03 Sep मुंबई बैठक: महिला उद्यमियों को 10 लाख करोड़ रुपये का लोन, जानें पूरा प्लान
✎ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) ग्रामीण गरीब परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से संगठित कर, उन्हें वित्तीय सहायता और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करके आजीविका संवर्धन तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का एक…
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper I — समाज में महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन | GS Paper II — केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; गरीबी और भूख से संबंधित विषय | GS Paper III — समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय
- Prelims: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM), स्वयं सहायता समूह (SHG), SHG-बैंक लिंकेज, लखपति दीदी, वित्तीय समावेशन, ग्रामीण विकास मंत्रालय, NABARD
- Essay: विकसित भारत के निर्माण में महिला सशक्तिकरण की भूमिका, ग्रामीण भारत में गरीबी उन्मूलन और आजीविका संवर्धन
त्वरित पुनरावृत्ति: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) ग्रामीण गरीब परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से संगठित कर, उन्हें वित्तीय सहायता और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करके आजीविका संवर्धन तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का एक प्रमुख कार्यक्रम है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मुंबई में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूह (SHG)-बैंक लिंकेज और व्यक्तिगत उद्यम वित्तपोषण की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमियों के लिए त्वरित, पर्याप्त और सुलभ ऋण सुनिश्चित करने हेतु एक ठोस कार्ययोजना (रोडमैप) तैयार करना था, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल सके।
पृष्ठभूमि
- भारत में ग्रामीण गरीबी उन्मूलन और आजीविका संवर्धन के लिए स्वयं सहायता समूह (SHG) एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में उभरे हैं।
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को स्वयं सहायता समूहों में संगठित कर उनकी आजीविका में सुधार करना है।
- SHG-बैंक लिंकेज कार्यक्रम स्वयं सहायता समूहों को बैंकों से ऋण प्राप्त करने में मदद करता है, जिससे वे अपनी आर्थिक गतिविधियों को शुरू या विस्तारित कर सकें।
- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसका अर्थ है ग्रामीण महिलाओं को प्रति वर्ष कम से कम 1 लाख रुपये की आय अर्जित करने में सक्षम बनाना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमियों को ऋण तक पहुँच में देरी, जटिल कागजी कार्रवाई और अपर्याप्त ऋण सीमा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
- सरकार का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में स्वयं सहायता समूहों को 10 लाख करोड़ रुपये और व्यक्तिगत ‘दीदियों’ को 1 लाख करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराना है।
- बैठक में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) तथा अन्य हितधारकों ने ऋण प्रक्रिया की बाधाओं और उनके समाधान पर चर्चा की।
- केंद्रीय मंत्री ने प्रतिबद्धताओं की समयबद्ध निगरानी के लिए हर तीन महीने में वर्चुअल और हर छह महीने में भौतिक समीक्षा करने का निर्देश दिया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) क्या है?
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (National Rural Livelihoods Mission – NRLM) भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जून 2011 में शुरू किया गया एक प्रमुख गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम है। इसे बाद में ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (DAY-NRLM) के रूप में पुनः नामित किया गया।
- इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (SHG) में संगठित करके और उन्हें वित्तीय सहायता व कौशल प्रशिक्षण प्रदान करके उनकी आजीविका में सुधार करना है।
- यह मिशन गरीबों को सशक्त बनाने के लिए ‘गरीबों द्वारा, गरीबों के लिए’ दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें समुदाय-आधारित संगठनों (CBOs) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
- DAY-NRLM ग्रामीण गरीबों के लिए एक मजबूत संस्थागत मंच तैयार करता है, जिससे उन्हें वित्तीय सेवाओं, आजीविका संवर्धन और सामाजिक समावेशन तक पहुँच मिलती है।
- मिशन का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ‘लखपति दीदी’ बनाना है, जिसका अर्थ है कि वे प्रति वर्ष कम से कम 1 लाख रुपये की स्थायी आय अर्जित कर सकें।
- यह SHG-बैंक लिंकेज मॉडल पर केंद्रित है, जहाँ स्वयं सहायता समूहों को बैंकों से ऋण प्राप्त करने में सुविधा प्रदान की जाती है, जिससे वे सूक्ष्म उद्यम शुरू कर सकें या अपनी मौजूदा गतिविधियों का विस्तार कर सकें।
- मिशन के तहत, ग्रामीण गरीबों को विभिन्न आजीविका विकल्पों जैसे कृषि, पशुधन, गैर-कृषि उद्यमों और कौशल विकास के माध्यम से सशक्त किया जाता है।
- यह वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है, जिसमें ग्रामीण गरीबों को बचत, ऋण, बीमा और प्रेषण (remittance) जैसी वित्तीय सेवाओं तक पहुँच प्रदान की जाती है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| SHG-बैंक लिंकेज समीक्षा | राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) को वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना। |
| व्यक्तिगत उद्यम वित्तपोषण | महिला उद्यमियों को व्यक्तिगत स्तर पर ऋण उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देना। |
| तेज़, पर्याप्त और सुलभ क्रेडिट | महिला उद्यमियों के लिए ऋण प्रक्रिया को सरल, त्वरित और पर्याप्त बनाना, ताकि वे आसानी से वित्तीय संसाधनों तक पहुँच सकें। |
| लखपति दीदी लक्ष्य | प्रधानमंत्री के 3 करोड़ से 6 करोड़ ‘लखपति दीदियों’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में ठोस कदम। |
| नियमित समीक्षा तंत्र | वर्चुअल और भौतिक बैठकों के माध्यम से प्रतिबद्धताओं की समयबद्ध निगरानी और कार्यान्वयन सुनिश्चित करना। |
| क्षेत्रीय असमानताओं का समाधान | ऋण वितरण में क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करना और अधिक गरीबी वाले क्षेत्रों में अधिक ऋण सुनिश्चित करना। |
महत्व
आर्थिक सशक्तिकरण
- स्वयं सहायता समूहों और व्यक्तिगत महिला उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
- महिलाओं की आय में वृद्धि से गरीबी उन्मूलन में सहायता मिलेगी और ग्रामीण परिवारों का जीवन स्तर सुधरेगा।
- लघु उद्यमों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
सामाजिक समावेशन
- महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करके समाज में उनकी निर्णय लेने की क्षमता और भागीदारी बढ़ेगी।
- वित्तीय समावेशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की वंचित महिलाओं को मुख्यधारा में लाया जाएगा।
- महिला सशक्तिकरण ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
शासन और नीतिगत प्रभाव
- ऋण वितरण प्रक्रिया की बाधाओं की पहचान और समाधान से सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
- बैंकों और सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से नीतिगत उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
- नियमित समीक्षा तंत्र से कार्यक्रमों की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी।
चुनौतियाँ
1. ऋण स्वीकृति में देरी
- बैंकों द्वारा ऋण आवेदनों को संसाधित करने में लगने वाला अधिक समय।
- ग्रामीण क्षेत्रों में शाखा स्तर पर कर्मचारियों की कमी या प्रक्रियागत जटिलताएँ।
यूपीएससी लिंक: ग्रामीण विकास, वित्तीय समावेशन
2. कागजी कार्रवाई की जटिलता
- ऋण आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की लंबी सूची और जटिल प्रक्रियाएँ।
- ग्रामीण महिलाओं में साक्षरता और वित्तीय जागरूकता की कमी के कारण कागजी कार्रवाई को समझना मुश्किल।
यूपीएससी लिंक: शासन, सामाजिक न्याय
3. छोटे क्रेडिट लिमिट
- कई बार स्वयं सहायता समूहों या व्यक्तिगत उद्यमियों को उनकी वास्तविक आवश्यकता से कम ऋण मिलना।
- छोटे ऋणों से बड़े उद्यम स्थापित करने या मौजूदा उद्यमों का विस्तार करने में बाधा।
यूपीएससी लिंक: आर्थिक विकास, उद्यमिता
4. क्षेत्रीय असमानताएँ
- देश के विभिन्न क्षेत्रों में ऋण वितरण और SHG-बैंक लिंकेज की स्थिति में भिन्नता।
- अधिक गरीबी वाले क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं तक पहुँच की कमी।
यूपीएससी लिंक: क्षेत्रीय असंतुलन, समावेशी विकास
5. बैंकर्स की संवेदनशीलता और प्रशिक्षण
- बैंक अधिकारियों में ग्रामीण विकास और SHG मॉडल के प्रति पर्याप्त संवेदनशीलता का अभाव।
- ऋण प्रक्रिया और ग्रामीण संदर्भ के लिए बैंक कर्मचारियों के अपर्याप्त प्रशिक्षण।
यूपीएससी लिंक: संस्थागत क्षमता निर्माण, मानव संसाधन विकास
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| ऋण स्वीकृति में देरी | परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन में बाधा, उद्यमियों का मनोबल प्रभावित। |
| जटिल कागजी कार्रवाई | ग्रामीण महिलाओं के लिए दुर्गम, वित्तीय समावेशन में बाधा। |
| छोटे क्रेडिट लिमिट | उद्यमों के विस्तार और वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति में अक्षमता। |
| क्षेत्रीय असमानताएँ | विकास का असमान वितरण, वंचित क्षेत्रों में गरीबी का बने रहना। |
| बैंक शाखा स्तर की कठिनाइयाँ | कर्मचारियों की कमी, जागरूकता का अभाव, प्रक्रियात्मक बाधाएँ। |
| निजी बैंकर्स की अनुपस्थिति | जिला स्तरीय समन्वय बैठकों में निजी बैंकों की कम भागीदारी से समग्र समाधान में बाधा। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM)
आगे की राह
- ऋण स्वीकृति प्रक्रियाओं को सरल और डिजिटल बनाना, जिससे समय की बचत हो और पारदर्शिता बढ़े।
- बैंक मित्रों और स्वयं सहायता समूह सदस्यों के लिए नियमित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता और जागरूकता अभियानों को तेज करना।
- बैंकों के लिए स्पष्ट प्रदर्शन लक्ष्य निर्धारित करना, विशेषकर अधिक गरीबी वाले क्षेत्रों में ऋण वितरण के लिए।
- निजी बैंकों की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठकों में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करना।
- शिकायत निवारण के लिए एक प्रभावी हेल्प लाइन और निगरानी तंत्र स्थापित करना।
- छोटे ऋणों के लिए ‘फास्ट-ट्रैक’ स्वीकृति प्रक्रियाएँ विकसित करना।
- स्वयं सहायता समूहों और व्यक्तिगत उद्यमियों के लिए क्रेडिट गारंटी योजनाओं का विस्तार करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) · स्वयं सहायता समूह (SHG) · महिला सशक्तिकरण · वित्तीय समावेशन · लखपति दीदी · ग्रामीण गरीबी उन्मूलन · बैंक-SHG लिंकेज · व्यक्तिगत उद्यम वित्तपोषण · विकसित भारत · क्रेडिट तक पहुंच
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 38’, ‘note’: ‘राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि का प्रयास करेगा’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 39(क)’, ‘note’: ‘सभी नागरिकों को आजीविका के पर्याप्त साधन’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 46’, ‘note’: ‘दुर्बल वर्गों के शैक्षिक और आर्थिक हितों की अभिवृद्धि’}
अवधारणा प्रवाह
ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आवश्यकताएँ → स्वयं सहायता समूह (SHG) का गठन → SHG-बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण तक पहुँच → व्यक्तिगत उद्यमों का वित्तपोषण → महिला उद्यमियों का सशक्तिकरण और आय वृद्धि → ग्रामीण गरीबी उन्मूलन और विकसित भारत का निर्माण
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
2. इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को स्वयं सहायता समूहों में संगठित करके और उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करके गरीबी को कम करना है।
3. ‘लखपति दीदी’ पहल इस मिशन का एक अभिन्न अंग है, जिसका लक्ष्य स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों की वार्षिक आय को 1 लाख रुपये से अधिक करना है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है। DAY-NRLM ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत एक केंद्र प्रायोजित योजना है। कथन 2 सही है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को स्वयं सहायता समूहों में संगठित करके और उन्हें वित्तीय सहायता, क्षमता निर्माण तथा आजीविका के अवसरों से जोड़कर गरीबी को कम करना है। कथन 3 सही है। ‘लखपति दीदी’ पहल DAY-NRLM का एक महत्वपूर्ण घटक है, जिसका लक्ष्य स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनकी आय को बढ़ाना है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से संस्थान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं?
1. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)
2. राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD)
3. वाणिज्यिक बैंक
4. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1 और 2
- केवल 2, 3 और 4
- केवल 1, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर: केवल 2, 3 और 4 — RBI नीतिगत दिशानिर्देश निर्धारित करता है, जबकि NABARD ग्रामीण वित्तपोषण के लिए शीर्ष संस्था है और बैंकों को पुनर्वित्त सहायता प्रदान करता है। वाणिज्यिक बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सीधे स्वयं सहायता समूहों को ऋण प्रदान करते हैं। इसलिए, सभी चार संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूह (SHG)-बैंक लिंकेज मॉडल ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और गरीबी उन्मूलन में किस प्रकार सहायक रहा है? इस मॉडल के समक्ष आने वाली प्रमुख चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) और स्वयं सहायता समूह (SHG)-बैंक लिंकेज मॉडल का संक्षिप्त परिचय दें, जिसमें इसके उद्देश्य और महत्व को रेखांकित किया जाए।
2. महिला सशक्तिकरण और गरीबी उन्मूलन में भूमिका: विस्तार से बताएं कि SHG-बैंक लिंकेज मॉडल ने ग्रामीण महिलाओं को कैसे सशक्त किया है और गरीबी उन्मूलन में योगदान दिया है। निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल करें:
क. वित्तीय समावेशन: ऋण तक पहुंच, बचत को बढ़ावा।
ख. उद्यमिता विकास: व्यक्तिगत और सामूहिक उद्यमों को बढ़ावा।
ग. सामाजिक सशक्तिकरण: निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि, सामाजिक मुद्दों में भागीदारी।
घ. आय वृद्धि: ‘लखपति दीदी’ जैसी पहलों का उल्लेख।
ङ. क्षमता निर्माण: प्रशिक्षण और कौशल विकास।
3. प्रमुख चुनौतियाँ: इस मॉडल के कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं की पहचान करें:
क. ऋण स्वीकृति में देरी और जटिल कागजी कार्रवाई।
ख. छोटे क्रेडिट लिमिट और अपर्याप्त वित्तपोषण।
ग. बैंक शाखा स्तर पर संवेदनशीलता और प्रशिक्षण की कमी।
घ. क्षेत्रीय असमानताएं और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच का अभाव।
ङ. ऋण वापसी की चुनौतियाँ और NPA का मुद्दा।
4. संभावित समाधान: चुनौतियों का समाधान करने के लिए ठोस उपाय सुझाएँ:
क. प्रक्रिया सरलीकरण और डिजिटलकरण।
ख. बैंकों और SHG के बीच बेहतर समन्वय।
ग. बैंक कर्मचारियों का प्रशिक्षण और संवेदनशीलता बढ़ाना।
घ. क्रेडिट गारंटी फंड और जोखिम शमन तंत्र।
ङ. हेल्पलाइन और शिकायत निवारण तंत्र की स्थापना।
च. वित्तीय साक्षरता और क्षमता निर्माण पर अधिक जोर।
5. निष्कर्ष: महिला सशक्तिकरण और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में SHG-बैंक लिंकेज मॉडल के निरंतर महत्व को दोहराते हुए एक संतुलित निष्कर्ष प्रस्तुत करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Maharashtra PCS (MPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूह-बैंक लिंकेज की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता किस केंद्रीय मंत्री द्वारा की गई थी?
- श्री शिवराज सिंह चौहान
- श्री नरेंद्र मोदी
- श्री अमित शाह
- श्री राजनाथ सिंह
उत्तर: श्री शिवराज सिंह चौहान — केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मुंबई में NRLM के तहत स्वयं सहायता समूह-बैंक लिंकेज पर उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की गई थी।
Mains: महाराष्ट्र राज्य में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह-बैंक लिंकेज योजना के क्रियान्वयन में आने वाली प्रमुख चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए तथा राज्य सरकार द्वारा इन चुनौतियों के निराकरण हेतु उठाए गए कदमों की चर्चा कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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