19 Sep मुंबई में शिवराज चौहान करेंगे ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता
✎ दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से संगठित करके और उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करके सशक्त बनाने का एक प्रमुख सरकारी कार्यक्रम है, जिसका…
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — सरकार की नीतियां और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाना, संवृद्धि, विकास और रोज़गार से संबंधित विषय
- Prelims: दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM), स्वयं सहायता समूह (SHG), वित्तीय समावेशन, लखपति दीदी, ग्रामीण विकास मंत्रालय, NABARD, PFRDA
- Essay: ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक विकास में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका, वित्तीय समावेशन: ग्रामीण समृद्धि का मार्ग
त्वरित पुनरावृत्ति: दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से संगठित करके और उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करके सशक्त बनाने का एक प्रमुख सरकारी कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण वित्तीय समावेशन और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुंबई में बैंकों और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) को दिए जाने वाले ऋण प्रवाह को मजबूत करना और ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देना था। इस बैठक में वित्तीय समावेशन 2.0 के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।
पृष्ठभूमि
- दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) द्वारा कार्यान्वित केंद्र सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है।
- इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में समुदाय-आधारित संस्थाओं का निर्माण करना और उन्हें टिकाऊ आजीविकाओं से जोड़ना है।
- पिछले डेढ़ दशक में, मिशन ने 93 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHG) में 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को संगठित किया है।
- बैंकिंग क्षेत्र ने SHG को 13.67 लाख करोड़ रुपये से अधिक का संचयी ऋण वितरित किया है, जिसमें उच्च पुनर्भुगतान अनुशासन देखा गया है।
- इस संस्थागत ऋण प्रवाह ने 3 करोड़ 46 लाख से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में उभरने में सक्षम बनाया है, जिन्होंने सफल ग्रामीण उद्यम स्थापित किए हैं।
- मिशन की अगली रणनीतिक प्राथमिकता महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को पोषित करना, वित्त तक उनकी पहुंच को मजबूत करना और टिकाऊ ग्रामीण व्यवसायों में उनका समर्थन करना है।
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) क्या है?
- DAY-NRLM ग्रामीण गरीबों के लिए एक राष्ट्रीय गतिशीलता रणनीति है, जिसका उद्देश्य उन्हें स्वयं सहायता समूहों (SHG) में संगठित करना और उनकी आजीविका में सुधार करना है।
- यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाता है, जिसमें सामाजिक गतिशीलता, वित्तीय समावेशन और आजीविका संवर्धन शामिल हैं।
- मिशन का लक्ष्य ग्रामीण गरीब परिवारों को चरणबद्ध तरीके से स्वयं सहायता समूहों में शामिल करना और उन्हें वित्तीय सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना है।
- यह महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देता है, उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने का प्रयास करता है।
- मिशन स्वयं सहायता समूहों को क्षमता निर्माण, कौशल विकास और उद्यमशीलता प्रशिक्षण प्रदान करता है ताकि वे सफल सूक्ष्म उद्यम स्थापित कर सकें।
- यह SHG-बैंक लिंकेज मॉडल के माध्यम से संस्थागत ऋण तक पहुंच को सुगम बनाता है, जिससे ग्रामीण उद्यमियों को पूंजी प्राप्त करने में मदद मिलती है।
- DAY-NRLM ग्रामीण गरीबों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे उन्हें समग्र विकास का लाभ मिल सके।
- ‘लखपति दीदी’ पहल मिशन का एक महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को प्रति वर्ष 1 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित करने वाले उद्यम स्थापित करने में सहायता करना है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) | ग्रामीण क्षेत्रों में समुदाय-आधारित संस्थाओं का निर्माण और टिकाऊ आजीविकाओं से जुड़ाव। |
| स्वयं सहायता समूह (SHG) और उनके संघ | 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर सशक्तिकरण का आधार। |
| बैंकिंग क्षेत्र की भागीदारी | SHG को 13.67 लाख करोड़ रुपये से अधिक का संचयी ऋण वितरण, उच्च पुनर्भुगतान अनुशासन। |
| लखपति दीदी | 3 करोड़ 46 लाख महिलाओं का उदय, जो सफल ग्रामीण उद्यम चला रही हैं। |
| महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों का पोषण | मिशन की अगली रणनीतिक प्राथमिकता, वित्त तक पहुंच और टिकाऊ ग्रामीण व्यवसायों में सहायता। |
| उच्च-स्तरीय बैठक का उद्देश्य | SHG-बैंक लिंकेज और व्यक्तिगत उद्यम वित्तपोषण को मजबूत करना, वित्तीय समावेशन 2.0 का कार्यान्वयन। |
महत्व
आर्थिक सशक्तिकरण
- SHG के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में शामिल कर उनकी आय में वृद्धि करना, जिससे गरीबी उन्मूलन में सहायता मिलती है।
- संस्थागत ऋण तक पहुंच से महिलाओं को उद्यम स्थापित करने और उनका विस्तार करने में मदद मिलती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलती है।
- लखपति दीदी जैसी पहल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देती है और आत्मनिर्भरता की भावना को सुदृढ़ करती है।
सामाजिक समावेशन
- SHG ग्रामीण महिलाओं को एक मंच प्रदान करते हैं जहाँ वे संगठित होकर सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सामूहिक रूप से कार्य कर सकती हैं।
- महिलाओं की निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व कौशल में वृद्धि होती है, जिससे उनका सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण होता है।
- वित्तीय सेवाओं तक पहुंच से वंचित और हाशिए पर पड़े समुदायों को मुख्यधारा में लाने में मदद मिलती है।
शासन और नीति निर्माण
- केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ वित्तीय संस्थानों के बीच समन्वय से ग्रामीण विकास कार्यक्रमों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित होता है।
- बैठकें नीति निर्माताओं को जमीनी हकीकत को समझने और SHG के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए आवश्यक नीतिगत बदलाव करने में मदद करती हैं।
- वित्तीय समावेशन 2.0 का दृष्टिकोण ग्रामीण भारत में वित्तीय सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रदान करता है।
चुनौतियाँ
1. ऋण तक पहुंच और वितरण
- दूरदराज के क्षेत्रों में SHG के लिए बैंक ऋण प्राप्त करने में कठिनाई, विशेषकर व्यक्तिगत उद्यमों के लिए।
- ऋण स्वीकृति और वितरण में लगने वाला लंबा समय, जिससे उद्यमों की स्थापना और विस्तार में देरी होती है।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था: समावेशी विकास और इससे उत्पन्न मुद्दे
2. क्षमता निर्माण और कौशल विकास
- कई SHG सदस्यों में उद्यमशीलता कौशल और वित्तीय साक्षरता की कमी, जिससे उनके उद्यमों की सफलता प्रभावित होती है।
- उद्यमों को टिकाऊ बनाने और बाजार से जोड़ने के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रबंधन कौशल का अभाव।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन: कौशल विकास
3. सहकारी ऋण संरचना की भूमिका
- जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (DCCB) और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) की सीमित पहुंच और क्षमता।
- सहकारी बैंकों और SHG के बीच प्रभावी लिंकेज स्थापित करने में चुनौतियाँ।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था: कृषि क्षेत्र में वित्तपोषण
4. बाजार लिंकेज और मूल्य संवर्धन
- SHG द्वारा उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के लिए उचित बाजार तक पहुंच का अभाव।
- उत्पादों के मूल्य संवर्धन और ब्रांडिंग में चुनौतियाँ, जिससे कम लाभ होता है।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था: कृषि उत्पादों का विपणन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| व्यक्तिगत उद्यम ऋण पोर्टफोलियो को दोगुना करना | छोटे और मध्यम स्तर के महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए पर्याप्त वित्तपोषण सुनिश्चित करना। |
| SHG को वितरित की जाने वाली औसत ऋण राशि बढ़ाना | उद्यमों के विस्तार और विविधीकरण के लिए पर्याप्त पूंजी की उपलब्धता। |
| ऋण स्वीकृति और वितरण में लगने वाले समय को कम करना | प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर कर समय पर वित्तपोषण सुनिश्चित करना। |
| कठिन क्षेत्रों सहित शेष SHG को ऋण से जोड़ना | वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी पात्र SHG तक पहुंच सुनिश्चित करना। |
| सहकारी ऋण संरचना की भूमिका को मजबूत करना | ग्रामीण स्तर पर वित्तीय सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता में सुधार। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM)
आगे की राह
- SHG के लिए ऋण स्वीकृति और वितरण प्रक्रियाओं को सरल बनाना तथा समय-सीमा को कम करना।
- महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए विशेष ऋण उत्पाद और वित्तीय सहायता योजनाएं विकसित करना।
- SHG सदस्यों के लिए वित्तीय साक्षरता, उद्यमशीलता और बाजार लिंकेज पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।
- जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (DCCB) और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) की क्षमता को मजबूत करना और उन्हें SHG से प्रभावी ढंग से जोड़ना।
- डिजिटल भुगतान और वित्तीय प्रौद्योगिकी (FinTech) का उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं की पहुंच और दक्षता में सुधार करना।
- SHG उत्पादों के लिए बाजार लिंकेज को मजबूत करना, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और स्थानीय बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित करना।
- वित्तीय समावेशन 2.0 के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए सभी हितधारकों (बैंक, राज्य मिशन, RBI, NABARD) के बीच समन्वय बढ़ाना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) · स्वयं सहायता समूह (SHG) · वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) · ग्रामीण विकास (Rural Development) · महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) · लखपति दीदी · संस्थागत ऋण (Institutional Credit) · उद्यमिता विकास (Entrepreneurship Development) · सहकारी ऋण संरचना (Cooperative Credit Structure) · ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy)
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 38’, ‘note’: ‘राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि का प्रयास करेगा’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 39’, ‘note’: ‘आजीविका के पर्याप्त साधनों का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 43’, ‘note’: ‘कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी आदि’}
अवधारणा प्रवाह
ग्रामीण महिलाओं का SHG में संगठन → SHG को संस्थागत बैंक ऋण तक पहुंच → महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों की स्थापना/विस्तार → आय में वृद्धि और लखपति दीदी का उदय → ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण और विकास → वित्तीय समावेशन 2.0 की दिशा में प्रगति
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह ग्रामीण क्षेत्रों में समुदाय-आधारित संस्थाओं के निर्माण और उन्हें टिकाऊ आजीविकाओं से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है।
2. मिशन ने पिछले डेढ़ दशक में 93 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHG) में 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को संगठित किया है।
3. बैंकिंग क्षेत्र ने SHG को 13.67 लाख करोड़ रुपये से अधिक का संचयी ऋण वितरित किया है, जिसे लगातार उच्च पुनर्भुगतान अनुशासन का समर्थन प्राप्त है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि DAY-NRLM का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में समुदाय-आधारित संस्थाओं का निर्माण और उन्हें टिकाऊ आजीविकाओं से जोड़ना है। कथन 2 सही है क्योंकि मिशन ने 93 लाख से अधिक SHG में 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को संगठित किया है। कथन 3 भी सही है क्योंकि बैंकिंग क्षेत्र ने SHG को 13.67 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया है और इसमें उच्च पुनर्भुगतान अनुशासन देखा गया है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन ‘लखपति दीदी’ पहल का सबसे अच्छा वर्णन करता/करते है/हैं?
1. यह ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करना है।
2. यह दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूह (SHG) की उन महिला सदस्यों को संदर्भित करता है जिन्होंने अपने उद्यमों के माध्यम से प्रति वर्ष 1 लाख रुपये या उससे अधिक की स्थायी आय अर्जित की है।
3. यह महिला किसानों को कृषि उपकरणों की खरीद के लिए सब्सिडी प्रदान करने की एक पहल है।
4. यह ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण और कौशल विकास प्रदान करने का एक कार्यक्रम है।
- केवल 1
- केवल 2
- केवल 3
- केवल 4
उत्तर: केवल 2 — कथन 2 ‘लखपति दीदी’ पहल का सबसे सटीक वर्णन करता है। यह DAY-NRLM के तहत उन SHG महिला सदस्यों को संदर्भित करता है जिन्होंने अपने उद्यमों के माध्यम से प्रति वर्ष 1 लाख रुपये या उससे अधिक की स्थायी आय अर्जित की है। अन्य कथन इस पहल के उद्देश्यों से मेल नहीं खाते।
Q3. अभिकथन (A): दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) ग्रामीण क्षेत्रों में महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को पोषित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
कारण (R): मिशन का लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए समय पर और पर्याप्त ऋण सुनिश्चित करना तथा ग्रामीण भारत में उच्च-स्तरीय वित्तीय सेवाओं तक विस्तारित पहुँच सुनिश्चित करना है।
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि मिशन की अगली रणनीतिक प्राथमिकता महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को पोषित करना है। कारण (R) भी सही है क्योंकि वित्तीय समावेशन 2.0 का दृष्टिकोण SHG के लिए समय पर और पर्याप्त ऋण सुनिश्चित करने तथा उच्च-स्तरीय वित्तीय सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने पर केंद्रित है, जो महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के पोषण में सहायक होगा। इस प्रकार, R, A की सही व्याख्या है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में किस प्रकार सहायक रहा है? वित्तीय समावेशन 2.0 के दृष्टिकोण को प्राप्त करने में स्वयं सहायता समूहों (SHG) और बैंकिंग क्षेत्र के बीच तालमेल के महत्व का विश्लेषण कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: उत्तर की शुरुआत DAY-NRLM का संक्षिप्त परिचय देते हुए करें। इसके बाद, ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण (जैसे 10 करोड़ से अधिक महिलाओं का संगठन, लखपति दीदी का उदय) और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास (जैसे आजीविका उद्यमों की स्थापना, आय में वृद्धि) में इसकी भूमिका का विस्तार से वर्णन करें। दूसरे भाग में, वित्तीय समावेशन 2.0 के दृष्टिकोण को परिभाषित करें और SHG-बैंक लिंकेज (जैसे 13.67 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरण, उच्च पुनर्भुगतान अनुशासन) और व्यक्तिगत उद्यम वित्तपोषण के महत्व पर जोर दें। इसमें सहकारी ऋण संरचना की भूमिका और ऋण स्वीकृति व वितरण में लगने वाले समय को कम करने जैसे उपायों को भी शामिल करें। अंत में, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए इस तालमेल के समग्र महत्व का विश्लेषण करते हुए निष्कर्ष प्रस्तुत करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Maharashtra PCS (MPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (MSRLM) के संदर्भ में, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मुंबई में आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- A. राज्य में बैंकों और MSRLM के बीच समन्वय बढ़ाकर ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना
- B. महाराष्ट्र में नई बैंक शाखाओं की स्थापना हेतु केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान करना
- C. राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को सब्सिडी प्रदान करना
- D. महाराष्ट्र में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु विदेशी निवेश आकर्षित करना
उत्तर: A. राज्य में बैंकों और MSRLM के बीच समन्वय बढ़ाकर ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना — MSRLM राज्य में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु कार्यरत है, और बैठक का मुख्य उद्देश्य बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना था।
Mains: महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (MSRLM) द्वारा राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु किए जा रहे प्रयासों का मूल्यांकन कीजिए। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में अपनाई जा रही अन्य प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए, इन प्रयासों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु सुझाव प्रस्तुत कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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