financial Leakage) कम होता है।
प्रशासनिक महत्व
- पोषण ट्रैकर डिजिटल एप्लिकेशन वास्तविक समय में डेटा संग्रह और निगरानी की सुविधा प्रदान करता है, जिससे नीति निर्माताओं को योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा करने और आवश्यक सुधार करने में मदद मिलती है।
- आधार आधारित ट्रैकिंग लाभार्थियों की पहचान को सत्यापित करती है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है और फर्जी लाभार्थियों को समाप्त किया जाता है, जिससे सरकारी धन का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होता है।
- पंखुड़ी पोर्टल विभिन्न हितधारकों के साथ सहयोग को बढ़ावा देता है, जिससे सरकारी कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ती है।
चुनौतियाँ
1. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय और कार्यभार
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय अभी भी उनके कार्यभार और जिम्मेदारियों की तुलना में कम है, जिससे उनके प्रेरणा स्तर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- कार्यकर्ताओं पर पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल उपकरणों के उपयोग का अतिरिक्त बोझ, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में जहां डिजिटल साक्षरता कम है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय: मानव संसाधन का विकास, कमजोर वर्गों का कल्याण
2. सेवा वितरण में गुणवत्ता और एकरूपता
- देश भर में आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करना एक चुनौती है, विशेषकर दूरदराज के और पिछड़े क्षेत्रों में।
- स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाओं के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के साथ प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना, ताकि लाभार्थियों को समय पर और उचित स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के प्रबंधन से संबंधित विषय
3. डिजिटल डिवाइड और कनेक्टिविटी
- पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल उपकरणों के प्रभावी उपयोग के लिए ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल अवसंरचना की कमी एक बड़ी बाधा है।
- सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को डिजिटल उपकरणों के उपयोग में प्रशिक्षित करना और तकनीकी सहायता प्रदान करना एक सतत चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: शासन: ई-गवर्नेंस, सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग
4. जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी
- योजना के लाभों के बारे में लाभार्थियों और समुदायों के बीच जागरूकता बढ़ाना, ताकि वे सेवाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें।
- स्थानीय समुदायों को आंगनवाड़ी सेवाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना, जिससे योजना की सफलता सुनिश्चित हो।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय: कल्याणकारी योजनाएँ, कमजोर वर्गों का संरक्षण
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय | कम मानदेय से प्रेरणा में कमी और कार्य की गुणवत्ता पर संभावित प्रभाव। |
| डिजिटल अवसंरचना | ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और बिजली की कमी, जिससे पोषण ट्रैकर का प्रभावी उपयोग बाधित होता है। |
| सेवाओं की गुणवत्ता | देश भर में आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और एकरूपता बनाए रखना। |
| अंतर-मंत्रालयी समन्वय | स्वास्थ्य सेवाओं के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के साथ प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना। |
| जागरूकता का अभाव | योजना के लाभों के बारे में लाभार्थियों और समुदायों में कम जागरूकता। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0
- मिशन शक्ति
- मिशन वात्सल्य
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM)
- पोषण अभियान
आगे की राह
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि करना और उनके कार्यभार को तर्कसंगत बनाना, साथ ही उनके लिए नियमित प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करना।
- ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना, इंटरनेट कनेक्टिविटी और बिजली की आपूर्ति में सुधार करना, ताकि पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल उपकरणों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
- आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रदान की जाने वाली छह सेवाओं की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और मूल्यांकन तंत्र स्थापित करना।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बीच प्रभावी समन्वय और अभिसरण (Convergence) को मजबूत करना, ताकि स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं का निर्बाध वितरण सुनिश्चित हो सके।
- लाभार्थियों और समुदायों के बीच योजना के लाभों और उपलब्ध सेवाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक संचार अभियान चलाना।
- पंखुड़ी पोर्टल का उपयोग करके गैर-सरकारी संगठनों, निजी क्षेत्र और सामुदायिक संगठनों की भागीदारी को बढ़ावा देना, ताकि योजना के कार्यान्वयन में नवाचार और अतिरिक्त संसाधन लाए जा सकें।
- पोषण ट्रैकर डेटा का नियमित विश्लेषण करना और नीतिगत हस्तक्षेपों को सूचित करने के लिए साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना, जिससे योजना की प्रभावशीलता में सुधार हो सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 · एकीकृत बाल विकास सेवाएँ · पूरक पोषण कार्यक्रम · प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा · पोषण अभियान · आंगनवाड़ी कार्यकर्ता · पोषण ट्रैकर · मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य · सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना · बाल विकास
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 39(f)’, ‘note’: ‘बच्चों के स्वस्थ विकास के अवसर’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 47’, ‘note’: ‘पोषण स्तर और लोक स्वास्थ्य में सुधार’}
अवधारणा प्रवाह
सरकार द्वारा ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0’ का शुभारंभ → आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह सेवाओं का पैकेज प्रदान करना → पोषण ट्रैकर और आधार आधारित ट्रैकिंग का उपयोग → लाभार्थियों की पहचान, निगरानी और सेवा वितरण में सुधार → बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार → मानव पूंजी विकास और दीर्घकालिक राष्ट्रीय संवृद्धि
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली सेवाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह पूरक पोषण (SNP) और पूर्व-विद्यालय अनौपचारिक शिक्षा प्रदान करता है।
2. इसमें टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाएं भी शामिल हैं, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के माध्यम से प्रदान की जाती हैं।
3. यह केवल 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लक्षित करता है, किशोरियों को नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 2
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 पूरक पोषण, पूर्व-विद्यालय अनौपचारिक शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाएं प्रदान करता है। टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाएं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के माध्यम से प्रदान की जाती हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि यह योजना 14-18 वर्ष की आयु वर्ग की किशोरियों को भी लक्षित करती है।
Q2. पोषण ट्रैकर (Poshan Tracker) डिजिटल एप्लिकेशन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह आंगनवाड़ी केंद्रों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों की वास्तविक समय में निगरानी और ट्रैकिंग के लिए एक प्रशासनिक उपकरण है।
2. यह केवल बच्चों की दैनिक उपस्थिति और वृद्धि की निगरानी से संबंधित डेटा एकत्र करता है।
3. यह आधार आधारित ट्रैकिंग के माध्यम से लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने में मदद करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। पोषण ट्रैकर आंगनवाड़ी केंद्रों, कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों की वास्तविक समय में निगरानी के लिए है और आधार आधारित ट्रैकिंग से सही पहचान सुनिश्चित होती है। कथन 2 गलत है क्योंकि यह ऐप बच्चों की दैनिक उपस्थिति, ECCE गतिविधियां, वृद्धि की निगरानी, गर्म पका हुआ भोजन (HCM) और घर ले जाने वाला राशन (THR) के प्रावधान जैसे विभिन्न मापदंडों पर डेटा एकत्र करता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, भारत में बाल विकास और मातृ स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस मिशन के प्रमुख घटकों और इसके कार्यान्वयन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। साथ ही, पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल उपकरणों ने इस मिशन को कैसे सशक्त बनाया है, इसकी भी चर्चा कीजिए।
रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के प्रमुख घटकों का विस्तार से उल्लेख करें, जिसमें पूरक पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का पैकेज शामिल है। दूसरे भाग में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें, जिसमें उनके मानदेय, प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन और जमीनी स्तर पर सेवा वितरण में उनके महत्व पर प्रकाश डालें। तीसरे भाग में पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल उपकरणों के महत्व पर चर्चा करें, जिसमें वास्तविक समय की निगरानी, डेटा संग्रह, पारदर्शिता और योजना के कार्यान्वयन में सुधार पर ध्यान केंद्रित करें। निष्कर्ष में, इन पहलों के समग्र प्रभाव और चुनौतियों पर संक्षिप्त टिप्पणी करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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