यूपीएससी तैयारी: ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ क्या है और क्यों है महत्वपूर्ण?

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग(वीसी) के माध्यम से आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए नशा — concept mind map

यूपीएससी तैयारी: ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ क्या है और क्यों है महत्वपूर्ण?

✎ नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान एक राष्ट्रीय पहल है जिसका उद्देश्य युवाओं को मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से बचाकर 'विकसित भारत @2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाना है।

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नशा मुक्त युवा अभियान

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper I — भारतीय समाज, सामाजिक मुद्दे  |  GS Paper II — शासन, सामाजिक न्याय  |  GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा
  • Prelims: नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान, मादक द्रव्यों का दुरुपयोग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, युवा सशक्तिकरण, राष्ट्रीय परियोजना, विकसित भारत @2047
  • Essay: नशा मुक्त समाज: विकसित भारत की आधारशिला, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण: चुनौतियाँ एवं समाधान

त्वरित पुनरावृत्ति: नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान एक राष्ट्रीय पहल है जिसका उद्देश्य युवाओं को मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से बचाकर ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाना है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए नशा मुक्त युवा’ का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर अपने संबोधन की झलकियाँ साझा कीं, जिसमें उन्होंने मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से युवाओं को बचाने और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने इस पहल को ‘काशी की पावन धरती से उठा कल्याणकारी विचार’ बताया जो अब एक राष्ट्रीय परियोजना बन गया है, जिसका उद्देश्य सामूहिक शक्ति के माध्यम से हर युवा मन को छूना है।

पृष्ठभूमि

  • भारत में मादक द्रव्यों का दुरुपयोग एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो विशेष रूप से युवाओं को प्रभावित करती है और उनके भविष्य तथा राष्ट्र के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालती है।
  • सरकार ने मादक द्रव्यों के दुरुपयोग को रोकने और प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए विभिन्न योजनाएँ और कार्यक्रम शुरू किए हैं।
  • सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice and Empowerment) नोडल मंत्रालय है जो देश में मादक द्रव्यों के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए नीतियों और कार्यक्रमों को लागू करता है।
  • ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (Nash Mukt Bharat Abhiyaan) जैसे कार्यक्रम पहले से ही देश के विभिन्न जिलों में जागरूकता फैलाने और नशामुक्ति सेवाओं तक पहुँच बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे हैं।
  • ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वस्थ और सशक्त युवा आबादी का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि युवा ही देश के भविष्य के कर्णधार हैं।
  • यह अभियान युवाओं को मादक द्रव्यों के हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षित करने और उन्हें एक स्वस्थ, उत्पादक जीवन जीने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित है।
  • प्रधानमंत्री ने देश भर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों से इस दिशा में विशेष आह्वान किया है, जो शिक्षाविदों की भूमिका को रेखांकित करता है।
  • यह पहल ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के सिद्धांत पर आधारित है, जहाँ समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है।
  • मादक द्रव्यों का दुरुपयोग न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवारिक जीवन, करियर और सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करता है।
  • इस अभियान का लक्ष्य युवाओं को उनकी वास्तविक क्षमता (Potential) का एहसास कराने और उन्हें नशा मुक्त रहकर उसे सुरक्षित रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।

नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान क्या है?

  • यह एक राष्ट्रीय परियोजना है जिसका उद्देश्य भारत के युवाओं को मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से बचाना और उन्हें एक स्वस्थ तथा उत्पादक जीवन जीने के लिए सशक्त बनाना है।
  • यह अभियान ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि एक नशा मुक्त युवा पीढ़ी ही राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकती है।
  • अभियान का मुख्य फोकस जागरूकता बढ़ाना, मादक द्रव्यों के हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षित करना और युवाओं को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करना है।
  • इसमें शिक्षाविदों, विशेषकर कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया है, ताकि वे छात्रों को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान कर सकें।
  • यह पहल सामूहिक शक्ति और सामुदायिक भागीदारी के सिद्धांत पर आधारित है, जहाँ समाज के सभी हितधारकों को एक साथ मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
  • अभियान का लक्ष्य युवाओं को यह समझाना है कि मादक द्रव्य कुछ समय के लिए ‘हाई’ (High) का अनुभव दे सकते हैं, लेकिन वे करियर और पारिवारिक जीवन को ‘लो’ (Low) कर देते हैं।
  • यह अभियान युवाओं को अपनी अंतर्निहित क्षमता (Potential) को पहचानने और उसे नशा मुक्त रहकर सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित करता है।
  • ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ जैसी मौजूदा सरकारी पहलों के साथ तालमेल बिठाकर यह एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाएगा।
  • यह सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत संचालित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को और मजबूत करेगा।
  • इसका उद्देश्य एक ऐसा वातावरण बनाना है जहाँ युवा मादक द्रव्यों से दूर रहें और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान दें।

मुख्य विशेषताएँ

Feature Significance
नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान यह अभियान युवाओं को नशा मुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे।
राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा काशी से शुरू हुआ यह विचार अब राष्ट्रीय स्तर पर लागू होगा, जिससे नशा मुक्ति के प्रयासों को व्यापकता और गति मिलेगी।
सामूहिकता की ताकत प्रधानमंत्री ने सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया, जिसमें समाज के सभी वर्गों, विशेषकर शिक्षण संस्थानों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
युवाओं के ‘पोटेंशियल’ की सुरक्षा नशा मुक्ति से युवाओं की वास्तविक क्षमता (potential) का संरक्षण होगा, जिससे वे देश के विकास में पूर्ण योगदान दे सकेंगे।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की भूमिका शिक्षण संस्थानों के प्रोफेसरों से विशेष आह्वान किया गया है कि वे नशा मुक्ति अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • नशा मुक्ति से समाज में अपराध दर में कमी आएगी और सामाजिक सौहार्द बढ़ेगा।
  • युवाओं के स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण में सुधार होगा, जिससे एक स्वस्थ और उत्पादक समाज का निर्माण होगा।
  • परिवारों पर नशे के कारण पड़ने वाले आर्थिक और भावनात्मक बोझ में कमी आएगी।

आर्थिक महत्व

  • नशा मुक्त युवा कार्यबल की उत्पादकता में वृद्धि होगी, जिससे देश की आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को गति मिलेगी।
  • नशे से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं पर होने वाले सार्वजनिक व्यय में कमी आएगी, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
  • युवाओं की रचनात्मकता और नवाचार क्षमता को बढ़ावा मिलेगा, जो ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के लिए आवश्यक है।

मानव संसाधन विकास

  • युवाओं को अपनी शिक्षा और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा, जिससे मानव पूंजी (Human Capital) का निर्माण होगा।
  • नशा मुक्त जीवन उन्हें बेहतर करियर विकल्प चुनने और सफल होने में मदद करेगा।
  • यह अभियान युवाओं में जिम्मेदारी और नागरिक भावना को बढ़ावा देगा।

चुनौतियाँ

1. नशीले पदार्थों की उपलब्धता

  • देश में नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता और तस्करी एक बड़ी चुनौती है।
  • सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकना कठिन है।

2. जागरूकता और शिक्षा का अभाव

  • नशे के दुष्प्रभावों के बारे में युवाओं और उनके परिवारों में पर्याप्त जागरूकता का अभाव है।
  • शिक्षण संस्थानों में नशा मुक्ति पर प्रभावी शिक्षा और परामर्श कार्यक्रमों की कमी है।

3. पुनर्वास और उपचार की कमी

  • नशे के आदी व्यक्तियों के लिए पर्याप्त पुनर्वास केंद्रों और उपचार सुविधाओं का अभाव है।
  • पुनर्वास के बाद सामाजिक पुनर्मिलन (social reintegration) में चुनौतियां आती हैं।

4. सामाजिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य

  • युवाओं पर साथियों का दबाव (peer pressure) और तनाव नशा करने का एक प्रमुख कारण है।
  • मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और नशे के बीच गहरा संबंध है, जिसका समाधान आवश्यक है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

Issue Concern
नशीले पदार्थों की तस्करी अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध सिंडिकेट की संलिप्तता।
डिजिटल माध्यमों का उपयोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री में वृद्धि।
सामाजिक स्वीकृति का बदलता स्वरूप कुछ वर्गों में नशे को ‘आधुनिकता’ से जोड़ने की प्रवृत्ति।
कानूनी प्रवर्तन की चुनौतियां नशीले पदार्थों के खिलाफ कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।
चिकित्सा और परामर्श का अभाव नशे के आदी व्यक्तियों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता की कमी।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • नशा मुक्त भारत अभियान (Nasha Mukt Bharat Abhiyaan)

आगे की राह

  • नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए सख्त कानून प्रवर्तन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना।
  • स्कूलों और कॉलेजों में नशा मुक्ति पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम और परामर्श सत्र आयोजित करना।
  • नशे के आदी व्यक्तियों के लिए सुलभ और गुणवत्तापूर्ण पुनर्वास एवं उपचार केंद्रों की संख्या बढ़ाना।
  • मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और युवाओं में तनाव प्रबंधन कौशल विकसित करना।
  • समुदाय आधारित पहलों और स्वयं सहायता समूहों को नशा मुक्ति अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करना।
  • नशा मुक्ति के संदेश को फैलाने के लिए मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग करना।
  • नशा मुक्ति से जुड़े डेटा संग्रह और अनुसंधान को बढ़ावा देना ताकि साक्ष्य-आधारित नीतियां बन सकें।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

नशा मुक्त युवा · विकसित भारत संकल्प अभियान · मादक द्रव्यों का दुरुपयोग · युवा शक्ति · सामाजिक कल्याण · राष्ट्रीय परियोजना · सामुदायिक भागीदारी · नशा मुक्ति · जन आंदोलन · स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • अनुच्छेद 47: पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊपर उठाना तथा लोक स्वास्थ्य का सुधार करना।

अवधारणा प्रवाह

नशीले पदार्थों का सेवन  →  युवाओं की क्षमता का ह्रास  →  सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां  →  नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान  →  जागरूकता और रोकथाम के प्रयास  →  नशा मुक्त समाज का निर्माण  →  विकसित भारत का लक्ष्य

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान’ का उद्देश्य युवाओं को मादक द्रव्यों के सेवन से दूर रखना है।
2. यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘काशी की पावन धरती’ से शुरू किया गया था।
3. यह अभियान केवल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों पर केंद्रित है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशा मुक्त बनाना है। कथन 2 भी सही है क्योंकि प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से काशी से इस अभियान का शुभारंभ किया। कथन 3 गलत है क्योंकि अभियान का लक्ष्य व्यापक है और यह केवल छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी का आह्वान किया गया है।

Q2. अभिकथन (A): ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान’ एक राष्ट्रीय परियोजना है जिसका उद्देश्य युवाओं को मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से बचाना है।
कारण (R): मादक द्रव्यों का सेवन युवाओं के करियर और पारिवारिक जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।
उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा सही है?

  1. A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
  2. A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  3. A सही है, लेकिन R गलत है।
  4. A गलत है, लेकिन R सही है।

उत्तर: A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि यह अभियान एक राष्ट्रीय परियोजना है जिसका लक्ष्य युवाओं को नशा मुक्त करना है। कारण (R) भी सही है क्योंकि मादक द्रव्यों का सेवन वास्तव में युवाओं के करियर और पारिवारिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जैसा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भी उल्लेख किया। R, A की सही व्याख्या है क्योंकि मादक द्रव्यों के नकारात्मक प्रभावों के कारण ही ऐसे राष्ट्रीय अभियान की आवश्यकता महसूस की गई है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ मादक द्रव्यों के दुरुपयोग की समस्या से निपटने में ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। साथ ही, इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सामुदायिक भागीदारी और सरकारी प्रयासों के बीच समन्वय के महत्व पर भी प्रकाश डालिए। (15 Marks)

रूपरेखा: परिचय: मादक द्रव्यों के दुरुपयोग की समस्या और ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान’ का संक्षिप्त परिचय।
मुख्य भाग:
1. अभियान की भूमिका: राष्ट्रीय अभियान के रूप में इसकी पहुंच, जागरूकता फैलाने की क्षमता, युवाओं को प्रेरित करने और एक राष्ट्रीय विमर्श स्थापित करने में इसकी भूमिका का विश्लेषण। ‘काशी से राष्ट्रीय परियोजना’ बनने के महत्व पर जोर।
2. समालोचनात्मक परीक्षण: अभियान की संभावित सीमाएं, जैसे कार्यान्वयन चुनौतियाँ, संसाधनों की उपलब्धता, दीर्घकालिक प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय। केवल ‘हाई’ और ‘लो’ के संदर्भ से परे जाकर समस्या की जटिलता को संबोधित करने की आवश्यकता।
3. सामुदायिक भागीदारी का महत्व: परिवार, शिक्षण संस्थान (प्रोफेसरों का आह्वान), स्थानीय समुदाय, गैर-सरकारी संगठन (NGOs) और धार्मिक संगठनों की भूमिका। सामाजिक स्वीकृति और पुनर्वास में समुदाय की भूमिका।
4. सरकारी प्रयासों के साथ समन्वय: विभिन्न मंत्रालयों (स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय) की योजनाओं (जैसे ‘नशा मुक्त भारत अभियान’) के साथ तालमेल। कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका।
5. आगे की राह: शिक्षा, परामर्श, पुनर्वास, वैकल्पिक आजीविका और सामाजिक एकीकरण पर केंद्रित एक बहु-आयामी रणनीति।
निष्कर्ष: एक समग्र और समन्वित दृष्टिकोण के माध्यम से ही ‘नशा मुक्त युवा’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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